Yaksh Prashnon Ke Uttar
Author:
Indresh KumarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352663200
Pages: 192
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
How to Own Your Own Mind
- Author Name:
Napoleon Hill
- Rating:
- Book Type:

- Description: Napoleon Hill's timeless classic, Think and Grow Rich, is the best-read self-help book of the twentieth century. Not so well known is how Hill earned his livelihood before he wrote: "Think and Grow Rich". Another classic work of Dr Hill is "How to Own Your Mind", which shows the way to stabilise your mind and achieve success in life. As Dr Hill repeatedly emphasised, action is critical to success. But you must think before you act, or your efforts will be wasted. These timeless chapters about the importance of thought before action will prove very instructive in helping you attain your own Definite Major Purpose. To do so, you must learn how to own your mind, and this book will tell you how to do it.
Ramakrishna Paramahansa: A Complete Biography
- Author Name:
Pradeep Pandit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katha Yatra
- Author Name:
Ramesh Nayyar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyaktitva Ka Sampoorna Vikas
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: हमारी मातृभूमि भारतवर्ष का मेरुदंड धर्म केवल धर्म ही है। धर्म के आधार पर, उसी की नींव पर हमारी जाति के जीवन का प्रासाद खड़ा है। भारत के राष्ट्रीय आदर्श हैं-- त्याग और सेवा। आप उसकी इन धाराओं में तीव्रता उत्पन्न कीजिए और बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। संसार में सत्संग से पवित्र और कुछ भी नहीं है, क्योंकि सत्संग से ही शुभ संस्कार चित्त रूपी सरोवर की तली से ऊपरी सतह पर उठ आने के लिए उन्मुख होते हैं । मान लो, किसी में दोष है तो केवल गाली- गलौज से कुछ नहीं होगा; हमें उसकी जड़ में जाना होगा। पहले पता लगाओ कि दोष का कारण क्या है ? फिर उस कारण को दूर करो और वह दोष अपने आप ही चला जाएगा। हमारा प्रत्येक कार्य, हमारा प्रत्येक अंग-संचालन, हमारा हर विचार हमारे चित्त पर इसी प्रकार का एक संस्कार छोड़ जाता है और यद्यपि ये संस्कार ऊपरी दृष्टि से स्पष्ट न हों, तथापि इतने प्रबल होते हैं कि ये अवचेतन मन में अज्ञात रूप से कार्य करते रहते हैं । - इसी पुस्तक से स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक विभूति, मानवधर्मी और समाजधर्मी भी थे। वे जीवन को उन्नत, त्याणमय, सत्यनिष्ठ और मानव-मूल्यों से प्रदीप्त करने के प्रबल पक्षधर थे। उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का पठन-चिंतन हर भारतवासी के लिए आत्म-विकास, सफलता, संतोष और सुख के द्वार खोलेगा |
ISIS Aur Islam Mein Civil War
- Author Name:
Satish Pednekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katra-Katra Zindagi
- Author Name:
Anup Kochhar Dewan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttarakhand Ki Lokkathayen "उत्तराखंड की लोककथाएँ" Book in Hindi- Umedu Lal
- Author Name:
Umedu Lal "Umang"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Masoom
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
‘मासूम’ गुलज़ार की बेहद लोकप्रिय फ़िल्मों में रही है। यह इसी फ़िल्म का मंज़रनामा है। गुलज़ार का ही लिखा हुआ इस फ़िल्म का एक गाना ‘लकड़ी की काठी…’ आज भी बच्चों की ज़ुबान पर रहता है। पिता के नाम को तरसते एक मासूम बच्चे के इर्द–गिर्द बुनी हुई यह अत्यन्त संवेदनशील और भावप्रवण फ़िल्म मूलत: रिश्तों के बदलते हुए ‘फ़्रेम्स’ की कहानी है। एक तरफ़ रिश्तों का एक परिभाषित व मान्य रूप है और दूसरी तरफ़ वह रूप, जिसे सामान्यत: समाज का समर्थन नहीं होता। लेकिन अन्तत: लम्बे तनाव के बाद जीत मानवीय संवेदना और प्रेम की ही होती है। यही इस फ़िल्म का मन्तव्य है।
निश्चय ही यह कृति पाठकों को औपन्यासिक रचना का आस्वाद प्रदान करेगी।
Adhyatma Ki Khoj Mein
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samaj - Vigyan Vishwakosh : Vols. 1-6
- Author Name:
Abhay Kumar Dubey
- Book Type:

-
Description:
छह खंडों और तीन हज़ार पृष्ठों में फैला समाज-विज्ञान और मानविकी का यह विश्वकोश राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय ख्याति के 26 विद्वानों के मार्गदर्शन में 60 समाज-वैज्ञानिकों द्वारा अनुवाद का सहारा लिए बिना मूल हिन्दी में तैयार किया गया है। कोश की 1015 प्रविष्टियाँ विश्व के 229 समाज-वैज्ञानिकों, सिद्धान्तकारों, दार्शनिकों, समाज-चिन्तकों, साहित्य-निर्माताओं और विमर्शकारों के कृतित्व की जानकारी देने के साथ-साथ सभी महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं, दर्शनों, बहसों, क्रान्तियों और आन्दोलनों का विश्लेषणात्मक परिचय देती हैं। अर्थशास्त्र की 104, इतिहास की 107, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध की 52, दर्शन की 135, राजनीतिशास्त्र की 448, मीडिया, फ़िल्म और टीवी-अध्ययनों की 50, स्त्री और सेक्सुअलिटी-अध्ययन की 69, समाजशास्त्र और मानवशास्त्र की 140 प्रविष्टियों के अतिरिक्त इस कोश में गांधी-विचार से सम्बन्धित 32 और मार्क्सवाद से सम्बन्धित 117 प्रविष्टियाँ भी दर्ज हैं।
समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, भाषाशास्त्र, मनोविज्ञान, स्त्री-अध्ययन, सेक्सुअलिटी-अध्ययन, संस्कृति-अध्ययन, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध-अध्ययन, मीडिया-अध्ययन, फ़िल्म-अध्ययन, टीवी-अध्ययन, साहित्य-अध्ययन, इतिहास और दर्शनशास्त्र के अध्येताओं, छात्रों, अध्यापकों, पत्रकारों, बुद्धजीवियों और गम्भीर पाठकों के लिए उपयोगी इस कोश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी 430 प्रविष्टियाँ भारतीय दर्शन, राजनीति, समाज, संस्कृति, मीडिया, आधुनिकता और इतिहास पर विशेष रूप से प्रकाश डालती हैं। भारतीय लोकतंत्र, भारतीय राज्य, भारतीय सेकुलरवाद, दलित-विमर्श, हिन्दुत्ववादी विमर्श, भारत के राजनीतिक दलों और राज्यों की राजनीति की जानकारी देनेवाली प्रविष्टियों के अतिरिक्त भारतीय धर्म-दर्शन से सम्बन्धित प्रविष्टियों में उन दार्शनिकों, विचारकों और सिद्धान्तकारों के बौद्धिक परिचय भी शामिल हैं जिन्हें अंग्रेज़ी और पश्चिम द्वारा थमाए गए सिद्धान्तों के प्रभाव में लगभग अदृश्य कर दिया गया है। कई प्रविष्टियाँ आधुनिक भारत की संस्थागत संरचना में निर्णायक योगदान देनेवाली हस्तियों पर भी हैं। विश्वकोश में हिन्दी के निर्माताओं, साहित्य और विचार-जगत पर भी काफ़ी सामग्री है।
‘अतिक्रमण’ से ‘अन्तरराष्ट्रीय मुद्राकोष’ तक पहले खंड की 154 प्रविष्टियों में इतिहास-लेखन के अनाल स्कूल से लेकर टॉयनबी और स्पेंगलर के कृतित्व; कौटिल्य के अर्थशास्त्र और आर्यभट्ट के योगदान; एडम स्मिथ, अल्फ़्रेड मार्शल और अमर्त्य सेन के आर्थिक चिन्तन; एंटोनियो ग्राम्शी के विचारों; आधुनिकता की सैद्धान्तिक योजना; अमेरिका के अफ़र्मेटिव एक्शन और भारत में आरक्षण के विभिन्न पहलुओं; उपनिवेशवाद विरोधी आन्दोलन के सशस्त्र और शान्तिपूर्ण आयामों, अल-ग़ज़ाली, इब्न ख़ाल्दून, अल-किन्दी, अबु-अला मौदूदी और असग़र अली इंजीनियर के विमर्श; एडमंड बर्क, ई.एच. कार, एडवर्ड सईद, एरिक फ़्रॉम और आशिस नंदी के विमर्श की झलकियाँ; अमेरिकी क्रान्ति और आत्मसम्मान आन्दोलन से लेकर अंग्रेज़ी हटाओ आन्दोलन तक के ब्योरे शामिल हैं।
Teen Din, Do Raten
- Author Name:
Virendra Jain
- Book Type:

- Description: "इतना सुख है जीवन में! इतना कुछ है मेरे मन में! और अब तक मैं इससे वंचित था, अनजान था! भारतीय मध्यवर्ग में बढ़ती बाजारवाद, उपभोक्तावाद और भोगवाद की प्रवृत्तियों के संदर्भ में इससे बेहतर स्वीकारोक्ति नहीं हो सकती। लालसाएँ आदमी को घेरे रहती हैं, कुछ प्रत्यक्ष रूप में सामने आती हैं, तो कुछ अंतस में दबी रहती हैं और अनुकूल अवसर पाते ही पूर्ति हेतु सिर उठाने लगती हैं। लगता है जैसे आधुनिकतम महानगरीय मध्यवर्ग अपनी सभी लालसाओं की पूर्ति के लिए बेताब है। इसमें दो फाड़ की नौबत आ चुकी है। एक जो खुलकर इस खुलेपन को जी रहा है और दूसरे के पास आर्थिक संसाधन कम पड़ रहे हैं। ऐसे में उसे जब मौका मिलता है तो वह इसे जीने के लिए अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ता। बाजार इस वर्ग की मजबूरी और इच्छाओं को समझते हुए हमेशा चारा फेंकने की जुगत में रहता है। वह गैर-जरूरी चीजों के प्रति भी भ्रमपूर्ण लगाव पैदा कर भावनाओं का दोहन करने से नहीं चूकता। एक नई उपभोक्ता संस्कृति साकार ही नहीं हो रही, दिन-ब-दिन विकराल भी होती जा रही है। कुशल व्यवसायी सिर्फ माल नहीं बेच रहे, बड़ी चालाकी से विचार भी प्रत्यारोपित कर रहे हैं। उदारवाद के पीछे की चालाकी और चतुराई को उजागर करना नितांत आवश्यक हो गया है। ‘तीन दिन, दो रातें’ एक इनामी किस्से की कथा के बहाने इसी ज्वलंत समस्या को परत-दर-परत बेनकाब करता है। प्रसिद्ध लेखक वीरेंद्र जैन की यह खासियत है कि वे अपनी चुटीली भाषा-शैली के जरिए कथानक को चरम पर ले जाते वक्त भी यथार्थ को सहेजते हैं। इसीलिए उनका यह उपन्यास भौतिकवाद के विनाशकारी परिणामों का पुख्ता दस्तावेज बन पड़ा है।
Dr. A.P.J. Abdul Kalam: Memories Never Die (English Translation of Ninaivugalukku Maranamillai)
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan +1
- Book Type:

- Description: This book is an English translation of the Tamil book ‘Ninaivugalukku Maranamillai’. Written by two people closest to A.P.J. Abdul Kalam—his niece Dr. Nazema Maraikayar and the distinguished ISRO scientist Dr. Y.S. Rajan, who was a close confidante of Kalam —this book gives a holistic and honest revelation of the life of Dr. Kalam from his early childhood till he breathed his last. This is the story of how a small-town boy from Rameswaram ascended to the highest echelons of the Indian political world. This book comprehensively covers the beautiful history of Indian rocketry, precursors to today’s Science and Technology, the workings of the Indian political and administrative
Ramkatha Aaram
- Author Name:
Dr. Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSS-BJP Symbiosis
- Author Name:
Suchitra Kulkarni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IBPS-RRBs Office Assistant (Multipurpose) & Officer Scale-1 Preliminary Examination-2024 30 Practice Sets | Includes Latest Solved Papers (Regional Rural Bank) Based On Online Exam Pattern
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaikshik Parivartan Ka Yatharth
- Author Name:
Prof. Jagmohan Singh Rajput
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Deshbandhu Chittranjan Das
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Garbhawati Ki Dekhbhal
- Author Name:
Smt. Parvesh Handa
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mridula Sinha Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ye Khabren Nahin Chhapatin
- Author Name:
Rekha Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...