Falit Jyotish (Hora-Ganit)
Author:
Dr. Shanker AdawalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Unavailable
विज्ञान में आधुनिक और नए अनुसंधानों ने यह सिद्ध कर दिया है कि ब्रह्मांड एवं सौर मंडल के ग्रह-नक्षत्रों का पृथ्वी के चराचर पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ता है। इन उपलब्धियों से आधुनिक शिक्षित समाज में, जो कि कभी इस सिद्धांत (फलित ज्योतिष) को एक अंधविश्वास मात्र मानता था, पुनः इस शास्त्र के प्रति रुचि तथा विश्वास उत्पन्न हो गया है।
अगर हम ज्योतिष की वैज्ञानिकता की बात रहे हैं तो इसका आधार है फलित-ज्योतिष, जो गणित पर ही आधारित है। फलित ज्योतिष में मूलभूत गणित का ज्ञान प्रत्येक को होना नितांत आवश्यक है। बिना गणित की प्रक्रिया को जाने फलित का यथार्थ ज्ञान होना संभव नहीं है।
ज्योतिष शास्त्र अनंत है, उसके सिद्धांत, संहिता तथा होरा नामक तीन स्कंधों में से इस पुस्तक को होरा-शास्त्र का केवल एक अंश ही समझना चाहिए। इस पुस्तक में केवल जन्म-कुंडली और वर्ष-कुंडली के मुख्य-मुख्य गणित विषय मात्र संकलित हैं।
ISBN: 9789390378197
Pages: 376
Avg Reading Time: 13 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: "मानव जाति में सभ्यता का उद्भव एवं विकास होने के पहले मानव के रहन-सहन, व्यवहार, खान-पान आदि अन्य पशुओं से बहुत अधिक भिन्न नहीं था। परंतु मानव जाति में प्रकृति प्रदत्त विकसित मस्तिष्कीय चेतना एवं बोलने की क्षमता ने मनुष्य को स्पष्ट रूप से अन्य पशुओं से आगे एवं श्रेष्ठ बनाया। विकसित मस्तिष्क एवं वाक्शक्ति के कारण मनुष्य ने सभ्यता के क्षेत्र में प्रवेश किया। परंतु मानव समाज में भी संपूर्ण विश्व में सभी एक साथ, एक ही कालखंड में समान रूप से विकसित होकर सभ्यता को प्राप्त नहीं हुए थे। भिन्न-भिन्न क्षेत्र के मनुष्यों ने भिन्न-भिन्न कालखंड में सभ्यता के विभिन्न स्तर को प्राप्त किया। भारत में आर्य और द्रविड़ संस्कृति एवं सभ्यता विकसित हुई। इस बीच मानव समाज की अनेक अन्य छोटी-छोटी टुकडि़याँ जो वन-जंगलों और पहाड़ों में निवास करती थीं, सभ्यता की दौड़ में पीछे रह गइर्ं। ऐसी वनवासी टुकडि़याँ संपूर्ण भारत में है। मुंडा भी ऐसी ही एक आçदवासी जनजाति है जिसकी आबादी झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम आदि राज्यों में हैं। मुंडा लोग समय के साथ अपनी आदिम संस्कृति को पीछे छोड़ते हुए द्रुत गति से सभ्यता के उच्चतर पड़ाव पर पहुँच रहे हैं। कई स्थानों में मुंडारी संस्कृति, यहाँ तक कि मुंडारी भाषा भी पीछे छूट रही है। यह पुस्तक मुंडाओं के क्रमिक विकास की एक जीवंत कहानी बताती है जो आमजन के साथ मानवशास्त्र के प्रति रुचि रखनेवालों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। "
Jugaad
- Author Name:
Navi Radjou +2
- Book Type:

- Description: “ज्या कॉर्पोरेट अधिकार्यांना आणि व्यावसायिकांना यशस्वी व्हायचं आहे आणि स्वत:ची प्रगतीही करून घ्यायची आहे आणि तीही फक्त साधनसामग्रीच्या बाबतीत कायमच अभावग्रस्त असणार्या भारतासारख्या देशामध्येच फक्त नाही, तर जगातल्या सर्वच बाजारपेठांमध्ये त्यांना हे साध्य करायचं आहे, त्यांना हे पुस्तक उपयुक्त वाचनापलीकडेही आणखी बरंच काही देऊन जातं!’’ रतन टाटा, चेअरमन, टाटा ग्रूप. “जुगाड संशोधन ह्या विषयाचा विविध अंगांनी विचार करणारं आणि अतिशय उत्तम तर्हेनं लिहिलेलं पुस्तक... पानापानांवरचं उत्कंठावर्धक विवेचन... उपाययोजनांचा आणि महत्त्वपूर्ण माहितीचा अमूल्य खजिना.’’ - इंडिया टुडे Jugaad - Navi Radjou, Jaideep Prabhu, Simone Ahuja जुगाड - नवी राजू, जयदीप प्रभू , सिमॉन आहुजा
Cinema Ka Ishq
- Author Name:
Pitras Bukhari
- Book Type:

- Description: पितरस बुख़ारी का पूरा नाम पीर सैयद अहमद शाह बुख़ारी है। आपका ताल्लुक़ पाकिस्तान के पेशावर से हैं। शुरूआती तालीम पाकिस्तान ही में पायी और एम.ए. करने के बाद इंग्लिस्तान की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री हासिल की। लाहौर में बतौर उस्ताद आपकी ख़िदमात रहीं और कई बरस तक ऑल इंडिया रेडियो में अलग-अलग ओहदों पर रहे। 1952 में यूनाइटेड नेशन्स में नुमाइन्दे चुने गए, जहाँ 1954 तक रहे। पितरस के लिखे मज़ामीन ज़माने भर में मशहूर हैं मगर इस किताब में मुन्तख़ब 11 मज़ामीन का एक अलग मक़ाम है। आपका लिखा हुआ मिज़ाह उर्दू अदब में बेशक़ीमती सरमाया है। यही वजह है कि आपके इन्तेक़ाल के अगले ही रोज़ न्यूयॉर्क टाईम्स (6 दिसम्बर 1958) ने अपने इदारिया में उनको याद करते हुए 'सिटिज़न सिटिज़न ऑफ वर्ल्ड' कहा। 2013 में पाकिस्तानी हुक़ूमत के ज़रिए आपको मुल्क का दूसरा सबसे बड़ा सिटिज़न अवॉर्ड 'हिलाल-ए-इम्तियाज़' भी दिया गया। शुऐब शाहिद का तआल्लुक़ बुनियादी तौर पर उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर से है। इस वक़्त आपकी शिनाख़्त मुल्क के एक मशहूर बुक कवर डिज़ाइनर के तौर पर होती है। दुनिया की कई मशहूर किताबों पर बतौर आर्टिस्ट काम करने के सबब आपकी अदबी दुनिया में एक ख़ास मक़बूलियत है। मुल्कगीर और बैनुलअक़्वामी सतह पर कई अवार्ड्स के साथ आपका नाम रहा है। आपके लिखे मज़ामीन, ख़ुतूत और बिलख़ुसूस उर्दू मिज़ाह से मुताल्लिक मज़ामीन हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बहुत से रिसालों में अक्सर शाया होते हैं और आप अवाम-ए-ख़ास-ओ-आम में अपने मुन्फ़रद अन्दाज़ के लिए काफ़ी मकबूल हैं। इन दिनों क्लासिकल उर्दू अदब को देवनागरी रस्मुल-ख़त में लाने का तारीख़ी काम अंजाम दे रहे हैं।
Atma Nirbhar Bharat : Vol. 4
- Author Name:
M. Veerappa Moily
- Book Type:

-
Description:
सन् 2001 में शिक्षा के अधिकार से सम्बन्धित विधेयक पारित होने और शिक्षा को मौलिक अधिकारों के रूप में मान्यता दिये जाने के चलते भारत का ‘हर व्यक्ति को शिक्षा’ का संकल्प एक निर्णायक यात्राा पूरी कर चुका है, फिर भी भारतीय शिक्षा-व्यवस्था में गहरे पैठी खामियों को समझने की चुनौती आज भी उतनी ही बड़ी है। यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि उच्चशिक्षा के सन्दर्भ में विश्व की विशालतम शिक्षा-व्यवस्थाओं में शामिल भारत की ‘ड्रॉप आउट’ दर चिन्ताजनक है।वीरप्पा मोइली की पुस्तक-श्ाृंखला ‘अनलेशिंग इंडिया’ का यह चैथा खंड भारतीय शिक्षा-व्यवस्था के ऐसे ही अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश है। इस पुस्तक में लेखक ने भारत, चीन, अमेरिका, सिंगापुर और अन्य कुछ देशों की तुलना करते हुए कुछ सुझाव प्रस्तुत किए हैं जिनमें पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को जोड़ने, शिक्षा के आधारभूत ढाँचे के विस्तार तथा पाठ्यक्रमों और पाठ्यपुस्तकों में निवेश को बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया है।
पुस्तक के अनुसार इस समय जबकि देश एक ज्ञान-समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, शिक्षा-व्यवस्था की सघन पुनव्र्याख्या और शिक्षा तथा विकास के मध्य मौजूदा फासले को पाटने की बेहद जरूरत है।
The Shaurya Unbound
- Author Name:
Nitu +1
- Book Type:

- Description: The lead Internal Security Fore of the country, the central Reserve Police Force holds the proud distinction of being the highest decorated Central Armed Police Force of the country. 'The Shaurya, Unbeaten', Chronicles the stories of the C.R.P.F brave hearts with indomitable courage, grit and determination in the face of adversity.
Sava Arab Bharatiyon Ka Sapna
- Author Name:
Uday Mahurkar
- Book Type:

- Description: क्या मोदी शासन के लिटमस टेस्ट को पास कर पाएँगे? क्या उनका प्रदर्शन उनके वादों के अनुरूप है? ‘सवा अरब भारतीयों का सपना’ में उदय माहुरकर ने मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल का विश्लेषण मोदी के सत्ता में आने से पहले के नीति पक्षाघात तथा भ्रष्टाचार की पृष्ठभूमि में किया है, जिससे देश को उबारने की उनके सामने कठिन चुनौती थी। शासन के प्रमुख क्षेत्रों, जैसे बुनियादी संरचना, विदेश मामले, बिजली, सामाजिक क्षेत्र, वित्त, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए माहुरकर ने वर्तमान सरकार के कार्य तथा प्रधानमंत्री की ओर से किए गए यादगार परिवर्तनों का वर्णन किया है। डिजिटल नवीनीकरण करना तथा बिचौलियों को जड़ से उखाड़ना प्रमुख है, जिनका परिणाम अभूतपूर्व पारदर्शिता और गरीबी पर जबरदस्त हमले के रूप में सामने आया है। उन्होंने मोदी सरकार की कुछ कमियों को गिनाने के साथ ही, उनका आलोचनात्मक मूल्यांकन भी किया है। क्या मोदी एक महान् संस्थान निर्माता बन पाएँगे, जो एक महान् राष्ट्र निर्माता के लिए आवश्यक शर्त होती है? अर्थव्यवस्था पर विमुद्रीकरण का कितना दूरगामी प्रभाव पड़ेगा? यह पुस्तक ऐसे अनेक प्रश्नों का अत्यंत व्यावहारिकता और वस्तुनिष्ठता के साथ उत्तर देती है।
KALPTARU
- Author Name:
Gurudev Nandkishore Shrimali
- Book Type:

- Description: अमृत मंथन से कल्पतरु वृक्ष उत्पन्न हुआ जिसे इंद्र अपने साथ स्वर्ग ले आए, क्योंकि कल्पतरु सभी कामनाओं को पूर्ण कर सकता है। जहाँ कामनाएँ पूर्ण होती हैं, वही स्वर्ग है; और उसे पाने के लिए अनंत काल से संघर्ष चल रहा है। देवता और दानव आपस में युद्धरत हैं स्वर्ग पर अधिकार पाने के लिए; और पृथ्वी पर मनुष्य कोशिश में लगा है कि उसकी कामनाएँ कैसे पूर्ण होंगी? कल्पतरु की सबको चाह है। इसके मिलने के बाद गालिब की तरह कहना नहीं पड़ेगा कि हजारों ख्वाहिशें ऐसी...क्योंकि ख्वाहिशें-कामनाएँ पूरी हो रही हैं। वैसे भी, इंद्र इंद्रियजनित सुखों की पराकाष्ठा को निरूपित करते हैं; इसलिए उन्हें हमेशा ही तप से खतरा रहा है। इंद्र की तरह आपने भी यही समझा है कि योग और भोग एक साथ नहीं रह सकते हैं। परंतु शक्ति इस नियम का अपवाद हैं। उन्होंने योगी शिव से विवाह कर उन्हें गृहस्थ बनाया है, सकल जगत् की कामनापूर्ति का उत्तरदायित्व लिया है, और फिर वही शक्ति क्षुधा, कामना रूप में हर प्राणी में स्थित है। इसलिए कल्पतरु खास है। वह विश्वास दिलाता है कि जो माँगोगे, वही मिलेगा। यह विश्वास पुरुषार्थ को जीवंत, सक्रिय कर देता है। जीवन पूर्ण लगने लगता है। ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ आओ, साकार करें उपनिषद् की यह शांति प्रार्थना कल्पतरु के सान्निध्य में।
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