Kuch Aata Na Jata
(1)
Author:
Rajesh Joshi, Shivam ChaudharyPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Picture-books₹
125
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कौवा कितना काला है? जैसे कि रोशनी उल्टी हो गई हो, मशहूर कवि राजेश जोशी जवाब देते हैं। उनके जैसा स्थापित कवि अवलोकन की बारीकियों को व्यक्त करने के लिए नई भाषा का निर्माण कर सकता है। यह एक अनोखा संग्रह है, जो बच्चों को बहुत पसंद आएगा। वे पूरे दिन आपके साथ या अकेले इन्हें गाना चाहेंगे। युवा चित्रकार शिवम चौधरी के चित्र ताज़ा हैं। वे दिखाते हैं कि चित्रण में रंगों की अपनी आवाज़ होती है, आप ध्यान से सुनना चाहेंगे।
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कौवा कितना काला है? जैसे कि रोशनी उल्टी हो गई हो, मशहूर कवि राजेश जोशी जवाब देते हैं। उनके जैसा स्थापित कवि अवलोकन की बारीकियों को व्यक्त करने के लिए नई भाषा का निर्माण कर सकता है। यह एक अनोखा संग्रह है, जो बच्चों को बहुत पसंद आएगा। वे पूरे दिन आपके साथ या अकेले इन्हें गाना चाहेंगे।
युवा चित्रकार शिवम चौधरी के चित्र ताज़ा हैं। वे दिखाते हैं कि चित्रण में रंगों की अपनी आवाज़ होती है, आप ध्यान से सुनना चाहेंगे।
Book Details
-
ISBN9789392873409
-
Pages36
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ? जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है । आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं। माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Roo Roo
- Author Name:
Paro Anand +1
- Book Type:

- Description:
कंगारू का बच्चा रू रू अपनी माँ की जेब में रहता है। वह दिन भर रोता रहता है. मम्मी कंगारू जानना चाहती है कि वह इतना क्यों रोता है। फिर, वह जेब से बाहर इस अद्भुत दुनिया में आता है और सब कुछ बदल जाता है। यह युवा पाठकों के लिए पारो आनंद की एक मजेदार कहानी है। कहानी के साथ ऋषि साहनी के चित्रण कहानी को समृद्ध करते हैं। रंगों का प्रयोग आपको पसंद आएगा और उन्होंने शब्दों से भी खेला है. Age group 6-8 years
Pani Utra Teen Par
- Author Name:
Pramod Pathak +1
- Book Type:

- Description:
प्रमोद पाठक का यह कविता संग्रह पढ़ने और सुनाने में मजेदार है। इसकी छंद सहज है. भाषा चीनी की तरह पारदर्शी होती है। इसे दो बार पढ़ें और आप इसे सीख लेंगे। पानी उतरा टीन पर फिर कूड़ा ज़मीन पर पत्ती और फूल पर खूब खूब झूल कर इन लोरी जैसी कविताओं को नीलेश गेहलोत ने खूबसूरती से चित्रित किया है। Age group 6-8 years
Bagh Bhi Padhte Hai
- Author Name:
Chandan Yadav +1
- Book Type:

- Description:
कथाकार चन्दन यादव का यह पहला संग्रह है। उनकी भाषा का चुटीलापन, दोटूकपन कहानी को अतिरिक्त आभा देता है। उनकी कहानियों में पाठ का एक न एक तलघर महसूस होता रहता है। जहाँ कहानी के भीतर एक और कहानी नींव की तरह चलती रहती है। पाठक को आवाजाही का सुख मिलता है। ये कहानियाँ हिन्दी में कहानी का एक नया रास्ता बनाती हैं। इन कहानियों को चित्रकार अमृता ने बहुत अपनेपन से बनाया है। इन कहानियों के उन्होंने खासतौर पर किरदार रचे हैं। ऊँट कहानी का ऊँट है, बिल्ली कहानी की बिल्ली है। इस तरह कहानी के सच को दुनियावी सच से बड़ा दिखाया है। एक जगह ऊँट का बयान है कि करनवीर ने चिल्ला-चिल्लाकर आसमान सिर पर उठा लिया है। इस बयान को चित्रकार ने मुहावरे की गिरवी से छुड़ाया है। चित्र में ऊँट पर बैठे बच्चे के फैले हाथ सचमुच आसमान उठाए दिखते हैं।
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