Sadabahar Kahaniyan : Leo Tolstoy
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लेव तोल्स्तोय 1828-1910 रूसी लेखक तोल्स्तोय 19वीं सदी के महानतम लेखकों में से एक हैं। 'युद्ध और शान्ति' तथा 'अन्ना करेनिना' शीर्षक उनके उपन्यास विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। वह मनुष्य के संघर्षों, बुराइयों और उसकी छुपी हुई अच्छाइयों को रचने वाले कथाकार हैं। उपन्यासों के अतिरिक्त उन्होंने कहानी, निबंध और नाटकों की भी रचना की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उनके नैतिक चिंतन से गहरे प्रभावित थे। हिंदी के विश्वप्रसिद्ध कथाकार प्रेमचंद ने आज से सदी भर पहले उनकी कई कहानियों का अनुवाद प्रकाशित किया था। जिनमें से कुछ कहानियाँ यहाँ दुबारा संकलित की जा रही हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा।
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लेव तोल्स्तोय 1828-1910 रूसी लेखक तोल्स्तोय 19वीं सदी के महानतम लेखकों में से एक हैं। 'युद्ध और शान्ति' तथा 'अन्ना करेनिना' शीर्षक उनके उपन्यास विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। वह मनुष्य के संघर्षों, बुराइयों और उसकी छुपी हुई अच्छाइयों को रचने वाले कथाकार हैं। उपन्यासों के अतिरिक्त उन्होंने कहानी, निबंध और नाटकों की भी रचना की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उनके नैतिक चिंतन से गहरे प्रभावित थे। हिंदी के विश्वप्रसिद्ध कथाकार प्रेमचंद ने आज से सदी भर पहले उनकी कई कहानियों का अनुवाद प्रकाशित किया था। जिनमें से कुछ कहानियाँ यहाँ दुबारा संकलित की जा रही हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा।
Book Details
-
ISBN9789392088384
-
Pages119
-
Avg Reading Time4 hrs
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Age0-11 yrs
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Country of OriginIndia
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लेखक ने पूरी रामकथा में हनुमान की निष्ठा, समर्पण, मित्रता और भक्तिभाव का विलक्षण चित्र खींचा है। उनकी अलौकिकता को भी महज़ कपोल-कल्पना न मानकर एक आधार दिया है। लेखक ने पूरे उपन्यास में उन्हें अंजनी-पुत्र आंजनेय ही कहा है, उनकी मातृभक्ति के कारण उपन्यास में सबसे महत्त्वपूर्ण उत्तरार्ध और क्षेपक है जो शायद किसी राम या हनुमान कथा का हिस्सा नहीं।
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Prashant Gupta
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- Description: "It is 2017, and the world is getting crazy about a new security system “, The finger-print security”. It is by far theoretically the best security system to be produced and applied to this mass scale. No one now has ever to remember and care to protect their password anymore. Kaushal shares with his two best friends the hack he has found. A year later, it turns out that the company they are working for has stolen money, using the same hack that Kaushal had discovered and shared only with his friends. Victims have now filed a police complaint against the company. But to everyone's surprise, the firm's CEO, Mr Sanjay keer, has absconded. Without any trace of his existence ever in the city, he vanishes...".
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