Dr. Zakir Hussain
Author:
Ziaul Hasan FaruqiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies0 Ratings
Price: ₹ 440
₹
550
Unavailable
डॉ. ज़ाकिर हुसैन स्मृति व्याख्यान-माला का आयोजन हर वर्ष ज़ाकिर हुसैन कॉलेज में किया जाता है और इसका उद्देश्य महान शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी नेता और भारत के राष्ट्रपति ज़ाकिर साहब के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। आधुनिक भारत में उच्च शिक्षा के लिए देहली कॉलेज के ऐतिहासिक अवदान और समकालीन महत्त्व को ज़ाकिर साहब बख़ूबी समझते थे। यह व्याख्यान-माला स्वतंत्रता-पूर्व और स्वातंत्र्योत्तर भारत में कॉलेज के प्रशासन में ज़ाकिर साहब द्वारा निभाई गई अहम भूमिका का अभिनन्दन करती है।</p>
<p>कहा जाता है कि बीसवीं सदी ‘इतिहास के अन्त’ और विचारधारा तथा कई निश्चितताओं की समाप्ति के साथ ख़त्म हुई। लेकिन इसके साथ ही यह विचार भी पैदा हुआ कि तमाम निश्चितताओं की घोषित समाप्ति अपने आप में एक कट्टरवाद की शक्ल अख़्तियार कर गई, और इसीलिए नए और पुराने ज्ञान को ग़ौर से परखने की आवश्यकता और बढ़ गई। इस पुस्तक में संकलित बारह व्याख्यान ठीक यही काम करते हैं, यानी वे ऐसे कई विचारों को प्रश्नांकित करते हैं जो समकालीन बौद्धिकता का रूपाकार तय कर रहे हैं और ऐसे तमाम सवालों से जूझते हैं जो हमारे मौजूदा जीवन के केन्द्र में स्थित हैं: मसलन—राष्ट्र-राज्य, पूँजीवाद, आधुनिकता, वैश्वीकरण और भाषा, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास से जुड़े अन्य अनेक बिन्दु। इन व्याख्यानों के सभी लेखक अपने-अपने क्षेत्र के अधिकारी विद्वान हैं। अपने विषयों से वे गहरे जुड़े हैं लेकिन उनकी दृष्टि वैश्वीकरण और जनतंत्रीकरण जैसी व्यापक प्रक्रियाओं तक भी जाती है।
ISBN: 9788171787678
Pages: 415
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: ‘बिनपटाची चौकट' दोन खांबांवर उभी आहे.एक खांब आहे, ऋजुतेचा आणि दुसरा खांब आहे, क्रूरतेचा.या दोन्ही अनुभवांतूनइंदूचे आयुष्य आकाराला आले आहेआणि म्हणून ते विदारक आहे.सरळसोट जगणे असते तर‘बिनपटाची चौकट' उभीच राहिली नसती.पट नसलेली चौकट समाजव्यवस्थेची आहे,मनुष्यसमूहाची आहे आणिआतल्या आत खदखदणाऱ्याआत्मप्रत्ययी अनुभवांची आहे.इंदूमती जोंधळे यांची ‘बिनपटाची चौकट'यातनामय परिक्रमेचानितळ आविष्कार आहे.गेल्या दशकातील मराठी निर्मितीनेज्याचा अक्षरवाङ्मयात गौरवाने समावेश करावाअसे हे आत्मकथन आहे.‘स्मृतीचित्रा'पेक्षाही हे अधिक दाहक आहे.- डॉ. गंगाधर पानतावणे(फेबु्रवारी, 1999) Binpatachi Chaukat | Indumati Jondhale बिनपटाची चौकट | इंदुमती जेोंधळे
Aasha ki Nanhi Kirane
- Author Name:
Annick De Giry +1
- Book Type:

- Description: मलाला, केसज, सांड्रा, ओम, मायरा, बरुआनी, मेमरी, क्रेग ने जीवन की मुश्किलों से लड़ने के लिए कभी स्वयं को अकेला या कमज़ोर नहीं माना। अपनी इच्छा शक्ति से इन्होंने अपनी किस्मत बदली और अपने जैसे दूसरों बच्चों को राह दिखाई। दुनिया के अलग अलग कोनों से आए इन लड़के-लड़कियों की कठोर संघर्ष का उल्लेख है, एक बेहतर दुनिया की उम्मीद में।
Rakta Ganga : Virangana Avantibai Ki Shaurya Gatha
- Author Name:
Iqbal Bahadur Devsare
- Book Type:

- Description: वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के जीवन-संघर्ष को आधार बनाकर 'रक्तगंगा' नामक इस ऐतिहासिक उपन्यास की रचना तथ्यों के आधार पर की गई है। इस उपन्यास के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को प्रकाश में लाते हुए समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया गया है। रानी के त्याग, बलिदान, अटूट राष्ट्रभक्ति, शौर्य, अदम्य साहस, रणकौशल, प्रबल इच्छाशक्ति, अपराजेयता, संगठनशक्ति, आत्म-विश्वास, दृढ़ निश्चय, जनता के प्रति प्रेम एवं सद्भावना पर प्रकाश डालते हुए रानी के व्यक्तित्व को भली-भाँति उजागर किया गया है। वीरांगना के जन्म से लेकर बलिदान होने तक की सम्पूर्ण शौर्यगाथा का वर्णन, सरल तथा ओजपूर्ण भाषा-शैली में लिखा गया है। यह उपन्यास सदैव देशवासियों के राष्ट्रप्रेम का संवर्द्धन करता रहेगा।
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