Deepshikha
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दीप-शिखा में मेरी कुछ ऐसी रचनाएँ संगृहीत हैं जिन्हें मैंने रंगरेखा की धुंधली पृष्ठभूमि देने का प्रयास किया है! सभी रचनाओं को ऐसी पीठिका देना न संभव होता है और न रुचिकर, अतः रचनाक्रम की दृष्टि से यह चित्रगीत बहुत बिखरे हुए ही रहेंगे! मेरे गीत अध्यात्म के अमूर्त आकाश के नीचे लोक-गीतों की धरती पर पीला हैं!
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दीप-शिखा में मेरी कुछ ऐसी रचनाएँ संगृहीत हैं जिन्हें मैंने रंगरेखा की धुंधली पृष्ठभूमि देने का प्रयास किया है! सभी रचनाओं को ऐसी पीठिका देना न संभव होता है और न रुचिकर, अतः रचनाक्रम की दृष्टि से यह चित्रगीत बहुत बिखरे हुए ही रहेंगे! मेरे गीत अध्यात्म के अमूर्त आकाश के नीचे लोक-गीतों की धरती पर पीला हैं!
Book Details
-
ISBN9788180313073
-
Pages121
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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