Chakrateerth
(0)
Author:
Amritlal NagarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
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प्रस्तुत उपन्यास ‘चक्रतीर्थ’ में कुषाणों और यूनानियों की दासता से ट्रस्ट और विखंडित भारत के पुनर्संगठित होकर एक सशक्त और समृद्ध देश बनने की यह प्रेरणादायक रंगारंग भारतीय छवियों से भरपूर, यह रोचक राष्ट्र-कथा पढ़कर आपको आज के भारत की समस्याओं पर गहराई से विचार करने की स्फूर्ति मिलेगी।</p> <p>यह इतिहास कथा उस भावनात्मक आन्दोलन से जुड़ी है जिसने पहली बार भारत की सभी जातियों के उत्तम विचार और संस्कार लेकर तथा ब्राह्मण और श्रमण धर्म का उचित समन्वय करके समूचे भारत को वह एकता प्रदान की जिसके सही और ग़लत प्रभावों से यह देश आज तक बँधा हुआ है।</p> <p>पुरानी दुनिया में भारत के महत्त्वपूर्ण स्थान और विश्वव्यापी मानव संस्कृति की रसभीनी छटा फहराने वाला, भारतीय साहित्य में अपने रंग का अकेला, यह उपन्यास आपके हाथों में है।</p> <p>उपन्यास का पहला पृष्ठ पढ़ना आरम्भ कीजिए और फिर अन्तिम पृष्ठ पूरा पढ़े बिना आप इसे छोड़ नहीं सकेंगे।
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प्रस्तुत उपन्यास ‘चक्रतीर्थ’ में कुषाणों और यूनानियों की दासता से ट्रस्ट और विखंडित भारत के पुनर्संगठित होकर एक सशक्त और समृद्ध देश बनने की यह प्रेरणादायक रंगारंग भारतीय छवियों से भरपूर, यह रोचक राष्ट्र-कथा पढ़कर आपको आज के भारत की समस्याओं पर गहराई से विचार करने की स्फूर्ति मिलेगी।</p>
<p>यह इतिहास कथा उस भावनात्मक आन्दोलन से जुड़ी है जिसने पहली बार भारत की सभी जातियों के उत्तम विचार और संस्कार लेकर तथा ब्राह्मण और श्रमण धर्म का उचित समन्वय करके समूचे भारत को वह एकता प्रदान की जिसके सही और ग़लत प्रभावों से यह देश आज तक बँधा हुआ है।</p>
<p>पुरानी दुनिया में भारत के महत्त्वपूर्ण स्थान और विश्वव्यापी मानव संस्कृति की रसभीनी छटा फहराने वाला, भारतीय साहित्य में अपने रंग का अकेला, यह उपन्यास आपके हाथों में है।</p>
<p>उपन्यास का पहला पृष्ठ पढ़ना आरम्भ कीजिए और फिर अन्तिम पृष्ठ पूरा पढ़े बिना आप इसे छोड़ नहीं सकेंगे।
Book Details
-
ISBN9789352211791
-
Pages308
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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