Shyamal Ghat Amrit Kalash
(0)
Author:
Vinamra Sen SinghPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
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Book Details
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ISBN9788195024513
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Pages232
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Avg Reading Time8 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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पुस्तक के तीन खंड हैं जिनमें भिन्न-भिन्न प्रकृति की रचनाओं को विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में ‘मतवाला और उसकी भूमिका’ जैसा आलेख जहाँ बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध की साहित्यिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि से परिचित कराता है, वहीं ‘लेखकों का सचेत और सतर्क दायित्व’ शीर्षक उनका अभिभाषण प्रगतिशील लेखकों और संगठनों की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करता है। दहेज की समस्या को लेकर लिखे गए दो व्यंग्यात्मक आलेख बताते हैं कि परसाई अपने लेखकीय दायित्व को लेकर कितने सजग थे।
इनके अलावा श्रीकांत वर्मा, ताज भोपाली और बाबा नागार्जुन पर उनके दिलचस्प संस्मरण भी इस पुस्तक का हिस्सा हैं। कुछ और रचनाओं के अलावा ग़ालिब को लेकर चुटीले अन्दाज में लिखा गया एक व्यंग्य भी इस संकलन में शामिल है जिसमें वे अपने प्रिय शायर को अपने ही ढंग से याद करते हैं।
Karpuri Thakur
- Author Name:
Dr. Ranjana Kumari
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- Description: जननायक कर्पूरी ठाकुर की ख्याति मुख्यमंत्री के रूप में कम और 'विपक्ष के प्राण' के रूप में ज्यादा थी। समाजवादी धारा के अग्रणी नेता के रूप में कर्पूरीजी भारतीय राजनीति में प्रतिष्ठित रहे हैं। संसदीय मर्यादा और विधाओं के भरपूर पालन तथा संसदीय व्यवस्था में कर्पूरीजी की अटूट आस्था थी। बिहार विधानसभा तथा लोकसभा में उनकी भागीदारी अत्यन्त उच्चकोटि की रही है। इस पुस्तक में विभिन्न संसदीय विधाओं, राज्यपाल के अभिभाषण, प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, बजट, वाद-विवाद, लोक महत्त्व के विषयों, प्रस्तावों तथा अविश्वास प्रस्ताव आदि में नेता विपक्षी दल के रूप में कर्पूरीजी की भागीदारी का निरूपण किया गया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न संसदीय विधाओं के सैद्धान्तिक पक्ष का अनुशीलन करते हुए उन सिद्धान्तों की कसौटी पर कर्पूरीजी की भूमिका का परीक्षण किया गया है। कर्पूरीजी की सदन के अन्दर नेता विपक्षी दल के रूप में निभाई गई भूमिका का विस्तृत विवरण देनेवाली यह पुस्तक भारतीय राजनीति के कुछ महत्त्वपूर्ण बिन्दुओं की सूचना भी देती है।
Charlie Chaplin
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Mamta Jha
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- Description: "चार्ली चैप्लिन—ममता झा निर्विवाद रूप से चार्ली चैप्लिन सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता माने जाते हैं। छोटी मूँछें, तंग कोट, काली ऊँची टोपी, बड़े जूते, ढीली पैंट और छड़ी के साथ ‘ट्रैंप’ के किरदार के रूप में विश्व भर के सिनेदर्शकों के मन में उन्होंने अमिट पहचान बनाई। चार्ली चैप्लिन एक सितारे की तरह फिल्म जगत् के फलक पर चमके। उनकी फिल्मों ने आम दर्शकों को हँसाया भी, रुलाया भी। ‘द किड’, ‘द सर्कस’, ‘द गोल्ड रश’, ‘सिटी लाइट’, ‘मॉडर्न टाइम्ज’, ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ आदि वे फिल्में हैं, जिनके लिए आज भी विश्व सिनेमा चार्ली का ऋणी है। सात वर्ष की उम्र में रंगमंच पर अभिनय के साथ चार्ली का कैरियर शुरू हुआ। खूब दौलत और शोहरत पाने के बावजूद चार्ली एक तन्हा और बेचैन कलाकार थे। एक दर्जन से अधिक स्त्रियाँ उनके जीवन में आईं। कई विवाह और तलाक हुए। खुद दुःखी होते हुए भी उन्होंने हमेशा अपनी कला से अपने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। चार्ली चैप्लिन के बारे में अधिकाधिक जानने की उत्कंठा रहती है। प्रस्तुत पुस्तक में उनके जीवन के विविध पहलुओं पर रोशनी डाली गई है और उनकी संघर्ष-गाथा को प्रस्तुत किया गया है। सुख-दुःख, हर्ष-विषाद, शोक-आनंद के रंगों में रँगी एक महान् कलाकार की प्रामाणिक जीवनी।
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