Ins and Outs of INDIAN THEATRE
Author:
H S ShivaprakashPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
General-non-fiction3 Ratings
Price: ₹ 166
₹
200
Unavailable
Anthology of Essays on Contemporary Indian Theatre
ISBN: 9789390866076
Pages: 190
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: घटना से अधिक व्यक्ति की महत्ता एक सच्चाई है। बयान की मौलिकता और गुणवत्ता से अधिक महत्ता बयान देनेवाले की होती है। किसी विषय पर साधारण व्यक्ति द्वारा किया गया महत्त्वपूर्ण बयान समाचार नहीं बन सकता, परन्तु उसी विषय पर दिया गया किसी विशिष्ट व्यक्ति का बहुत ही मामूली-सा बयान समाचार हो जाता है। इन सच्चाइयों के चलते समाचार क्ष्रेत्र में काम करनेवाले सभी लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण और विशिष्ट व्यक्तियों से भेंटवार्ता और उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंसों में शामिल होना उनके कर्तव्य का भी अनिवार्य हिस्सा है। भेंटवार्ता लेना और प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर सही सवाल करना ऐसी कलाएँ हैं जो समाचार क्षेत्र के व्यक्ति की एक अलग पहचान बनाती हैं। इन कठिन कलाओं में महारत हासिल करने के लिए डॉ. नन्दकिशोर त्रिखा की यह पुस्तक नए पत्रकारों को भेंटवार्ता में प्रवीणता प्राप्त करने तथा पुराने पत्रकारों के लिए अपनी कला माँजने में उपयोगी साबित हो चुकी है एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
Asarkari Prashasan : Nayi Soch, Nayi Drishti
- Author Name:
Bharat Lal Meena
- Book Type:

- Description: स्वतंत्रता के बाद से ही सरकारें शासन में जन-सहभागिता पर जोर देती रही हैं। परंतु परिणाम आशाजनक नहीं रहे हैं। इस संबंध में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री भरतलाल मीणा द्वारा किए गए प्रयोग एक मिसाल हैं। उन्होंने कर्नाटक में सहायक आयुक्त के रूप में अपनी पहली नियुक्ति के दौरान रायचूर जिले में स्थित लिंगसुगुर तहसील में कष्टसाध्य पेयजल की समस्या का समाधान जनता के साथ मिलकर किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में सूचना तकनीक का बेहतर उपयोग किया। श्री भरतलाल मीणा की जिजीविषा ही रही कि आज राज्य में जन-सहभागिता ने एक आंदोलन का रूप ले लिया है। उनके द्वारा विभिन्न विभागों में क्रांतिकारी पहल की गई, जिनका इस पुस्तक में समावेश किया गया है। लगभग तीन दशक पूर्व श्री मीणा द्वारा प्रशासन में जिन नए प्रयोगों की शुरुआत की गई थी, आज केंद्र और राज्य की सरकारें उन्हीं प्रयोगों को लागू कर रही हैं, जैसे स्मार्ट सिटी, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, सॉयल हेल्थ कार्ड, सोशल ऑडिट, बायोमेट्रिक अटेंडेंस, आदि। सरकारी सेवा में लगे अधिकारियों को इस पुस्तक से अनेक प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का मार्ग मिल सकता है। पुस्तक की एक और विशेषता यह है कि श्री मीणा ने प्रशासनिक अधिकारियों को ‘मैं’ की भावना से ऊपर उठकर ‘हम’ की भावना से काम करने की बात कही है। यह प्रशासनिक अधिकारी की सफलता का एक सशक्त और समझदारी का मार्ग है। यह पुस्तक उन लोगों के लिए भी उपयोगी है, जो प्रबंधन में कुछ कर दिखाना चाहते हैं।
MBA: May The Boom Be Avoided
- Author Name:
Pratyush Bhatt
- Book Type:

- Description: “Undergraduate degree isn’t enough for good employment, existential crisis is killing me, I lack funds for my start-up plans, my job sucks…DAMN IT!” These are some of the very common and natural concerns among the youths. However, if you too are considering an MBA to overcome any of them, you might want to know everything about the career decision that will create a huge impact in your life. Needless to say, it will demand considerable time and effort to get aware of its ins & outs with a guarantee of authenticity. It is indeed loads of work, but there is nothing to worry about. Why so? Because this book takes care of all of it. It reveals almost every detail about the Indian MBA scenario through insights from some of the most prominent management professionals in this country. Motivated by millions of youths facing the challenges of massive unemployment and personal crisis even after an MBA, this book is a one-stop-shop for all your concerns spanning across:- •job market •packages •work-life balance •entrepreneurship prospects •education •Solution •and much more... 'Hold on. Everything seems straightforward except 'Solution.' What is it?' This book goes beyond sharing the rarely known reality to its readers. Once you're done with the read, be it any career choice you make (even if an MBA), you'll be much clear about your final decision than you might have ever been...so clear that you will hold no regrets for it, and that too, forever. Sounds like an unrealistic commitment? Try giving it a shot as the Solution has already been proven to work for many! P.S. It isn't the typical 'follow your passion' or 'chase your dreams.'
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