Thoughts Gallery
Author:
Dr. Sunil GuptaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 612
₹
765
Unavailable
This book is about fundamental issues that define our country's development course. In a diverse cross-section of topics, the author discusses in his inimitable style the fundamental flaws that have beset the nation's relentless march to progress and prosperity. He also elaborates how a shift in the positions of individual members of society on different issues could cause a qualitative difference in the course of events and thereby lead to a better tomorrow.
The articles compiled in this book have already appeared in social media on the author�s writing platform (drsunilgupta.com) and won wide acclaim. Endowed with the right balance of insight and prowess owing to the extensive exposure and rich experience gained in his professional capacity in the corporate, economic and social sectors, the author has been able to do justice to the task at hand.
Not written with any particular section or group of persons in mind, the book aims to pique the interest, curiosity and conscience of the individual reader and thereby motivate him to think and then inspire him to act for the inclusive and sustainable development of our nation. Being an inalienable and intricate part of society, the individual's thought pattern will make all the difference in the final shaping of our country's destiny. And that, dear reader, is the undercurrent of the brook of the author's thoughts that this book tries to encapsulate.
ISBN: 9789351866695
Pages: 552
Avg Reading Time: 18 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Subhash Chandra Bose Ki Adhoori Atmkatha
- Author Name:
Sisir Kumar Bose +1
- Book Type:

- Description: सुभाषचंद्र बोस की ‘भारत की खोज’, जवाहरलाल नेहरू की तुलना में उनके जीवन में काफी पहले ही हो गई, यानी उन दिनों वे अपनी किशोरावस्था में ही थे। वर्ष 1912 में पंद्रह वर्षीय सुभाष ने अपनी माँ से पूछा था, ‘स्वार्थ के इस युग में भारत माता के कितने निस्स्वार्थ सपूत हैं, जो अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर इस आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं? माँ, क्या तुम्हारा यह बेटा अभी तैयार है?’’ 1921 में भारतीय सिविल सेवा से त्यागपत्र देकर वह आजादी की लड़ाई में कूदने ही वाले थे कि उन्होंने अपने बड़े भाई शरत को पत्र लिखा, ‘‘केवल बलिदान और कष्ट की भूमि पर ही हम अपने राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।’’ दिसंबर 1937 में बोस ने अपनी आत्मकथा के दस अध्याय लिखे, जिसमें 1921 तक की अपनी जीवन का वर्णन किया था और ‘माई फेथ-फिलॉसोफिकल’ शीर्षक का एक चिंतनशील अध्याय भी था। सदैव ऐसा नहीं होता कि जीवन के बाद के समय में लिखे संस्मरणों को शुरुआती, बचपन के दिनों की प्राथमिक स्रोत की सामग्री के साथ पढ़ा जाए। बोस के बचपन, किशोरावस्था व युवावस्था के दिनों के सत्तर पत्रों का एक आकर्षक संग्रह इस आत्मकथा को समृद्ध बनाता है। इस प्रकार यह ऐसी सामग्री उपलब्ध कराता है, जिसकी सहायता से उन धार्मिक, सांस्कृतिक, नैतिक, बौद्धिक तथा राजनीतिक प्रभावों का अध्ययन किया जा सकता है, जिनसे भारत के इस सर्वप्रथम क्रांतिधर्मी राष्ट्रवादी के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण हुआ।
Intelligence Bureau (IB-ACIO) Assistant Central Intelligence Officer Grade II/Executive Primary Recruitment Examination 20 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Itihas-Purush Subhash
- Author Name:
Shrikrishna 'Saral'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
5 Sarsanghchalak
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में आरंभ से ही व्यक्ति विशेष के बजाय उसके कार्य को महत्त्व देने की परंपरा रही है। इसीलिए संघ ने किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को अपना गुरु माना है। यही कारण है कि सरसंघचालकों द्वारा किए गए कार्यों और उनके जीवन के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है। जानकारी कम होने के कारण लोगों के मन में कई प्रश्न उठते हैं और कही-सुनी बातों पर ही कई धारणाएँ भी बना ली गई हैं, जिनमें से अधिकतर भ्रांतियाँ हैं। मसलन एक धारणा यह है कि संघ में सरसंघचालक के पास सबसे ज्यादा शक्तियाँ होती हैं। लेकिन क्या वाकई यह सच है? अंततः संघ के आज के स्वरूप को गढ़ने में सरसंघचालकों की भूमिका और योगदान क्या है? क्या संघ में सरसंघचालक स्वयंसेवकों को चलाते हैं या स्वयंसेवक सरसंघचालक को चलाते हैं? इन प्रश्नों के उत्तर पाने के लिए पाँच सरसंघचालकों की जीवनयात्रा को समझना होगा। इस यात्रा के माध्यम से ही आप संघ की दीर्घ यात्रा को भी और गहरे से जान पाएँगे।
Anandiben Patel : Pratibadhhata Ke Padchinha
- Author Name:
Ashok Desai +1
- Book Type:

- Description: आनंदीबेनजी की सबसे बड़ी खूबी है—अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी शक्ति से और निरंतर उत्साह से प्रवृत्त रहना। कभी भी हार न मानना, कर्तव्य में शिाथिलता न लाना और आसपास उदासीनता उभरने नहीं देना। उत्साहपूर्वक प्रवृत्त होना ही उत्थान या अभ्युत्थान कहलाता है। महाभारत के शांति पर्व, अनुशासन पर्व आदि में सर्वत्र कहा गया है कि उत्साहपूर्ण कर्म ही राजधर्म का मूल है। इस कर्म के बल पर ही आनंदीबेनजी ने गुजरात में बड़े-बड़े लोकहितकारी परिवर्तन कर दिखाए। आज हमें यह कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि लोकहित के प्रति ऐसा समर्पण, ऐसी चिंता और ऐसी सजगता आज के परिदृश्य में दुर्लभ हो चुकी है। लोगों से संवाद, अधिकारियों के साथ बैठक और फाइल पर निर्णय लेने में उनकी सकारात्मकता देखते ही बनती है। 'समय पर न्याय न मिलना भी अन्याय ही है', इसको हमेशा ध्यान में रखकर आनंदीबेनजी ने कभी कोई काम कल पर नहीं टाला। ऐसी अनगिनत विशेषताएँ आनंदीबेनजी को सच्चा राजनेता बनाती हैं। उनके द्वारा किए कार्यों का संकलन करते समय हम बार-बार आश्चर्य में पड़ते रहे कि कितनी सहजता से आनंदीबेनजी बड़े-बड़े कार्य करती चली गईं। कर्मयोग का जीवंत दस्तावेज बन गई यह पुस्तक निश्चय ही सभी कर्मयोगियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी ।
RRB: Railway Assistant Loco Pilot (ALP) 35 Practice Sets 2024, Stage - 1 / Computer Based Test + Free 2 Mock Test (Include 2 Latest Solved Papers) in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahan Krantiveer Rasbehari Bose
- Author Name:
Swatantra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeet Lo Har Shikhar
- Author Name:
Kiran Bedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Vishwa Prashnottari
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Makan # 706
- Author Name:
Renu ‘Rajvanshi’ Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bachelor Dad Hindi Translation of Bachelor Dad : My Journey To Fatherhood And More
- Author Name:
Tusshar Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatvarsh Ki Sarvang Swatantrata
- Author Name:
Narender Sehgal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Utter-Oudhyogik Samaj Evem Sanskriti : Vimarsh Ke Aayam
- Author Name:
Ed. Hemant Kumar Jha
- Book Type:

- Description: Discourse
Captain Vijyant Thapar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Captain Vijyant Thapar (Known by Robin) was born on December 26, 1976 in the Nangal town of Punjab. Rank—Captain Unit—2 Rajputana Rifles Regiment War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Vir Chakra (Posthumously) You should not only read and know about this great heroic story of our brave soldiers, but also share it with your friends, parents and siblings, so that we never lose sight of what these heroes did for our nation. Captain Vijyant Thapar is a true inspiration for all of us as he sacrificed his life for our country. He displayed unflinching confidence, valour and bravery in the Kargil war. Our country will always be grateful to its hero.
Anmol Prasang
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description: प्रख्यात कन्नड साहित्यकार श्रीमती सुधा मूर्ति का नाम साहित्याकाश में जाज्वल्यमान् नक्षत्र की भांति आलोकित है। उन्होंने अपने व्यक्तित्व को मात्र गृहस्थी के साँचे में नहीं ढलने दिया। वह अपनी नसों में शिक्षक के खून के साथ जनमी थीं, परंतु वह शिक्षकों की भीड़ में सिर्फ एक और चेहरा बनकर ही नहीं रहीं। वह जनजातीय वनों, गरीबी से पीड़ित गाँवों और बीमारियों से तबाह समुदायों में गईं। उनका कार्य उनका मिशन है। यह पुसाक उनके कार्य तथा उसके प्रति उनकी प्रवृत्ति-दोनों का जीवंत वर्णन करती है। उन्होंने इस पुस्तक में अपने व्यक्तिगत अनुभवों, अपनी यात्राओं तथा असामान्य व्यक्तित्वोंवाले सामान्य व्यक्तियों के साथ अपनी मुलाकातों का वर्णन किया है। उन्होंने कई राज्यों की विस्तृत यात्रा की और हजार से अधिक गाँवों में गईं। वहाँ उन्होंने तमाम ऐसे व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव बटोरे, जो मनुष्य जीवन को सुखद, सार्थक बनाने में महती भूमिका अदा करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में वर्णित सभी प्रसंग लेखिका के जीवन के भोगे हुए अनुभवों पर आधारित हैं। हमें पूर्ण विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को सुखी, सफल एवं सार्थक जीवन जीने हेतु प्रेरणा प्रदान करेगी तथा उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं सँवारने में सहायक सिद्ध होगी।
Shivaji Maharaj The Greatest
- Author Name:
Dr. Hemantraje Gaikwad
- Book Type:

- Description: "छत्रपति शिवाजी महाराज अप्रतिम थे। उनका पराक्रम, कूटनीति, दूरदृष्टि, साहस व प्रजा के प्रति स्नेहभाव अद्वितीय है। सैन्य-प्रबंधन, रक्षा-नीति, अर्थशास्त्र, विदेश-नीति, वित्त, प्रबंधन— सभी क्षेत्रों में उनकी अपूर्व दूरदृष्टि थी, जिस कारण वे अपने समकालीन शासकों से सदैव आगे रहे। राष्ट्रप्रेम से अनुप्राणित उनका जीवन सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है और अनुकरणीय भी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘हिंदवी स्वराज’ की अवधारणा दी; अपनी अतुलनीय निर्णय-क्षमता और सूझबूझ व अविजित पराक्रम के बल पर मुगल आक्रांताओं के घमंड को चूर-चूर कर दिया; अपनी लोकोपयोगी नीतियों से जनकल्याण किया। शिवाजी महाराज की तुलना सिकंदर, सीजर, हन्नीबल, आटीला आदि शासकों से की जाती है। यह पुस्तक उस अपराजेय योद्धा, कुशल संगठक, नीति-निर्धारक व योजनाकार की गौरवगाथा है, जो उनके गुणों को ग्राह्य करने के लिए प्रेरित करेगी। "
Dictionary of Botany
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AAO SEEKHEN GHATANA
- Author Name:
NARESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Ambedkar : Vyakti Darshan
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand ke Sahityakar Aur Naye Sakshatkar
- Author Name:
Vandana Tete
- Book Type:

- Description: झारखंड के रचनाकार शुरू से ही शिक्षा, साहित्य, समाज और राजनीति में उपेक्षित रहे हैं। मुंडारी के प्रथम लेखक-उपन्यासकार मेनस ओड़ेया हों, हिंदी की पहली आदिवासी कवयित्री और संपादक सुशीला सामद हों या नागपुरी के धनीराम बक्शी, ऐसे सभी झारखंडी-लेखकों और साहित्य साधकों का जीवन और कृतित्व अलिखित दुनिया के अँधेरे में समाया हुआ है। रघुनाथ मुर्मू, प्यारा केरकेट्टा, लको बोदरा पर हिंदी में एकाध पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं, लेकिन फादर पीटर शांति नवरंगी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर जिस तरह का महत्त्वपूर्ण शोध और उसका प्रकाशन हुआ है, अन्य झारखंडी लेखकों-साहित्यकारों पर नहीं हो सका है। झारखंड के राँची, धनबाद और जमशेदपुर से विपुल मात्रा में पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशित होती रही हैं, परंतु इन पत्र-पत्रिकाओं में झारखंडी रचनाकारों के साक्षात्कारों के लिए जगह नहीं होती। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी इस स्थिति में कोई मूलभूत बदलाव नहीं आया है। इस पुस्तक में उन पुरखा साहित्यकारों के परिचय व साक्षात्कारों को संकलित किया गया है, जिन्होंने हिंदी और अपनी आदिवासी एवं देशज मातृभाषाओं में झारखंडी साहित्य को विकसित और समृद्ध किया है। इसका उद्देश्य झारखंडी साहित्य के इतिहास में रुचि रखनेवालों को आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि विश्व साहित्य-जगत् हमारे पुरखा रचनाकारों और समकालीन झारखंडी लेखकों के चिंतन और रचनाकर्म से परिचित हो सके।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...