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Rameshraaj Ke Kundaliya Chand

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इस पुस्तक में मैंने कुण्डलिया छंद के तीन प्रकारों में कविताएँ लिखी हैं, जो निम्नलिखित रूप में हैं- 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' , छंद शास्त्र और साहित्य-क्षेत्र  में मेरा एक अभिनव प्रयोग है | इस छंद की रचना करते हुए मैंने इसे 16-16 मात्राओं के 6 चरणों में  बाँधा है, जिसके हर चरण में 8 मात्राओं  के उपरांत सामान्यतः (कुछ अपवादों को छोडकर ) आयी 'यति' इसे गति प्रदान करती है | पूरे छंद के 6 चरणों में 96 मात्राओं का समावेश किया गया है | 'सर्प कुंडली 'राज' छंद' भी    छंदशास्त्र और साहित्य-क्षेत्र  में मेरा एक अभिनव प्रयोग है | इस छंद की रचना करते हुए मैंने इसे 13, 13 मात्राओं के दो चरणों से 26 मात्राओं की एक पंक्ति के रूप में  बाँधा है, जिसके हर चरण में 13 मात्राओं  के उपरांत सामान्यतः (कुछ अपवादों को छोडकर ) आयी 'यति' इसे गति प्रदान करती है | कुंडलिया दोहा और रोला के संयोग से बना छंद है। इस छंद के 6 चरण होते हैं तथा प्रत्येकचरण में 24 मात्राएँ होती है। कुंडलिया के पहले दो चरण दोहा तथा शेष चार चरण रोला से बने होते हैं। दोहा के प्रथम एवं तृतीय चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।रोला का प्रथम चरण11मात्राओं तथा दूसरा चरण 13 मात्राओं का होता है।

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इस पुस्तक में मैंने कुण्डलिया छंद के तीन प्रकारों में कविताएँ लिखी हैं, जो निम्नलिखित रूप में हैं-
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' , छंद शास्त्र और साहित्य-क्षेत्र  में मेरा एक अभिनव प्रयोग है | इस छंद की रचना करते हुए मैंने इसे 16-16 मात्राओं के 6 चरणों में  बाँधा है, जिसके हर चरण में 8 मात्राओं  के उपरांत सामान्यतः (कुछ अपवादों को छोडकर ) आयी 'यति' इसे गति प्रदान करती है | पूरे छंद के 6 चरणों में 96 मात्राओं का समावेश किया गया है |

'सर्प कुंडली 'राज' छंद' भी    छंदशास्त्र और साहित्य-क्षेत्र  में मेरा एक अभिनव प्रयोग है | इस छंद की रचना करते हुए मैंने इसे 13, 13 मात्राओं के दो चरणों से 26 मात्राओं की एक पंक्ति के रूप में  बाँधा है, जिसके हर चरण में 13 मात्राओं  के उपरांत सामान्यतः (कुछ अपवादों को छोडकर ) आयी 'यति' इसे गति प्रदान करती है |

कुंडलिया दोहा और रोला के संयोग से बना छंद है। इस छंद के 6 चरण होते हैं तथा प्रत्येकचरण में 24 मात्राएँ होती है। कुंडलिया के पहले दो चरण दोहा तथा शेष चार चरण रोला से बने होते हैं। दोहा के प्रथम एवं तृतीय चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।रोला का प्रथम चरण11मात्राओं तथा दूसरा चरण 13 मात्राओं का होता है।

Book details

100% OriginalGenuine copy from Rachnaye Fulfilled
Format
Digital book
Publisher
Rachnaye Fulfilled
Publication year
2025
ISBN-13
RFRRRRKC
Pages
59
Reading time
~2 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Language
Hindi

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