Art And Crafts Of Chhattisgarh
(0)
Author:
Niranjan MahawarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction₹
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Chhattisgrah has many archaeological sites of great historical importance. The archaeological history of this region starts from the early Gupta period. The vast sites of Malhar in Bilaspur district, Dipadiha in Surguja, Sirpur (Shreepur) in Raipur and Barsur in Dantewada (Old Bastar district) are very rich. The punch mark coins have been found from Tarapur, Udela and Arng. Coins of Mouriyan period, Satvahan, Kushan, Gupta kings and local dynasties-Sharabhpuria, Nal, Pandu, and Kalchury have also been found at several places. Besides this the metal work was practiced and beautiful bronzes were found from Sirpur site. These bronzes were casted in the sixth or seventh century A.D. Iron working was also prevalent in this region. Agaria tribe was mining iron ore and smelting it and making iron tools and agricultural equipments. There are several brick temples too in Chhattisgarh. This book talks in depth about chhattisgarh and its arts and crafts. The author, a distinguished expert on traditional arts and crafts and working on the subject since 1960s, has documented all major and minor craft forms in this book. We hope the readers will find it extremely useful as to acquainted them with the rich tradition of region.
Read moreAbout the Book
Chhattisgrah has many archaeological sites of great historical importance. The archaeological history of this region starts from the early Gupta period. The vast sites of Malhar in Bilaspur district, Dipadiha in Surguja, Sirpur (Shreepur) in Raipur and Barsur in Dantewada (Old Bastar district) are very rich. The punch mark coins have been found from Tarapur, Udela and Arng. Coins of Mouriyan period, Satvahan, Kushan, Gupta kings and local dynasties-Sharabhpuria, Nal, Pandu, and Kalchury have also been found at several places. Besides this the metal work was practiced and beautiful bronzes were found from Sirpur site. These bronzes were casted in the sixth or seventh century A.D. Iron working was also prevalent in this region. Agaria tribe was mining iron ore and smelting it and making iron tools and agricultural equipments. There are several brick temples too in Chhattisgarh. This book talks in depth about chhattisgarh and its arts and crafts. The author, a distinguished expert on traditional arts and crafts and working on the subject since 1960s, has documented all major and minor craft forms in this book. We hope the readers will find it extremely useful as to acquainted them with the rich tradition of region.
Book Details
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ISBN9788190540179
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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"‘एकता-अखंडता’ की कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। टी.वी. चैनलों के हास्य और मनोरंजन के कार्यक्रम, जो कुछ जनता के समक्ष परोस रहे हैं, उसके परिणामस्वरूप समाज का युवा वर्ग दिशाहीन होता जा रहा है। चोरी, डकैती और छेड़छाड़ की घटनाएँ निरंतर बढ़ती जा रही हैं। एक-दो नहीं, अनेक रेप कांड सभ्य नागरिकों, देशभक्तों के लिए घोर चिंता का विषय हैं। आम लोग न समाचार सुनते हैं, न सत्साहित्य पढ़ते हैं। प्रायः घरों में सीरियल ही देखते हैं। चरित्र-निर्माण तथा राष्ट्रभक्ति सिखाने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। छोटी-छोटी बातों पर युवक गोली चला देते हैं। चाकूबाजी की घटनाएँ तो सामान्य हैं। राजनीति के खिलाड़ी सामान्य घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर सांप्रदायिक झगड़े खड़े कर देते हैं। कोई जातीय रंग देते हैं, उच्च वर्ग और दलित वर्ग का संघर्ष खड़ा कर देते हैं, कारण वही है कि राष्ट्रीयता की भावना का पोषण करनेवाला साहित्य भी सीमित ही उपलब्ध है। हर समुदाय अपने जातीय हित के लिए आंदोलन के लिए तैयार है। कहीं जाट अपनी जाति को आरक्षण दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं तो कहीं पटेल विद्रोह पर उतर आए हैं। उनके सामने न सरकार और न्यायालय की विवशता है, न राष्ट्र की साख का प्रश्न है। युवाओं को देश की एकता-अखंडता की प्रेरणा देने का यह एक प्रयास है। आशा है, युवा वर्ग इन नई-पुरानी कहानियों से कुछ सीखेगा। "
1000 Bharat Gyan Prashanottari
- Author Name:
Sanjay Kumar Dwivedi
- Book Type:

- Description:
"1000 भारत ज्ञान प्रश्नोत्तरी—संजय कुमार द्विवेदी किसी भी विषय की बढ़िया-से-बढ़िया पठन-सामग्री को उसके विस्तृत कलेवर के साथ पढ़ना और उसे याद करना कठिन होता है, परंतु यदि उसी सामग्री को प्रश्नोत्तर रूप में प्रस्तुत किया जाए तो वह अत्यंत रुचिकर हो जाती है और उसे सहजता से याद भी किया जा सकता है। भारत जैसे विशाल एवं विविधतापूर्ण देश को 1000 प्रश्नों में समेट पाना निश्चय ही जोखिम भरा काम है। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अपना एक दायरा होता है। इस स्थिति का आकलन करते हुए इस पुस्तक में प्रश्नों का चयन एवं प्रस्तुतीकरण इस तरह किया गया है कि पाठकों के समक्ष अधिक-से-अधिक जानकारी पहुँचाई जा सके। पुस्तक में शामिल किए गए अधिकतर प्रश्न ऐसे हैं, जिनमें कई उप-प्रश्न और उनके उत्तर छिपे हुए हैं। प्रस्तुत पुस्तक को यथासंभव ज्ञानवर्धक एवं रोचक बनाने की कोशिश की गई है। प्रश्नों का चयन करते समय प्रत्येक विषय के हर पहलू को छूने की कोशिश की गई है। पुस्तक संतुलित हो, इसका भी हर संभव प्रयास किया गया है। आशा है, भारत को भलीभाँति समझने में पुस्तक पाठकों की भरपूर मदद तो करेगी ही, भरपूर ज्ञानवर्द्धन भी करेगी। "
Dakshin Poorva Asia Ka Praveshdwar Thailand
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description:
"थाईलैंड, दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश- द्वार है। इस क्षेत्र में किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक लुभावने प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थान, अलंकृत मंदिर एवं समृद्ध सांस्कृतिक केंद्र पाए जाते हैं। वास्तविकता में देखा जाए तो थाईलैंड सुंदरता का देश है। आकर्षक और अद्वितीय थाई संस्कृति से स्वादिष्ट व्यंजनों, बौद्ध मंदिरों और जीवंत बाजारों तक थाईलैंड में देखने के लिए बहुत कुछ है। भारतीय पर्यटकों के लिए अच्छी बात यह है कि भारतीय और थाई लोग एक धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई विरासत साझा करते हैं। इसी क्रम में भारतीय संस्कृति ने थाईलैंड के कई पहलुओं को प्रभावित करने में एक अभिन्न भूमिका निभाई है, जिसमें धर्म, शिक्षा, उत्सव, समारोह, भाषा, साहित्य, नृत्य और भोजन शामिल हैं। थाईलैंड में समृद्ध विरासत एवं परपंराएँ, विश्वविख्यात स्थापत्य कला समेटे भवन, शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र, युद्ध स्मारक, मनमोहक प्राकृतिक छटा के अतिरिक्त यहाँ अत्यंत मैत्रीपूर्ण संबंध वाले लोग हैं। इस पुस्तक में थाईलैंड की संस्कृति, अर्थव्यस्था, रीति-रिवाज, इतिहास, भूगोल से लेकर वहाँ के पर्यटक स्थलों, शैक्षिक तंत्र, धार्मिक विविधता, भाषा, जैव विविधता, राजनीतिक व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध करने का प्रयास किया है। इन विषयों पर कुछ प्रकाश डालने के अतिरिक्त भारत-थाई द्विपक्षीय संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया है। "
Dakshin Poorva Asia Ka Praveshdwar Thailand
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
20% off₹ 300
₹ 240
Available
Narendra Modi ke Prerak Vichar
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description:
"देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार्य क्षमता, बोलने की अनूठी शैली और आम व्यक्ति के साथ हर पल जुड़े रहने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व को अप्रतिम बना दिया है। नरेंद्र मोदीजी आज केवल एक व्यक्तित्व भर नहीं हैं, बल्कि वे हमारे देश के एक-एक नागरिक की आँखों की चमक हैं। नरेंद्र मोदीजी केवल अपने कदम बढ़ाने में यकीन नहीं रखते हैं, बल्कि वे कहते हैं कि मेरे साथ 130 करोड़ भारतीयों के कदम साथ चलेंगे, तो देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा और भारत की पताका सदैव विश्व में सबसे ऊपर नजर आएगी। वे सकारात्मकता से भरपूर हैं। कठिन से कठिन परिस्थिति भी उन्हें विचलित नहीं करती। वे जितना अधिक राजनीति में बेजोड़ हैं, उतने ही शब्दों और विचारों के अधिकारी। उनकी बातें और उनका लेखन हर भारतीय में ऊर्जा, जोश और आत्मविश्वास का संचार करता है। यह पुस्तक नरेंद्र मोदीजी के प्रेरक विचारों का नवनीत है। यह पुस्तक हर भारतीय की सकारात्मकता को ऊर्जावान बनाने और उन्हें राष्ट्र के लिए समर्पित होने का भाव जाग्रत् करेगी।"
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