Kashmir LIVE
(0)
Author:
Dharmesh GandhiPublisher:
FlyDreams PublicationsLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
149
₹ 119.2 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
झीलसारा अमीन, जिसे जर्नलिज्म में अपना करियर बनाना है। लेकिन उसके पहले धरती की इस जन्नत से भारतीय संविधान की धारा 370 रद्द होती है। जिसके बाद कश्मीर घाटी में जन्म लेने वाले विरोध की आँधी के बीच उसके सपने जाने कहाँ उड़ जाते हैं।कश्मीर की वादियों में कहीं बर्फबारी की ठंडक है तो कहीं बम ब्लास्ट की प्रचंड गर्मी। एक न्यूज़ चैनल के कैमरामैन के लेंस से कश्मीर की हसीन वादियों की वेदना और संवेदना के प्रतिबिंब से रूबरू होने के लिए पढ़िए - कश्मीर LIVE
Read moreAbout the Book
झीलसारा अमीन, जिसे जर्नलिज्म में अपना करियर बनाना है। लेकिन उसके पहले धरती की इस जन्नत से भारतीय संविधान की धारा 370 रद्द होती है। जिसके बाद कश्मीर घाटी में जन्म लेने वाले विरोध की आँधी के बीच उसके सपने जाने कहाँ उड़ जाते हैं।कश्मीर की वादियों में कहीं बर्फबारी की ठंडक है तो कहीं बम ब्लास्ट की प्रचंड गर्मी। एक न्यूज़ चैनल के कैमरामैन के लेंस से कश्मीर की हसीन वादियों की वेदना और संवेदना के प्रतिबिंब से रूबरू होने के लिए पढ़िए - कश्मीर LIVE
Book Details
-
ISBN9788195315895
-
Pages141
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vachan - Award Winning Novel
- Author Name:
Kashi Bahadur Shreshth
- Book Type:

- Description: 'वचन' एउटा सामाजिक उपन्यास हो। 'वचन' मा सजीवता छ, वास्तविकता छ औ छ स्वाभाविकता का साथै सभ्यता को छाप! कृत्रिम भाव काँहीं देखिदैन। पुस्तक पढ़दा त्यसमा लेखिएका पात्र-पात्रीहरु तथा भाव एकदम सजीव जस्ता देखिन्छन्।
Path Ke Sathi
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description: महादेवी जी ने अपने कुछ समकालीनों के संस्मरण रूपी व्यक्ति-चित्र इस तरह प्रस्तुत किए हैं जिनमें उनके साथियों के आन्तरिक व्यक्तिबोध को गहराई से पहचाना और समादृत किया गया है। यही कारण है कि महादेवी जी के स्मृति विधान ने जो आकृतियाँ प्रस्तुत की हैं वे जीवन्त मनुष्य की तरह पाठकों के साथ अब तक बनी रही हैं और आगे भी बनी रहेंगी।
Allah Ho Ram
- Author Name:
Sachchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: सब संप्रदायक अपन-अपन देवता छै। ककरो अल्लाह, ककरो राम। एक दोसरा सँ छत्तीसक आँकड़ा! मुदा कहियो एना बुझल जाइ छलै, 'अल्लाह मे राम छै आ राम मे अल्लाह' तेँ अल्लाह हो राम! सहज ग्रामीण अंत:चेतना मे व्याप्त अध्यात्म केँ जीवन-मूल्यक रूप मे लैत आजादी सँ पहिने जुआन होइत पीढ़ी आ आजादीक बादक क्रमश: वर्तमान रुढि़, वैमनस्यक बीच जुआन भेल आजुक पीढ़ी केँ अनायासे तुलनात्मक रूप मे देखै अइ उपन्यासकार आ सविस्तार ओकर कथा कहै अइ। तेँ एहि क्षेत्रक सांस्कृतिक परिवर्तन (सम्यक सँ उन्मादी दिस उन्मुख)क तटस्थ निरूपण संग एक टा ऐतिहासिक दस्तावेज बनि क' प्रस्तुत होइत अइ उपन्यास 'अल्लाह हो राम'। उपन्यासक यात्रा प्राय: सत्तरि-अस्सी बरखक छै। आजादी सँ पहिनेक समय-समाज सँ उपन्यास शुरू होइत छै। एहि विस्तृत अवधिक काल-कथा, एहि अवधि मे बदलैत मनुक्खक कथा, एहन सहज रूप मे गुंफित जे बेसीकाल लोक-कथाक सहोदर बुझाइए। कथा मे कथा, समयक कथा, चरित्रक कथा। सब के सब अपना तरहक रीयल लाइफ कैरेक्टर, अपन (उन्नत कि मलिन) मूल्यक संग जीवंत। आजादीक लड़ाइ, बँटवाराक दाह-दंश-दाग, सुखाड़क डाँग, बाढि़क मूंगरा-मारि, राजनीतिक दखलंदाजीक बीज आ उत्सव-त्योहारक संगहि स्त्रीक स्थिति आ उत्पीडऩ...सब किछु सहज-स्वाभाविक... टाइम-ट्रेन (काल रथ) पर यात्रा करै सन। खास क' पार्टीशन आ वृहत मुस्लिम समाज पर मिथिला-मैथिलीक परिप्रेक्ष्य मे ई पहिल उपन्यास थिक। मुखर सामाजिक सरोकार आ कथा कहबाक आकर्षक शिल्पक संग, उपन्यास 'अल्लाह हो राम' उत्तम रचनाक श्रेणी मे प्रमुख स्थान राखत। एक तरहें मैथिली उपन्यासक एक टा मीलक पाथर सिद्ध हैत, से विश्वास अछि। —कुणाल
Delightful Novella (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-3) is the first book in a series of four novellas that follows the adventures of a young woman named Delightful. She's an aspiring writer who's trying to find her way in the world, and she has some big decisions to make about what kind of life she wants to live.Delightful is also a very interesting character because she has autism--which means that she has difficulty communicating with others and understanding social cues. This makes her vulnerable when it comes to making friends and finding love, but it also means that she can be very observant about people's behavior and learn things about others that they may not even realize they're doing!
The Tiger King: The Bagheera Chronicles
- Author Name:
Rahul Balaji
- Book Type:


- Description: “Your Majesty, the occurrence of true love is rare, and that is why it is so powerful.” An ancient curse forces the eighteen-year-old Rajput Prince Vanraj Sisodia to live the life of a Bagheera — an infamous shape-shifter that transforms into a tiger under the full moon. His life of luxury is thrown off-course, and he must cope with this curse and the burdens of a not so regular life of a prince. His family bears the brunt of the curse, when he loses his parents in a horrific accident. With only his grandmother, beside him, and a sister who blames him for all that they have lost, he leads a reclusive life, hating himself. His miserable existence takes a magical turn when he meets the beautiful and vivacious Lasya — a teenage witch. Connecting with others has never been easy for the young prince, but Lasya's mysterious charm is more than he can resist. He doesn't want to trust her, considering the fact that a witch was responsible for his curse. True Love is the last thing that Vanraj wants in his life, and yet, True Love is the only thing that can save him.
Doo Dhap Aagan
- Author Name:
Dilip Kumar Jha
- Book Type:

- Description: दिलीप कुमार झा विशुद्ध जिज्ञासु रचनाकार छथि। समकालीन समाज केँ नस-नस चिन्हैत छथि। ओ यात्रीजीक कथन पर उचिते पूर्णतया उतरै छथि। दिलीपजी मैथिलीक जमीनी अभियानी छथि। ई उपन्यास तकर बेस उदाहरण अछि। यथार्थ आ कामना केँ एक टा छोट सन उपन्यास मे सफल बना देलनि। मनलग्गू तँ एहन जे हम एक बैसकी मे समाप्त क’ गेलहुँ। सब टा खूब नीक, पात्रोचित सहज भाषा छनि। —उषा किरण खान 'दू धाप आगाँ’ उपन्यास एहि रूपें उल्लेखनीय अछि जे, आइ जे समाज मे नहि अछि आ अहाँ चाहि रहल छी, त’ अपन संघर्ष बलें जेना सुधा करैत अछि ओना क’ सकैत छी। उपन्यास एहि बातक दृष्टि दैत अछि आ तकर प्रेरणा सेहो। वर्तमान समय मे शिक्षा-प्रणाली ओ राजनीतिक क्षेत्र दुनू विकृतिक चरम पर पहुँच गेल अछि। आब प्रश्न उठैत अछि जे एकरा ठीक कयल जा सकैत अछि? हमरा जनैत समकालीन साहित्यक यैह पैघ विशेषता छै जे ओ समाज मे घटित होइत घटना ओ स्थिति केँ देख मात्र विचलित नहि होइत अछि अपितु ओ समाज केँ प्रेरित करबाक लेल एहन संरचना करैत अछि जे समाज मे नहि अछि किंतु रचनाकार अपन रचना द्वारा ओहि स्थिति सँ उबरबाक लेल एक टा सुखद स्थितिक आयोजन करैत अछि। ओहि स्थिति केँ अनबाक लेल उपन्यासकार जाहि पात्र केँ ठाढ़ करैत छथि ओ एहि उपन्यास मे मुख्यरूप सँ सुधा छथि। हमरा जनैत आइयो सामाजिक परिस्थितिक परिवर्तन लेल नारी केँ आगू आनब कठिन अछि। —डा.शिवशंकर श्रीनिवास
Nanna Tangi Eeda
- Author Name:
Harsha Raghuram +1
- Book Type:

- Description: ಟಿಲ್ಡಾಳದು ಕಟ್ಟು ನಿಟ್ಟಿ ನ ದಿನಚರಿ. ಮಾಸ್ಟರ್ ಪದವಿಯ ಓದು, ಸೂಪರ್ ಮಾರ್ಕೆ ಟ್ ನಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ಅವಳ ಪುಟ್ಟ ತಂಗಿ ಈಡಾಳನ್ನು ಹಾಗೂ ಒಮ್ಮೊ ಮ್ಮೆ ಅವಳ ಮದ್ಯವ್ಯಸನಿ ತಾಯಿಯನ್ನೂ ನೋ ಡಿಕೊ ಳ್ಳುವುದರ ನಡುವೆ ಅವಳಿಗಾಗಿ ಸಮಯ ಸಿಗುವುದೇ ಕಡಿಮೆ. ಅವರ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ತಂದೆ ಎನ್ನಿಸಿಕೊ ಂಡ ವ್ಯಕ್ತಿ ಇಲ್ಲ. ಈ ಮೂವರ ವಾಸ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣದೊ ಂದು ಊರಿನ ‘ಖುಷಿಯ ರಸ್ತೆ’ಯಲ್ಲಿ. ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಆ ಊರಿನ ಜೀ ವನ ರೇ ಜಿಗೆ ಹುಟ್ಟಿ ಸುತ್ತಿದೆ. ಅವಳ ಗೆಳೆಯ ಗೆಳತಿಯರು ಊರು ಬಿಟ್ಟು ಆಮ್ ಸ್ಟರ್ ಡಾಮ್ ಮತ್ತು ಬರ್ಲಿ ನ್ ನಂತಹ ದೊ ಡ್ಡ ಊರುಗಳನ್ನು ಸೇ ರಿಕೊ ಂಡುಬಿಟ್ಟಿ ದ್ದಾರೆ. ಈಡಾಳಿಗೆ ಆಸರೆಯಾಗಲೆಂದು ಟಿಲ್ಡಾ ಆ ಸಣ್ಣ ಊರಿನಲ್ಲೇ ಉಳಿದು ಮನೆಯ ಸಂಪೂರ್ಣ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯನ್ನು ಹೊ ತ್ತುಕೊ ಂಡಿದ್ದಾಳೆ. ಹೀ ಗಿರುವಾಗ ಒಂದು ದಿನ ಬರ್ಲಿ ನ್ ನ ದೊ ಡ್ಡ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾ ಲಯದಲ್ಲಿ ಪಿಎಚ್ ಡಿ ಮಾಡುವ ಅವಕಾಶವೊ ಂದು ಟಿಲ್ಡಾಳನ್ನು ಅರಸಿ ಬರುತ್ತದೆ. ಅವಳು ತನ್ನ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಜೀ ವನದಿಂದ ಬಿಡುಗಡೆ ಹೊ ಂದುವ ಕನಸನ್ನು ಕಾಣತೊ ಡಗುತ್ತಾಳೆ. ಇದ್ದಕ್ಕಿ ದ್ದಂತೆ ಯುವಕ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಊರಿಗೆ ಮರಳುತ್ತಾನೆ. ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ನ ತಮ್ಮ ಈವಾನ್ ಟಿಲ್ಡಾಳ ಗೆಳೆಯನಾಗಿದ್ದ. ಟಿಲ್ಡಾಳಂತೆ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಕೂಡ ಹೊ ರಾಂಗಣ ಈಜುಕೊ ಳದಲ್ಲಿ 22 ಸುತ್ತುಗಳನ್ನು ಈಜುತ್ತಾನೆ. ಜೀ ವನದಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಸರಿ ಹೋ ಗುತ್ತಿದೆ ಎಂಬ ಭಾವನೆ ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಬರುತ್ತಿದ್ದಂತೆಯೇ ಮನೆಯ ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ಕೈ ಮೀ ರಿ ಹೋ ಗುತ್ತದೆ. ‘ನನ್ನ ತಂಗಿ ಈಡಾ’ ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಕೌಟುಂಬಿಕ ತಲ್ಲಣಗಳ ಗಾಢ ಚಿತ್ರಣವಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ಜವಾಬ್ದಾರಿ ಮತ್ತು ಸ್ವಾ ತಂತ್ರ್ಯಗಳ ನಡುವೆ ಖುಷಿಯನ್ನು ಕಂಡುಕೊ ಳ್ಳುವ ತುಡಿತವಿದೆ.
Doktor Glass
- Author Name:
Hzalmar Soderberge
- Book Type:

- Description: Novel
Case No. 107
- Author Name:
Pranjal Verma
- Rating:
- Book Type:

- Description: August 11. Divyanagar. The Crime Bureau is rocked with a chilling double murder. Detective Hina and her team of sleuths are on the case. The case is held up by one single question: how were the murders carried out? The detectives turn to science for an answer, the forensic duo of the crime Bureau, Dr. Swaraj and Dr. Niharika. As the case proceeds, what seems like a simple double homicide, has in fact strong eddies bringing the team face to face with powerful shadows and their host of deadly minions. The case goes past the status of a simple coincidence when another report of a double homicide with the modus operandi pops up, the victims, two assuming college pass outs employed by the AVP call centre. The hysterical interrogation of the parents and mounting criticism on the crime bureau’s inefficacy only convolutes the case further rather than solving it. Detective Hina and her team realise that they are now in a race against time to catch their criminal. The perfect killer. The four murders seem to be connected. In the ongoing investigation, the Crime Unit arrests 2 men who turn the entire case on its heels, they are none other than the Bishops, the deadliest gun for hires. The crime bureau thinks they have their perpetrators, everything was going well until they hear a name that never appeared in the picture. Who is it? Would they be able to find the criminal?
Poorva Sandhya
- Author Name:
Dinesh Kapoor
- Book Type:

- Description: अमित बोला, ‘‘कुछ खास नहीं। अभी तक तो रजाई में ही था। अब सोच रहा था, क्या करूँ!’’ विधू ने पूछा, ‘‘कॉलेज नहीं आना?’’ अमित बोला, ‘‘मन नहीं कर रहा।’’ विधू ने पूछा, ‘‘क्यों?’’ अमित बोला, ‘‘यूँ ही।’’ विधू ने पूछा, ‘‘मन क्या कर रहा है?’’ अमित बोला, ‘‘कुछ नहीं। पता नहीं क्या करने को मन कर रहा है! लगता है, आई नीड एन आऊटिंग बैडली।’’ विधू ने कहा, ‘‘दैन व्हाई डोंट यू गो?’’ अमित बोला, ‘‘आई थिंक, आई विल...।’’ फिर सहसा बोला, ‘‘तुम्हारी क्लासिस कब तक हैं?’’ विधू ने कहा, ‘‘क्लासिस का क्या है, खत्म हो जाएँगी।’’ अमित ने जिद की, ‘‘बताओ न!’’ विधू ने कहा, ‘‘एक बजे तक।’’ अमित बोला, ‘‘अभी 11.30 बजे हैं। डेढ़ घंटा है।’’ फिर कुछ सोचकर बोला, ‘‘क्लासिज के बाद चलो चलते हैं।’’ विधू ने पूछा, ‘‘कहाँ?’’ अमित बोला, ‘‘पता नहीं। आई रियली डोंट नो। लैट अस सी। अभी तैयार होने में एक-डेढ़ घंटा लगेगा, फिर देखते हैं। लेकिन मैं कॉलेज नहीं आऊँगा।’’ इसी उपन्यास से वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों तथा आज के परिवेश पर दृष्टि डालना पठनीय उपन्यास, जो पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी के बीच एक तादात्म्य स्थापित करने की पहल करेगा। "
The Inscrutable Mystery
- Author Name:
P.P Giridhar +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Inscrutable Mystery (Chidambara Rahasya), which won the Sahitya Akademi award in 1985, is a rare novel with dimensions that had been unheard of in Kannada Literature. The novel chronicles the tale of Kesaruru from the perspective of a free, sensitive, and poetic mind that responds to the condition of the land. With the suspense of a detective novel only as an excuse, the novel pictures the variegated life in Kesaruru with rationalism and the revolutionary yellings of some youth on one side and people who are steeped in superstition, people like Angaadi who are after strange research findings on the other, and the inferno that threatens to engulf Kesaruru as a result of their friction. The innocent love between Jayanti and Rafi, who strive to get out of the stifling firestorm engulfing Kesaruru, stands out as the only redeeming hope for Kesaruru. The novel is a tribute to the author's narrative skills as much as his ability to depict reality in all its sordid detail.
Vaishaka (The Tale of Lakka)
- Author Name:
Chaduranga +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Vaishaka-(The Tale of Lakka) is a hit stodgy and incident—heavy in its weave. Yet in its blending of the complexity of detail and vitality of theme, in its delightfully graphic depiction of village Karnataka and finally in its suggestion that there is a Way out of the claustrophobia of caste, it contributes to Kannada and Indian literature.
Ghafil
- Author Name:
Sunil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Diwaswapna
- Author Name:
Gijubhai Bedheka
- Book Type:

- Description: "इसी बीच प्रधानाध्यापक एकाएक आए और मुझे टोका, ‘‘देखिए, यहाँ पास में कोई खेल नहीं खेला जा सकता। चाहो, तो दूर उस मैदान में चले जाइए। यहाँ दूसरों को तकलीफ होती है।’’ मैं लड़कों को लेकर मैदान में पहुँचा। लड़के तो बे-लगाम घोड़ों की तरह उछल-कूद मचा रहे थे। ‘‘खेल! खेल! हाँ, भैया खेल!’’ मैंने कहा, ‘‘कौन सा खेल खेलोगे?’’ एक बोला, ‘‘खो-खो।’’ दूसरा बोला, ‘‘नहीं, कबड्डी।’’ तीसरा कहने लगा, ‘‘नहीं, शेर और पिंजड़े का खेल।’’ चौथा बोला, ‘‘तो हम नहीं खेलते।’’ पाँचवाँ बोला, ‘‘रहने दो इसे, हम तो खेलेंगे।’’ मैंने लड़कों की ये बिगड़ी आदतें देखीं। मैं बोला, ‘‘देखो भई, हम तो खेलने आए हैं। ‘नहीं’ और ‘हाँ ’ और ‘नहीं खेलते,’ और ‘खेलते हैं,’ करना हो तो चलो, वापस कक्षा में चलें।’’ लड़के बोले, ‘‘नहीं जी, हम तो खेलना चाहते हैं।’’ —इसी पुस्तक से बाल-मनोविज्ञान और शैक्षिक विचारों को कथा शैली में प्रस्तुत करनेवाले अप्रतिम लेखक गिजुभाई के अध्यापकीय जीवन के अनुभव का सार है यह—‘दिवास्वप्न’।
Vinayak - Award Winning Novel
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Baandi
- Author Name:
Bhairavprasad Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत उपन्यास ह्रासशील सामन्तवाद को उसके सम्पूर्ण घिनौने पहलुओं के साथ, बड़ी बारीकी से हमारे समक्ष पेश करता है। इस ह्रासशील सामन्तवाद को उसकी सारी सड़ांध के साथ हम बड़े सरकार के चरित्र, उनके क्रियाकलापों, जो उनके अन्तःपुर से लेकर बाहर के परिवेश तक फैले हुए हैं, सामन्ती साम्राजी साँठ-गाँठ और उसके शिकार साधारण जनों की ज़िन्दगी तथा नरक की इस ज़िन्दगी से मुक्त होने की उनकी कोशिशों तथा मुक्त न हो पाने की स्थिति में उनकी छटपटाहट, प्रतिहिंसा आदि में देखते हैं। भैरव जी ने इस सारे परिदृश्य को यथार्थ के सही आलोक में बारीकी के साथ देखा और चित्रित किया है।
Apharan
- Author Name:
Ramdev Shukla
- Book Type:

- Description: हम लोग अपनी शैक्षिक योग्यता प्रमाणित कर चुके हैं। जवान हैं, मेहनत कर सकते हैं। कोई कमी नहीं है, किंतु आपकी महान् व्यवस्था हमारे लिए दैनिक मजूर के बराबर वेतन का भरोसा भी तो हमें नहीं दे पाती। हम क्या करें अपनी योग्यता का? हम क्या करें अपनी ऊर्जा का? क्या करें अपने खौलते लहू का? और अपने उबलते हुए गुस्से का क्या करें? हमारे साथ पढ़नेवाले फिसड्डी लड़के पाँच सितारा जिंदगी जी रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि वे किसी मंत्री के बेटे हैं या आई.ए.एस. अफसर के दामाद हैं या बड़े तस्कर के सपूत हैं!’ ‘जिन्होंने हमें पहचाना, हमारे माथे पर लगा बेरोजगार का दाग पोंछ दिया, हमें बीस, तीस, कभी-कभी चालीस हजार रुपए महीने तक वेतन देते हैं, वे कौन हैं, हम नहीं जानते? जानने की उत्सुकता न रखना ही हमारी ‘योग्यता’ है। आपकी न्याय-व्यवस्था देश को बेचकर स्विस बैंक भरनेवालों को गंदा नहीं कहती। भूख से बिलबिलाता बच्चा होटल से रोटी चुराकर खा ले तो उसके लिए जेल की सजा है और देश को हर तरह से लूटनेवालों के लिए है सार्वजनिक अभिनंदन-समारोह।’ —इसी संग्रह से ‘अपहरण’ की कहानियाँ समाज में व्याप्त सामाजिक-आर्थिक असमानता, कुरूपता और विसंगतियों को तो उजागर करती ही हैं, साथ ही राजनीति, चुनाव और मानवीय संबंधों का गहराई से विश्लेषण करती हैं। पठनीयता से भरपूर सुरुचिपूर्ण कहानियाँ।
Ghar-Bahar
- Author Name:
Rabindranath Thakur
- Book Type:

- Description: आधुनिक सन्दर्भ में मानव-चरित्र के आभ्यन्तर जगत के गहन रहस्यों के उद्घाटन के साथ ही यह उपन्यास भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में स्वदेशी के उभार तथा उस काल में राष्ट्रवाद की उभरती प्रवृत्ति का विशेष रूप से बेलाग विश्लेषण करता है। वह काल, पहले से चली आती लीक से हटकर अपने सृजन की व्याकुलता लिये हुए था, जिसमें स्त्री और पुरुष, दोनों ही अन्तर्बाह्य जीवन-व्यवहार से जुड़े प्रश्नों के उत्तर खोजना चाहते थे, लेकिन उनके सामने कोई स्पष्ट मार्ग नहीं था। इस विवशता ने उपन्यास को आद्यन्त तनाव से भरे रखा है। दूसरी ओर रवीन्द्रनाथ स्वयं बहुत कठोर यथार्थ की जमीन पर खड़े होकर स्वाधीनता आन्दोलन को देख रहे थे। उन्हें स्वदेशी और राष्ट्रवाद के सम्बन्ध में अपने स्वतंत्र दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है, जिसके लिए वे अन्ध राष्ट्रवादियों की आलोचना का शिकार होते रहे हैं। ‘घर-बाहर’ इन दोनों ही सन्दर्भों में उनके चिन्तन व तर्कों को प्रस्तुत करता है।
Naya Nagar
- Author Name:
Tasneef Haidar
- Book Type:

- Description: ये नया नगर है जहाँ सड़क पर आँखों के सामने हुए एक्सीडेंट को लोग उतनी जल्दी तवज्जो नहीं देते जितनी जल्दी अचानक कानों में पड़ गए किसी शे'र और वाह-वाह को देते हैं। ग़ज़लें यहाँ परिन्दों की तरह उड़ती हैं, बरसाती पानी की तरह गलियों में बहती हैं और जहाँ चाहे वहाँ बैठकर नशिस्त जमा देती हैं। यहाँ जो लोग हैं, वे शायरी को ईमान की तरह जीते हैं; ऐसा अक्सर नहीं होता कि ज़िन्दगी की बाहरी ज़रूरतें उन्हें भटकाकर किसी दफ़्तर में ले जाकर बिठा दें; बिठा भी दें तो वहाँ से उठाकर वे फिर किसी शे'री नशिस्त में आकर बैठ जाते हैं; या किसी रेस्तराँ या चाय की टपरी पर जम जाते हैं। ये कहानी इसी नगर की है। उर्दू के सुपरिचित युवा शायर-कथाकार तसनीफ़ हैदर का यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को एक ताज़ा हवा की तरह महसूस होगा। कहानी की रवानी और तंज़-ओ-मिज़ाह की तुर्श छौंक के साथ यह कहानी पढ़नेवाले को बाँध लेती है। और हाँ क्योंकि यह नगर ग़ज़लों से बसा है तो इसमें उर्दू शायरी से जुड़ी कुछ तकनीकी पेचीदगियाँ भी आपको जानने को मिलेंगी, कुछ क़िस्से और बहसें भी, मुस्लिम समाज के सामाजिक-आर्थिक हालात भी; मौजूदा भारतीय राजनीति के हवाले भी; और हाँ मुहब्बत का एक नाकाम क़िस्सा भी।
Arsalan aur Bahzad
- Author Name:
Khalid Javed
- Book Type:

- Description: ख़ालिद जावेद का नाम समकालीन उर्दू उपन्यास की पहचान भी है और शान भी। ‘अरसलान और बहज़ाद’ जादुई कहानियों के इस रचयिता का तीसरा उपन्यास है। जिसमें यथार्थ तल में है और सतह पर ऐसी ना-मुमकिन और अमूर्त घटनाएँ कि पढ़ने वाला हैरतज़दा रह जाए। प्रेम, करुणा, अपमान, क्रोध और महरूमी को इस दास्तान में जिस आवर्धक लेंस से देखा गया है, वह जीवन के प्रति हमें कभी बेज़ार करता है तो कभी उसकी निरर्थकता को हम पर और रोशन करता है। अगर आप ख़ालिद जावेद की लेखनी से परिचित हैं तो इसमें आपको महीन और गहरे ख़यालात की विस्तृत दुनिया से शनासाई होगी और अगर आप उन्हें इसी उपन्यास से पहली दफ़ा जान रहे हैं तो आप उनकी पिछली कृतियों के अध्ययन के लिए ख़ुद को विवश पाएँगे। ख़ालिद जावेद अपने पिछले दो उपन्यासों, ‘मौत की किताब’ और ‘नेमतख़ाना’ से हिन्दी पाठकों तक पहुँच कर पहले भी, कथ्य और क्राफ्ट की नई लहरों से परिचित करवा चुके हैं। ‘अरसलान और बहज़ाद’ इसी सिलसिले में एक ज़बरदस्त इज़ाफ़ा है, जिसे मौजूदा उर्दू फ़िक्शन के एक बड़े कारनामे के तौर पर तस्लीम किया जा चुका है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book