Sundarakanda
Author:
TulsidasPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other1 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
संवत् 1631 में तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। दो वर्ष, सात महीने और छब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रंथ संपन्न हुआ। सुंदरकांड मूलतः गोस्वामी तुलसीदास कृत इसी श्रीरामचरित मानस का एक भाग है। सुंदरकांड में हनुमानजी द्वारा किए गए महान् कार्यों का वर्णन है। मानस पाठ में सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्त्व माना जाता है। सुंदरकांड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन कर लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। साथ ही उनकी असीम शक्ति, बुद्धि-कौशल और अनन्य भक्ति का पता चलता है। सुंदरकांड का पारायण वाले साधक को असीम ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।
ISBN: 9789355210845
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Customer Reviews
4 out of 5
Book
February 27, 2023, 3:17 pm
Keval Chauhan
Sunderkand Published by Prabhat Prakashan ।। जय श्री राम।। गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस का पंचम सोपान (सुंदरकाण्ड) यह अपने आप में ही एक सुंदर ग्रंथ है। इसको पढ़ने और जीवन में उतारने से सारे कष्ट मीट जाते है। Generally before you start reading Sunderkand you first read 29th Doha of किष्किंधा कांड, but here it is absent. In this book we have full Sunderkand with Hanuman chalisa, and Hanumanashtaka with its description. And also have Ganeshji ki Aarti, Hanumanji ki Aarti, Shree Ram stuti, Shree Ramji ki Aarti, Shree Ramashtak, and 10 hidden secrets of Hanuman chalisa. Description is accurate, the great thing about this is we have index of each event of Sunderkand with images happening in each doha, chopai and छंद. Here we don't get doha and chopai numbers.
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