Apne Khilaone
Author:
Bhagwaticharan VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 476
₹
595
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788180315695
Pages: 148
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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परमाणु हथियारों की जरूरत किसे है, देशों और उनके नक़्शों को? वहाँ रहने वाले लोगों को, या उन लोगों के डरों को अपनी सत्ताकांक्षा की खुराक बनाने वाले राष्ट्राध्यक्षों को? या यह सिर्फ संसार के शक्ति-सन्तुलन की माँग है जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती?
‘रुई लपेटी आग’ के केन्द्र में मूलत: यही प्रश्न हैं जिन्हें उपन्यास अपनी विशिष्ट कथा-शैली में धीरे-धीरे जरूरी प्रश्नों के तौर पर स्थापित कर देता है। कथा का एक सिरा संगीत है और दूसरा पोखरण। वही पोखरण जहाँ 1974 और फिर 1998 में भारत ने अपने सफल परमाणु परीक्षण किए थे और जिनके चलते दुनिया के परमाणु शक्ति-सम्पन्न देशों की श्रेणी में सम्मानित जगह बना पाया था। दूसरी तरफ पखावज है जिसकी रचना, एक किंवदन्ती के अनुसार, शिव के तांडव को लयबद्ध करने के लिए ब्रह्मा ने की थी ताकि सृष्टि के विनाश को रोका जा सके।
पखावज उस विनाश को रोक तो नहीं पाता लेकिन उससे पैदा हुए घावों को खुली आँखों से देखते हुए अपनी असहमति ज़रूर व्यक्त करता है। हिरोशिमा और नागासाकी को एक चेतावनी की तरह याद रखते हुए पखावज की साधिका अरुंधति पोखरण से मात्र चार किलोमीटर दूर स्थित खेतोलाई गाँव की भूमि को अपने कार्यक्रम के लिए चुनती है। पोखरण में हुए परमाणु विस्फोट के परिणामस्वरूप राजस्थान के इस गाँव में आज ऐसा कोई घर नहीं है जहाँ एक-दो लोग गम्भीर बीमारियों के शिकार नहीं हैं।
उपन्यास में भारत की उस सहज जीवनशैली को बखूबी रेखांकित किया गया है जिसमें विभिन्न समुदायों की सहजीविता समाज के सहजबोध का हिस्सा है, और जो बीच-बीच में साम्प्रदायिक राजनीति का शिकार होते रहने के बावजूद अभी तक बची हुई है।
लेकिन केंद्रीय प्रश्न परमाणु शक्ति की नैतिक वैधता का ही है, रुई में लिपटी रखी उस आग के औचित्य का जो कभी भी भड़क सकती है और पूरी मानव-जाति के विनाश का कारण बन सकती है।
Nadan Premam
- Author Name:
S. K. Pottekat
- Book Type:

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Description:
‘नादान प्रेमम्’ एक प्रतिष्ठित कथाकार का प्रथम उपन्यास है। रासायनिक स्वादों से साहित्य को दूर रखने का ख़याल एस.के. पोट्टेक्काट्ट ने हमेशा रखा। आम आदमी के जीवन की परिस्थितियों को विषय-वस्तु बनाकर विशिष्ट कृतियाँ लिखने में वे सव्यसाची-सरीखे थे।
‘नादान प्रेमम्’ गाँव-देहात की मुहब्बत की दास्तान है। लेखक के लिए चिर-परिचित गाँव मुक्कम तथा उधर की इरुवषमि नदी का परिवेश उपन्यास की सहजता को बढ़ाता है। इक्कोरन और मालू इसके मुख्य पात्र हैं। छल-कपट से मुक्त प्रेमिका के दिल की धड़कन का वर्णन मार्मिक है। क्या नादान होना ख़तरनाक है? यह सन्देश भी उपन्यास पढ़ते समय पाठकों के मन में सहज ही उभर आएगा। रोचक कथानक, सहज परिवेश, ग्रामीण पात्र, पात्रानुकूल भाषा, लोकजीवन के बिम्ब आदि इस उपन्यास की ख़ूबियाँ हैं।
आलोचक प्रवर प्रो. के.एम. तरकन ने इस उपन्यास का मूल्यांकन ग्रामांचल में घटित होनेवाले ‘शाकुन्तल’ के रूप में किया है।
उपन्यासकार ने ‘नादान प्रेमम्’ को अपनी पहली सन्तान का दर्जा दिया है। गौण प्रसंगों में भी गम्भीरता के बीजों को तलाशने की प्रवृत्ति यहाँ द्रष्टव्य है। यह उपन्यास प्रेम की निष्ठा को उजागर करता है, लेकिन कभी निष्ठा का परिणाम धोखा भी होता है। मानवता के उत्कर्ष की वकालत करनेवाले लेखक की एक अनुपम कृति है ‘नादान प्रेमम्’।
Cliff Hanger
- Author Name:
P Sawhney
- Book Type:

- Description: This collection of short stories explores the cynical and frenzied side of human behaviour. Read this book today.
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