Srijan Ke Beej
Author:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
This Book doesn't have any Description.
ISBN: 9789390101467
Pages: 138
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sapne Marte Nahin
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Koi Ek Syeda
- Author Name:
Neha Dixit
- Book Type:

- Description: ‘कोई एक सईदा’ किताब में नेहा दीक्षित ने एक साधारण और बेनाम भारतीय महिला की कहानी असाधारण ढंग से लिखी है। बाबरी मस्जिद ध्वंस के चलते हुए दंगों के बाद सईदा अपने छोटे बच्चों और पति के साथ बनारस को छोड़कर दिल्ली आ जाती है। एक ग़रीब विस्थापित मज़दूर के रूप में वह दिल्ली में अनेक कामों को आज़माती है—जींस के धागों की तुरपाई से लेकर नमकीन बनाने तक, बादामों से गिरी निकालने से लेकर चाय की छलनी बनाने तक—पचास से ज़्यादा काम, ताकि उसकी घरेलू ज़रूरतें पूरी होती रहें। ऐसे काम जिनमें एक दिन की छुट्टी लेने का मतलब है काम से हाथ धो बैठना। एक दशक के शोध और लगभग नौ सौ लोगों से साक्षात्कारों के बाद तैयार हुई इस किताब में हमें अनेक तरह के लोग मिलते हैं—चाँदनी चौक का एक रिक्शेवाला जिसकी ज़िन्दगी एक आतंकी हमले की भेंट चढ़ जाती है, एक डॉक्टर जिसे लिंग निर्धारण टेस्ट के लिए गिरफ़्तार किया जाता है, एक गोरक्षक जिसकी बहन सईदा के बेटे के साथ भाग जाती है और पुलिसवाले जिन्हें मुस्लिम युवकों को पीटने में बहुत ज़्यादा मज़ा आता है। दिल्ली में हुए 2020 के दंगों के साथ सईदा की ज़िन्दगी का जैसे एक चक्र पूरा हो जाता है। उसे फिर उखड़ना पड़ता है। लेकिन वह अब इसकी अभ्यस्त हो गई है। उसे पता है कि एक ग़रीब, एक मुस्लिम और एक औरत होने के नाते उसे क्या झेलना है। गहन अन्तर्दृष्टि से युक्त यह किताब उस कठोर, कड़वे यथार्थ की अक्कासी करती है जो भारत के अभिजात तबक़े की आँखों से बहुत दूर रहता है। यह उन लाखों लोगों की कहानी है जिनकी कहानी कभी नहीं कही जाती। यह ‘नये भारत’ के शहरी जीवन का ऐसा चित्र है जो किसी भी संवेदनशील मन को चीरकर रख देता है।
Aadha Gaon
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description: आधा गाँव, यानी गंगौली। ज़िला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)। काल-परिप्रेक्ष्य–1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश-विभाजन। गंगौली मुस्लिम-बहुल गाँव है और यह उपन्यास है–इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन-यथार्थ। पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार। पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मन:स्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन। सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है। लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गंगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज़्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा?...दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे?...अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आंचलिक भाषा-सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास–हिन्दी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि। इस कृति की सबसे बड़ी ख़ासियत है–संयमहीनता। इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक।
Ramyabhoomi
- Author Name:
Bhabendra Nath Saikia
- Book Type:

- Description: असमिया समाज के अद्भुत चितेरे भवेन्द्रनाथ शइकिया का समूचा साहित्य आम असमिया के सुख-दुख का दस्तावेज़ है। उनकी क़िस्सागोई भी ग़ज़ब की है। वह पाठकों को तुरन्त बाँध लेती है। पाठक उनकी कहानियों और उपन्यासों को अपनी आपबीती की तरह पढ़ने लगते हैं। भवेन्द्रनाथ के कथा-संसार की सबसे बड़ी ख़ूबी हैं उनके स्त्री पात्र। वैसे तो वे अपने सभी पात्रों के मनोविज्ञान को बहुत बारीकी से विश्लेषित करते हैं मगर जब बात स्त्री पात्रों की आती है तो वे हमें चकित कर देते हैं। ‘रम्यभूमि’ की कथा के केन्द्र में भी एक स्त्री चरित्र योगमाया है। विपन्न परिवार की लड़की योगमाया के सम्बन्ध घर आने-जाने वाले एक दबंग पुरुष से बन जाते हैं। इस सम्बन्ध को न परिवार स्वीकारता है, न समाज। पुरुष विवाहित है और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो जाती है मगर वह उसके जीवन-यापन के लिए पर्याप्त धन-सम्पत्ति छोड़ जाता है। लेकिन इससे योगमाया के जीवन का संघर्ष कम नहीं हो जाता। वह समाज के द्वारा अस्वीकृत सम्बन्ध के साथ जीती है और उसके बच्चों को भी उस यातना से गुज़रना पड़ता है। योगमाया का त्रासद जीवन पाठक के मन-मस्तिष्क को निरन्तर विचलित रखता है। ‘रम्यभूमि’ का कैनवास बहुत बड़ा है। यह केवल एक परिवार की संघर्ष-गाथा भर नहीं है, अपने समय की कहानी भी कहता है। इस कहानी में एक हरा-भरा जंगल कैसे धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता जाता है, कैसे नए-नए मानवीय सम्बन्ध बनते-बिगड़ते हैं, नई समस्याएँ और चुनौतियाँ आती हैं और एक शहरी समाज आकार लेता जाता है, सब कुछ शामिल है।
Samandar
- Author Name:
Milind Bokil
- Book Type:

- Description: Novel
Khamosh Aawazen
- Author Name:
Saiyed Asad Mehdi
- Book Type:

- Description: Book
Roman Stories
- Author Name:
Jhumpa Lahiri
- Rating:
- Book Type:

- Description: In ‘The Boundary’, one family vacations in the Roman countryside, though we see their lives through the eyes of the caretaker’s daughter, who nurses a wound from her family’s immigrant past. In ‘P’s Parties’, a Roman couple, now empty nesters, finds comfort and community with foreigners at their friend’s yearly birthday gathering-until the husband crosses a line. And in ‘The Steps’, on a public staircase that connects two neighbourhoods and the residents who climb up and down it, we see Italy’s capital in all of its social and cultural variegations, filled with the tensions of a changing city: visibility and invisibility, random acts of aggression, the challenge of straddling worlds and cultures, and the meaning of home. These are splendid, searching stories, written in Jhumpa Lahiri’s adopted language of Italian and seamlessly translated by the author and by Knopf editor Todd Portnowitz.
Hum Vahashi Hai
- Author Name:
Krishna Chander
- Book Type:

- Description: Hum Vahashi Hai
Guna
- Author Name:
Guruprasad Kaginele
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಸಾಂಸಾರಿಕತೆ, ಪ್ರೀತಿ, ಜಗಳ, ಶೋಷಣೆ, ಅಳು, ನಗು ಎಲ್ಲವೂ ಹಾಸುಹೊಕ್ಕಾಗಿರುವ ಸಂಬಂಧಗಳಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಝರಿಯಂತೆ ಹರಿಯುತ್ತದೆ. ಗಂಡು ಹೆಣ್ಣು ಕೂಡಿ ಸಂಸಾರ ಮಾಡಿದರೂ ಶೋಷಣೆ ಕೇವಲ ಲಿಂಗಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ್ದಲ್ಲ. ಸಂಸಾರದಲ್ಲಿ ಗಂಡಿಗೆ ಇಂಥ ಪಾತ್ರ, ಹೆಣ್ಣಿಗೆ ಇಂಥ ಪಾತ್ರ ಎಂದು ನಿರ್ದಿಷ್ಟವಾಗಿ ಹೇಳುವ ಕಾಲ ಮುಗಿದಿದೆ . ಹಾಗಾದಾಗ, ಪ್ರೀತಿಯಷ್ಟೇ ಶೋಷಣೆಯೂ ಅಸ್ಪಷ್ಟವಾಗಿ ಜಿವಮಾನವಿಡೀ ನಡೆದಿರಬಹುದು. ಇದನ್ನು ಕೂದಲು ಸೀಳಿ ನೋಡುವುದೋ ಅಥವಾ ‘ಡೀಲ್ ವಿಥ್ ಇಟ್’ ಎಂದು ಬದುಕನ್ನು ಮ್ಯಾನೇಜ್ ಮಾಡುವುದೋ, ಎಲ್ಲದಕ್ಕೂ ಉತ್ತರ ಕುಟುಂಬವೆಂಬ ವ್ಯವಸ್ಥೆ ಮಾತ್ರವೆ? ಈ ಹುಡುಕಾಟ ಕಾದಂಬರಿಯಾಗಿದೆ.
Lakh Ki Naak
- Author Name:
Sarveshwardayal Saxena
- Book Type:

- Description: लाख की नाक’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखा गया बाल नाटक है। इस नाटक के विषय में सर्वेश्वर कहते हैं, यदि आप बच्चों के साथ खेल नहीं सकते तो बच्चों के लिए लिख भी नहीं सकते, चाहे नर्सरी कविता हो चाहे नाटक। बच्चों के अनुभव संसार से जुड़कर ही किसी भी आयु वर्ग का अनुभव बच्चों का अपना अनुभव बन पाता है जिसमें तर्क से अधिक बाल अभिरुचि का महत्त्व है। ‘लाख की नाक’ एक ऐसा ही नाटक है। यह नाटक बाल-गीतों के प्रवाह में अपने संवादों को पूर्ण बनाता है।
Harichitta Satya
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ- ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಮೊದಲ ಕಾದಂಬರಿ. ಅತ್ಯಂತ ಸಂಯಮದಿಂದ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಹೆಣೆದಿದ್ದು ಅವರ ಪ್ರೌಢಿಮೆಗೆ ಕನ್ನಡಿ ಹಿಡಿಯುತ್ತದೆ. ಸನ್ನಿವೇಶಗಳ ಜೋಡಣೆ, ಪಾತ್ರಗಳ ಸಂಭಾಷಣೆ, ನಿರೂಪಣೆ ಶೈಲಿ ಓದುಗರ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತದೆ. ಕಟ್ಟರ ಸಮಾಜ ಹಾಗೂ ಮುಕ್ತ ಸಮಾಜದ ಮಧ್ಯೆ ಇರುವ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳು, ವೈಚಾರಿಕ ಪ್ರವಾಹ ಇಲ್ಲಿಯ ಪ್ರಮುಖ ವಸ್ತು. ಆದರೂ, ವಿಧಿಯ ಪಾತ್ರವನ್ನು ತಳ್ಳಿ ಹಾಕದೇ ಇದ್ದರಿಂದ ಅವರು ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ ಎಂದೇ ಕಾದಂಬರಿಗೆ ಹಸರು ಇಟ್ಟಿದ್ದು ಸೂಕ್ತವೆನಿಸಿದೆ.
5 Point Someone
- Author Name:
Chetan Bhagat
- Book Type:

- Description: "रेयान दौड़कर बोर्ड के पास पहुँचा और पहली पंक्ति के नाइन पॉइंटर मुसकराए कि एक फाइव पॉइंटर क्लास के लिए योगदान देगा। यद्यपि समीकरण सही था; रेयान बोर्ड तक नहीं जाता, जब तक कि वह यह न जान ले कि वह सही है। “बहुत अच्छा, धन्यवाद रेयान। अच्छा, पिछले टर्म पेपर में स्कूटर के पेट्रोल के उपयोग पर लूब्रीकेंट की कार्य-क्षमता के बारे में तुमने ही लिखा था?” “जी हाँ, सर।” “क्या यह सच है कि यह परिणाम तुमने अपने स्कूटर पर टेस्ट किया है?” “हाँ, मैंने किया है, सर। यद्यपि बिलकुल सही तरीके से नहीं।” “वह मुझे अच्छा लगा।” प्रो. वीरा ने नाइन पॉइंटर्स की तरफ देखते हुए कहा, जो रट्टू तोतों की तरह नोट्स बनाने में व्यस्त थे—“मुझे वास्तव में अच्छा लगा।” —इसी उपन्यास से आज की गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा के दौर में कैसे अपनी क्षमता, इच्छाशक्ति और कुछ हासिल करने की शिद्दत से युवा सफल हो सकते हैं-यह मूल संदेश है 5 पॉइंट समवन का । लेखन के क्षेत्र में पदार्पण करते ही अपनी सरल-सुबोध भाषा, आकर्षक शिल्प तथा किस्सागोई के कारण लाखों युवाओं को लुभा लेनेवाले बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत का उपन्यास है 5 पॉइंट समवन। "
Kaisi Aagi Lagai
- Author Name:
Asghar Wajahat
- Book Type:

- Description: उपन्यास का महत्त्व दरअसल आजकल भी इसलिए बना हुआ है कि उपन्यास एक समानान्तर जीवन की परिकल्पना करते हैं। इस सन्दर्भ में असग़र वजाहत के उपन्यास ‘कैसी आगी लगाई’ में जीवन की विशद व्याख्या है, जीवन का विस्तार है और तमाम अन्तर्विरोधों के बीच से मानव-गरिमा और श्रेष्ठता के कलात्मक संकेत मिलते हैं। पिछले तीस साल से कहानियाँ और उपन्यासों के माध्यम से अपनी विशेष पहचान बना चुके असग़र वजाहत ने ‘कैसी आगी लगाई’ में विविधताओं से भरा एक जीवन हमारे सामने रखा है। यह जीवन बिना किसी शर्त पाठक के सामने खुलता चला जाता है। कहीं-कहीं बहुत संवेदनशील और वर्जित माने जानेवाले क्षेत्रों में उपन्यासकार पाठक को बड़ी कलात्मकता और सतर्कता से ले जाता है और कुछ ऐसे प्रसंग सामने आते हैं जो सम्भवतः हिन्दी उपन्यास में इससे पहले नहीं आए हैं। उपन्यास का ढाँचा परम्परागत है लेकिन दर्शक के सामने विभिन्न प्रसंग जिस तरह खुलते हैं, वह अत्यन्त कलात्मक है, एक व्यापक जीवन में लेखक जिस प्रसंग को उठाता है, उसे जीवन्त बना देता है। ‘कैसी आगी लगाई’ में साम्प्रदायिकता, छात्र-जीवन, स्वातंत्र्योत्तर राजनीति, सामन्तवाद, वामपन्थी राजनीति, मुस्लिम समाज, छोटे शहरों का जीवन और महानगर की आपाधापी के साथ-साथ सामाजिक अन्तर्विरोधों से जन्मा वैचारिक संघर्ष भी हमारे सामने आता है। उपन्यास मानवीय सरोकारों और मानवीय गरिमा के कई पक्षों को उद्घाटित करता है। जीवन और जगत के विभिन्न कार्य-व्यापारों के बीच कथा-सूत्र एक ऐसा रोचक ताना-बाना बुनते हैं कि पाठक उनमें डूबता चला जाता है। ‘कैसी आगी लगाई’ उन पाठकों के लिए आवश्यक है जो उपन्यास विधा से अतिरिक्त आशाएँ रखते हैं।
The Branded
- Author Name:
Laxman Gaikwad +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Uchalya, literally meaning 'pilferer', is an autobiographical account of the life of a stereotyped underdog but of a representative of a section of society thriving on petty crimes. It is a poignant satire on social inequiality and a candid account of the author's life brought up in the Uchalya community. His treatment of the Dalit theme, in which his own delicsate subjectivity is a part, is widely acclaimed for the masterful sensitivity. He depicts in all their subtlety and pougnancy the inner feeling, suffering and empotional complexities of a tribe historically viewed as criminals. The novel has the freshness of rugged sincerity written in a style untamed by sophistication and therefore has become unquestionably valueable as a socially significant document besides being a powerful literary work.
Water For The Roots
- Author Name:
Pattu M.Bhoopathi
- Rating:
- Book Type:

- Description: Translation into English by Pattu M Bhoopathi of Sahitya Akademi Award winning Tamil Novel by Rajan Krishnan entitled Verukku Neer.
Paro: Dreams Of Passion
- Author Name:
Namita Gokhale
- Rating:
- Book Type:

- Description: First published in 1984, to both notoriety and critical acclaim, Paro remains a social comedy without parallel in contemporary Indian writing. Paro, heroic temptress, glides like an exotic bird of prey through the world of privilege and Scotch that the rich of Bombay and Delhi inhabit. She is observed closely by the acid Priya, voyeur and obsessive diarist, who lost her heart to the sewing machine magnate BR, and then BR to Paro. But he is merely one among a string of admirers. Paro has seduced many: Lenin, the Marxist son of a cabinet minister; the fat and sinister Shambhu Nath Mishra, Congress Party éminence grise; Bucky Bhandpur, test cricketer and scion of a princely family; Loukas Leoras, a homosexual Greek film director; and, very nearly, Suresh, the lawyer on the make whom Priya has married . . .
Deepavirada Daariyalli
- Author Name:
Sushanth Kotiyan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ದೀಪವಿರದ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ-ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಲೇಖಕ ಸುಶಾಂತ ಕೊಟ್ಯಾನ್ ಅವರು ರಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾಹಿತಿ ಡಾ. ಪುರುಷೋತ್ತಮ ಬಿಳಿಮಲೆ, ಕೃತಿಗೆ ಮುನ್ನುಡಿ ಬರೆದು ‘ಸಲಿಂಗರತಿಯಂಥ ವಸ್ತುವನ್ನು ಆಯ್ದುಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿಯು ಓದುಗರನ್ನು ಬೌದ್ಧಿಕವಾಗಿ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಕಾದಂಬರಿಯ ನಾಯಕನಾದ ಸುಕೇಶನೂ ಒಬ್ಬ ಸ್ತ್ರೀ ವೇಷಧಾರಿ. ಇಡೀ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಅವನ ಸುತ್ತಲೇ ಕಟ್ಟಿ ಬೆಳೆಸಲಾಗಿದೆ. ಹಾಗೆ ಕಟ್ಟುವಾಗ, ಸುಕೇಶನೊಳಗಿನ ಹೆಣ್ತನದ ಸೂಕ್ಷ್ಮಗಳಿಗೆ ಗೌರವ ತಂದುಕೊಡಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವನನ್ನು ಲೈಂಗಿಕವಾಗಿ ಶೋಷಿಸುವವರನ್ನು ಬಯಲುಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಇವುಗಳ ನಡುವೆ ಐಉಃಖಿಕಿ ನ ಹಲವು ಸಂಕೀರ್ಣ ಮುಖಗಳು ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಅನಾವರಣಗೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಓದುಗರನ್ನು ಶೈಕ್ಷಣಿಕವಾಗಿಯೂ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ‘ದೀಪವಿರದ ಕತ್ತಲ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ ಒಂಟಿಯಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದನು ಸುಕೇಶ. ಅವನು ಇಷ್ಟರವರೆಗೆ ಬಯಸಿದ ಬದುಕವನಿಗೆ ದೊರೆಯಲೇ ಇಲ್ಲ. ಅಷ್ಟೊತ್ತಿಗೆ ಮೂಡಣದಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಿದ್ದ ರವಿ ತನ್ನ ಹೊಂಗಿರಣದ ಹೊಂಬೆಳಕನ್ನು ಭುವಿಯೆಡೆಗೆ ಚೆಲ್ಲಿದ್ದನು. ಟ್ಯಾಕ್ಸಿ ನಿಧಾನವಾಗಿ ಮುಂದಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಿತ್ತು. ಸುಕೇಶ ಅಂಧಕಾರದ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬೆಳಕಿಗಾಗಿ ಅರಸುತ್ತಿದ್ದನು. ಅಂತ್ಯವಿಲ್ಲದ ಕತೆಯ ಆರಂಭ ಅವನ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಇದೀಗ ಆಗಿತ್ತು. ಹೀಗೆ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಲೈಂಗಿಕತೆಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಧೈರ್ಯವಾಗಿ ಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ರವೀಂದ್ರ, ಆಕಾಶ್ ಮತ್ತು ಸುಕೇಶರ ನಡುವಣ ತ್ರಿಕೋನ ಸಂಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ ಗಂಡಸರ ಹಿಂದೆ ಹೋಗುವ ರಘುಪತಿಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳೂ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತವೆ. ಗೇ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋ ನೋಡುವ ಅವನನ್ನು ಬಿಟ್ಟು, ಅವನ ಹೆಂಡತಿ ಗುಜರಾತಿಯೊಬ್ಬನ ಸ್ನೇಹ ಮಾಡುತ್ತಾಳೆ. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಸಮಾಜವು ತನ್ನ ಮೂಗಿನ ನೇರಕ್ಕೆ ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಹೋಗುತ್ತದೆ. ಇಂಥ ಸಂಕೀರ್ಣ ಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಕಾದಂಬರಿ ತಣ್ಣಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತದೆ. ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಪಾತ್ರಗಳು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತೀರಾ ಹೊಸದು. ಕಾನೂನಿನ ತೊಡಕುಗಳು, ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ಥರ ಆಕ್ರಮಣ, ಮಡಿವಂತಿಕೆ, ನಿಷೇಧ, ಭಯ ಇತ್ಯಾದಿ ಕಾರಣಗಳಿಂದಾಗಿ ಏಕಾಏಕಿ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಮುಖ್ಯಧಾರೆಗೆ ಬರಲೇ ಇಲ್ಲ. ಸುಶಾಂತ್ ಕೋಟ್ಯಾನ್ ತುಂಬ ಧೈರ್ಯವಹಿಸಿ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಬರೆದು ನಮ್ಮ ಅರಿವಿನ ಗಡಿರೇಖೆಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ’ ಎಂದು ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದ್ದಾರೆ.
Sindbad Ki Antim Yatra
- Author Name:
Ravindranath Tyagi
- Book Type:

- Description: हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Kamini Kay Kantare Vol-I
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: कामिनी काय कांतारे’ अर्थात कामिनी काया के जंगल में! राजा भर्तृहरि, गृहस्थ भर्तृहरि, प्रेमी भर्तृहरि, कवि भर्तृहरि, वैयाकरण भर्तृहरि, योगी भर्तृहरि! बहुमखी प्रतिभा के धनी विविध रूप-गुणों से संपन्न भर्तृहरि के जीवन पर आधारित यह उपन्यास कामिनी कंचन के बीच से ही नहीं गुजरता, कामिनी काया के जंगल से भी गुजरता है और कथा, इतिहास, मिथक के बल पर एक महान क्लासिक रचना वरिष्ठ कथाकार-उपन्यासकार महेश कटारे की कलम से पूर्णता को प्राप्त करती है। यह उपन्यास न मात्र बेहद पठनीय और रोचकता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है, ज्ञान को दीप्त करने वाली विशिष्ट कृति है। भारतीय परंपरा की थाती। उपन्यासकार के शब्दों में, ''भरथरी गाने वालों की कथा में बीवी की बेवफाई से दुखी राजा भरथरी जोगी बनकर महल, हवेली, राजपाट छोड़कर निकल गए। गुरु गोरखनाथ के कहने पर वह अपनी उसी पत्नी रानी पिंगला से भीख माँगने द्वार पर पहुँचे तो राजा को जोगी के भेष में देख रानी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। 'भरथरी’ सुनती स्त्रियों की भीड़ राजा के घर से निकलते ही आँसू बहाने लगती और रानी के पछाड़ खा गिरने पर तो अनेक की 'कीक’ फूट जाती। इस भर्तृहरि से मेरा बचपन का परिचय था। बाद में सरसरी दृष्टि से शतकत्रय भी पढ़े थे तो उस रात मैंने मित्रों को दो-तीन श्लोक सुना डाले। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि भर्तृहरि बहुत बड़ा कवि है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों पर बहुत कम काम हुआ है, सो मैं एक उपन्यास लिखूँ।...’’ और अब यह उपन्यास दो खण्डों में आपके सामने है। हिंदी की एक अनमोल कृति के रूप में!...
A Green Warrior
- Author Name:
Amit Mahoday Arywarti
- Book Type:

- Description: 'अ ग्रीन वॉरियर' फिल्म अभिनेता तथा लेखक अमित महोदय आर्यावर्ती द्वारा लिखा गया उपन्यास है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book