Yogi Ramrajya
Author:
Chetna NegiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
History-and-politics0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
रामराज्य की परिकल्पना एक आदर्श व्यवस्था का प्रतीक है। रामराज्य ऐसे क्षेत्र की संपूर्ण परिभाषा है, जहाँ हर क्रियाकलाप एक-दूसरे के सामंजस्य से पूरा होता है। रामराज्य की संकल्पना जनहित और सर्वसमावेशी व्यवस्था पर आधारित है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार सँभालने के बाद पाँच वर्ष की अवधि में महंत योगी आदित्यनाथ ने सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन किए और एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मूर्त रूप दिया। उनके शासन के पाँच वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपने सांस्कृतिक वैभव के विराट् स्वरूप के दर्शन कराए और आधुनिक राज्य की पहचान को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाया। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की आम जनमानस तक सहज सुलभता और विकास के नए कीर्तिमान उस रामराज्य की अवधारणा को प्रदर्शित करते हैं, जिसमें जनकल्याण ही सर्वोपरि है।
पाँच वर्ष के दौरान सत्ता की दृढ़ता, दूरदर्शिता, सजग प्रबंधन, संवेदनशीलता से परिस्थितियाँ ऐसे परिवर्तित हुईं कि उत्तर प्रदेश उद्योगपतियों, पूँजी निवेशकों, कॉरपोरेट सेक्टर का सर्वप्रिय राज्य बन गया है।
ISBN: 9789355210036
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Saravanan
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- Description: श्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप गुजरात को आदर्श राज्य बनाने के लिए काम किया तथा सफलता हासिल की, और वह भी मात्र बारह-तेरह साल की अवधि में। शासन के विभिन्न मोरचों पर आधुनिक एवं नवीन प्रयास तथा रणनीतियाँ शुरू करके उन्होंने गुजरात राज्य का चेहरा ही बदल दिया और उसे भारत के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर ला दिया। नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को कसौटी पर कसने के दौरान लेखक को कुछ प्रश्नों ने उद्वेलित किया— —क्या भारत विकसित देश बन सकता है? —हमारी मातृभूमि प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, फिर हम क्यों लड़खड़ा रहे हैं? —हम भ्रष्टाचार में क्यों डूबे हैं? —बड़ी संख्या में भारतीय गरीबी में क्यों फँसे हैं? लेखक को उपर्युक्त सब प्रश्नों के उत्तर अपनी तलाश के दौरान मिल गए। मोदी के प्रयास न केवल हमें भविष्य के प्रति आश्वस्त करते हैं, बल्कि यह भी विश्वास दिलाते हैं कि भारत विश्व के देशों के बीच पूर्ण विकसित राष्ट्र बन सकता है। प्रतिबद्ध नेतृत्व यदि निश्चित भविष्यगामी सोच के साथ योजनाएँ और परियोजनाएँ बनाएगा, तो इन प्रश्नों का समाधान मिलेगा, उनका निदान होगा। ‘मोदी का विकासनामा’ पुस्तक न तो नरेंद्र मोदी की जीवनी है, न कोई चुनाव घोषणा-पत्र और न ही प्रायोजित लेखन। आँकड़ों की बाजीगरी से ऊपर उठकर ठोस और यथार्थ पर आधारित नरेंद्र मोदी के विकासक्रम की प्रेरक कहानी।
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