Diary Mein Sahitya
(0)
₹
295
₹ 241.9 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Diary based on Varanasi Literary Circle
Read moreAbout the Book
Diary based on Varanasi Literary Circle
Book Details
-
ISBN9789381923832
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Manse Ki Jaat
- Author Name:
Sujata Parmita
- Book Type:

- Description:
यह किताब खुद को रचने और अपनी बात पहुँचाने की सुजाता पारमिता की अन्तिम कोशिश और अन्तिम पुकार है। अनवरत संघर्ष में कुछ पलों के सर्जनात्मक संयोजन से ही यह किताब निर्मित हो पाई है जिसे खुद सुजाता ने तैयार किया। किताब में कुल पच्चीस आलेख शामिल हैं। किताब का पहला लेख ‘खैरलांजी-दलित-नरसंहार’ भारत में जाति आधारित नरसंहार का मानचित्र प्रस्तुत करता है। सवर्ण समाज के हित में कार्य करनेवाली सरकारों के औचित्य पर सवाल खड़ा करनेवाले इस आलेख की जद में न्याय व्यवस्था भी है। खैरलांजी हत्याकांड सन् 2006 में हुआ था। इस हत्याकांड में एक महार परिवार के सभी सदस्यों की बहुत बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी। अब पीड़ित परिवार का अन्तिम परिजन भी न्याय की आशा में दुनिया छोड़ चुका है।
सुजाता फुले-अम्बेडकरी चिन्तन से निर्मित थीं। वह जानती थीं कि दूसरे संस्थानों की तरह देश की न्याय व्यावस्था भी जातिवादी सोच के नियन्त्रण में है, इस मामले में उससे न्याय नहीं हो पाएगा। और ऐसा ही हुआ।
Geography quiz book
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Azad Hind Fauj Ka Lapata KhaZana Hindi Translation Of The Lost Treasure Of Azad Hind Fauj
- Author Name:
Piyush Rohankar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Surgical Strike
- Author Name:
Ish Kumar Gangania
- Book Type:

- Description:
Had the terrorist attack been confined to Pulwama and the martyrdom of the Indian CRPF, there was no point for me to pen this novel Surgical Strike. But when the political flames began to swallow the nation and its social fabric to exploit the situation, it was obvious for the protagonist Aajivak Babu to be involved in surgical strikes on different fronts. He collides with the culture of becoming a large gathering turned into robots, sheep, mindless crowd, a product ‘For Sale’ with their remote controls in the hands of unbridled radical forces to hostage the constitutional institutions where media play as an auctioned players of ‘Indian Media Premier league’, then what bitter experience the Indian society and the nation pass through, ‘Surgical Strike’ mirrors it all as lifeline of the novel.
Krishna Sobti Ki Katha-Yatra
- Author Name:
Nand Bhardwaj
- Book Type:

- Description:
हिन्दी कथा-साहित्य में नारी चेतना के उन्मेष और स्त्री-अस्मिता के सन्दर्भ में जिन कथाकारों की प्रभावशाली भूमिका रही, उनमें कृष्णा सोबती का नाम बहुत आदर से लिया जाता है। वे इस अर्थ में भी विशिष्ट हैं कि उनका कथा-साहित्य स्त्री-अस्मिता से जुड़े सवालों से जूझने की नई दृष्टि और ऊर्जा देता है। उनके स्त्री-चरित्र जहाँ समाज की रूढ़ मान्यताओं, सड़े-गले क़ायदों और असंगत तौर-तरीक़ों को चुनौती देते हैं, वहीं अपनी सहज स्वतंत्रता के पक्ष में ऐसे सवाल भी खड़े करते हैं, जिनसे स्त्री के लोकतांत्रिक अधिकारों की हिमायत के साथ मानवीय सरोकारों का एक व्यापक धरातल निर्मित होता है।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ पर केन्द्रित यह आलोचना कृति इस बात को विशेष रूप से रेखांकित करती है कि कृष्णाजी के रचनाकर्म को किसी ऐतिहासिक काल-खंड, भौगोलिक दायरों या सामयिक जीवन-यथार्थ के किन्हीं खास विषयों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके कथा-साहित्य में हमारे समय-समाज की वास्तविकताओं और कमजोर होते पारिवारिक संबंधों के बीच स्त्री के साथ बढ़ते अमानवीय बरताव के विरुद्ध स्त्री-रचनाशीलता का जो संघर्ष उभरकर सामने आया है, वह स्त्री की भूमिका को और प्रभावशाली बनाता है।
उनके उपन्यासों में ‘डार से बिछुड़ी’ की पाशो, ‘मित्रो मरजानी’ की मित्रो, ‘सूरजमुखी अँधेरे के’ की रतिका, ‘तिन पहाड़’ की जया, ‘ज़िन्दगीनामा’ की शाहनी, चाची महरी और बिन्द्रा, ‘दिलो-दानिश’ की महक और छुन्ना, ‘ऐ लड़की’ की अम्मू और उनकी खुद्दार बेटी, ‘समय सरगम’ की आरण्या और उनकी लेखन यात्रा के अन्त में छपी कृति ‘चन्ना’ की कथानायिका चन्ना सरीखे स्त्री-चरित्र आज़ादी के बाद हिन्दी कथा-साहित्य में उभरती स्वायत्त स्त्री की जीती-जागती मिसाल हैं।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ में कृष्णा सोबती की इसी संघर्षशील स्वायत्त स्त्री की छवि को उजागर करने का प्रयास किया गया है।
Bediyan Todati Stree
- Author Name:
Arvind jain
- Book Type:

- Description:
स्त्री-जीवन के क़ानूनी पहलू पर विस्तार और प्रामाणिक जानकारी से लिखते हुए अरविन्द जैन ने स्त्री-विमर्श की सामाजिक-साहित्यिक सैद्धान्तिकी में एक ज़रूरी पहलू जोड़ा। क़ानून की तकनीकी पेचीदगियों को खोलते हुए उन्होंने अक्सर उन छिद्रों पर रोशनी डाली जहाँ न्याय के आश्वासन के खोल में दरअसल अन्याय की चालाक भंगिमाएँ छिपी होती थीं। इसी के चलते उनकी किताब ‘औरत होने की सज़ा’ को आज एक क्लासिक का दर्जा मिल चुका है। स्त्री लगातार उनकी चिन्ता के केन्द्र में रही है। बतौर वकील भी, बतौर लेखक भी और बतौर मनुष्य भी। सम्पत्ति के उत्तराधिकार में औरत की हिस्सेदारी का मसला हो या यौन शोषण से सम्बन्धित क़ानूनों और अदालती मामलों का, हर मुद्दे पर वे अपनी किताबों और पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से पाठक का मार्गदर्शन करते रहे हैं। ‘बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री’ उनकी नई किताब है जो काफ़ी समय के बाद आ रही है। इस दौरान भारतीय स्त्री ने अपनी एक नई छवि गढ़ी है, और एक ऐसे भविष्य का नक़्शा पुरुष-समाज के सामने साफ़ किया है जिसे साकार होते देखने के लिए शायद अभी भी पुरुष मानसिकता तैयार नहीं है। लेकिन जिस गति, दृढ़ता और निष्ठा के साथ बीसवीं सदी के आख़िरी दशक और इक्कीसवीं के शुरुआती वर्षों में पैदा हुई और अब जवान हो चुकी स्त्री अपनी राह पर बढ़ रही है, वह बताता है कि यह सदी स्त्री की होने जा रही है और सभ्यता का आनेवाला समय स्त्री-समय होगा। इस किताब का आधार-बोध यही संकल्पना है। तार्किक, तथ्य-सम्मत और सद्भावना से बुना हुआ स्त्री के भविष्य का स्वप्न। उनका विश्वास है कि अब साल दर साल देश के तमाम सत्ता-संस्थानों में शिक्षित, आत्मनिर्भर, साधन-सम्पन्न, शहरी स्त्रियों की भूमिका और भागीदारी अप्रत्याशित रूप से बढ़ेगी। समान अधिकारों के लिए सामाजिक-राजनीतिक संघर्ष तेज़ होंगे और भविष्य की स्त्री हर क्षेत्र में हाशिये के बजाय केन्द्र में दिखाई देने लगेगी। समानता और न्याय की तलाश में निकली स्त्री अपना सबकुछ दाँव पर लगा रही है। सो भविष्य की स्त्री इन्साफ माँगेगी। सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक इन्साफ़। देह और धरती पर ही नहीं सबकुछ पर बराबर अधिकार।
Bharat Ki Rajvyavastha "भारत की राजव्यवस्था" for Union and State Public Service Commissions UPSC Examinations Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Virendra Prasad (Ias)
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Damodar Datta Dikshit ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Damodar Datta Dikshit
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Samaj, Paryavaran Aur Abhiyantriki
- Author Name:
Arvind Kumar Gupta
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत पुस्तक में तीन अलग-अलग विषयों—समाजशास्त्र, पर्यावरण तथा इंजीनियरी को एक-दूसरे का आधार मानते हुए समाहित किया गया है। ये तीनों ही विषय समाज के विभिन्न घटकों को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। आठ अध्यायों में विभाजित इस पुस्तक में समाजशास्त्र, सामाजिक उद्विकास एवं प्रक्रियाएँ, अभियन्ता एवं समाज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी निर्धारण एवं हस्तान्तरण, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा उद्योगों में मानवीय सम्बन्ध, आदि के विभिन्न क्षेत्रों में होनेवाले विकास तथा समाज से सम्बन्धों पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक दी इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स, (इंडिया) द्वारा संचालित सेक्शन ‘ए’ के पाठ्यक्रम के अनुसार तथा हिन्दी-भाषी विद्यार्थियों की कठिनाइयों को विशेष रूप से ध्यान में रखकर लिखी गई है। विश्वास है कि अन्य पाठकों के लिए भी यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।
Tai
- Author Name:
Medha Kirit
- Book Type:

- Description:
भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का संसदीय कामकाज, लोकसभा में सर्वोच्च स्थान पर विराजित नेतृत्व के समक्ष प्रकट होनेवाली चुनौतियाँ, उसके अधिकारों का विस्तृत दायरा, इन सबके साथ न्याय करनेवाले एक पंचवर्षीय व्रतधारी कर्तृत्ववान नेतृत्व की प्रेरक यशोगाथा, पुस्तक के रूप में.. लगातार आठ बार इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद, सर्वानुमति से लोकसभा अध्यक्ष का महती दायित्व निभानेवाली वरिष्ठ महिला सांसद। अपने मृदु स्वभाव और निरपेक्ष व्यवहार से सबको अपना बनाकर निर्बाध रूप से लोकसभा का संचालन करनेवाली तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'Mother of Speakers' से सम्मानित" पदमभूषण सुमित्रा महाजन (ताईजी) के लोकसभा अध्यक्ष पद के शीर्षस्थ कार्यकाल का बहुआयामी आलेख''मेधा किरीट की अध्ययनपूर्ण कलम से.
Bhartiya Rashtravad : Ek Anivarya Paath
- Author Name:
S. Irfan Habib
- Book Type:

- Description:
राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? अच्छा राष्ट्रवादी कौन है? अगर आप सरकार की आलोचना करें तो क्या आपको राष्ट्रद्रोही मान लिया जाए? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो आजकल की ज़्यादातर बहसों में हावी रहते हैं? लेकिन ये बहसें नई नहीं हैं। आज राष्ट्रवाद के बारे में सबसे ऊपर सुनाई देनेवाली आवाज़ें ज़रूर हमें यह विश्वास दिलाने पर आमादा हैं कि भारतीय राष्ट्रवाद एक संकीर्ण, संकुचित और दूसरे लोगों और संस्कृतियों से भयभीत कोई चीज़ रहा है और आज भी ऐसा ही है, लेकिन भारत के सबसे प्रबुद्ध और सुलझे हुए नेताओं, चिन्तकों, वैज्ञानिकों और लेखकों की समझ इससे बिलकुल अलग है; और ये वो लोग हैं जिन्होंने उन्नीसवीं सदी के आरम्भ से ही इस विषय पर सोचना शुरू कर दिया था।
राष्ट्रवाद जिस रूप में आज हमारे सामने है, उसे वजूद में आए सौ साल से ज़्यादा हो गए हैं। दुनिया के इतिहास में इसकी भूमिका को लेकर अनेक इतिहासकारों, राजनीतिशास्त्रियों और समाजवैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है। देखा गया है कि राजनीति के लिए यह सबसे निर्णायक कारकों में से एक रहा है। इसकी आलोचना भी ख़ूब हुई है। यह एक दोधारी तलवार है जो लोगों को जोड़ भी सकती है और राजनीति, संस्कृति, भाषा और धर्म के आधार पर बाँट भी सकती है।
ऐतिहासिक महत्त्व के इस संकलन में इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से भारत में राष्ट्रवाद के उदय, विकास और इसके विभिन्न रूपों और चरणों की पड़ताल भारत के सबसे महत्त्वपूर्ण चिन्तकों और नेताओं के विचारों के माध्यम से करते हैं। इस संकलन में उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेताओं और चिन्तकों के वे लेख और भाषण-अंश काफ़ी तलाश के बाद एकत्रित किए हैं जो स्पष्ट करते हैं कि आज़ादी के संघर्ष में देश को रास्ता दिखाने वाले और आज़ादी के बाद भी राष्ट्र की दशा-दिशा पर ईमानदार निगाह रखने वाले इन नेताओं की नज़र में राष्ट्रवाद क्या था और वे किस तरह के राष्ट्र और राष्ट्रवाद को फलते-फूलते देखना चाहते थे!
यह किताब हमें बताती है कि आज की परिस्थितियों में हम राष्ट्रवाद को कैसे समझें और कैसे उसे आगे बढ़ायें ताकि एक सर्वसमावेशी, स्वतंत्र और मानवीय राष्ट्र के निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के जारी रह सके।
AMBEDKAR & MODI
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Book Type:

- Description:
Dr. B.R. Ambedkar's influence has overarching impact on the making of Modern India. However, his legacy was sidelined and subjected to institutional neglect. The book is a prism that reflects upon the multitude of contributions of Dr. Babasaheb Ambedkar in the nation building process. Many of his ideas and interventions continue to define our governance paradigm, especially with PM Narendra Modi at the helm ensuring that his legacy is revived. The book studies the points of intersection of India’s development story under Prime Minister Narendra Modi and the ideals of Babasaheb. It also highlights the striking parallels between the two towering personalities that succeeded against all odds and worked to dismantle stifling social structures that they themselves experienced from close quarters.
Handbook of Acupressure
- Author Name:
Dr. Preeti Pai +1
- Book Type:

- Description:
Of late, it is being observed that people around the globe are becoming more health conscious. Whereas, on one hand, scientists are busy carrying out researches, finding the cause(S) in the sudden spurt of diseases in its dreaded form and finding drugs to combat such ailments which assume epidemic shape and a host of innovative methods being deviced in the field of Surgery, a marked shift is seen amongst the masses towards the holistic approach. More and more people trying to get focused towards fitness, adopting Yoga & Naturopathy as a way of life. Paying more attention than before on their diet regime. Trying to take recourse to available non-conventional systems of medicine. One of the causative factors, perhaps, is the exorbitant cost of medicine, growing awareness about the side effects of allopathic drugs etc...! The redeeming feature is that people have started realising the importance of Prevention rather than a Cure. Over a period of time, acupressure has emerged as a prominent therapy since it is free from any side effect, since no medication whatsoever is required. It is totally non-conventional, non-invasive & non-interventional, a home remedy, easy to learn and practice. The simple reason being that it is evolved on the principle that human body in itself possesses immense healing power, all that is required is to tap that healing force of the body and the rest is taken care by the body itself. This therapy has been found to be very very effective in handling conditions e.g. Cervical/Lumber spondylitis, knee pain, Sciatica, Slip-disc, depression, insomnia, migraine, asthma, hypertension, PMS, IBS, various female/male problems etc..... to name a few. After the publication of our book �101 Q&A acupressure & reflexology�, our students have been demanding a book sharing our experience of about 30 years in this �Art & Science�. This book is to meet the demand of upcoming and practicing therapists of acupressure as also for the people to get benefit of our experience. All possible efforts have been made to depict the location of the pressure points to be attended to through figures, suggestion for correction of the errors, if any, that might have crept in would be gratefully accepted.
Prayojan Mulak Hindi
- Author Name:
Madhav Sontake
- Book Type:

- Description:
डॉ. माधव सोनटक्के ने अत्यन्त सजगता और परिश्रम से यह पुस्तक लिखी है। राजभाषा होने के तर्क से हिन्दी भाषा का प्रयोग तो बढ़ा ही है, संचार-साधनों और माध्यमों के कारण प्रयोजन भी बदले हैं और तेज़ी से बदल रहे हैं। कम्प्यूटर क्रान्ति ने भाषा की प्रकृति को ही प्राय: बदल डाला है। इस प्रकार सम्प्रेषण तकनीक और प्रयोजनों के आपसी तालमेल से भाषा का चरित्र निरन्तर बदल रहा है। प्रयोजनमूलकता गतिशील है—स्थिर नहीं। इसलिए प्रयोजनों के अनुसार भाषा-प्रयोग की विधियाँ ही नहीं बदलती हैं, वाक्य गठन और शब्द चयन भी बदलता है। बहुभाषी समाज में सर्वमान्यता और मानकीकरण का दबाव बढ़ता है। ऐसे में प्रयोजनमूलक हिन्दी केवल वैयाकरणों और माध्यम विशेषज्ञों की वस्तु नहीं रह जाती।
कार्यालयी आदेशों और पत्र-व्यवहारों आदि के अतिरिक्त उसका क्षेत्र फैलता जाता है। इसलिए आज वही पुस्तक उपयोगी हो सकती है जो छात्रों को भाषा के मानकीकृत रूपों और सही प्रयोगों के अलावा प्रयोजनों के अनुसार भाषा में होनेवाले वांछित परिवर्तनों के बारे में भी बताए। प्रयोजनवती भाषा के इस स्वरूप की आवश्यकता छात्र के लिए ही नहीं, हर उस व्यक्ति के लिए आवश्यक है जो इस बाज़ार प्रबन्धन के युग में रहना चाहता है। डॉ. माधव सोनटक्के लिखित इस पुस्तक में इन समस्याओं का निदान खोजने का प्रयत्न किया गया है। उन्होंने परम्परागत प्रयोजनमूलकता से भिन्न प्रयोजनों में भाषा के प्रयोग और उस माध्यम या क्षेत्र की जानकारी देने का अच्छे ढंग से प्रयत्न किया है। कम्प्यूटर में हिन्दी प्रयोग अध्याय इसका उदाहरण है। प्रत्यक्षत: इसका विषय से सीधा सम्बन्ध नहीं है, परन्तु प्रौद्योगिकी और भाषा के सम्बन्ध और प्रयोग की दृष्टि से यह अत्यन्त आवश्यक है। इस प्रकार की जानकारी से पुस्तक की उपादेयता और समकालीनता दोनों बढ़ी है।
अनुवाद आजकल विषय के रूप में पढ़ाया जाने लगा है। इस पुस्तक में अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उसका बहुत सावधानी से विचार किया गया है। परम्परागत विषयों पर लिखते समय लेखक ने आवश्यकता, प्रचलन, व्यावसायिकता पर ही ध्यान नहीं रखा है, बल्कि वांछित प्रभाव पर भी बल दिया है, जो भाषा की प्रयोजनमूलकता का अनिवार्य लक्षण है।
‘व्यापार और जन-संचार माध्यम’ अध्याय इस पुस्तक की विशेषता है। विज्ञापन की भाषा पर लेखक ने आकर्षण और प्रभाव की दृष्टि से विचार किया है, जो आज पठन-पाठन के लिए ही नहीं, वाणिज्य व्यवसाय की दृष्टि से भी आवश्यक है। पुस्तक का महत्त्व इससे और बढ़ गया है। एक दृष्टि से यह व्याकरण से अधिक महत्त्वपूर्ण हो गया है।
व्याकरण से सम्बद्ध भाग इस अर्थ में अधिक सटीक और तर्कसंगत है। इसमें भाषा पर विचार वास्तविक कठिनाई के आधार पर भी किया गया है। सामान्य त्रुटियों के अतिरिक्त पुस्तक में ग़लत प्रचलनों पर भी विचार किया गया है। मानकीकरण की दृष्टि से लेखक ने वर्तनी के प्रयोग पर अलग से गम्भीरता से लिखा है।
अनुभागों में विभक्त यह पुस्तक छात्रों के लिए आज की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त तो है ही, उन पाठकों को भी इससे लाभ होगा जो सामान्य हिन्दी और विविध प्रयोजनों के अनुसार बदलनेवाली भाषा-प्रयोग-विधियों के बारे में जानना चाहते हैं।
Bas Itna Sa Khwab Hai "बस इतना सा ख्वाब है" | Motivational and Personal Transformation Stories Book in Hindi
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Money Making Skills by Warren Buffet: A Guide to Building Wealth (Warren Buffett Investment Strategy Book)
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Chitrakoot Mein Ram-Bharat Milap
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vishwas Ka Jadu
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
GOSWAMI TULSIDAS
- Author Name:
Meena Manishika
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bharat Ka Savidhan By Dr. B.R. Ambedkar
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book