BPSC (Bihar Public Service Commission) General Studies Combined (Preliminary) Competitive Examination 20 Practice Sets (Including 68th Solved Question Paper)
(0)
Author:
Dr. Ranjit Kumar SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
450
₹ 360 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354886058
-
Pages432
-
Avg Reading Time14 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Hindi Prayog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग। भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं।
प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग-कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है।
वाक्य में कोई शब्द जिस जगह या जिन शब्दों के मध्य रखा जाता है, उससे कोई न कोई प्रयोजन सिद्ध होता है। किसी न किसी प्रकार की प्रयोजन-सिद्धि के लिए ही शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
यदि कोई शब्द अपने अर्थ-गाम्भीर्य या अर्थ-विस्तार से हमें प्रभावित करता है तो अपने विलक्षण प्रयोगों से अभिभूत और चमत्कृत भी करता है।
शब्दों से अन्तरंगता उनके प्रयोगों के माध्यम से ही स्थापित होती है। हिन्दी अपने शब्दों के प्रयोग के विचार से कितनी अधिक समृद्ध है, यह तथ्य इस कोश की हर प्रविष्टि से चरितार्थ होता है।
Horoscope 2023
- Author Name:
Dr. A. Shanker
- Book Type:

- Description: The effects of twelve Signs (Rāśis) and Planets have been described in various classical books of Astrology. In this small booklet, we have provided the general pattern of Zodiac Signs for the year 2023. This pattern is based on the transition of planets, their daśā and effects on that Rāśi at a particular point of time. Zodiac signs concur special effects. Its portable nature will help the natives born under these sun signs to understand the zodiac characteristics and the impact of these planetary movement on these sun-signs. A general awareness about the characteristics of the different Zodiac signs can give one an advantage on their relations with people around the self (Native). Astrological traits of every zodiac sign are different from each sign, understanding the way their personalities are, can make it easier to understand why people do the things they do and helps in a better understanding of relationships.
Traces Of Indian Culture In Vietnam
- Author Name:
Geetesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Song of The Trinity: The Rise of Kali
- Author Name:
Vadhan
- Rating:
- Book Type:

- Description: There is an end coming; to all things. Kali, the Lord of Kaliyug, languishing in an impregnable prison, is devising a terrible revenge. In the age of deceit and treachery, his vassals are exploiting every flaw and weakness to break their liege out of captivity. The worlds are destroyed, villains resurrected, and mortals and Gods are annihilated, all of it just so Kali can rule over the universe. When he breaks loose, nothing can stop the end of days. The Gods are struggling to stop their infighting and to build an alliance to face the ancient peril. A handful of bravehearts including a cursed warrior, a one-of-a-kind Demi-God, a raging sage, and an extraterrestrial orphan are all that stand between the unspeakable evil and the existence of the universe. Hopelessly outnumbered, can they stop a nemesis that can kill them by merely glaring at them? The time is nigh! Stand your ground! Kaliyug is about to take us down!
Rajkamal Brihat Hindi Shabadkosh
- Author Name:
Pushppal Singh
- Book Type:

- Description: इस कोश में प्रयास किया गया है कि पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री ही इसमें प्रस्तुत की जाए। सर्वप्रथम भारत सरकार, वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा प्रस्तुत प्रशासनिक शब्दावली के उन बहुप्रयुक्त शब्दों के रूप दिए गए हैं जो अनुवाद, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकें। इस शब्दावली में वहाँ संशोधन प्रस्तुत किए गए हैं, जहाँ उनके बेहतर सरल, सुग्राह्य विकल्प हो सकते हैं। कुछ पारिभाषिक शब्दों को समय ने अस्वीकार कर उनके विकल्प प्रस्तुत कर दिए हैं, कुछ के अंग्रेज़ी रूप यथावत् या किंचित् रूपान्तर के साथ स्वीकार कर लिए गए हैं। कार्यालयी टिप्पण—‘नोटिंग’— से सम्बन्धित शब्दावली, वाक्यांश, अभिव्यक्तियाँ भी आवश्यक संशोधनों के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं। बैंक और बैंकिंग-व्यवस्था हमारे जीवन में अत्यन्त निकट व्यवहार में है। इसीलिए बैंकिंग शब्दावली तथा बैंकिंग क्षेत्र के हिन्दी पदनाम (डेजीनेशनल टर्म्स) भी यहाँ दिए जा रहे हैं। विलोम शब्दों की सूची भी प्रस्तुत की जा रही है जिसकी आवश्यकता प्रायः पड़ती रहती है। अन्तरराष्ट्रीय कैलेंडर के महीनों और सप्ताह के दिनों के नामों का उद्भव इस कोश में प्रथम बार दिया जा रहा है। भारतरत्न सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्तकर्ता हिन्दी साहित्यकार तथा साहित्य अकादेमी हिन्दी पुरस्कारों की सूची भी यहाँ दी जा रही है। विश्वास है कि यह सामग्री पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी।
Dictionary of Idioms
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: It rained cats and dogs”, “I know where his shoe pinches”, “Yes, it was really a blessing in disguise”… These idioms are often used in common language in our day-to-day talk or even correspondence. Their usage makes the communication and message conveyed quite effective. The dictionary defines idiom as “a group of words whose meaning is different from the meaning of the individual words.” An idiom is a combination of words with figurative meanings. It often creates a picturesque image, which conveys the meaning. For e.g. ‘where the shoe pinches’, the image automatically creates the image of pain and trouble and the place where there is trouble. Similarly, ‘add fuel to the fire’—it creates the image of fire blazing more, and the meaning of aggravation comes out. The following example is widely employed to illustrate the point.
Samanya Adhyayan 30 Dinon Mein
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में संघ लोक सेवा आयोग के सामान्य अध्ययन की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र-1 से संबद्ध समस्त विषयों को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक भाग की रचना संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति व स्वरूप के अनुसार की गई है। पुस्तक में भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन; भारतीय राजनीति एवं अभिशासन; पर्यावरण के सामान्य मुद्दे एवं जैव विविधता तथा सामान्य विज्ञान इत्यादि विषयों पर विश्लेषणपरक सामग्री प्रदान की गई है। अभ्यर्थी नियमित अध्ययन द्वारा मात्र 30 दिनों में संपूर्ण पाठ्यक्रम को समाप्त कर सकता है। मुख्य विशेषताएँ दिनों के अनुसार सामग्री का समावेश अध्ययन की सुविधा हेतु तालिकाओं व बॉक्सों का प्रयोग सरल; रोचक एवं स्पष्ट भाषा शैली का प्रयोग विगत; वर्षों के हल प्रश्न-पत्र
Sanshipt Hindi Angreji Kosh
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ–साथ वह भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। हिन्दी–अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन इसी दृष्टि से किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने विशेष रूप से छात्रों–विद्यार्थियों की पाठ्यक्रमगत तथा सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर ख़ास तौर से ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य–पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।
ANM Prashikshan Chayan Pariksha (Auxiliary Nurse Midwife Entrance Exam Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vastu Vidya
- Author Name:
K. Mahadev Shashtri +1
- Book Type:

- Description: ‘अनंत शयन संस्कृत ग्रंथावली’ के तीसवाँ (३०) अंक का प्रसिद्ध ‘वास्तु विद्या’ का यह द्वितीय संस्करण है। यह ११०६वें वर्ष (कोलंबाब्द) में आरम्मुळ वासुदेव मूस महाशय से प्राप्त वास्तु विद्या का केरल भाषा में लिखित व्याख्या के आधार पर, इसी ग्रंथालय में तात्कालिक अध्यक्ष, श्री महादेव शास्त्री के द्वारा प्रस्तुत लघु विवृत्ति नाम के व्याख्यान को अर्थ स्पष्टीकरण के लिए संयोजित किया है। वास्तु संबंधी ज्ञान इस ग्रंथ से प्राप्त हो, अतः इसका ‘वास्तु विद्या’, संज्ञा करण समुचित लगता है। और यह ‘साधन कथन’ से आरंभ होकर, ‘मृल्लोष्ट विधान’ तक सोलह अध्यायों में सगुंफित है। ग्रंथ के सोलहवें अध्याय के अंत में, समाप्ति प्रकटन का कोई दूसरा वाक्य उपलब्ध नहीं है। ‘इति वास्तु विद्या समाप्त’, ऐसा दृश्यमान होने पर भी— “दारुस्वीकरणं वक्ष्ये निधिगेहस्य लक्षणे।” (अध्याय १३) अर्थात् निधि गेह के लक्षण में दारु ग्रहण (लकड़ी का चयन) करना बताऊँगा। इस प्रकार ग्रंथकर्ता के ‘दारुस्वीकरण’ आदि स्वयं की वचनबद्धता से बोध के अभाव से (अज्ञानता या भ्रम के कारण) लेखक के द्वारा (‘इति वास्तु विद्या समाप्त’ ऐसा) लिखित होना संभावित होता है।
Chhattisgarh Ka Bhugol
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Chhattisgarh Ka Bhugol
INDRADHANUSH KE KITNE RANG
- Author Name:
Piyush Ranjan
- Book Type:

- Description: भावनाओं के कई रंग होते हैं और सभी रंगों का अपना एक अलग ही मजा होता है। जब से जिंदगी को समझा है, जिंदगी को सिर्फ अपने दिल की सुनकर, भावनाओं से परिपूर्ण जीया है। यह पुस्तक इंसान के इंद्रधनुषी भावनाओं के उन रंगों को सहेजने का एक प्रयास है, जिसका अनुभव जिंदगी के किसी-न-किसी मोड़ पर मुझे हुआ है। ‘इंद्रधनुष के कितने रंग’ जिंदगी के विविध रंगों को पन्नों पर उतरने की एक कोशिश है। ‘फलसफा’ में जिंदगी के मूल्य को समझते हुए, अपने कृत्य के द्वारा जिंदगी को और भी ज्याद मूल्यवान बनाने का संदेश दिया गया है। ‘जिंदगी दो पल की’ होती है। अफसोस, ज्यादातर लोग इस बात को जब तक समझ पाते हैं, तब तक ये पल बीत गए होते हैं।
Buland Awaaz "बुलंद आवाज"
- Author Name:
Nand Kishore Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Radhakrishna Angreji-Hindi Vyavharik Kosh
- Author Name:
Santosh Prasad +1
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया गया है।
इस कोश में विद्वान् कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं। साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
Aanand Ki Raah (Hindi)
- Author Name:
Rajendra Tiwari
- Book Type:

- Description: विश्व में अशांति, कलह, संघर्ष, युद्ध, नकारात्मकता, ईर्ष्या, अहम् की प्रतिस्पर्धा में शांतिविहीन समाज का स्वरूप बन रहा है, जिस कारण अभाव, अपूर्णता, असंतुष्टता पनप रही है। व्यक्ति का आंतरिक सुख व आनंद विलुप्त हो रहा है। प्रश्न यह है कि हमारा मन शांत और संतुष्ट कैसे हो व हम आनंद कैसे प्राप्त करें? प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने स्पष्ट किया है कि अध्यात्म का तात्पर्य किसी धर्म-विशेष से नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति को सही व गलत के भेद को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का रास्ता मिलता है, विवेकशीलता जाग्रत् होती है। आध्यात्मिक चिंतन में द्वंद्व और भेदभाव नहीं है। यह विषय सिर्फ संत-महात्माओं और भक्ति के क्षेत्र से जुडे़ व्यक्तियों के लिए ही नहीं है, बल्कि इसकेमाध्यम से मनन करके हम आनंद की राह खोज सकते हैं। हमें हमारे शिक्षणकाल में उस ज्ञान को परोसा ही नहीं जा रहा है जो आनंद के आभास की राह बताता हो। जीवन का उद्देश्य आनंद में रहने का है। मनुष्य के नैसर्गिक गुणों में द्वंद्व, भ्रम, अवसाद, चिंता, व्यग्रता, असंतोष, असंतुलन, क्लेश आदि ग्राह्य नहीं हैं। प्रसन्न रहना एक स्वाभाविक गुण है। अतः जीवन में संतोष और उल्लास प्राप्त करने के लिए मानवीय गुण तथा आध्यात्मिक-सांस्कृतिक चिंतन प्राप्त करने के लिए प्रसन्न रहिए, आनंदित रहिए। इसी से जीवन में आनंद की राह प्रशस्त होगी। व्यावहारिक जीवन में आनंद का एकमात्र साधन आध्यात्मिक चिंतन है। पुस्तक की प्रस्तावना मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति माननीय श्री जस्टिस आनंद पाठक ने प्रस्तुत की है।
Sangharsh Ma Gujarat (Gujarati Edition)
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: લોકતંત્રનું ગળું ઘોંટી દેવા તત્કાલીન વડાપ્રધાન ઇંદિરા ગાંધીએ દેશમાં કટોકટી લાદી હતી. લોકતંત્રની રક્ષા અને કટોકટી સામેની લડતમાં ગુજરાત હંમેશાં મોખરે રહ્યું. આ સંઘર્ષના અગ્રેસર કાર્યશીલોમાંના એક શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ પોતે લોકશાહીની લડત અને તેના અંતિમ વિજયની ગાથા આ પુસ્તકમાં આલેખી છે. કટોકટી કેવી રીતે આવી એ વિશે ઘણું લખાય છે, પરંતુ કટોકટી ગઈ કેવી રીતે એ વિશે ખાસ કંઈ જ લખાયું નથી. આ વિચારમાંથી જ આ પુસ્તકનો જન્મ થયો. કટોકટી પછી ચૂંટણીઓ આવી અને જનતા પક્ષ વિજયી થયો તે નર્યો ચમત્કાર માત્ર હતો? ચૂંટણીઓ દ્વારા થયેલ ક્રાંતિકારી પરિવર્તન એ અચાનક જ આવી મળેલી સફળતા છે એવો પણ એક મત પ્રચલિત થયો છે. પણ વાસ્તવમાં નિશ્ચિત પરિણામો પ્રાપ્ત કરવા ૨૦ માસ સુધી લગાતાર સુનિયોજિત સંઘર્ષ કરવો પડ્યો છે અને તે સંઘર્ષનાં કેટલાં-કેવાં વિવિધ સૂક્ષ્મ, જ્ઞાત-અજ્ઞાત ક્ષેત્રો હતાં તેની પણ એક ભવ્ય ગાથા છે. આઝાદીની પહેલી લડાઈ કરતાં લોકશાહીના રક્ષણ માટેની આ આ બીજી લડાઈનું મૂલ્ય આ રીતે જરાય ઓછું નથી. અને તેમાં ગુજરાત પણ પ્રારંભથી લડતું રહ્યું છે. તેની ગાથા આ પુસ્તકમાં છે
UPSSSC Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission 2023 Pet (Preliminary Eligibility Test) Group-C
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarokar (Samasaamayik Aalekhon Ka Sankalan)
- Author Name:
Chander Sonane
- Book Type:

- Description: जब मैं म.प्र. शासन के सूचना और जनसंपर्क विभाग में पदस्थ था, तब 1989-93 और बाद में 2004-2006 के बीच चंदर सोनाने ने मेरे साथ काम किया था। मैंने उन्हें गरीबों और दलितों को प्रभावित करनेवाले मुद्दों पर तेज नजर रखनेवाला एक बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति पाया। जनसंपर्क अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने कठिन परिश्रम कर अपने कार्य के प्रति पूर्ण न्याय किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे निरंतर रचनाशील रहे तथा जनसामान्य, समाज, गरीबों को सीधे प्रभावित करनेवाली शासन की नीतियों और कार्यक्रमों के विषयों पर चिंतनपूर्वक लिखते रहे हैं। ‘सरोकार’ उनका नियमित स्तंभ है। इन लेखों का एक संकलन पहले ही प्रकाशित हो चुका है, जो अति रोचक और ज्ञानवर्धक है। इस दूसरे संकलन में सामयिक विषयों, जैसे कश्मीरी पंडितों की समस्या, शासन द्वारा कोविड से निपटने का तरीका, न्याय प्रणाली, उज्जैन की स्थानीय समस्याओं, महाकाल मंदिर और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था, शिप्रा नदी की स्वच्छता, किसान आंदोलन, किसान संबंधी तीन कानूनों की वापसी, राजनीति, सामाजिक, व्यक्तित्व, देश व प्रदेश से संबंधित अन्य विषयों पर गहन चिंतन और लेखन किया गया है। यदि नीति-निर्माता और प्रशासक अपने दिन-प्रति-दिन के कार्य के दौरान ऐसे अच्छे ब्लॉगों और पुस्तकों का उपयोग करते हैं, तो मुझे यकीन है कि वे किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर गहन अंतर्दृष्टि का भारी लाभ प्राप्त करेंगे। —ओ.पी. रावत भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
Agnileek Kee Aginkatha
- Author Name:
Prakash Devkulish
- Book Type:

- Description: हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है। ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
UPSC: CSAT Samanya Adhyayan Paper-II Solved Papers 2011-2022 (UPSC CSAT General Studies Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book