Aahuti
Author:
Ed.Sanju Sadanandan, Nirupaka BPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
History-and-politics0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352660780
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Radhakumud Mukherji
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- Description: ‘हिन्दू सभ्यता’ प्रख्यात इतिहासकार प्रो. राधाकुमुद मुखर्जी की सर्वमान्य अंग्रेज़ी पुस्तक ‘हिन्दू सविलाजेशन’ का अनुवाद है। अनुवाद किया है इतिहास और पुरातत्त्व के सुप्रतिष्ठ विद्वान डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल ने। इसलिए अनूदित रूप में भी यह कृति अपने विषय की अत्यन्त प्रामाणिक पुस्तकों में सर्वोपरि है। हिन्दू सभ्यता के आदि स्वरूप के बारे में प्रो. मुखर्जी का यह शोधाध्ययन ऐतिहासिक तिथिक्रम से परे प्रागैतिहासिक, ऋग्वैदिक, उत्तरवैदिक और वेदोत्तर काल से लेकर इतिहास के सुनिश्चित तिथिक्रम के पहले दो सौ पचहत्तर वर्षों (ई. पू. 650-325) पर केन्द्रित है। इसके लिए उन्होंने ऋग्वेदीय भारतीय मानव के उपलब्ध भौतिक अवशेषों तथा उसके द्वारा प्रयुक्त विभिन्न प्रकार की उत्खनित सामग्री का सप्रमाण उपयोग किया है। वस्तुतः प्राचीन सभ्यता या इतिहास-विषयक प्रामाणिक लेखन उपलब्ध अलिखित साक्ष्यों के बिना सम्भव ही नहीं है। यह मानते हुए भी कि भारत में साहित्य की रचना लिपि से पहले हुई और वह दीर्घकाल तक कंठ-परम्परा में जीवित रहकर ‘श्रुति’ कहलाया जाता रहा, उसे भारतीय इतिहास की प्राचीनतम साक्ष्य-सामग्री नहीं माना जा सकता। यों भी यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि लिपि, लेखन-कला, शिक्षा या साहित्य मानव-जीवन में तभी आ पाए, जबकि सभ्यता ने अनेक शताब्दियों की यात्रा तय कर ली। इसलिए प्रागैतिहासिक युग के औज़ारों, हथियारों, बर्तनों और आवासगृहों तथा वैदिक और उत्तरवैदिक युग के वास्तु, शिल्प, चित्र, शिलालेख, ताम्रपट्ट और सिक्कों आदि वस्तुओं को ही अकाट्य ऐतिहासिक साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाता है। कहना न होगा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता के क्षेत्र में अध्ययनरत शोध छात्रों के लिए अत्यन्त उपयोगी इस कृति के निष्कर्ष इन्हीं साक्ष्यों पर आधारित हैं।
Naxalwad Aur Samaj
- Author Name:
K. Satyanarayana
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक, नक्सलवाद और समाज पर लेखक के नक्सलियों और उनके परिवारों के भावपूर्ण अध्ययन का परिणाम है। यह अध्ययन एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनके अनुभवों और बचपन की उनकी यादों से फलीभूत हुआ है। लेखक का जन्मस्थान नक्सलवाद के कुख्यात केंद्र के निकट हुआ; अत: बाल्यकाल से हुए अनुभव के आधार पर लिखी इस पुस्तक में उन्होंने नक्सलवाद और एक नक्सली के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला है। नक्सलवाद के विभिन्न पहलुओं को समझने में इसने काफी मदद की है। एक प्रकार से इसे नक्सलवाद एनाटॉमी कहा जा सकता है।
Basics of Tarot
- Author Name:
Manisha Koushik
- Book Type:

- Description: Tarot is a divination tool that not only shows the current situation of the person concerned but also gives an idea of what steps should be taken. This clarity is obtained through the pictorial presentation of the cards. Once the cards are held in the hands and are concentrated upon, the answers appear automatically in the cards. Through this book one can quickly and easily learn the meanings of the cards along with a few spreads that would help in day to day readings. The tarot cards are 56 in number and for ease are divided into 4 suits namely � Wands, Cups, Swords and Coins. Seems Tough? Do not worry! For making it simple, a grid between numerology and the archetypes of the four suits has been provided which would help a novice to easily remember the meanings. Thus instead of 56 cards only 18 cards have to be understood. The tricks and shortcuts further simplify the cards and make it easy to memorize them. The main aim of writing this book is to equip one with a reference book to guide those interested in learning this mystical science. Easy keywords have been given to memorize the cards, and short descriptions provided for reference.
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