Mein Prem Tere Ka Deewana
(0)
Author:
Manish RaosahabPublisher:
Author'S Ink PublicationsLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
170
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ये बादल, बारिश, ये बूंदे, ये मिट्टी की ख़ुशबू, है कुछ और नही, जो माने दिल br>तेरा, तो पैगाम सही, ना माने तो है कुछ और नही, ये हवा, जो लहरा जाती जुल्फ़े br>तेरी, धड़का दिल को जाती, इशारा है गर तू पहचाने, ना पहचाने तो है कुछ और नही। बस इसी तरहा, ये किताब उन जज़्बातों को समेटे हुए है जो प्रेम के दोनों पहलुओं को एक साथ जोड़े हुए है। जब दिल प्रसन्न हो तो भव्य सागर की खामोशी से विशालकाय आसमान की गर्जन तक सब लुभावना प्रतीत होता है और कभी जब दिल को उदासी का अनुभव हो, पीड़ा का एहसास हो, तो वह भी उसी प्रेम का हिस्सा है जो किसी का नाम भर लेने से हमारे चेहरे को एक सरल व मीठी मुस्कान से अलंकृत कर देता है। भले ही ये कविताये कल्पना की स्याही से लिखी गयी हो, मगर जिस रंग से लिखी गयी है वह प्रेम का रंग है और जो खुशबू है वो वही जज़्बात है जो अक्सर हम प्रेम के मार्ग में अनुभव करते है। जितना मुझे लिख कर मिला, उम्मीद है, उतना ही आनंद आपको पढ़ने में मिलेगा।.
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ये बादल, बारिश, ये बूंदे, ये मिट्टी की ख़ुशबू, है कुछ और नही, जो माने दिल br>तेरा, तो पैगाम सही, ना माने तो है कुछ और नही, ये हवा, जो लहरा जाती जुल्फ़े br>तेरी, धड़का दिल को जाती, इशारा है गर तू पहचाने, ना पहचाने तो है कुछ और नही। बस इसी तरहा, ये किताब उन जज़्बातों को समेटे हुए है जो प्रेम के दोनों पहलुओं को एक साथ जोड़े हुए है। जब दिल प्रसन्न हो तो भव्य सागर की खामोशी से विशालकाय आसमान की गर्जन तक सब लुभावना प्रतीत होता है और कभी जब दिल को उदासी का अनुभव हो, पीड़ा का एहसास हो, तो वह भी उसी प्रेम का हिस्सा है जो किसी का नाम भर लेने से हमारे चेहरे को एक सरल व मीठी मुस्कान से अलंकृत कर देता है। भले ही ये कविताये कल्पना की स्याही से लिखी गयी हो, मगर जिस रंग से लिखी गयी है वह प्रेम का रंग है और जो खुशबू है वो वही जज़्बात है जो अक्सर हम प्रेम के मार्ग में अनुभव करते है। जितना मुझे लिख कर मिला, उम्मीद है, उतना ही आनंद आपको पढ़ने में मिलेगा।.
Book Details
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ISBN9789390006052
-
Pages100
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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