Vyathit Jammu Kashmir
About the book
स्तावना —Pgs. 7 1. भारत माता के मुकुट कश्मीर का गौरवशाली अतीत —Pgs. 13 2. दिग्विजयी कश्मीर —Pgs. 21 3. धर्मांतरण से राष्ट्रांतरण —Pgs. 31 4. डुग्गर धरती का गौरवशाली अतीत —Pgs. 35 5. आत्म बलिदान की अनूठी मिसाल डुग्गर रत्न बाबा जो —Pgs. 41 6. डुग्गर पौरुष के प्रतीक वीर बंदा वैरागी —Pgs. 45 7. विजयी डोगरा सेनानायक जनरल जोरावर सिंह —Pgs. 49 8. राष्ट्रभत डोगरा शासक —Pgs. 55 9. जम्मू क्षेत्र में संघ —Pgs. 61 10. जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय —Pgs. 66 11. कश्मीर घाटी में संघ —Pgs. 75 12. रक्षा मोरचे पर संघ —Pgs. 78 13. शेख अदुल्ला का उदय —Pgs. 84 14. पं. नेहरू की अदूरदर्शिता —Pgs. 92 15. प्रजा परिषद् आंदोलन —Pgs. 109 16. आत्मनिर्णय का इसलामी जुनून —Pgs. 123 17. देशभत कश्मीरी पंडित —Pgs. 131 18. डोडा क्षेत्र में आतंक —Pgs. 141 19. जम्मू क्षेत्र से भेदभाव —Pgs. 145 20. मंदिरों का शहर बना शरणार्थियों का शहर —Pgs. 150 21. हिंदू स्वाभिमान की विजय —Pgs. 158 22. हिंदू विहीन कश्मीरियत? —Pgs. 179 23. फसाद की जड़ अनुच्छेद 370 —Pgs. 184 24. भारतीय सुरक्षा बल —Pgs. 191 25. लद्दाख में राष्ट्रवाद का जागरण —Pgs. 199 26. खतरे में लद्दाखी सभ्यता —Pgs. 203 27. समाधान की तलाश —Pgs. 205 परिशिष्ट-1 मैंने श्री गुरुजी को ‘कर्ण महल’ में प्रवेश करते देखा —Pgs. 227 परिशिष्ट-2 The Accession of the J&K State and Maharaja Hari Singh —Pgs. 228 परिशिष्ट-3 In Saving Kashmir —Pgs. 230 परिशिष्ट-4 Accession of Kashmir Sangh's Efforts —Pgs. 233 परिशिष्ट-5 महाराजा का सरदार पटेल को पत्र —Pgs. 236 परिशिष्ट-6 महाराजा का भारत में विलय का प्रस्ताव —Pgs. 241 परिशिष्ट-7 26 अतूबर, 1947 को महाराजा हरिसिंह द्वारा कार्यान्वित विलय-पत्र —Pgs. 244 परिशिष्ट-8 भारत के संविधान की धारा-370 —Pgs. 247 परिशिष्ट-9 शिमला समझौता —Pgs. 249 परिशिष्ट-10 कश्मीर समझौता (फरवरी 1975 ) —Pgs. 252 संदर्भ-ग्रंथ —Pgs. 254 पत्र-पत्रिकाएँ —Pgs. 256
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स्तावना —Pgs. 7
1. भारत माता के मुकुट कश्मीर का गौरवशाली अतीत —Pgs. 13
2. दिग्विजयी कश्मीर —Pgs. 21
3. धर्मांतरण से राष्ट्रांतरण —Pgs. 31
4. डुग्गर धरती का गौरवशाली अतीत —Pgs. 35
5. आत्म बलिदान की अनूठी मिसाल डुग्गर रत्न बाबा जो —Pgs. 41
6. डुग्गर पौरुष के प्रतीक वीर बंदा वैरागी —Pgs. 45
7. विजयी डोगरा सेनानायक जनरल जोरावर सिंह —Pgs. 49
8. राष्ट्रभत डोगरा शासक —Pgs. 55
9. जम्मू क्षेत्र में संघ —Pgs. 61
10. जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय —Pgs. 66
11. कश्मीर घाटी में संघ —Pgs. 75
12. रक्षा मोरचे पर संघ —Pgs. 78
13. शेख अदुल्ला का उदय —Pgs. 84
14. पं. नेहरू की अदूरदर्शिता —Pgs. 92
15. प्रजा परिषद् आंदोलन —Pgs. 109
16. आत्मनिर्णय का इसलामी जुनून —Pgs. 123
17. देशभत कश्मीरी पंडित —Pgs. 131
18. डोडा क्षेत्र में आतंक —Pgs. 141
19. जम्मू क्षेत्र से भेदभाव —Pgs. 145
20. मंदिरों का शहर बना शरणार्थियों का शहर —Pgs. 150
21. हिंदू स्वाभिमान की विजय —Pgs. 158
22. हिंदू विहीन कश्मीरियत? —Pgs. 179
23. फसाद की जड़ अनुच्छेद 370 —Pgs. 184
24. भारतीय सुरक्षा बल —Pgs. 191
25. लद्दाख में राष्ट्रवाद का जागरण —Pgs. 199
26. खतरे में लद्दाखी सभ्यता —Pgs. 203
27. समाधान की तलाश —Pgs. 205
परिशिष्ट-1 मैंने श्री गुरुजी को ‘कर्ण महल’ में प्रवेश करते देखा —Pgs. 227
परिशिष्ट-2 The Accession of the J&K State and Maharaja Hari Singh —Pgs. 228
परिशिष्ट-3 In Saving Kashmir —Pgs. 230
परिशिष्ट-4 Accession of Kashmir Sangh's Efforts —Pgs. 233
परिशिष्ट-5 महाराजा का सरदार पटेल को पत्र —Pgs. 236
परिशिष्ट-6 महाराजा का भारत में विलय का प्रस्ताव —Pgs. 241
परिशिष्ट-7 26 अतूबर, 1947 को महाराजा हरिसिंह द्वारा कार्यान्वित विलय-पत्र —Pgs. 244
परिशिष्ट-8 भारत के संविधान की धारा-370 —Pgs. 247
परिशिष्ट-9 शिमला समझौता —Pgs. 249
परिशिष्ट-10 कश्मीर समझौता (फरवरी 1975 ) —Pgs. 252
संदर्भ-ग्रंथ —Pgs. 254
पत्र-पत्रिकाएँ —Pgs. 256
Book details
- Format
- Hardbound
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Publication year
- 2018
- Weight
- 356 grams
- ISBN-13
- 9788177211856
- Pages
- 256
- Reading time
- ~9 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 10 × 10 cm
- Language
- Hindi
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