Bharat Vaibhav
Author:
Chakradhar SemwalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
"‘गागर में सागर’ यानी कुछ किताबी पन्नों में शस्य-श्यामला माँ भारती का अतुल वैभव समेटने का यह विनम्र प्रयास है। मानव सभ्यता के प्रामाणिक वैज्ञानिक दस्तावेज, हमारे शिल्पियों एवं वास्तुकारों से निर्मित भारत के सात महान् आश्चर्य, योग-आयुर्वेद के चमत्कारी नुस्खे, अणु-परमाणु, अंतरिक्ष यान, परखनली शिशु के मूल स्रोतों की समीक्षा, संगीत एवं त्योहारों की रसधाराएँ, विश्व के समुद्री कुंभ मेले का सजीव चित्रण, प्रकृति एवं पर्यावरण की समीक्षा, भारत की अतुल धन-संपदा एवं आजादी के प्रतीक चित्तौड़गढ़ किले का विशद वर्णन तथा अनेकता में एकता के समावेश से पुरातन एवं वर्तमान के महामिलन का संयोग अनायास ही सुलभ हुआ है।
समुद्र-मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों की तरह ही शायद यह अतुल वैभव भी पौराणिकता के लबादे में हमारी आँखों से ओझल हो जाता, परंतु भला हो उस आधुनिक परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर एवं अन्य पाश्चात्य विद्वानों का, जिन्होंने खुले मन से आज की औद्योगिक एवं विज्ञान की क्रांतियों का श्रेय हमारे ज्ञान के खजानों, वेद, उपनिषद्, रामायण, पुराण एवं गीता को प्रदान किया है।
भारत के गौरवशाली अतीत का जयघोष करनेवाली अत्यंत पठनीय कृति।
"
ISBN: 9789387968318
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Primary Teacher Recruitment" Uchch Prathamik Higher Primary School Class 6 To 8 Samanya Adhyayan "General Knowledge"- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishnam Vande Jagadgurum
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sampoorna Kahaniyan : Amarkant : Vols. 1-2
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त हिन्दी के ऐसे कथाकार हैं जिन्होंने किसी वाद या विचारधारा को अपनी रचनात्मकता का आधार नहीं बनाया, बल्कि अपने प्रत्यक्ष अनुभवों और संवेदनापूर्वक देखी गई जीवन-स्थितियों को लेकर जन-पक्षधर और प्रगतिशील कहानियाँ लिखीं। मध्यवर्गीय जीवन, उसके विरोधाभासों और समाज के दैनंदिन व्यवहार में निहित अमानवीयता को खासतौर पर रेखांकित करते हुए उन्होंने एक विराट कथा-संसार का सृजन किया। उनकी कुछ कहानियों के सन्दर्भ में यशपाल ने उनकी तुलना गोर्की से की थी।
वे अपने पात्रों को एक निस्पृह भाव से देखते हैं, और अपनी तरफ से कोई विचार या दृष्टि आरोपित किए बिना, महज मानवीयता के परिप्रेक्ष्य में उन्हें यथावत चित्रित करते हैं, यही विशेषता उनकी कहानियों और उनके रचे पात्रों को असाधारण बना देती है। उनके कथा-संसार में हम आज़ादी बाद के लंबे समय की एक सांस्कृतिक-सामाजिक पड़ताल से रू-ब-रू होते हैं।
यह उनकी कहानियों की समग्र प्रस्तुति है। ‘हत्यारे’ और ‘दोपहर का भोजन’ जैसी कालजयी कहानियों के रचनाकार को यहाँ आप उसकी सम्पूर्ण विशेषताओं के साथ जान पाएँगे।
Bharat Mein Panchayati Raaj
- Author Name:
Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chitrakoot Mein Ram-Bharat Milap
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Prisoner's Scrap-Book
- Author Name:
L.K. Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sinhasan Battisi
- Author Name:
Mukesh 'Nadan'
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Gopi Ki Diary-4 Stories Hindi Translation of The Gopi Diaries: Gopi’s Day Out
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yaksh Prashnon Ke Uttar
- Author Name:
Indresh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Ayodhya, Mera Raghuvansh
- Author Name:
Rajeev "Acharya"
- Book Type:

- Description: हम दोनों भ्राता जब तक अपनी कुटी तक पहुँचते, तब तक अनर्थ घटित हो चुका था। हमारी कुटी रिक्त थी। भूमि पर धूलिकणों के मध्य अन्न एवं पात्र औंधे पड़े थे। 'सीते!' मैंने पुकारा, परंतु प्रत्युत्तर नहीं मिला। 'सीते!' मैंने पुन: पुकारा; पुन: प्रत्युत्तर में मुझे मौन ही प्राह्रश्वत हुआ। तत्पश्चात मैं भयभीत कुटी के प्रांगण में आया, जहाँ विशाल वटवृक्ष अवस्थित था। 'सीते! वृक्ष की आड़ में छिपकर मेरे साथ क्रीड़ा न करो। यह हास का समय नहीं है!' फिर भी मुझे कोई उत्तर नहीं मिला। अब मैं उसके पदचिन्हो को देखते हुए आगे बढऩे लगा। रथ के पहियों का चिह्नï मिलने के पश्चात् कोई अन्य चिह्नï नहीं मिला। मेरे धैर्य का सेतु टूट गया। 'देवताओ, गंधर्वो! क्या आपने भी नहीं देखा?' मैंने आकाश की ओर मुख करके भीषण गर्जना की। स्तब्ध पवनदेव ने अपना वेग मद्धिम कर दिया। उस तनावपूर्व घड़ी में देवताओं ने प्रश्नसूचक दृष्टि से गुरु बृहस्पति की ओर देखा। उन्होंने मंद-मंद मुसकराते हुए कहा, 'प्रभु लीला कर रहे हैं। आह! मेरा हृदय असंख्य शरों से बिंधा हुआ था। मैं लीला नहीं कर रहा था, वरन राम रूपी मानव काया में असहनीय वेदना का अनुभव कर रहा था। मैंने पुन: लक्ष्मण से कहा, अवश्य देखा होगा, इन वृक्षों ने, इन लताओं ने, इन पक्षियों ने, इन मृगों ने...। यह कहते हुए मैंने कदंब, अर्जुन, ककुभ, तिलक, अशोक, ताल, जामुन, कनेर, कटहल, अनार आदि अनेक वृक्षों से पूछा, क्या तुमने मेरी भार्या सीता को कहीं देखा है? परंतु वे सभी मौन रहे। —इसी पुस्तक से
Kalam Ki Atmakatha
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
S.I.P. Ke Chamatkar Se Financial Freedom Kaise Payen?
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shadi Bandar Mama Ki (Poems for Children)
- Author Name:
Nishant Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Innovation, Kanoon Aur Garibi
- Author Name:
Robert D. Cooter +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Sudarshanji
- Author Name:
Baldev Bhai Sharma
- Book Type:

- Description: "संघ के पंचम सरसंघचालक पूज्य सुदर्शनजी का ऋषितुल्य जीवन भौगोलिक व मत-पंथ की सीमाएँ लाँघकर देश-विदेश के लक्षावधि अंतःकरणों में एक प्रेरणापुंज के रूप में बसा है। हमारे ऋषियों ने कहा, ‘यानि अस्माकं सुचरितानि तानि त्वया सेवितम्’ यानी उनके जीवन के जो आदर्श हैं, सुचरितरूप श्रेष्ठ जीवन-मूल्य जिन्हें उन्होंने जिया, वह सद्मार्ग जिस पर चलकर उन्होंने मानवता के उच्च मानदंड स्थापित किए, उन्हें उनकी आनेवाली पीढ़ी यानी हम अपने जीवन के आचरण में ढालें, ताकि हम उन सद्गुण-सदाचार से युक्त उदात्त जीवन-मूल्यों और संस्कारों से युक्त जीवन जी सकें। पूज्य सुदर्शनजी के ऐसे तपोनिष्ठ व संकल्पवान् राष्ट्रसेवी जीवन का सान्निध्य जिन असंख्य लोगों को मिला, वे स्मृतियाँ उनके हृदय को सुवासित किए हुए हैं। एक बालक से लेकर स्वयंसेवक बनने, कार्यकर्ता के रूप में ढलकर प्रचारक जीवन का असिधारा व्रत स्वीकारने और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पूज्य सरसंघचालक के रूप में प्रतिष्ठित होने की उनकी यात्रा बड़ी प्रेरणास्पद है। पूज्य सुदर्शनजी के जीवन की यह विविध पक्षीय प्रेरणा आनेवाले समय में राष्ट्र व समाज के सर्वतोमुखी उन्नयन हेतु लक्षावधि स्वयंसेवकों के लिए तो जीवंत रहे ही, समाज के अन्य वर्गों में भी उस जीवन-दृष्टि का विस्तार हो, यह महत् उद्देश्य ही इस ग्रंथ की रचना का आधार है। विश्वास है कि यह ग्रंथ पूज्य सुदर्शनजी की यश-काया को अक्षुण्ण रखेगा और सबके लिए राष्ट्रभक्ति व समाजसेवा का पाथेय बनेगा। "
Bhasha Ki Khadi
- Author Name:
Om Nishchal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ankahi Stories Collection Book In Hindi
- Author Name:
Gita Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Who Were The Shudras?
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Who Were the Shudras?—Is a book about the history of the Shudra (lowest) varna of the Indian caste system written in 1946 by Dr. Bhimrao Ambedkar. The book is dedicated to Jyotirao Phule and intends to break the myth about Shudras being an untouchable caste in India. Ambedkar cites the Indian scriptures like The Vedas and Mahabharata among others to argue that Shudras were in fact Aryan kings who fell to a substandard caste after a long-drawn conflict with the Brahmans. Ambedkar also discusses the Aryan race theory and does not agree on the Indo-Aryan migration that has often been considered canon in the history of the race. The book is a debunking of myths and ideologies and hopes to achieve a sense of tolerance for a misunderstood and ill-treated caste in India."
Diary Mein Sahitya
- Author Name:
Balraj Pandey
- Book Type:

- Description: Diary based on Varanasi Literary Circle
Aapaatnama
- Author Name:
Manohar Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book