Mughal Saltanat Ki Arthvyavastha C. 1595 : A Statistical Study
Author:
Shireen MoosviPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
History-and-politics0 Ratings
Price: ₹ 1196
₹
1495
Available
‘मुग़ल सल्तनत की अर्थव्यवस्था’ इतिहास की एक बेहद चर्चित और प्रशंसित कृति है। यह पुस्तक वर्ष 1595 के आसपास के मुग़ल भारत की अर्थव्यवस्था का सांख्यिकीय विश्लेषण करती है।
मुगल साम्राज्य के महान आधिकारिक ग्रन्थ ‘आइन-ए-अकबरी’ की प्रारंभिक पांडुलिपियों में मौजूद समृद्ध सांख्यिकीय सामग्री का विश्लेषण करते हुए, यह पुस्तक तत्कालीन आर्थिक स्थितियों पर व्यापक प्रकाश डालती है, साथ ही इस विषय में प्रचलित विचारों-धारणाओं को चुनौती भी देती है और उनमें संशोधन भी करती है।
प्रसिद्ध इतिहासकार शीरीं मूसवी की यह मौलिक पुस्तक मुग़ल सल्तनत की अर्थव्यवस्था के मात्रात्मक विश्लेषण द्वारा उसी तरह एक नया आयाम स्थापित करती है जैसा कि समकालीन अर्थशास्त्र में किया जाता है। इस पुस्तक का पहला संस्करण 1987 में प्रकाशित हुआ था, उसके बाद इसका जो दूसरा संस्करण प्रकाशित हुआ उसमें न सिर्फ़ सकल घरेलू उत्पाद पर एक नया अध्याय इसमें जोड़ा गया बल्कि अन्य अध्यायों को भी अद्यतन किया गया, यह उसी संस्करण का अनुवाद है।
मुगल साम्राज्य की अर्थव्यवस्था के कामकाज और उसकी सम्भावित विकास क्षमताओं में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह पुस्तक अपरिहार्य है। उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में भारत की औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की संरचना के साथ मध्यकालीन अर्थव्यवस्था की तुलना के लिए भी यह एक ठोस आधार प्रदान करती है।
ISBN: 9789360864330
Pages: 464
Avg Reading Time: 15 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Gandhi-Drishti Ke Vividh Aayam
- Author Name:
Shambhu Joshi
- Book Type:

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Description:
जब गांधी जी बर्बरीकरण की बात करते हैं तो वह केवल स्थूल हिंसा तक सीमित नहीं है। उसमें हिंसा के वे सब रूप और आयाम शामिल हैं, जिन्हें संरचनागत हिंसा, सांस्कृतिक हिंसा और पीड़ितोन्मुख अप्रत्यक्ष हिंसा कहते हैं। प्रत्यक्ष हिंसा भी इस संरचनागत हिंसा का ही प्रतिफलन होती है, जिसे सांस्कृतिक हिंसा एक वैधता प्रदान करने की कोशिश करती है।
महात्मा गांधी के विचार-सूत्रों में यदि इस प्रकार की सभी समस्याओं के प्रति एक अद्भुत जागरूकता तथा एक नैतिक-तार्किक संगति दिखाई देती है तो इसका कारण शायद यही है कि उनका सारा जीवन और चिन्तन अहिंसा-प्रेम के नियम से प्रेरित रहा है। विस्मय इस बात का होता है कि उनके नैतिक आग्रहों में कहीं भी अर्थशास्त्रीय सवालों की अनदेखी नहीं है। वह यह मानते हैं कि 'सच्चा अर्थशास्त्र कभी उच्चतम नैतिक मानकों का विरोधी नहीं होता, ठीक उसी प्रकार सच्चा नीतिशास्त्र वही माना जा सकता है, जो नीतिशास्त्र होने के साथ-साथ एक अच्छा अर्थशास्त्र भी हो...।
अब तो मेजारोस, लेबो विट्ज और टेरी इगल्टन जैसे नए मार्क्सवादी विचारक भी विकेन्द्रीकृत प्रौद्योगिकी और उत्पादन की बात करने लगे हैं, जिस पर न कॉरपोरेट का नियंत्रण हो, न राज्य का। यह उन उत्पादन-शक्तियों के विकल्प से ही हो सकता है, जो उत्पादन के साथ-साथ मुनाफ़े के वितरण की समस्या का भी समाधान अन्तर्निहित किए हैं। लेकिन विकेन्द्रीकृत तकनीक पर ही, जिसे गांधी जी 'स्वदेशी' कहते हैं, विकेन्द्रीकृत स्वामित्व का विकास हो सकता है। राष्ट्रीय अथवा बहुराष्ट्रीय, किसी भी प्रकार के पूँजीवाद और उसके अनिवार्य प्रतिफलन साम्राज्यवाद का विकल्प इसलिए 'स्वदेशी' तकनीकी और उत्पादन-व्यवस्था ही हो सकती है, जिसके अन्तर्गत मानवीय स्वातंत्र्य और व्यक्तित्व भी पोषित होता है और प्राकृतिक विनाश का ख़तरा भी नहीं रहता।
इस पुस्तक की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें गांधी-दृष्टि के विविध आयामों को उनके साध्य सत्य तथा साधन अहिंसा अर्थात प्रेम के बीज से पल्लवित सिद्ध करने का स्तुत्य प्रयास किया गया है।...यह पुस्तक जहाँ सामान्य पाठकों को गांधी-विचार की प्रामाणिक जानकारी दे सकेगी, वहीं अध्येताओं, छात्रों और अध्यापकों के लिए भी अतीव उपयोगी साबित होगी।
—नन्दकिशोर आचार्य
Uttar Pradesh Ki Nai Udaan
- Author Name:
Srijan Pal Singh +1
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश—वह भूमि, जहाँ मानवीय कल्पनाएँ और दृढ निश्चय असाधारण कुशल श्रमिकों से लेकर किस्से बयान करते स्मारकों तथा विभिन्न धर्मों के संगम और भरपूर प्रकृति तक के विभिन्न रूप लेते हैं। ऐतिहासिक दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश को मूल भारतीय सभ्यता का केंद्र बताया गया है। इसकी आध्यात्मिक प्राचीनता और अधिक गहरी है। बहुत से लोग इसे मनुष्य की उत्पत्ति के समय से पल्लवित होने पर विश्वास करते हैं। अपने प्रत्येक रूप में यह अनंत संभावनाओं की भूमि है। लखनऊ के निकट एक छोटा सा शहर अयोध्या, जो भगवान् विष्णु के अवतार श्रीराम की जन्म-स्थली है। पश्चिमी भाग में ताजमहल का शहर आगरा स्थित है। राजधानी दिल्ली तथा इसके उपनगर नोएडा व गाजियाबाद के निकट होने के चलते हाई-टेक उद्योग तथा आई.टी. व मीडिया कारोबार के पनपने से यहाँ भारतीयों की नई पीढ़ी की गहमागहमी रहती है। बनारस के गंगा घाट से पूर्व की ओर त्वरित गति से निर्मित हो रहे मॉल और पश्चिम की ओर सड़कों के ऊपर से लगभग उड़ती हुई शीघ्रगामी मेट्रो उत्तर प्रदेश में आधुनिकता व परंपरा की मिलन-स्थली का प्रतिनिधित्व करते हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे निर्विवाद रूप से देश का सबसे बेहतरीन सुपर हाई-वे है, जहाँ केवल कारें ही नहीं दौड़तीं, बल्कि लड़ाकू जेट विमान भी उतारे जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश की विकास-गाथा है यह पुस्तक, जो इस प्रदेश के माहात्म्य और संभावनाओं को समग्रता में प्रस्तुत करती है।
Bharat Ke Rajya
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: ‘भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश’ पुस्तक की शुरुआत देश की विविधता में एकता की उन मूल संकल्पनाओं में दुहराती विशिष्टताओं से की गई है, जिनके चलते विश्व में हमारा देश एक महान् देश के रूप में प्रतिष्ठापित हुआ है। इसमें भारत के 28 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों एवं सभी जिलों का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रत्येक राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश को सात बड़े शीर्षकों—‘इतिहास’, ‘राजनीति’, ‘भूगोल’, ‘अर्थव्यवस्था, कृषि व उद्योग-धंधे’, ‘शिक्षा’, ‘कला एवं संस्कृति’, तथा ‘पर्यटन’ के तहत सुविभाजित किया गया है। प्रत्येक शीर्षक के उत्पत्ति तथ्यों व जानकारियों का संयोजन नवीनतम संदर्भ में किया गया है। प्रत्येक राज्य के अंत में उससे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को बॉक्स में भी दिया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संघ व राज्य स्तरीय विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों हेतु विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
KALKI : Dasaven Avatar Ka Udaya
- Author Name:
Ashutosh Garg +1
- Book Type:

- Description: संभल गाँव का निवासी और फौज में सूबेदार बिंदेश्वरनाथ त्रिवेदी, प्रथम विश्व-युद्ध के लिए यूरोप जाता है लेकिन युद्ध खत्म होने पर भी घर नहीं लौटता। इस बीच उसके बेटे रमानाथ को संभल का एक रहस्यमयी व्यक्ति मिलता है जो रमानाथ के लापता पिता के बारे में सब जानता है। वह रमानाथ को यूरोप में फैली स्पैनिश फीवर नामक महामारी और उसका वायरस तैयार करने वाले के बारे में भी बताता है! इस घटना के सौ वर्ष बाद, सन् 2020 में म्यूविड-20 नामक एक नई महामारी फैलती है, तो वही रहस्यमयी व्यक्ति फिर प्रकट होता है। इस बार उसकी मुलाकात रमानाथ के पोते गौरव त्रिवेदी से होती है। गौरव को जब उस व्यक्ति की असलियत का पता लगता है तो उसके होश उड़ जाते हैं! कौन है संभल का वह रहस्यमयी व्यक्ति? त्रिवेदी परिवार से उसका क्या संबंध है? क्या स्पैनिश फीवर और म्यूविड-20 महामारियाँ सिर्फ संयोग हैं? या 100 साल के भीतर मानव-समाज पर आई इन दो भयानक विपदाओं के पीछे कोई अज्ञात शक्ति है? क्या भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का जन्म हो चुका है? यदि हाँ, तो कल्कि, आधुनिक समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं? यह पुस्तक, कल्कि और कलियुग के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इसमें आशुतोष ने जहाँ अपनी परिपक्व कलम से विश्व-इतिहास, उच्च जीवन-दर्शन और पौराणिक पृष्ठभूमि के जीवंत चित्र खींचे हैं, वहीं अत्रि ने अपनी जबर्दस्त कल्पना-शक्ति से साइंस फिक्शन का रोमांचक और अनूठा संसार रचा है।
Naxalwad Aur Samaj
- Author Name:
K. Satyanarayana
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक, नक्सलवाद और समाज पर लेखक के नक्सलियों और उनके परिवारों के भावपूर्ण अध्ययन का परिणाम है। यह अध्ययन एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनके अनुभवों और बचपन की उनकी यादों से फलीभूत हुआ है। लेखक का जन्मस्थान नक्सलवाद के कुख्यात केंद्र के निकट हुआ; अत: बाल्यकाल से हुए अनुभव के आधार पर लिखी इस पुस्तक में उन्होंने नक्सलवाद और एक नक्सली के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला है। नक्सलवाद के विभिन्न पहलुओं को समझने में इसने काफी मदद की है। एक प्रकार से इसे नक्सलवाद एनाटॉमी कहा जा सकता है।
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