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Itihaskaar Ka Matantar

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पाकिस्तान के पाठ्यक्रम में इतिहास की जो पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं, उनमें भारत और हिन्दुओं का उल्लेख एक शत्रु देश और शत्रु के रूप में किया गया है। उनमें पाकिस्तान का इतिहास शुरू होता है मुहम्मद–बिन–कासिम के भारत आक्रमण से। भगत सिंह, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस, ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ाँ जैसे स्वाधीनता–सेनानियों का उनमें कोई उल्लेख नहीं। स्वाधीनता–सेनानियों के रूप में इक़बाल, मुहम्मद अली ज़िन्ना, लियाक़त अली ख़ाँ जैसे लोगों का ही नाम है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध न तो कोई जंग की, न ही जेल गए। वहाँ के इतिहास में औरंगजेब को महानायक तथा अकबर को खलनायक के रूप में चित्रित किया गया है। इतिहास को तोड़–मरोड़कर पेश करने की परम्परा केवल पाकिस्तान में ही नहीं, हमारे देश में भी रही है। फ़र्क़ केवल मात्रा का है। वहाँ यह मानसिकता प्रचुर मात्रा में है तो यहाँ अल्प। मसलन हिन्दू कट्टरवादियों द्वारा बाबर को भारत पर आक्रमणकारी तथा हिन्दू विरोधी के रूप में चित्रित किया जाता है और आज भी भारतीय मुसलमानों को बाबर की सन्तान कहकर कोसा जाता है।

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पाकिस्तान के पाठ्यक्रम में इतिहास की जो पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं, उनमें भारत और हिन्दुओं का उल्लेख एक शत्रु देश और शत्रु के रूप में किया गया है। उनमें पाकिस्तान का इतिहास शुरू होता है मुहम्मद–बिन–कासिम के भारत आक्रमण से। भगत सिंह, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस, ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ाँ जैसे स्वाधीनता–सेनानियों का उनमें कोई उल्लेख नहीं। स्वाधीनता–सेनानियों के रूप में इक़बाल, मुहम्मद अली ज़िन्ना, लियाक़त अली ख़ाँ जैसे लोगों का ही नाम है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध न तो कोई जंग की, न ही जेल गए। वहाँ के इतिहास में औरंगजेब को महानायक तथा अकबर को खलनायक के रूप में चित्रित किया गया है। इतिहास को तोड़–मरोड़कर पेश करने की परम्परा केवल पाकिस्तान में ही नहीं, हमारे देश में भी रही है। फ़र्क़ केवल मात्रा का है। वहाँ यह मानसिकता प्रचुर मात्रा में है तो यहाँ अल्प। मसलन हिन्दू कट्टरवादियों द्वारा बाबर को भारत पर आक्रमणकारी तथा हिन्दू विरोधी के रूप में चित्रित किया जाता है और आज भी भारतीय मुसलमानों को बाबर की सन्तान कहकर कोसा जाता है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
2002
Weight
314 grams
ISBN-13
9788126706075
Pages
148
Reading time
~5 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

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