Wheelchair Par Rashtrapati
(0)
Author:
Vinod Kumar MishraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
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यदि बीसवीं सदी के शक्तिशाली राजनेताओं के व्यक्तित्व व कृतित्व का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो फ्रैंकलीन डिलानो रूजवेल्ट निर्विवाद रूप से श्रेष्ठतम माने जाएँगे। प्रथम विश्वयुद्ध में अमेरिकी नौसेना के सहायक सचिव के रूप में और द्वितीय विश्वयुद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उनका योगदान अविस्मरणीय है। विकलांगता के आघात से उबरकर उन्होंने देश को पहले आर्थिक रूप से और फिर सामरिक रूप से सशक्त किया। उन्होंने युद्ध और शान्ति दोनों का दायित्व बड़ी कुशलता और सूझ-बूझ से निभाया। अपने विरोधियों का दमन करने और कमज़ोर वर्ग का उद्धार करने में उन्होंने हमेशा तत्परता दिखलाई। उनकी सामाजिक सुरक्षा योजना आज भी आदर्श मानी जाती है। —राजेन्द्र प्रसाद मिश्र
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यदि बीसवीं सदी के शक्तिशाली राजनेताओं के व्यक्तित्व व कृतित्व का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो फ्रैंकलीन डिलानो रूजवेल्ट निर्विवाद रूप से श्रेष्ठतम माने जाएँगे। प्रथम विश्वयुद्ध में अमेरिकी नौसेना के सहायक सचिव के रूप में और द्वितीय विश्वयुद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उनका योगदान अविस्मरणीय है। विकलांगता के आघात से उबरकर उन्होंने देश को पहले आर्थिक रूप से और फिर सामरिक रूप से सशक्त किया। उन्होंने युद्ध और शान्ति दोनों का दायित्व बड़ी कुशलता और सूझ-बूझ से निभाया। अपने विरोधियों का दमन करने और कमज़ोर वर्ग का उद्धार करने में उन्होंने हमेशा तत्परता दिखलाई। उनकी सामाजिक सुरक्षा योजना आज भी आदर्श मानी जाती है।
—राजेन्द्र प्रसाद मिश्र
Book Details
-
ISBN9788183619992
-
Pages139
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Description:
दियरा की बलुआही ज़मीन हो या टाल की रेतीली धरती, दक्षिण का सपाट, मैदानी इलाक़ा हो या उत्तर की नदियाई भूमि, बिहार के गाँव का अतीत जाने बग़ैर कैसे कोई बिहार के वर्तमान को समझने का दावा कर सकता है!
न जाने कितने दशक बिहार की मेहनतकश आबादियाँ अपने अधिकारों से वंचित रही हैं। थोड़े-से असरदार लोगों ने सत्ता और समाज को अपनी मुट्ठी में क़ैद कर रखा है। हाशिए पर पड़ी कमज़ोर इंसानी ज़िन्दगियाँ काली ताक़तों से मुक़ाबला करने की हिम्मत जुटाती रही हैं।
बिहार के गाँव की इस तल्ख़ सच्चाई से रू-ब-रू हुए बिना कोई इसकी तक़दीर लिखने की कोशिश करे, तो यह कोशिश कैसे कामयाब होगी!
हाल के वर्षों में, बिहार के गाँव में बदलाव की जो बयार चली है, उसे शीत-भवनों में बैठकर नहीं आँका जा सकता। शीत-भवनों में तैयार किए गए गणित ज़मीन से कटे होने पर, अख़बार की सुर्खियों में या टेलीविज़न के पर्दे पर थोड़ी देर के लिए ज़रूर जगह पा सकते हैं, मगर ये गणित सच्चाई का रूप नहीं ले सकते।
सच्चाई का रूप तो ये तभी लेंगे, जब इसके गणितकार कमज़ोर तबक़ों की हक़मारी का अपना सदियों पुराना राग अलापना छोड़ दें।
जाबिर हुसेन ने जो भी लिखा है, अपने संघर्षपूर्ण सामाजिक सरोकारों की आग में तपकर लिखा है।
Sunhu Tat Yah Akath Kahani
- Author Name:
Shivani
- Rating:
- Book Type:

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Description:
कथाकार और उपन्यासकार के रूप में शिवानी की लेखनी ने स्तरीयता और लोकप्रियता की खाई को पाटते हुए एक नई ज़मीन बनाई थी, जहाँ हर वर्ग और हर रुचि के पाठक सहज भाव से विचरण कर सकते थे। उन्होंने मानवीय संवेदनाओं और सम्बन्धगत भावनाओं की इतने बारीक और महीन ढंग से पुनर्रचना की कि वे अपने समय में सबसे ज़्यादा पढ़े जानेवाले लेखकों में एक होकर रहीं।
कहानी, उपन्यास के अलावा शिवानी ने संस्मरण और रेखाचित्र आदि विधाओं में भी बराबर लेखन किया। अपने सम्पर्क में आए व्यक्तियों को उन्होंने क़रीब से देखा, कभी लेखक की निगाह से तो कभी मनुष्य की निगाह से, और इस तरह उनके भरे-पूरे चित्रों को शब्दों में उकेरा और कलाकृति बना दिया।
इस पुस्तक में शिवानी की आत्मवृत्तात्मक ‘सुनहु तात यह अकथ कहानी’ और ‘सोने दे’ शीर्षक के लेख शामिल हैं। आशा है, शिवानी के कथा-साहित्य के पाठकों को उनकी ये रचनाएँ भी पसन्द आएँगी।
Ek Taponisht Baal Brahmachari
- Author Name:
Pandit Brajbhooshan Tiwari
- Book Type:

- Description: इस अद्भुत पुस्तक में एक तपोनिष्ट बाल ब्रह्मचारी की गाथा है, जिनके त्याग और तपस्या ने काशी से कलकत्ते तक उनकी ख्याति को फैलाया। उनके जीवन के अनमोल क्षणों को चित्रित करते हुए, यह पुस्तक पाठकों को हिमालय की वादियों में ले जाती है, जहाँ वे उनके आध्यात्मिक पथ का अनुसरण करते हैं। एक यात्रा जो आपको उनके त्यागमय जीवन और गहन ध्यान की गहराइयों में ले जाएगी।
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