Khwabon Ke Khat
(0)
Author:
Tripti BhattPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789352661404
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Inspiring Stories From My Life
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
GS Score Civil Services Strategist: A Complete Guide For UPSC CSE Aspirants
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir : Sahitya Aur Sanskriti
- Author Name:
Shiben Krishna Raina
- Book Type:

-
Description:
कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य जितना विश्वविख्यात है, उतना ही उसकी साहित्यिक सांस्कृतिक विरासत भी मूल्यवान और सर्वविदित है।
ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ घाटियों के बीच में भास्वरित होती झीलें, झाड़ियों से भरे जंगल फूलों से घिरी पगडण्डियाँ केसर-पुष्पों से महकते खेत, कल-कल करते झरने, बर्फ से आच्छादित पर्वतमालाएँ आदि कश्मीर की अनुपम खूबसूरती को स्वतः ही बयाँ करते हैं।
प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ कश्मीर की सांस्कृतिक साहित्यिक धरोहर भी कम अनूठी और गौरवशाली नहीं है। इस धरती को धर्म-दर्शन और विद्या-बुद्धि की पुण्य-स्थली माना जाता है। शारदापीठ भी कहा जाता है और रेश्यवार (ऋषियों की बगीचों) के नाम से भी अभिहित किया जाता है। इस भूखण्ड ने भारतीय ज्ञानपरम्परा को बड़े-बड़े मनीषी विद्वान और कालजयी महापुरुष दिये हैं जिनका अवदान सदा स्मरणीय रहेगा। महान रसशास्त्री और शैवाचार्य अभिनव गुप्त, कवि-इतिहासकार (राजतरंगिणीकार) कल्हण काव्यशास्त्री मम्मट आनन्दवर्धन, वामन, आचार्य क्षेमेन्द्र आदि के नाम इस सन्दर्भ में बड़े गर्व के साथ लिये जा सकते हैं।
Bhasha Sanshay Shodhan
- Author Name:
Kamlesh Kamal
- Book Type:

- Description: पुस्तक को पढ़कर कहा जा सकता है कि लेखक ने भाषाई शुद्धता संबंधी लगभग सभी पक्षों को छूने का प्रयास किया है। आशा करता हूँ, विश्वविद्यालयों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी हिंदी प्रेमी इस पुस्तक से लाभान्वित होंगे। -गिरिधर मालवीय कुलाधिषति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के साथ-साथ यह पुस्तक उन सभी सुधी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्हें हिंदी भाषा से स्नेह है और जो सदैव इस भाषा के विकास के लिए विचार करते हैं अथवा प्रयास करते हैं । सिविल सेवा अभ्यर्थियों में लेखन कौशल के विकास में यह अत्यधिक सहायक होगी । -सी.बी.पी. श्रीवास्तव निदेशक; डिस्कवरी आई. ए. एस., दिल्ली यह पुस्तक आज के दौर में भाषाई अनुशासन को कायम रखने की दिशा में अभिनव प्रयोग है। यह मीडियाकर्मियों, विद्यार्थियों, लेखकों के साथ-साथ हर हिंदीप्रेमी के लिए अच्छी मार्गदर्शिका के रूप में पठनीय है। -प्रो. संजीव भानावत पूर्व अध्यक्ष जनसंचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, संपादक; “कम्युनिकेशन टुडे यह पुस्तक पत्रकारिता और लेखन से जुड़े लोगों के लिए एक अत्यावश्यक संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। -संजय स्वतंत्र मुख्य उपसंपादक, जनसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस सगृह
Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (Hindi-English)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
इस शब्दकोश की विशेषता है कि इसमें केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन है। वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली है। बहुआर्थिक शब्दों के अर्थों का अलग-अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण भी किया गया है। उपसर्गों और प्रत्ययों का सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलन है।
निस्सन्देह यह कोश सरकारी काम करनेवालों के लिए और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए उपयोगी है।
Asha (Hindi)
- Author Name:
Shri Bhuvendra Tyagi
- Book Type:

- Description: जब हर तरफ दहशत हो, मायूसी हो, लाचारी हो, तो नाउम्मीदी के अँधेरे चारों ओर उग ही आते हैं। तब जरूरत होती है नई आशा की, जो इन अँधेरों को दूर करके मनोबल बढ़ाए और हालात से जूझने का जज्बा दिलाए। ‘आशा’ संग्रह की कविताएँ इसी रोशनी और संबल के प्रसार के लिए हैं। अंग्रेजी के 46 कवियों की 51 कविताओं के अनुवाद का यह कविता संग्रह कोरोना-काल ही नहीं, तमाम विषम परिस्थितियों में एक सच्चे दोस्त और शुभचिंतक की तरह हौसला बनाए रखने की ताकत देनेवाला है। माया एंजेलो की कालजयी कविता ‘फिर भी उठूँगी मैं’, रुडयार्ड किपलिंग की ‘अगर’, कैटी ए. ब्राउन की ‘खुद से हार कभी मत मानो’, जॉयस अलकांतारा की ‘देखोगे नहीं मुझे कभी हारते’, हेनरी वर्ड्सवर्थ लॉन्गफेलो की ‘जीवन-मंत्र’, लैंग्स्टन ह्यूजेस की ‘अब भी जंग में डटा हुआ हूँ’, थॉमस हार्डी की ‘आशा का गीत’, मैक्स एरमन की बहुचर्चित कविता ‘मनोकामनाएँ’ (डेसिडराटा) और बर्टन ब्रैली की ‘चाह जीत की’ जैसी ओजस्वी कविताएँ किसी के भी मन से निराशा दूर करके आशा जगाने और किसी भी निरुत्साही को उत्साह और उमंग से भरकर जीवन को सुंदर बनाने में सक्षम हैं। ये आशा जाग्रत् करने के लिए सहज, सरल, शाश्वत, सार्वभौमिक और सर्वकालीन कविताएँ हैं।
Indian Constitution and Polity Bhartiya Samvidhan Evam Rajvyavastha "भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था" For Union and State Service Commission Exams 2023 Book in Hindi
- Author Name:
Udyabhan Singh
- Book Type:

- Description: "प्रस्तुत पुस्तक ' भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था' संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं हेतु लिखी गई है। यह पुस्तक भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था से संबद्ध समस्त अवधारणाओं का निष्पक्ष एवं सरल भाषा में विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें संवैधानिक संरचना, संवैधानिक विकास, कार्यपालिका : संघ एवं राज्य, व्यवस्थापिका : केंद्रीय एवं राज्य, न्यायपालिका, स्थानीय शासन, नगरीय शासन, केंद्र-राज्य संबंध, आपातकालीन प्रावधान, कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान, संविधान संशोधन, संवैधानिक संस्थाएँ, राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, नीति आयोग, भारत में राजनीतिक दल, दबाव समूह, स्वैच्छिक संगठन, लोकपाल एवं लोकायुक्त, भारत में खुफिया तंत्र, ई-शासन, कॉर्पोरेट गवर्नेस इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक सामग्री प्रस्तुत की गई है। ◆ प्रमुख विशेषताएँ ◆ लोकतंत्र में सिविल सेवा की भूमिका पर विश्लेषणात्मक सामग्री । विभिन्न देशों की संवैधानिक व्यवस्था पर अद्यतन सामग्री । भारत की विदेश नीति (नेहरू से मोदी तक) का समग्र अवलोकन । राजनीतिक / संवैधानिक / संसदीय शब्दावली । भारत के संविधान पर विस्तृत सामग्री । सिविल सेवा (प्रा.) परीक्षा में विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का समावेश । राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र शासन संशोधन अधिनियम-2021 का समावेश ।
Rigvediya Shrisooktam
- Author Name:
Shrimad wishvaksenacharya tridandiswami virachita
- Book Type:

- Description: "हे भूदेव! जिनकी शुचिता गंगा को विलज्जित करती हो! तत्त्व-बोध में क्षीरसिंधु का गांभीर्य हो! आदेशोपदेश में ब्रह्मरात शुक्र शौनकादि की मधुरता हो! बहुआयामी अर्थबाहुल्य में सत्य वती नंदन की सतर्कता हो! ऐसे समाधिसिंधु अवगाहन विचक्षण क्रियायोग निष्णात् अनंत श्रीसमलंकृत अस्मर्द-दीक्षाचार्य पूज्य श्रीपाद स्वामीजी प्रणीत श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त की मर्मबोधिनी व्याख्या के पंचम संस्करण को महाभागवतों की समाराधना में प्रस्तुत करते हुए श्रीविजयराघव मंदिर ट्रस्ट (रजि . ४५१०) को अत्यंत आह्लद हो रहा है। पूर्व में ये दोनों सूक्त दो खंडों में छपा था, जो अब एक ही आवरण में प्रस्तुत है। विष्णुपादोदकी सम पावन इस ग्रंथ -ग्रथन के संदर्भ में एक सहज वाणी स्फुटित हो साकांक्ष हो जाती है—" श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त ग्रंथ की यह टीका मर्मबोधिनी और फलदायिनी है। इसमें श्रीसूक्त ऋचाओं की मार्मिक व्याख्या के साथ महालक्ष्मी पूजा-विधि, सचित्र श्रीचक्रम् सीतोपनिषद एवं सौभाग्यलक्ष्मी उपनिषद के वर्णन सहित पुरुष सूक्त मंत्र प्रयोगार्थ श्रीचक्राब्जमंडल की रचना एवं पूजा-विधि, विभांडक चरुविधि, ऋष्यशृंगोक्त संतानयाग विधि, उत्तर नारायणानुवाक् तैत्तिरीय पुरुषसूक्त, नारायणोपनिषद एवं मुदलोपनिषद का भी वर्णन है। हे देव! इस पंचम संस्करण का प्रकाशन आप श्रीपादपद्मो की सेवा कर जिन्होंने अन्वर्थ नाम 'श्रीपादसेवक' पाया, ऐसे 'श्री विजयराघव मंदिर ट्रस्ट' अध्यक्ष (डिहरीआनसोन रोहिताश्व, बिहार) वैकुंठवासी श्री सुदर्शनाचार्य ब्रह्मचारजी की पुण्य स्मृति में कराया गया है।
Nastikon ke desh mein: Netherlands
- Author Name:
Praveen Kumar Jha
- Book Type:

- Description: लेखक प्रवीण झा शहरों और देशों के विचित्र पहलूओं में रुचि रखते हैं। आईसलैंड के भूतों के बाद यह अगला सफर नीदरलैंड के नास्तिकों की तफ़्तीश में है। इस सफर में वह नास्तिकों, गंजेड़ियों और नशेड़ियों से गुजरते वेश्याओं और डच संस्कृति की विचित्रता पर आधी नींद में लिखते नजर आते हैं। किताब का ढाँचा उनकी चिर-परिचित खिलंदड़ शैली में है, और विवरण में सूक्ष्म भाव पिरोए गए हैं। यह एक यात्रा-संस्मरण न होकर एक मन में चल रहा भाष्य है। भिन्न संस्कृतियों के साम्य और द्वंद्व का चित्रण है। इसी कड़ी में उनका सफर एक खोई भारतीयता का सतही शोध भी करता नजर आता है। पुस्तक ‘भूतों के देश में: आईसलैंड’ की शृंखला रूप में ‘नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड’ शीर्षक से लिखी गयी है, लेकिन दोनों की शैली में स्वाभाविक अंतर है। ख़ास कर नीदरलैंड की गांजा संस्कृति और वेश्यावृत्ति पर लेखन नवीनता लिए है। इन विषयों पर अनुभव जीवंत रूप से दर्शाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, नीदरलैंड की नास्तिकता पर एक अलग दृष्टिकोण से विवरण है। किताब की ख़ासियत यह भी है कि नीदरलैंड के भिन्न-भिन्न शहरों और नहरों से उनकी नाव गुजरती है। वह देश की राजधानी एम्सटरडम में सिमटे नहीं रहते, बल्कि एक देश को भटक-भटक कर टटोलते हैं। और इस भटकाव में लेखक के अपने पूर्वाग्रह और अंतर्द्वंद्व भी जुड़ जाते हैं। लेखक सूफ़ियाना हो चलता है, और बह कर किसी द्वीप पर जा बसता है। वान गॉग की आखिरी तस्वीर में खो जाता है। जब वह कुछ दिन गुजारता है- नास्तिकों के देश में।
Jharkhand GK
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: झारखंड को अस्तित्व में आए कई वर्ष हो चुके हैं। इन वर्षों में राज्य ने काफी प्रगति की है। ‘नव-निर्मित’, ‘नया राज्य’ जैसे शब्द अब झारखंड के लिए उपयुक्त नहीं हैं। झारखंड ने अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता, वन्य एवं खनिज संपदा और अद्भुत विकास गाथा के कारण राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है। अन्य विकसित राज्यों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने को तैयार है। कुछ अन्य कारणों से यह वैश्विक पटल पर भी जाना-पहचाना जाता है। धोनी और दीपिका ने झारखंड को विश्व पटल पर पहचान पहले ही प्रदान कर दी है। अब झारखंड अपनी विकास गति के कारण समाचारों में छाया है। पुस्तक में इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु झारखंड की सम्यक् जानकारी को निम्न अध्यायों के अंदर प्रस्तुत किया गया है—झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, भौगोलिक अवस्थिति, नदी तंत्र, खनिज-संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि-पशुपालन, वन एवं राष्ट्रीय उद्यान, जनजातीय समाज इत्यादि। झारखंड राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी पुस्तक।
Arthshastra Paribhasha Kosh
- Author Name:
Sudarshan Kumar Kapoor
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी में अर्थशास्त्र की मानक शब्दावली को परिभाषित और व्याख्यायित करता अपने तरह का पहला कोश है—‘अर्थशास्त्र परिभाषा कोश’, जिसे गहन अध्ययन-मनन के पश्चात् ख्यात शिक्षाविद् सुदर्शन कुमार कपूर ने परिश्रमपूर्वक तैयार किया है।
उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए तमाम सरकारी शैक्षिक संस्थानों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों, सन्दर्भ ग्रन्थों और अन्य पठन सामग्रियों में वैज्ञानिक व तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा निर्मित हिन्दी शब्दावली के प्रयोग का निर्देश दिया गया है, जिससे सभी पुस्तकों में हिन्दी तकनीकी शब्दावली की एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। लेखक ने उक्त सारी बातों का ध्यान कोश में रखा है।
यह कोश विद्यालयीन, स्नातक, स्नातकोत्तर स्तर के लाखों छात्रों के लिए अत्यन्त उपयोगी है, जिनकी शिक्षा का माध्यम हिन्दी है। इस कोश में प्रवेशक अर्थशास्त्र, व्यष्टि अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र और अर्थतंत्र से सम्बन्धित लगभग आठ सौ संकल्पनाओं की व्याख्या की गई है। तमाम तकनीकी शब्दावलियों के सार्थक प्रयोग बतानेवाली यह पुस्तक बरसों की रिक्तता की पूर्ति करती है।
छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यन्त संग्रहणीय कोश।
Lottery Ticket Evam Anya Kahaniyan Stories Book
- Author Name:
Arun Rohankar
- Book Type:

- Description: कहानियों के माध्यम से जीवन के अनेक अनोखे पहलुओं को नाटकीय और रोचक ढंग से प्रस्तुत करना लेखक के लिए एक सुखद अनुभव होता है। ये कहानियाँ न केवल पाठकों का मनोरंजन करती हैं, बल्कि उन्हें सोचने-समझने के लिए प्रेरित भी करती हैं। इस संग्रह की कई कहानियाँ विशिष्ट अनुभूतियाँ प्रदान करती हैं। वे कभी मानव जीवन के विविध रूपों को उजागर करती हैं तो कभी हमारे आसपास की दुनिया के रहस्यों की झलक दिखाती हैं। हर कहानी अपने आप में विशिष्ट है- चाहे वह किसी अप्रत्याशित मोड़ की बात हो, किसी गहरी व्यक्तिगत अंतर्दृष्टि का खुलासा हो या फिर ऐसी दुनिया की झलक हो, जिसकी हमने कल्पना तक न की हो। जैसे-जैसे आप 'लॉटरी टिकट एवं अन्य कहानियाँ' के इस संग्रह में यात्रा करेंगे, जीवन के आपको विविध रंगों का दिग्दर्शन होगा। आशा है, ये कहानियाँ आपके हृदय से संवाद करेंगी और अंतिम पृष्ठ पलटने के बाद भी आपके मन पर गहरी छाप छोड़ेंगी। संभव है कि इनमें आपको ऐसे पात्र मिलें, जो आपको स्वयं की या किसी ऐसे व्यक्ति की याद दिलाएँ, जिन्हें आप जानते हैं।
Sant Ravidas
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: संत रविदास प्रसिद्ध भारतीय संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका प्रेरक जीवन सामाजिक न्याय और समानता के प्रति असीम प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिकता, नैतिकता और सामाजिक न्याय की पैरवी करती हैं और सभी मनुष्यों के लिए करुणा तथा प्रेम की गहरी भावना से ओत-प्रोत हैं। संत रविदास कबीरदास के समकालीन थे। वे कबीर की तरह स्वामी रामानंदजी के शिष्य थे। गुरु ग्रंथसाहिब में संत रविदास की वाणियों का भी संकलन है। उनकी योग्यता एवं महत्ता से प्रभावित होकर मीराबाई ने उन्हें अपना गुरु बनाया और उनसे दीक्षा ली। वे मूल रूप से एक भक्त और साधक थे। उनकी वाणियों और पदों में दैन्य भावना, शरणागत, ध्यान की तल्लीनता तथा आत्मनिवेदन की भावना प्रमुखता से पाई जाती है। भक्ति के सहज एवं सरल मार्ग को उन्होंने अपनाया था; सत्संग को भी महत्त्व दिया है। जात-पाँत के भेदभाव को मिटाने का महत्त्वपूर्ण कार्य उनके सरल काव्य ने किया और मानव को जीवन जीने की कला तथा मानवता का पाठ पढ़ाया। अधिक पढ़े-लिखे न होते हुए भी उन्होंने समाज को जाग्रत् करने का अद्भुत कार्य किया। समरसता और समभाव का अमर संदेश देनेवाले शिरोमणि संत रविदास की प्रेरक जीवनगाथा ।
Dharohar
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Grade-I, Grade-II, Sharirik Shiksha Adhyapak Rajasthan Bhugol Evem Arthvyavastha
UPTET Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pareeksha Ganit/Vigyan (Maths & Science Paper-2 Class : 6-8) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarthak Samwad
- Author Name:
Dr. Himanshu Dwivedi
- Book Type:

- Description: देश के प्रखर पत्रकार एवं संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा देश के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों से लिये साक्षात्कारों का पठनीय संकलन | कैमरे की मौजूदगी साक्षात्कार लेने और देनेवाले अर्थात् दोनों को ही कहीं अधिक सचेत और ईमानदार होने के लिए बाध्य कर देती है। आप थोड़ा-बहुत भी दाएँ-बाएँ होने की कोशिश करेंगे तो चेहरे के भाव में परिवर्तन और आवाज की लड़खड़ाहट तुरंत दर्शक को आपके विचलन का अहसास करा देगी। फिर इस पुस्तक के कई साक्षात्कार तो लाइव अर्थात् सीधे प्रसारित किए गए थे, इसलिए उनके संपादित होने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। इन साक्षात्कारों में हुई बीतचीत दर्शकों और पाठकों को इस दौर की सियासी सोच से रूबरू कराने में कामयाब रही । यह पुस्तक इस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों का जायजा लेने में मददगार रहेगी। पुस्तक का शीर्षक 'सार्थक संवाद' महत्त्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से हमारे बीच में संवाद ही गायब होता जा रहा है, तो उसके सार्थक होने का सवाल ही कहाँ रह जाता है ? कोशिश रही है कि बातचीत महज हंगामा पैदा करने के लिए नहीं हो बल्कि किसी सकारात्मक मुकाम को हासिल करे। ऐसा होना ही संवाद को सार्थकता प्रदान करना है, इसीलिए नाम दिया गया है ' सार्थक संवाद '।
UTTAR PRADESH POLICE (FIREMAN, JAIL WARDER EVAM ARAKSHI GHUDSAWAR) BHARTI PARIKSHA-2020
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश पुलिस (फायरमैन, जेल वार्डर, आरक्षी घुडसवार) भर्ती परीक्षा
BPSC Bihar Public Service Commission General Studies Combined Preliminary Competitive Examination 20 Practice Sets Including 68th Solved Question Paper
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: The book of BPSC General Studies 20 Practice Sets for designed in order to satisfy the requirements of the aspirants for a comprehensive source for self-assessment. Based on the pattern of the latest examination question paper, the questions in the Practice Sets cover the whole of the syllabus lucidly. Inclusion of 68th, 67th, 66th, and 65th Solved Examination Papers further provides a clear understanding of the level, which helps improve learning. This study assistant will aid aspirants in proper preparation, enabling them to gauge their progress towards achieving the best score in their upcoming examination. The Author
Sanskrit Subhashit Kosh
- Author Name:
Dr. Ramprakash Sharma ‘Saras’
- Book Type:

- Description: संस्कृत सुभाषित कोश' में संस्कृत वाड्मय के अगाध सिंधु के मणि-माणिक्य हैं । मनीषियों ने अगाध सिंधु का अनंत वर्षों तक अवगाहन करके अमृत रूपी सुभाषित मानव जाति के सकल अभ्युदय हेतु संचित किए हैं। अनेक दोषों से दूषित, कलुषों से कलुषित, अनाचरणीय आचरणों के पाप-तमस से आच्छादित, अविद्यादि दुरितों से ग्रस्त-त्रस्त मानवता पर छाई मूर्च्छा का हरण करने में ये सुभाषित संजीवनी का कार्य करेंगे। 'सा प्रथमा संस्कृति: विश्ववारा' यजुर्वेद संहिता 7/14 जीवन जीने की उत्कृष्टतम पद्धति का नाम 'संस्कृति' है, जिसका सर्वविध विकास भारतवर्ष की पुण्यधरा पर हुआ। इस धरा के निवासी मानव के मन और बुद्धि ने कितनी ऊँचाइयों का स्पर्श किया, इन सुभाषितों में निहित संस्कृति से स्पष्ट है। पुस्तकस्थ सुभाषित प्रेरणा, उत्साह, प्रसन्नता का संचार करने के साथ ही जिज्ञासा के नवीन स्रोतों का सृजन करेंगे। मानव को सहज, सरल, शांत और विवेकशील, विचारप्रपन्न बनाने में दिशा-बोधक का कार्य करते हुए उसमें सुप्त, कुंठित संवेदना को जाग्रत् कर उदात्त मानवीय गुणों से सरस संपन्न बनाने में इन सुभाषितों की विवेचनीय भूमिका होगी।
Janane ki Batein (Vol. 7)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: Janane ki Batein (Vol. 7) about History
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book