Hindu Dharma Vishwakosh
Author:
Mahesh SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 560
₹
700
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789350484470
Pages: 264
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Acupressure Aur Swastha Jeevan
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Personal Development Made Easy - A Step-by-Step Guide (English) - Grandmaster Avadhut Das
- Author Name:
Grandmaster Avadhut Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Amritkaal "भारत का अमृतकाल" Book in Hindi | Rangam Trivedi & Vaidyanathan Iyer
- Author Name:
Rangam Trivedi +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahila Sashaktikaran : Dasha Aur Disha
- Author Name:
Yogendra Sharma
- Book Type:

- Description: महिलाओँ की संख्या विश्व की जनसंख्या से लगभग आधी है। उनके उन्नयन के बिना परिवार, समाज व राष्ट्र की प्रगति सम्भव नहीं है। आज वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यताओं एवं क्षमताओं को उजागर कर रही हैं, जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता की ओर उन्मुख हैं। पहले की अपेक्षा उनकी स्थिति में सुधार हुआ है, अधिकारों एवं सुरक्षा में बढ़ोतरी भी हुई है। अब भी वे मंज़िल से दूर हैं, उन्हें यह सब कुछ प्राप्त नहीं हो सका है जो उनका अभीष्ट है। उनके विरुद्ध होनेवाले अपराधों में विगत की तुलना में वृद्धि हुई है। यद्यपि नए और कठोर क़ानून भी बने हैं लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामाजिक चेतना के अभाव में सशक्तीकरण कर लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सका है। महिलाओं की उपेक्षा करने की प्रवृत्ति को त्यागकर कुकृत्यों के विरुद्ध आवाज़ उठानी होगी तथा विधिक कार्यवाही के प्रति तत्पर होना होगा। तभी उन्हें प्रताड़ना, अत्याचार एवं शोषण से मुक्ति सम्भव होगी।
20 Greatest Authors of the World
- Author Name:
Kalyani Mookherji
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
D.H. Lawrence Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
D.H. Lawrence
- Book Type:

- Description: ‘डी. एच. लॉरेंस की लोकप्रिय कहानियाँ’ साहित्य के विविध रस समेटे हुए हैं। इस कहानी-संकलन में उनके इस वैशिष्ट्य को परखा जा सकता है। भाग्य और वैभव की लोलुपता मनुष्य को किस त्रासदी तक ले जाती है, इसका साक्ष्य ‘काठ का अनाम घोड़ा’ कहानी है। उनकी चर्चित कहानी ‘अंतर्ध्वनि’ स्त्री-पुरुष के मानवीय संबंध के संदर्भ में धार्मिक अवधारणा के सापेक्ष सहज स्वातंत्र्य को वरीयता देती है। ‘वन मानुष’ कहानी आज भी पुरुष के आदिमानव जैसी पाशविकता वाले स्वभाव की ओर संकेत करती है। लॉरेंस की कहानियाँ मनोविज्ञान और दार्शनिकता का कलेवर लिये जिस तरह पाठक तक सहजता से पहुँचती हैं, वह विरल है। पैंतालीस वर्ष से भी छोटे जीवन में उन्होंने साहित्य-जगत् को जो दिया, वह विपुल तो है ही, गुणात्मक स्तर पर भी अद्भुत कहा जाता है।
Parmarth Hi Jeevan
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Samaj Shastra Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Sociology Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yugdrashta Sayajirao
- Author Name:
Baba Bhand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jehad Ka Junoon
- Author Name:
Vivek Saxena +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raag Ashesh
- Author Name:
Raviraj Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jadui Baal Kahaniyan
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

- Description: अगले ही पल सबका खून जम गया। एक भयंकर गर्जना हुई, जिसे सुनकर राजकुमार का घोड़ा अपनी अगली टाँगें हवा में उठाकर पीछे की ओर खिसका, अपने सवार को जमीन पर पटका और दूसरी दिशा में भाग गया। वह इतना साहसी नहीं था कि इतनी भयानक गर्जना वाले दानव के साथ युद्ध कर सके। गंगाराम ने कनकपुर जाकर राजा से पूछने का निश्चय किया। यदि यह सच में वही पत्थर है, तो वह उसे लौटा देगा। गंगाराम किसी को दुःखी नहीं देख सकता था। यदि राजकुमारी को उसके दुःख से मुक्ति दिलाना उसके हाथ में था, तो वह ऐसा अवश्य करेगा। रामदास झलसी के वन में लकड़ी काटने गया था। शेर-चीतों से बचने के लिए वह जान-बूझकर दिन के समय गया था। जब उसने किले के पास बारह फीट लंबे दो पैरों के एक जीव को देखा, तो वहाँ से भाग आया। उस जीव का शरीर रोओं से भरा था, हाथ-पैरों में नुकीले नाखून थे, मुँह के कोनों में तीखे दाँत थे, जैसे जानवरों के होते हैं, सुर्ख लाल आँखें थीं और उलझे हुए बाल थे। —इसी पुस्तक से महान् लेखक सत्यजित रे की ‘जादुई बाल कहानियाँ’, जिनमें छात्रों का सहज-सरल कौतूहल, रहस्य और रोमांच के प्रति आकर्षण और तीव्र उत्कंठा दिखाई देती हैं।
Raskhan Ratnawali
- Author Name:
Ed. Raghav Raghu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Incomparable Guru Golwalkar
- Author Name:
Ranga Hari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deendayal Upadhyaya Sampoorna Vangmaya (Set 15 Vol.)
- Author Name:
Deendayal Upadhyay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jab Bapu Ko Himalaya Ne Roka
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण के अग्रदूत गौतम बुद्ध, सम्राट् चंद्रगुप्त, आदिशंकराचार्य, समर्थ रामदास, महर्षि दयानंद सरस्वती, वेदांत केसरी स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ आदि महात्माओं ने हिमालय की गोद में प्रेरणा प्राप्त की। इसी की शरण और सान्निध्य में निष्काम कर्म यानी ‘अनासक्ति’ का महापाठ सीखा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी हिमालय से अभिभूत रहे। उनकी कृति गीता का अनुवाद ‘अनासक्ति योग’ संयोग से इसी हिमालय की प्रेरणा से पूरी हो पाई। यहीं उन्होंने इसकी सारगर्भित प्रस्तावना लिखी। इस पुस्तक में उनके व्यवहृत जीवन का दर्शन भी समाहित है। गीता को बापू ने किस तरह अपने आचरण में ढाल लिया, इसका भी जीवंत दस्तावेज है यह ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक। भारतव्यापी दौरे पर निकले बापू स्वास्थ्य लाभ और सीमांत पर्वतीय जनता में नई उमंग भरने यहाँ आए थे। ये वर्ष १९२९ की गरमियों के दिन थे। नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत होते हुए वह कौसानी पहुँचे। यहाँ की नयनाभिराम छटा और सामने दुग्ध धवल हिमालय के अप्रतिम-आध्यात्मिक सौंदर्य ने बापू के पाँवों में जैसी बेडिय़ाँ डाल दीं। दो दिन के प्रवास पर यहाँ आए गांधीजी पूरे १४ दिन यहीं रुके रह गए। कौसानी चाय बागान का यह अतिथि-गृह, जहाँ बापू ठहरे और ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक लिखी, वही आज ‘अनासक्ति आश्रम’ के नाम से जाना जाता है। भारतवर्ष के मस्तक हिमालय का जयघोष करती गौरवबोध करवाने वाली पठनीय कृति।
Vishwambharnath Sharma Kaushik ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishwambharnath Sharma 'Kaushik'
- Book Type:

- Description: कथा सम्राट् प्रेमचंद के समकालीन कथाकार विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की सवा सौवीं जयंती पर साहित्य अकादेमी ने राष्ट्रीय संगोष्ठी कर उन्हें याद किया तो अच्छा लगा, क्योंकि सन् 1991 में जब उनकी जन्मशती पड़ी तो देश में कहीं भी कोई आयोजन नहीं हुआ—न तो हरियाणा में, जहाँ वे जनमे, न ही उत्तर प्रदेश में, जहाँ आखिरी साँस ली, जबकि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के सर्जक-संपादक रहे। चाहे कहानी हो, उपन्यास, हास्य-व्यंग्य लेखन या ‘हिंदी मनोरंजन’ पत्रिका का संपादन, कौशिकजी हर जगह छाप छोड़ते रहे। चाहे स्त्री की पीड़ा का चित्रण हो, संयुक्त परिवार की समस्या, हिंदू-मुसलिम मामला या विश्वयुद्ध, कौशिकजी की कलम हर जगह बेमिसाल रही। उनकी कृतियों में विधागत वैविध्य तो है ही, उन्होंने प्रयोग भी खूब किए, जबकि उनके समय के समकालीन लेखक प्रयोग करने से बचते रहे। सामाजिक सरोकारों और मानव के सूक्ष्म मनोभावों को कथारस में भिगोकर लिखनेवाले कथाकारों में विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने हिंदी कहानी को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस काल में हिंदी लेखन का प्रचलन कम था। लोग प्रायः उर्दू या अंग्रेजी में लिखते थे। उन्होंने तब हिंदी में लिखकर प्रशंसनीय काम किया। उनसे पहले जयशंकर प्रसाद और जी.पी. श्रीवास्तव हिंदी में लिख रहे। गुलेरी और प्रेमचंद उनके बाद आए। प्रेमचंद की तरह विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ ने भी तीन सौ से अधिक कहानियाँ लिखी हैं। उन्हीं में से चुनी हुई उनकी लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं।
Kusum Khemani ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: Ek Mahanayak | Biography of Abraham Lincoln and The American Struggle With Inspirational Thoughts Book in Hindi
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagat Singh Ki Phansi Ka Sach
- Author Name:
Kuldip Nayar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book