Sapanon Bhare Din
(0)
₹
350
280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789353229573
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
20 Greatest Astronauts of the World
- Author Name:
Monika Koli
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shravan Kumar Ki Prerak Kathayen
- Author Name:
Kumar Praphull
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक माता-पिता के अनन्य भक्त श्रवण कुमार के जीवन पर आधारित है। श्रवण के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी िशक्षाप्रद कहानियों में एक श्रेष्ठ, होनहार, कर्तव्यनिष्ठ तथा धर्मपालक पुत्र की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। श्रवण कुमार केवल मातृ-पितृभक्त ही नहीं अपितु एक संस्कारी, ज्ञानी, निष्ठावान, साधु, संत एवं गुरुओं का आदर-सत्कार करने में भी आगे रहता था। दयालुता तथा सेवा की भावना उसके मन में कूट-कूटकर भरी थी। अतः पुस्तक में ऐसी अनेक कहानियों को सरल भाषा एवं चित्रों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जो एक बालक को संस्कारी, निष्ठावान, दयालु, माता-पिता तथा गुरुओं की सेवा के लिए प्रेरक रहेंगी।
Beyond Death and Other Stories
- Author Name:
Sunil R.P. Sethi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA SAMAJ HINDI CINEMA AUR STREE
- Author Name:
Sulbha Kore
- Book Type:

- Description: Book based on hindi cinema
JPSC Mukhya Pariksha Samanya Hindi Evam Samanya Angreji "General Hindi & English" Mains Exam - 2024 (Hindi Edition) | Dr. Manish Rannjan (IAS)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT MCQs Indian Economy Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pushkar Dhami : Himalaya Ki Jeevant Ushma | Chief Minister of Uttarakhand
- Author Name:
Sambhawana Pant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bridging Global Indian Diaspora
- Author Name:
Dr. Bhishma Agnihotri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Contemporary Science
- Author Name:
Pallava Bagla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Book of Happiness
- Author Name:
Jagdish Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jahalat Ke Pachas Saal
- Author Name:
Shrilal Shukla
- Book Type:

- Description: श्रीलाल शुक्ल के रचना संसार की सबसे बड़ी शक्ति है—व्यंग्य। शायद ही कोई दूसरा लेखक हो जिसने व्यंग्य का इतना विपुल, विविध और बहुआयामी उपयोग किया हो। ऐसे अद्वितीय लेखक श्रीलाल शुक्ल के लगभग सभी व्यंग्य निबन्धों का संग्रह है—'जहालत के पचास साल’। इस तरह देखें तो इस पुस्तक का प्रकाशन हिन्दी जगत में एक महत्त्वपूर्ण घटना तो है ही, यह एक अति विशिष्ट लेखक श्रीलाल शुक्ल के व्यंग्य की दुनिया को भली-भाँति जानने, समझने और उसमें सैर करने का दुर्लभ अवसर भी जुटाता है। 'जहालत के पचास साल’ की रचनाएँ आधुनिक भारत के महान से महान व्यक्तियों, संस्थाओं, अवधारणाओं, घोषणाओं, नारों की भी गल्तियों को नहीं बख्शतीं। समाज, सभ्यता और संस्कृति के किसी भी हिस्से की चूक पर श्रीलाल शुक्ल के व्यंग्य की बेधक मार के निशानों से भरी पड़ी है यह किताब। यह कहने में हर्ज नहीं कि यदि आ$जादी के बाद के भारत का असली चेहरा देखना हो तो वह समाजशास्त्र और पत्रकारिता से भी ज्यादा प्रामाणिक और चाक्षुष दिखेगा 'जहालत के पचास साल’ में। 'जहालत के पचास साल’ की रचनात्मक उत्कृष्टता का एक स्रोत यह है कि इसके व्यंग्य और हल्के-फुल्केपन के पीछे श्रीलाल शुक्ल का गहन अध्यवसाय, समय की सच्ची समझ और मनुष्यता के प्रति गहरे सरोकार का बल सक्रिय रहता है। इस संग्रह की रचनाएँ औसत समाज और औसत व्यंग्य-लेखन—दोनों को—कड़ी चुनौती देती हैं और फटकार लगाती हैं। संक्षेप में कहा जाए तो 'जहालत के पचास साल’ में भारतीय सत्ता और समाज की कारगुजारियों से सीधी भिड़ंत है। इस लड़ाई में भाषा के लिए एक से बढ़कर एक अमोघ अस्त्र तैयार करते हैं श्रीलाल शुक्ल।
The Wings of Age
- Author Name:
Keshari Nath Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jansampark Ke Vividh Ayam
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक में जनसम्पर्क की परिचयात्मक अवधारणा एवं विकास के साथ-साथ सैद्धान्तिक पक्ष पर भी प्रकाश डाला गया है। जनसम्पर्क की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी जनसम्पर्क के ‘जन’ होते हैं। पुस्तक में जनसम्पर्क जनों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में जनसम्पर्क की संगठनात्मक संरचना पर भी प्रकाश डाला गया है। जनसम्पर्क के उपकरणों के प्रभावी उपयोग को भी पुस्तक में समाहित किया गया है। जनसम्पर्क के महत्त्वपूर्ण उपकरण विज्ञापन को भी पृथक् अध्यायों में स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। विदेशों में हो रही जनसम्पर्क गतिविधियों को भी रेखांकित किया गया है। पारस्परिक विधाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे आधुनिक माध्यमों को जनसम्पर्क हेतु उपयोग करने के विभिन्न तरीक़ों का भी इस पुस्तक में समावेश किया गया है, इसके साथ-साथ कुछ प्रमुख केस स्टडी एवं जनसम्पर्क में प्रयुक्त होनेवाली शब्दावलियों के माध्यम से भी जनसम्पर्क गतिविधियों को समझने का प्रयास है।
जनसम्पर्क के क्षेत्र में रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए एक उत्कृष्ट पुस्तक हिन्दी भाषा में उपलब्ध हो रही है। मैं पूर्ण विश्वास से कह सकता हूँ कि यह पुस्तक सुधी पाठकों को जनसम्पर्क का सम्पूर्ण परिचय देने के साथ-साथ जनसम्पर्क के कौशलों को सिखाने में सहायक सिद्ध होगी।
—प्राक्कथन से
Shramana Shabari Ke Ram
- Author Name:
Mahakavi Avadhesh
- Book Type:

- Description: जब न बेर कुछ बचे राम ने लखा निकट का कोना, देखा क्षत-विक्षत बेरों का पड़ा दूसरा दोना। बोले वह भी लाओ भद्रे! वे क्यों वहाँ छिपाए, होंगे और अधिक मीठे वे लगते शुक के खाए। उठा लिया था स्वयं राम ने अपना हाथ बढ़ाकर, तभी राम का कर पकड़ा था श्रमणा ने अकुलाकर। प्रभु! अनर्थ मत करो, लीक संस्कृति की मिट जाएगी, जूठे बेर भीलनी के खाए, दुनिया गाएगी। हुआ महा अघ यह मैंने ही चख-चखकर छोड़े थे, जिस तरु के अति मधुर बेर थे, वही अलग जोड़े थे। किंतु किसे था भान, प्रेम से तन-मन सभी रचा था, कहते-कहते बेर राम के, मुख में जा पहुँचा था। छुड़ा रही थी श्रमणा, दोना राम न छोड़ रहे थे, हर्ष विभोर सारिका शुक ने तब यों वचन कहे थे। जय हो प्रेम मूर्ति परमेश्वर, प्रेम बिहारी जय हो, परम भाग्य शीला श्रमणा भगवती तुम्हारी जय हो। —इसी महाकाव्य से ——1—— रामायण में प्रभु की भक्त-वत्सलता और भक्त की भक्ति की मार्मिक कथा की नायिका श्रमणा पर भावपूर्ण महाकाव्य।
Chandrayaan-3: India'S Graceful Moonwalk
- Author Name:
Priyanka Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirala Sanchayan
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

- Description: निराला का कवि-विकास एकरैखिक या सपाट नहीं है, उसमें कई घुमाव हैं, उसके कई स्तर हैं। एक ही समय में भिन्न प्रकार की कविताओं के साथ कवि अपने पाठकों और आलोचकों के समक्ष चुनौती देता खड़ा हो जाता है। निराला इसीलिए महाकवि हैं क्योंकि एक तरफ़ तो उनमें क्लैसिकी परम्परा के दर्शन होते हैं, वहीं दूसरी ओर एकदम अपने आसपास के परिवेश के और जनधर्मिता की कविता के। निराला में मुक्ति की एकल याचना नहीं है, बल्कि सामूहिक चेतना है। निराला का साहित्य न साहित्यिक कट्टरता या धार्मिक कट्टरता के समक्ष घुटने टेकता है और न साम्राज्यवाद के। उनके चिन्तन में भौतिकवाद के तत्त्व भी उपस्थित हैं और वे किसी ईश्वर द्वारा संसार के सृजन का मज़ाक़ उड़ाते हैं। उनके धार्मिक दृष्टिकोण के केन्द्र में मनुष्य है, इसीलिए विज्ञान की सत्ता व उसकी सामाजिक भूमिका को तथा आधुनिक सभ्यता के मूल्यों को भी वे सहज स्वीकार करते थे। निराला की कविता मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन-व्यापार की कविता भी है जिसमें जीवन का सम्पूर्ण संगीत है। निराला रचना को ‘युद्ध कौशल’ कहते थे और गद्य को ‘जीवन-संग्राम की भाषा’। अपने कथा-साहित्य में वे जीवन-संग्राम को अंकित करते चलते हैं। निराला ने अपनी मुक्ति-चेतना के साथ जैसे कविता को मुक्त किया वैसे ही कथा को भी। निराला की कहानियाँ भी हिन्दी की परम्परागत कहानियों के रूप और संगठन को अतिक्रमित करती हैं। हर पीढ़ी अपने महाकवि को ‘डिस्कवर’ करती है, इसलिए हर पीढ़ी का अपना चयन होता है। सम्पादन की चौथी पीढ़ी में यह संचयन है। हमारी पीढ़ी का चयन और हमारे अपने निराला की खोज!
EMPOWERING INDIAN WOMEN (MAMTA MEHROTRA)-(PB)
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: do not stand for women’s liberation as a solution to all the ills affecting women but, definitely, women should be accorded a fully human status and their feelings, thoughts, and attitudes should be reciprocated with human sympathy and dignity. Women empowerment is not all about ambitious women with vanity attached to them but women born and brought up with the right mental frame and attitude to carry on their life with prestige and a good. Nowhere would | have reached and achieved even the slightest success without such good people in my life as family members. Whatever little | have achieved today is their making.
Pollyanna
- Author Name:
Eleanor H. Porter
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Moolchand Agarwal & Krishana Nand Gupt
- Author Name:
Ayodhya Prashad Gupta 'Kumud'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gopbandhu Das : Aadhunik Odisha Ke Nirmata
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book