Seekh
Author:
Rajni BhandariPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
अपनी ख़ुशी तलाशती मैं कभी बंद आलमारी और बंद दरवज्ञों में कभी खुली खिड़िकयों में तो कभी यादों के झरोखों में कभी गैस पर चढ़े कुकर में तो कभी भगोने में उबलती खीर में कभी सड़क से आती कार की आवाज़ में तो कभी सड़क पर चलती हवा में कभी बजती डोर बेल में तो कभी सुनाई आती आरती में कभी नल से टपकते पानी में तो कभी भरे मठके में कभी सनन्नाटे को चीरती सब्जी वाले की आवाज़ में कभी सोचती सी में, जाने कहाँ गए वे दिन वापस उनके लौटने की आशा में और समेटी हुई अपनी अभिलाषा में बटोरी गई हिम्मत और समेटी गई उम्मीद में ।
ISBN: 9789393113276
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sabhyata Ka Sankat Banam Adivasiyat
- Author Name:
Ghanshyam
- Book Type:

- Description: सभ्यता का संकट बनाम आदिवासियत' पुस्तक कोरोनाकाल के लॉकडाउन के बीच लिखी गई। यह एकांतवास की चेतना और संवेदना से उपजा एक अनुभवजन्य दस्तावेज है, जिसमें मानव इतिहास की असह्य पीड़ा और करोड़ों लोगों की मौत की गुंजलक को समझने की कोशिश है। मानव सभ्यता के इतिहास में यह एक ऐसी परिघटना है, जिसे आनेवाले सैकड़ों वर्षों तक एक काला अध्याय माना जाएगा। पिछले कुछ सौ वर्षों का इतिहास यह बतलाता है कि जब-जब मानव ने प्रकृति को जीतने का दुस्साहस दिखाया है, तब-तब प्रकृति ने मानव को सुधारने के लिए एक सबक सिखाया है। इन्हीं में एक है—कोरोना महामारी, जिसने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और तकनीक की ऊँचाइयाँ अभी भी प्रकृति को जीत पाने में अक्षम हैं और शायद आगे भी रहेंगी। विशेषज्ञों ने यह भी जताया है कि इनसान की प्रतिरोधक क्षमता जितनी दुरुस्त रहेगी, यह महामारी उसके सामने फटक तक नहीं पाएगी। इस अर्थ में देखें तो आदिवासी इलाकों का अनुभव इसे सच साबित करता है। कोरोना काल का अनुभव यह बतलाता है कि अपने देश के अधिकांश आदिवासी इलाके अपेक्षाकृत महानगरों से ज्यादा सुरक्षित रह पाए। इसका बड़ा कारण यह है कि आज भी आदिवासियत इस तरह की महामारियों से इसलिए लडऩे में सक्षम है, क्योंकि उनका रिश्ता प्रकृति के साथ ज्यादा जीवंत और सहज है। इसलिए इस पुस्तक का शीर्षक 'सभ्यता का संकट बनाम आदिवासियत' है।
Kosh Kala
- Author Name:
Ramchandra Verma
- Book Type:

-
Description:
‘कोश निर्माण' की विधा पर लिखी गई विश्व साहित्य में यह पहली पुस्तक है। वर्मा जी ‘हिन्दी शब्द सागर’ के अन्यतम सम्पादकों में से थे। वही एक ऐसे सम्पादक भी थे जिन्होंने आरम्भ से अन्त तक, अपने इस दायित्व का निर्वाह किया। इसके उपरान्त उन्होंने ‘संक्षिप्त शब्द सागर’, ‘उर्दू हिन्दी कोश’, ‘प्रामाणिक हिन्दी’ तथा ‘मानक हिन्दी कोश’ की भी रचना की। इस प्रकार उनके जीवन का अधिकांश कोश-निर्माण में ही व्यतीत हुआ। ‘कोशकला’ को उनके कोश-निर्माण काल के अनुभवों का निचोड़ कहें तो अत्युक्ति न होगी।
‘कोश-निर्माण’ का कार्य विज्ञान भी है और कला भी। कोश की रचना का आधार वैज्ञानिक पद्धति तथा नियम हैं इसलिए यह विज्ञान है। जो सत्य है और सुन्दर है उसकी अभिव्यक्ति इसका सरोकार है, इसलिए यह कला है। वर्मा जी ने कोश निर्माण के हर पहलू पर इस कृति में गम्भीरता और सूक्ष्मता से विचार किया है।
‘कोशकला’ के प्रस्तुत संस्करण में नए तथ्यों का समावेश तो हुआ ही है, कई नई प्रस्थापनाओं पर भी पुनर्विचार हुआ है।
Madhya Pradesh Jail Prahari Evam Van Rakshak Bharti Pariksha (MP Jail Prahari Forest Guard 15 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
English Seekhen Aur Safal Banen
- Author Name:
Jagdish Narayan Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajkamal Student Hindi-English Dictionary
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्पूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजानिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।
साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज़्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद-कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
32000 Saal Pahale
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: हाल के दिनों में गल्फ ऑफ खंभात (गुजरात) की गहराइयों में बत्तीस हजार साल पुराने हिमयुग में नगर होने के साक्ष्य मिले हैं। संसार में अबतक मिली नगरीय सभ्यताओं में यह सबसे पुराना नगर होने का अनुमान है। वैज्ञानिकों-पुरातत्त्ववेत्ताओं के नवीन शोध और खोज को केंद्र में रखकर महायुग उपन्यास-त्रयी लिखा गया है। '32000 साल पहले तीन उपन्यासों की शृंखला का पहला उपन्यास है। उन दिनों संसार में सांस्कृतिक विकास के साथ कई नवीन प्रयोग हुए। संसार में पहली बार देह ढकने से लेकर, तेल का दीया जलाने, दूध का सेवन करने, बाँसुरी बजाने, नृत्य करने, गीत गाने, कथा वाचन आदि शुरू हुए। इन्हीं लोगों ने पहली बार नौका, हिमवाहन और चक्के के साथ विविध अस्त्रों का निर्माण किया। पहली बार मनुष्य के ओठों ने खाने और बोलने के आलावा प्रेम करना सीखा। खुले सेक्स की अवधारणा के साथ पहले परिवार की परिकल्पना भी शुरू हुई। कुछ अज्ञात-प्राकृतिक संघर्ष के कारण वहाँ प्रार्थना की शुरुआत हुई। परग्रहियों ने होमो सेपियंस के डी.एन.ए. का पुनर्लेखन किया। कुछ वैज्ञानिकों और पुरातत्त्ववेत्ताओं ने समुद्र की गहराइयों से जीरो पॉइंट फील्ड में संरक्षित ध्वनियों को संगृहीत कर उसे फिल्टर किया। कड़ी मेहनत के बाद उनकी भाषा को डिकोड किया गया और उसे इंडस अल्ट्रा कंप्यूटर पर चित्रित किया गया। उनकी आवाजों से ही बत्तीस हजार साल पहले की पूरी कहानी सामने आई।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Hindi Practice MCQs
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj
- Author Name:
Chitra Awasthi
- Book Type:

- Description: समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्, पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उद्देश्य को पूर्ण करेगी।
UPSSSC VAN RAKSHAK EVAM VANYA JEEV RAKSHAK
- Author Name:
Akash Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishva Kala Gyan Kosh
- Author Name:
Roop Narayan Batham
- Book Type:

- Description: ‘विश्व कला ज्ञान कोश’ भारत की किसी भी भाषा में कला और कलाकार विषयक पहला सन्दर्भ ज्ञान कोश है, जिसमें विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा सामान्य कला प्रेमियों के लिए विश्व की कला और कलाकारों से जुड़ी हजारों सामान्य ज्ञान की जानकारियाँ एक ही स्थान पर जुटाई गई हैं। कला और कलाकारों की समग्रता की संक्षिप्त, सरल और रोचक ढंग से जानकारी देना इस कोश का मुख्य उद्देश्य है। कला के तकनीकी शब्दों की पारिभाषिक जानकारी, देशी तथा विदेशी कलाकारों के नाम तथा उच्चारण, जीवन-काल, योगदान, प्रेरक संस्मरण, कालानुक्रमिक विश्व कला का विकास, विश्व के कलातीर्थ, शैक्षणिक व शोध-संस्थान, कला के क्षेत्र में छात्रवृत्ति देने वाले विश्वविद्यालय तथा फाउण्डेशन आदि से सम्बन्धित जानकारियाँ भी इसमें संग्रहित हैं। छात्रों और प्राध्यापकों के लिए मार्गदर्शक और संग्रहणीय कोश।
PARINITA & BARI DIDI (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: विचारो में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकांत कमरे में बैठे थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा, “बाबू! बाबू! माँ ने एक नन््ही सी बच्ची को जन्म दिया है।'' यह शुभ समाचार गुरुचरण बाबू के हृदय में तीर की भाँति समा गया, उसका चेहरा ऐसा सूख गया, मानो कोई बड़ा भारी अनिष्ट हो गया हो! यह पाँचवीं कन्या थी, जो बिना किसी बाधा के उत्पन्न हुई थी। गुरुचरण बाबू एक साधारण आदमी थे। वह केवल साठ रुपए मासिक वेतन के नौकर थे। उनकी दशा शोचनीय थी, जीवन शुष्क तथा नेत्रों में निराशा की झलक थी। शरीर दुर्बल, मरियल, टट्टू की भाँति था। देखने में ऐसा लगता था कि जान होते हुए भी बेजान हों। फिर ऐसी दशा में यह अशुभ समाचार सुनते ही उनका खून ही सूख गया और हाथ में हुक््का लिये हुए निर्जीव की भाँति, फटे-पुराने तकिए के सहारे लेट रहे। जान पड़ता है कि साँस लेने में भी उन्हें कष्ट हो रहा था। अन्नाकाली से यह शुभ समाचार सुनकर भी गुरुचरण बाबू कुछ नहीं बोले तो थोड़ी देर बाद वह उन्हें हिलाकर फिर कहने लगी, ““बाबूजी, मुन्नी को देखने न चलोगे ?!!
ZINDAGI BULA RAHI HAI
- Author Name:
Smt. Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Description of the book is awaited.
Bihar Ke Parva-Tyohar Aur Khanpan
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: ‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी' कहावत तो एक वैश्विक लोकोक्ति बन गई है, किंतु भारत, खासकर बिहार राज्य में यह कुछ अधिक ही चरितार्थ होती है। देश-विदेश से यहाँ आनेवाले लोग न केवल ज्ञान-विज्ञान की पोथियाँ लादकर ले गए, बल्कि यहाँ के आचार-विचार, पर्व-त्योहार, अतिथि-सत्कार और भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजनों-पकवानों के कभी न भूलनेवाले स्वाद भी सहेजकर ले गए। इस तरह यहाँ आनेवालों के दिलो-दिमाग में यहाँ की हर एक चीज बिहार की पहचान के रूप में रच-बस जाती है। उन्हीं में से कुछ ऐसी चीजें हैं, जो सर्वसाधारण के जन-जीवन से लेकर विशेष वर्ग में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं, वे हैं बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान! प्रस्तुत पुस्तक बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान की, उसी लोकप्रिय बिहारीपन के बारे में विस्तार से बात करती है। लेखक ने 120 अध्यायों की अपनी इस पुस्तक के 57 अध्यायों में बिहार के पर्व- त्योहारों की तथा 63 अध्यायों में खानपान की जानकारी विस्तार से दी है। यह पुस्तक बिहारी तीज-त्योहार और खानपान की समृद्ध परंपरा को जानने-समझने का माध्यम तो होगी ही, बिहार के पर्यटन विकास में भी सहायक होगी।
GS Score Civil Services Strategist: A Complete Guide For UPSC CSE Aspirants
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parvarish Karen to Aise Karen
- Author Name:
Veena Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Savita
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: तारकनाथ और राखाल केवल तीन महीने के ही साथ-संग से घनिष्ठ मित्र हो गए। जब तीन बज गए और तारक अभी तक नहीं आया, तब राखाल के हृदय में घबराहट और बेचेनी पैदा होने लगी। भवानीपुर में आज स्त्रियों की एक सभा होनेवाली है। वहाँ पर बहुत से शिक्षित परिवारों को लड़कियाँ इकट्ठी होंगी और इस समय राखाल वहाँ के लिए चल देने को बेचैन होता जा रहा था। जाने के सब इंतजाम कर चुका था। सफेद कुरता, धोतो और सिल्क का साफा पलंग पर तैयार रखे थे और पास ही ताजा पॉलिश किया हुआ जूता चमचमा रहा था। मेज पर रखी हुई सोने को रिस्टवॉच भी सोने को चेन के साथ चमचमा रही थी।
Manas Mein Nari
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
K.R. Malkani Hindu-Muslim Samvad (Hindi Translation of K.R. Malkani Hindu-Muslim Dialogue)
- Author Name:
Ed. Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: भारत विविधता का स्वागत करता है परंतु वहीं तक, जहाँ तक एकता होती हो। हम भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के लोग पिछले 50 वर्षों के घावों को भरने में एक-दूसरे की मदद करें और गत शताब्दियों के ऐतिहासिक अनुभव के आधार पर हिंदुस्तान में जीवन का नया व प्रसन्नतादायक साँचा तैयार करें। दंगों के बारे में इतना शोर-शराबा मचा रहने के बावजूद अधिकांश समय मुसलमान व हिंदू शांति व सद्भाव के साथ रह रहे हैं। भारत व पाकिस्तान की तनातनी के बावजूद इनकी आपसी लड़ाई एक बार में 2 सप्ताह ज्यादा नहीं चली। (ईरान व इराक एक-दूसरे का 8 वर्षों की दीर्घावधि तक खून बहाते रहे।) यहाँ तक कि विभाजन के समय भी हरमंदिर साहब, अमृतसर में सर्वोत्तम गायक मुसलमान थे। जिन लोगों ने नागपुर में रा.स्व. संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की समाधि बनाई, वे मुसलमान थे। अपनी सब विविधताओं के बावजूद हम सब हिंदुस्तान प्रायद्वीप के लोग एकजन हैं। यहाँ इस बात के साथ कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रायद्वीप में कितने राज्य हैं। हम शांति और सद्भाव से रह सकते हैं, अतः इसी तरह से रहना चाहिए । —इसी पुस्तक से
Khushiyon Ka Network
- Author Name:
Smt. Vandana Singh
- Book Type:

- Description: खुशियों का नेटवर्क व्यक्तिगत विकास से संबंधित एक ऐसी पुस्तक है, जो सिद्धांतों पर ज्यादा जोर न देते हुए व्यावहारिक प्रयोग पर बल देती है। यह पुस्तक पाठकों को खुशी के मंत्र प्रदान करती है, जिससे वह अपनी भाण- दौड़ भरी जिंदगी में 'खुश कैसे रहा जाए! बहुत आसानी से जान जाएँगे। यह पुस्तक पढ़ने के उपरांत आपको निम्नांकित लाभ होंगे- आप अपनी सोच को नियंत्रित कर पाएंगे। हर पल आपको खुशी का एहसास होगा | आपको अपने चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह महयूस होगा। भावनात्मक रूप से आप आत्मनिर्भर होंगे। हर परिस्थिति में उत्साहित करनेवाले सकारात्मक तथ्यों को ढूँढ़ पाएंगे। जीवन के प्रति नजरिए में परिवर्तन होगा। आप अपनी सकारात्मकता को दूयरों में भी स्वतः ही प्रवाहित करने लगेंगे, जिससे आपके आसपास का वातावरण उल्लासपूर्ण हो जाएगणा। अपनी जिन आदतों को आप परिवर्तित करना चाहते हैं, उसकी प्रक्रिया स्वयं प्रारंभ कर सकेंगे। आप अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को आकर्षित कर पाएँगे। अन्य लोगों के साथ आपके संबंध एवं व्यवहार में सुधार आएगा | जीवन के आनंद, उल्लास और सार्थकता का बोध करानेवाली एक व्यावहारिक व पठनीय पुस्तक |
Dharmokarshati
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: महाभारत की कथा पर आधारित यह एक ऐसा उपन्यास है, जिसमें आचार्य जी ने कर्मयोग के महत्व को बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। राजनीति में पारंगत कर्मयोगी कृष्ण और भावना की साकार प्रतिमा राधा का जैसा चित्रण ‘धर्मोरक्षति’ में हुआ है,
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book