Zadakhalachi Shala
Author:
Sujata Godbole, Raghu BabuPublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
Academics-and-references1 Ratings
Price: ₹ 144
₹
180
Available
तंत्र्य हा आपल्या शिक्षणाचा पाया असायला हवा! स्पर्धा, बक्षिसं आणि शिक्षेला त्यात स्थान असू नये.
मुलं पुस्तकातून लिहायला आणि वाचायला शिकतात; परंतु पुस्तकातला अर्थ त्यांना केवळ अनुभवातूनच समजून घेता येईल. पाठ्यपुस्तकं पाठ करून परीक्षेत पास होणं म्हणजे खरं शिक्षण नव्हे. मुलांनी निरीक्षण व प्रयोग करून नवं ज्ञान मिळवायला हवं. शिकणं ही एक मजेची प्रक्रिया असावी आणि ती आयुष्याच्या वाटचालीचाच एक भाग असावी!
Zadakhalachi Shala | Raghubaboo
Translation : Sujata Godbole
झाडाखालची शाळा | रघुबाबू
अनुवाद : सुजाता गोडबोले
ISBN: 9788196493714
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Vyatha Kahe Panchali
- Author Name:
Urvashi Agrawal "Urvi"
- Book Type:

- Description: पाँच पिया स्वीकारे क्यूँ थे। खुद ही भाग बिगाड़े क्यूँ थे। काश विशेधी हो जाती मैं। थोड़ा क्रोधी हो जाती मैं। काश न मेरे हिस्से होते। शुरू नहीं फिर किस्से होते। काश वर्ण को वर लेती मैं। वाणी वश में कर लेती मैं। कर्ण अगर ना होता शायद। तो संग्राम न होता शायद। दुःशासन मतिमंद न होता। रिश्तों में फिर द्वंद न होता। जो दुर्योधन क्रुद्ध न होता। तो शायद ये युद्ध न होत। यूँ ना काश विभाजन होता। अर्जुन ही बस साजन होता। खुले अगर ये बाल न होते। श्वेत् पृष्ठ फिर लाल न होते यदि मेरा अपमान न होता। गिद्धों का जलपान न होता। मौन अगर गुरुदेव न होते। रण आँगन में प्राण न खोते। काश सत्य का साथ निभाते। और बड़े भी कुछ कह पाते। सत्य यही जो समर न होता। कुरुक्षेत्र फिर अमर न होता। नारी का अपमान न होता। कुरुक्षेत्र शमशान न होता।
Mata Baghin
- Author Name:
Sudama Sharad
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Ekada Bharatvarshe
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: एकदा भारतवर्षे--- की कथाएँ संस्कृति के कैप्सूल हैं समय के साथ-साथ कहानियों का स्वरूप बदलता रहता है, किंतु उनमें अंतर्निहित भावना सदा जीवित रहती है। 21 वीं सदी की ये बोधकथाएँ पाठक को कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति और अच्छे समय में सुख के साझे की सन्मति प्रदान करती है। इन कहानियों का भाव हमारे वर्तमान समय के साथ जुड़ा है। एकदा भारतवर्षे की कहनियाँ अपने समकालीन संदर्भो से जुड़कर एक नए रूप में सामने आता है, नया अर्थ वैभव देता है, जो हमें समझने और जीने की शक्ति प्रदान करता हैं। इस कारण ये कहानियाँ आज अधिक महत्वपूर्ण हैं।
SBI PO Prelim Online Bharti Pareeksha Phase-I Prarambhik Pareeksha 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adhunik Jyotish
- Author Name:
Raghunandan Prasad Gaur
- Book Type:

- Description: यूं तो ज्योपिष विज्ञान पर अनेक ग्रन्थ प्रकाशित हो चुके हैं और हो रहे हैं, परन्तु उनकी प्रामाणिकता सदा ही सन्दिग्ध रही है। प्रस्तुत पुस्तक अब तक प्रकाशित पुस्तकों से हटकर लिखी गयी है तथा पूर्णत: प्रामाणिक एवं विश्वसनीय है। लेखक ने इस पुस्तक में अनेक ऐसे तथ्य उजागर किये हैं, जिन्हें जानकर बड़े-बड़े ज्योतिषी भी दाँतों तले अंगुली दबा लेंगे। रेखाचित्रों की सहायता से उन्होंने अनेक प्रकार की ज्योतिषीय गणनाओं और गणितीय क्रियाओं को नवीन विधियों, सूत्रों एवं प्रक्रियाओं द्वारा इस प्रकार स्पष्ट किया है कि पुस्तक ज्योतिषप्रेमियों के साथ-साथ बड़े-बड़े ज्योतिषियों के लिए भी वैज्ञानिक आधार सिद्ध होगी। इस ग्रन्थ में पूर्ववर्ती एवं परवर्ती ज्योतिष शास्त्रियों के द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों व तर्कों का आधुनिकीकरण करते हुए जो स्पष्टीकरण किया गया है, वह ज्योतिषप्रेमियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है। इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जन्मपत्री बनाने की भारतीय पद्धति के साथ-साथ पाश्चात्य पद्धति भी दी गयी है, जो कि आधुनिक युग में कम्प्यूटर ज्योतिष में प्रयुक्त होती है। इसके साथ ही तात्कालिक सन्दर्भ हेतु विभिन्न सारणियां प्रस्तुत करते हुए उन्हें बनाने की विधि भी समझा दी गयी है।
Hindi Patrakarita Ki Shabda Sampada
- Author Name:
Shiv Kumar Avasthi +2
- Book Type:

- Description: हिंदी बहुत समृद्ध भाषा है। इसका शब्द भंडार विशाल है। इन दिनों हिंदी पत्रकारिता भाषायी संकट का सामना कर रही है। सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के दबावों में वह ऐसा भाषा-रूप अपना रही है, जो हिंदी समाज की भाषिक और सांस्कृतिक अस्मिता के लिए चुनौती है। हिंदी समाचार-पत्रों और अन्य जनसंचार माध्यमों में अंग्रेजी शब्दों का अवांछनीय प्रयोग बढ़ रहा है। प्रस्तुत शब्दकोश में शब्दार्थ उसके व्याकरणिक रूप के अनुसार दिए गए हैं। जहाँ कहीं शब्द या मुहावरे का रूप क्षेत्रीय या बहुप्रचलित से कुछ हटकर है, वहाँ उसका प्रचलित रूप भी साथ में दिया गया है। जहाँ कहीं कोई शब्द प्रचलित अर्थ से भिन्न अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसका मुख्य अर्थ पहले दिया गया है। जहाँ किसी शब्द के एक से अधिक अर्थ हों, वहाँ अर्थ के समक्ष तदनुकूल उद्धरण दिए गए हैं। शब्द का अर्थ देते समय उसकी उत्पत्ति को ध्यान में रखा गया है। कोश में जिन पत्र-पत्रिकाओं से उद्धरण लिये गए हैं, उनका उल्लेख संकेताक्षरों में किया गया है तथा उनका खुलासा पृथक् से 'संकेत’ के रूप में शब्दकोश में किया गया है। आशा है, 'हिंदी पत्रकारिता की शब्द-संपदा’ ग्रंथ का हिंदी जगत् में स्वागत होगा। संपादकों की मेज पर एक उपादेय सहायक के रूप में वह अपना स्थान बनाएगा। पत्रकारों, विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा साहित्यसेवियों द्वारा इसे अपनाया जाएगा।
Bhikhna Pahari
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: "रमेश चंद्र हिंदी के अत्यंत प्रभावशाली शिल्पकार हैं । कहानी बुनने और कथानक को विश्वसनीयता के साथ आत्मीय बनाने के लिए रचनाकार की सूक्ष्म दृष्टि और मानवीय मूल्य की सकारात्मकता बेहद जरूरी होती है। इस एतबार से चंद्र स्वाभाविक रूप से हमें पारंगत नजर आते हैं। सबसे बड़ी विशेषता कहानी की पठनीयता होती है। चंद्र निस्संदेह अपनी पीढ़ी के ऐसे रचनाकार हैं, जिनमें बखूबी यह हुनर है। कहानी भी समाज का आईना होती है। और जब तक हमारा चेहरा साफ-साफ नहीं दिखता, हम आईने पर यकीन नहीं कर सकते। “भिखना पहाड़ी ' में शीर्षक कथा के अलावा अन्य कहानियों--ऊँघती उँगलियाँ और लाली लौट गई ! कमासुत, कसूर क्या था ? कैसे मरद हो जी ?, घंटाघर, जामुन की जड़, तेरी बेटी, तू जाने! दरकती दीवारें और जीरो माइल से गुजरते हुए जिंदगी के कई रंग रोशन होते हैं ।साँसों के निरंतर आरोह-अवरोह की तरह जिंदगी भी हर जगह अपनी सुविधा और शर्तों पर चलती है। ऐसे में हमारा गहन तजुर्बा ही रचनात्मकता के आवरण में ढलकर कोई जीवंत आकृति उकेर सकता है। यही जज्बा रमेश चंद्र की प्रायः सभी कहानियों में मौजूद है। चंद्र ने वक्त की नब्ज पहचानी है। कहानियाँ ऐसे मोड़ पर अवश्य ठहरती हैं, जहाँ हमें संभावनाओं के कई रास्ते नजर आते हैं। अपने कथा-परिवेश को चंद्र ने व्यापक बना दिया है। हम समझते हैं कि हिंदी के अलावा इन कहानियों को विभिन्न भाषाओं में अवश्य स्थानांतरित होना चाहिए, क्योंकि विषय और कथानक की दृष्टि से ये बदलती दुनिया की बेहद मार्मिक कहानियाँ हैं ।—डॉ. कासिम खुरशीद, अंतरराष्ट्रीय शायर, लेखक ओर शिक्षाविद्, मो. : 9334079876
Paltu Bagh Aur Anya Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: वह बहुत पहले की बात है'' “कितना लंबा समय ?'' “पाँच साल पहले की ।'' ''ओह, पाँच साल ! तो पता करो, पता करो।!! “कोई फायदा नहीं। अब उसके पास कोई मूवी कैमरा नहीं है । उसने बेच दिया।'! “बेच दिया,'' किशोर ने ऐसे कहा जैसे मैंने उसे चोट पहुँचा दी, “परंतु तुमने उसे क्यों नहीं खरीदा ? हमें बस सिर्फ एक मूवी कैमरा की ही जरूरत है। फिर हमारा भाग्य बदल जाएगा। मैं फिल्म प्रोड्यूस कर दूँगा, मैं ही निर्देशित कर दूँगा और मैं गाने लिख दूँगा। चार्ली चैपलिन और राज कपूर दोनों एक साथ ।'' “तुमने कैमरा क्यों नहीं खरीदा ?“ “क्योंकि मेरे पास पैसा नहीं था।“ “परंतु हमसे उधार ले लिया होता।“ “अगर तुम इस स्थिति में हो कि धन उधार दे सकते हो तो जाओ एक दूसरा कैमरा खरीद लो ।'' “कभी नहीं। मुझे फिर से किसी समस्या में नहीं पड़ना ।' –इसी पुस्तक से सुप्रसिद्ध कहानीकार रस्किन बॉण्ड के इस कहानी-संग्रह "पालतू बाघ और अन्य कहानियाँ” में बच्चों के बाल मनोविज्ञान को बड़ी बारीकी से उकेरा गया है। कहानियाँ पठनीय हैं और खूब मनोरंजक भी |
Hindu Kala-Drishti
- Author Name:
Dattopant Thengadi
- Book Type:

- Description: हिन्दू जीवन के सौंदर्य-पक्ष के प्रति यूरोपीय कला-प्रेमियों की आतुरता तथा अभिरुचि का प्रवाह अबोध गति से चलता रहा । इसके फलस्वरूप जहाँ एक ओर कलाओं के सचे प्रेमियों ने हिंदू कला की उत्तरोत्तर और अधिक सराहना की, वहीं दूसरी ओर कला के क्षेत्र में साम्राज्यवादियों तथा उनके पिट्ठुओं में ईर्ष्या और आशंका की आग भड़की । प्राचीन तथा मध्ययुगीन भारत की मूर्तिकला का स्थान कलात्मक उपलब्धि के सर्वोच्च सोपान से भी उच्च स्तर पर है। मूर्तिकला की सर्वांगपूर्ण कलाकृतियों का दो सहस्राब्दियों का प्रामाणिक इतिहास किसी देश के जीवन का दुर्लभ तथा श्लाघ्य तथ्य है।''समस्त हिंदू कला की उत्पत्ति अद्ठैत परम सत्ता की अनुभूति से हुई है, उसी के प्रति वह समर्पित है और वही उसके लिए पूर्णता प्रदान करनेवाला परम ध्येय है। भारत में आज राष्ट्रीयता के संदेश-प्रसार का दायित्व हिंदू कला-दृष्टि का है।
Agniveer Vayu
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Air Force Science Subjects 25 Practice Sets
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhugol (CUET Geography in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jhatpat English Seekhen
- Author Name:
S. Bhushan +1
- Book Type:

- Description: आज English ग्लोबल संपर्क भाषा बन चुकी है। अदालतों, दफ्तरों, अस्पतालों इत्यादि सब जगह संवाद का माध्यम English ही है। पत्र-व्यवहार, कार्यालयों इत्यादि में अधिकतर काम English भाषा में ही किए जाते हैं। बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यालयों में तो संवाद का एकमात्र माध्यम English ही है। इसलिए आज जीवन के हर क्षेत्र में अच्छी English बोलना सफलता की गारंटी माना जाता है। चाहे आप Student हों, मैनेजर हों, क्चक्कहृ में काम करते हों या Businessman हों—हर जगह आप कितने आत्मविश्वास के साथ श्वठ्ठद्दद्यद्बह्यद्ध बोल सकते हैं, वही आपकी सफलता के लिए एक महत्त्वपूर्ण कारक है। यही नहीं, अच्छी English बोलना सीखकर आप कॉल सेंटर, टेलीमार्केटिंग में अच्छी नौकरी पा सकते हैं—भले ही आपके पास कोई तकनीकी ज्ञान न हो। अगर आपको आधुनिक परिवेश में स्वयं के लिए जगह बनानी है तो English का ज्ञान होना नितांत आवश्यक है। ‘झटपट English सीखें’ ऐसी पुस्तक है, जो बहुत आसानी से और बहुत जल्दी किसी को भी English बोलना, लिखना व पढ़ना सिखा सकती है। लेखक ने अपने 25 वर्षों के Teaching अनुभव और 7 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद इस कोर्स को 60 दिन के रूशस्रह्वद्यद्ग के रूप में तैयार किया है। English रटने की भाषा नहीं है, यह तो समझकर अधिकारपूर्वक बोलने व लिखने की भाषा है। यह पुस्तक Step by Step शैली में तैयार की गई है। इसलिए इसके अध्ययन से आप झटपट श्वठ्ठद्दद्यद्बह्यद्ध सीखकर सफलता के शिखर को छू सकते हैं।
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhautik Vigyan (CUET Physics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rochak Bodhkathayein
- Author Name:
Dulichand Jain ‘Sahityaratna’
- Book Type:

- Description: प्राचीन काल से ही भारत में शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण को महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। कहानियों की विधा का भी हमारे सामाजिक जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। वेदों, उपनिषदों, पुराणों, रामायण, महाभारत, जातक कथाओं एवं जैन कथाओं के द्वारा अनेक कहानियों को रोचक ढंग से सुनाकर विद्यार्थियों को सुसंस्कारित किया जाता था। प्रस्तुत पुस्तक में एक तिहाई कहानियों को भारत की संस्कृति और परंपरा के आधार पर संग्रहीत किया गया है। एक तिहाई कहानियों को मानवीय जीवनमूल्यों यथा अहिंसा, करुणा, निस्स्वार्थ प्रेम, मैत्रीभाव और सेवा के आधार पर संकलित किया गया है। एक तिहाई भाग में रोचक जैन कथाओं का संकलन है। प्रत्येक कहानी में एक संदेश है, जो हमारे जीवन पर अमिट प्रभाव डालता है। अधिकांश कहानियाँ सरल और रोचक भाषा में हैं। अच्छा कर्म, अच्छा ज्ञान, अच्छा चरित्र, इंद्रिय-विजय, मन पर नियंत्रण, भावना, एकाग्रता एवं स्मरण-शक्ति जैसे सद्गुणों को जब कहानियों में गुंफित किया जाता है तो वे बहुत रोचक हो जाते हैं। मानव-मूल्यों को सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रेरक बोधकथाओं का उत्कृष्ट संकलन। —दुलीचंद जैन
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan Practice MCQs (MPTET Social Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KVS PRT Primary Teacher Written Examination 2023 15 Practice Sets includes Latest Solved Paper
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Rashtriya Pushp Aur Rajyo Ke Rajya Pushp
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

- Description: ‘भारत का राष्ट्रीय पुष्प और राज्यों के राज्य पुष्प’ एक अनूठी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनानाइस पुस्तक में भारत के राष्ट्रीय पुष्प सहित 22 राज्यों के राज्य पुष्पों का परिचय दिया गया है। शेष राज्यों और सभी केन्द्रशासित प्रदेशों ने अभी तक अपने राज्य पुष्प घोषित नहीं किए हैं। भारत में राष्ट्रीय पुष्प कमल सहित 17 ऐसे फूल हैं, जिन्हें राजकीय सम्मान प्राप्त है। कमल को राष्ट्रीय पुष्प होने के साथ ही ओड़िसा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का राज्य पुष्प होने का भी गौरव प्राप्त है। इसके साथ तीन ऐसे फूल हैं, जिन्हें दो-दो राज्यों ने अपना राज्य पुष्प माना है। ये पुष्प हैं—लेडी स्लिपर आर्किड, ब्रह्मकमल और बुरांश। लेडी स्लिपर आर्किड अरुणाचल प्रदेश और मेघालय का, ब्रह्मकमल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का तथा बुरांश नागालैंड और हिमाचल प्रदेश का राज्य पुष्प है। इनमें उत्तर प्रदेश का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल एवं उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल दोनों एक ही फूल हैं। इसी प्रकार नागालैंड का राज्य पुष्प बुरांश तथा हिमाचल प्रदेश का राज्य पुष्प बुरांश दोनों एक ही हैं। किन्तु अरुणाचल प्रदेश का राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड और मेघालय का राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड दोनों अलग-अलग फूल हैं। अरुणाचल प्रदेश के राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड’ का वैज्ञानिक नाम पैफिओपैडिलम फैरिएनम है एवं मेघालय के राज्य पुष्प लेडी स्लिपर आर्किड का वैज्ञानिक नाम पैफिओपैडिलम इन्सिग्ने है। ये दोनों फूल एक ही वंश के हैं, किन्तु दोनों में बहुत-सी असमानताएँ पाई जाती हैं। इस पुस्तक में इन दोनों फूलों का परिचय ‘अरुणाचल प्रदेश और मेघालय का राज्य पुष्प : लेडी स्लिपर आर्किड’ अध्याय के अन्तर्गत दिया गया है। पुस्तक के अन्त में प्रत्येक फूल का हिन्दी नाम, अंग्रेज़ी नाम और वैज्ञानिक नाम दिया गया है। समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने इस पुस्तक में पुष्पों के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं। ये रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।
Teen Pairon Wala
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: अंदर जश्न हो रहा था बहुत शोर मच रहा था नाच-गजाना भी हो रहा था लोग खा-पीकर मस्त थे। तभी दरवाजे पर एक आवाज आई- दस पैसे या रोटी दे दो दो दिनों का भूखा हूँ। तभी अंदर से चीख निकली- चल, जा आगे! आजादी के पचास साल का जश्न है इसी में सब मग्न हैं।
RRB RAILWAY TARKSHAKTI PARIKSHAN NTPC, LEVEL-I POSTS BHARTI PARIKSHA-2021
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Purushottam Ki Padyatra
- Author Name:
Dr. Mayank Murari
- Book Type:

- Description: जीवन में पुरुषोत्तम की यात्रा आसान नहीं होती है। मानव जीवन में शिखर पर पहुँचने के लिए पदयात्रा करनी होती है। श्रीराम के जीवन को ध्यान से देखिए | उन्होंने कभी खुद को अवतार कौन कहे, पुरुषोत्तम के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया। वे सदैव जीवन की जटिलताओं के बीच खड़े एक आम मानव की तरह चलते हैं, सामान्य लोगों के साथ बराबरी का संबंध बनाते हैं। पुरुषोत्तम की पदयात्रा को जिस प्रकार श्रीराम ने अपने विचार और विवेक के धरातल पर सहज बनाया, वह आज अनुकरणीय बने-- वैज्ञानिक चेतना के आधार पर मौलिक विचारों के प्रकटीकरण तथा विचार और विवेक के साथ अध्यात्म में प्रवेश करने की सरल यात्रा करवाती है यह पुस्तक “पुरुषोत्तम की पदयात्रा'। इसके लिए अंतर्यात्रा आवश्यक है । रामायण में वर्णन है कि विश्वमित्र के साथ भेजने के निर्णय के पश्चात् दशरथजी ने श्रीराम को बुलाकर पूछा कि वह आजकल सब कामों के प्रति उदासीन क्यों हैं ? राम कहते हैं कि जीवन में आदमी जो कुछ भी करता है, वह अंतत: क्षणिक परिणामों वाला तथा मृत्यु की ओर जानेवाला होता है। जीवन में कहीं किसी बात की कोई स्थायी उपलब्धि नहीं है; धन, यश, बल और पद--सभी के अपने अंतर्विरोध हैं। भला कोई विवेकशील प्राणी क्यों इन क्षणिक सुख से जुड़ना चाहेगा ? भारतीय चिंतन में उत्कृष्टता की खोज सदैव की गई है। नचिकेता ऐसे ही कुछ सवाल यम के समक्ष उठाते हैं, महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन शंका व्यक्त करते हैं और इस युग में तथागत को भी कट सत्य से जुझना पड़ता है। लेकिन कोई पुरुषोत्तम कैसे बनता है ? इसके लिए श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के सामने है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
5 out of 5
Book