Sanskrit Vangmai Kosh : Paribhasha Khand - Purvardh Aur Uttrarth Vols. 1-2
(0)
Author:
Sridhar Bhaskar VarnekarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
2000
1600 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
The capability of reading and other personal skills get improved on reading this book Sanskrit Vangmai Kosh: Paribhasha Khand – Purvardh Aur Uttrarth Vols. 1-2 by Sridhar Bhaskar Varnekar. This book is available in Hindi with high-quality printing. Books from the Collection of Collected Works Category surely give you the best reading experience.
Read moreAbout the Book
The capability of reading and other personal skills get improved on reading this book Sanskrit Vangmai Kosh: Paribhasha Khand – Purvardh Aur Uttrarth Vols. 1-2 by Sridhar Bhaskar Varnekar. This book is available in Hindi with high-quality printing. Books from the Collection of Collected Works Category surely give you the best reading experience.
Book Details
-
ISBN9788180319921
-
Pages1085
-
Avg Reading Time36 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Roohani Safar
- Author Name:
Sanjay Agarwal
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक 'रूहानी सफ़र' प्रेम और मार्मिक भावनाओं पर आधारित शेरो- शायरी और कविताओं का संग्रह है। जेसे-जेसे पाठक इस रोचक और भावनापूर्ण सरोवर में डूबेंगे, हर नज्म जटिल मानवीय रिश्तों के एक नए पहलू को सुलझाने का प्रयास करेगी | स्त्री-पुरुष के संबंधों के खट्ठे-मीठे पलों का अनूठा व्याख्यान आपको इसे बार-बार पढ़ने के लिए आकर्षित करेणा | लेखक मानते हैं कि दिल के एहसासों को कागज के आईने में उतारने की कोशिश में उनकी कलम कब एक कवि बनने का नया स्वप्न लिखने लगी, उन्हें पता भी नहीं चला। पारिवारिक सभाओं में उनके काव्य पर मिली प्रशंसाओं एवं हौसला अफजाई ने उनके आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया, जिसका फल '“रूहानी सफर” पाठकों के समक्ष है। यह पुस्तक मानवीय संबंधों और सामाजिक मूल्यों की एक अनूठा सफर है, जिसमें आपको जीवन के प्रति एक नई दृष्टि प्राप्त होगी |
CRPF Kendriya Reserve Police Bal Head Constable (Ministerial) Evam A.S.I. Steno Bharti Pariksha 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSSSC Gram Panchayat Adhikari Gram Vikas Adhikari Evam Samaj Kalyan Paryavekshak (Samanya Chayan) Bharti Pareeksha (Social Welfare, Village Development Officer 15 Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
25 Practice Sets For Excise Constable Examination 2022
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ganit Ke Rochak Khel
- Author Name:
Gupta +1
- Book Type:

- Description: संख्याओं के तिलिस्म का नाम ही गणित है । इस तिलिस्म (मायाजाल) में फँसे व्यक्ति को यह विषय नीरस प्रतीत होता है; परंतु इस तिलिस्म का रहस्य पता चलने पर उसे यह बहुत ही रोचक लगने लगता है । प्रस्तुत पुस्तक में दैनिक जीवन से संबंधित कुछ रहस्यमयी समस्याओं के समाधान देकर गणित के प्रति रुचि उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है । इसमें दी गई समस्याओं के हलों को समझने से पाठकों की बुद्धि के विकास में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी, ऐसी हमारी धारणा है । इस पुस्तक में अंकों से संबंधित प्रश्न, गणितीय सूत्रों पर आधारित प्रश्न, क्षेत्रफल से संबंधित प्रश्न, युक्ति-युक्त प्रश्न्, माया वर्ग आदि- आदि अनेक प्रकार के रोचक प्रश्न दिए गए हैं । कुछ प्रश्नों के माध्यम से दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान अत्यंत सरल ढंग से किया गया है । पुस्तक में दी गई समस्याएँ लोक-प्रचलित हो सकती हैं अथवा प्राचीन गणितज्ञों द्वारा रचित कुछ समस्याएँ नवीन भी हो सकती हैं । इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य पाठकों का मनोरंजन तथा गणित के प्रति उनकी रुचि उत्पन्न करके उनकी चिंतन और तर्क-शक्ति का विकास करना है ।
Angreji Raj Aur Hindi Ki Pratibandhit Patrakarita
- Author Name:
Santosh Bhadoria
- Book Type:

- Description: पेशे से प्राध्यापक संतोष भदौरिया ने ब्रिटिश काल के मीडिया पर बेहद महत्वपूर्ण अनुशीलन प्रस्तुत किया है। उनकी किताब पढ़ते हुए आज के पाठक जान सकेंगे कि पराधीन भारत में किस तरह शब्दों पर पहरे बिठा दिए जाते थे। किस तरह पत्रिकाओं को प्रतिबंधित किया जाता था और प्रतिबंधों के बावजूद किस तरह तत्कालीन पत्रकारों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष को आगे बढ़ाया और स्वाधीनता संग्राम में हिस्सेदारी के लिए आम जनता को प्रेरित किया। संतोष ने उन अखबारों-पत्रिकाओं के तेवर, रुझान और प्रतिबद्धता का गंभीर अध्ययन किया है, जिन पर ब्रिटिश शासनकाल में प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। क्या आज के नए पत्रकारों को पता है कि 1907 में इलाहाबाद से निकले 'स्वराज साप्ताहिक' के आठ- आठ संपादकों को जेल हुई। एक संपादक जेल जाता तो दूसरा संपादक आता। इसी तरह के कई तथ्यों का पता संतोष भदौरिया की किताब से चलता है। प्रकारान्तर से संतोष की किताब पराधीनता के उस काले दौर में हिंदी पत्रकारिता के संघर्ष का लेखा-जोखा भी है तो वहीं देश की आजादी की लड़ाई में प्रतिबंधित पत्र-पत्रिकाओं के अवदान को भी सामने लाती है। इन कृतियों से आजादी की लड़ाई में पत्रकारिता के योगदान का भी पता चलता है। संतोष पत्रकारिता के इतिहास के अन्यतम अध्येता और विशेषज्ञ हैं। वे विचारों से प्रगतिशील हैं। उनके साहित्य में सुसंगत इतिहास बोध और इतिहास दृष्टि है, इसी कारण वे मूल्यवान इतिहास रच सके हैं और पाठकों को भी वे अतीत में उतरने का मौका देते हैं। पत्रकारिता के इतिहास के विद्यार्थियों को संतोष से यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि तरह-तरह की किंवदंतियों के घटाटोप को पार कर कैसे तथ्यों और प्रामाणिक सूचनाओं पर आधारित अनुशीलन किया जाता है। - महाश्वेता देवी
Prem : Ek Album
- Author Name:
V. M. Girija
- Book Type:

-
Description:
मलयालम कविता जहाँ-जहाँ रूढ़ अवशेषों से टकराती है और अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक स्वत्वगत मौलिकता को बनाए रखते हुए समय में रचे-बसे औपनिवेशिक आयामों का अनावरण करती है, वहाँ यह समकालीन साबित होती है। मलयालम कविता का यह सृजनात्मक व दृष्टिसम्पन्न उन्मेष बहुआयामी इसलिए है कि वह सत्ता के बहुरंगी वर्चस्व को पहचानती है। अत: समकालीन मलयालम कविता एककेन्द्री नहीं बल्कि बहुकेन्द्री है। उसकी बहुस्वरता समय के सही सरोकारों से उपजी विशेषता है। इसलिए उसका प्रतिरोधी स्वर तमाम जटिल स्थितियों में अनुवाद गुंजित हो उठता है। आज की मलयालम कविता में नारी-स्वत्व का स्वर विद्रोह की बहिरंग मुखरता मात्र नहीं है। उसका पूरा तेवर मुक्ति की कामना को आद्यन्त अनावृत करने का रहा है।
पुरुषकेन्द्रित सामाजिक वर्चस्व को सरलीकृत करना मलयालम की नारीवादी कविता का उद्देश्य नहीं है। पुरुष-केन्द्रीकरण को वह नए सन्दर्भ में प्रस्तुत करती है।...मलयालम कविता ने नारी-दृष्टि को इसी व्यापक सन्दर्भ में अनुभव किया है। एक इतिहासबद्ध दृष्टि उसका सम्बल ही नहीं है, बल्कि वह उसकी अवस्थिति है। स्त्री-कामनाओं की कविता पुरुषविरोधी कविता नहीं है, वह पुरुषाधिष्ठित एकांगी मूल्यों की विरोधी कविता है। व्यापक सन्दर्भ में वह विपक्ष की कविता है। मुक्ति की पारदर्शी स्थिति उसमें अंकित है। वह अधिकार-केन्द्रित संस्कृति पर आघात करती है। ...मलयालम कविता में आधुनिक दौर से लेकर यह मुक्तिकामी स्वर मुखर रहा है। उसमें तमाम अवरोधों को तोड़ने का आग्रह भी है।
...समकालीन मलयालम कविता में वी.एम. गिरिजा का स्वर सबसे अधिक तेज़ तेवर से युक्त है। उनकी कविता के केन्द्र में उत्तप्त नारी ही विद्यमान है। उनके स्वर में विद्रोही दृष्टि की एकायामी बुलन्दियाँ नहीं हैं। गिरिजा के अनुभव-जगत् में स्त्री पूर्णरूपेण यथार्थ है। वह नैतिक अवलम्ब के सहारे प्रस्तुत नहीं होती है। वह अपनी जैविक स्थिति में प्रस्तुत होती है। इसलिए गिरिजा अपनी कविताओं में प्रकृति का भरसक उपयोग करती हैं। प्रत्येक प्रकरण प्रकृति के सहज विन्यास के साथ जुड़कर जैविक स्थिति का बोध कराता है। सवाल यह है कि गिरिजा की कविता की यह हरियाली किससे सम्बन्धित है? हरियाली के साथ उन्होंने मिट्टी के मटमैलेपन को भी उभारा है। लोकोन्मुखता का यह परिदृश्य गिरिजा की कविता का यथार्थ है जिससे उनकी सृजनात्मकता उभार लेती है और उनकी दृष्टि हमारी नैतिकताओं की जटिलताओं की भीतरी स्थितियों की थाह लेती है। प्रकृति यहाँ रूमानी आग्रह से विन्यासित नहीं है। ‘इको-पोयट्री’ की तरह जल, आकाश और हरियाली के बिम्बों और प्रतीकों की आवृत्ति गिरिजा करती रहती हैं। अपने में विकसने को उद्यत, अपने में सम्पुष्ट और अपने में सम्पूर्ण स्त्री-कामनाओं की विराट उपस्थिति गिरिजा के हर एक शब्द को बारीक बना देती है। प्रेम का यह एलबम प्रेमाभिव्यक्ति को निरी भावानुभूति के स्तर पर प्रस्तुत करनेवाली कविताओं का आकलन-भर नहीं है। यह प्रेम के मूल्यों को खोजने का धारदार उपक्रम भी है।
—भूमिका से
Angreji Madhyam Ka Bhramjaal
- Author Name:
Sankrant Sanu
- Book Type:

- Description: भारत में आज यह अवधारणा व्याप्त हो गई है कि केवल अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा ही विकास का आधार है। इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून और उच्च न्यायालयों का संचालन केवल अंग्रेजी में होने से इसी माध्यम का वर्चस्व बना हुआ है। ‘अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल’ पुस्तक इसी मिथ्या भ्रम को खंडित करती है। समृद्ध देशों में लोग विज्ञान एवं अन्यान्य उच्च शिक्षा अपनी मातृभाषा में प्राप्त करते हैं। शोध विवरणों से पता चला है कि छात्र अपनी मातृभाषा में विज्ञान को बेहतर समझते हैं। भारत को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होनी चाहिए। इस पुस्तक में विशिष्ट नीति प्रस्तावों के अंतर्गत भारत की प्रतिभा को विश्व स्तर पर उभारने हेतु एक व्यावहारिक मार्ग प्रशस्त किया गया है। निजभाषा के प्रति सचेत और जागरूक करने वाली, स्वाभिमान और गर्व के साथ विकास करने को प्रेरित करती पठनीय पुस्तक।
UPSC Nibandh : Useful For UPSC CSE, State PSC and Other Competitive Examinations
- Author Name:
Snehil Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Urdu-Hindi-Angreji Tribhashi Kosh
- Author Name:
Badri Nath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
आचार्य रामचन्द्र वर्मा कृत ‘उर्दू-हिन्दी-अंग्रेज़ी’ कोश उर्दू और हिन्दी-प्रेमियों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध हुआ है। प्रस्तुत संशोधित-संवर्द्धित संस्करण में पाठकों के अनेक महत्त्वपूर्ण सुझाव भी सम्मिलित किए गए हैं।
इस कोश की विभिन्न उल्लेखनीय विशेषताओं में एक यह कि मुख्य प्रविष्टि के ठीक बाद उसका फ़ारसी लिपि में अंकन किया गया है। यह भी कि इसमें हिन्दी में अर्थ देने के बाद अंग्रेज़ी में भी अर्थ दिया गया है। ऐसी बहुतेरी विशेषताओं के कारण अब इस कोश की उपयोगिता और भी बढ़ गई है।
अनेक नवीन शब्दों के समावेश से समृद्ध इस संस्करण से उर्दू, हिन्दी और अंग्रेज़ी के अध्येता अपने भाषा ज्ञान को और अधिक विस्तार दे सकेंगे। दक्षिण भारत के विभिन्न भाषा-भाषी हिन्दी का अध्ययन करते समय फ़ारसी व अरबी आदि के शब्दों का अर्थबोध प्रायः सहजता से नहीं कर पाते। इस कोश से ऐसी बहुत-सी कठिनाइयों का निवारण सरलतापूर्वक हो सकेगा।
कोश के शब्दों का अर्थ देते समय यह ध्यान रखा गया है कि जहाँ तक हो सके अर्थ ऐसे हों, जिनसे पाठकों को ठीक-ठीक आशय के अलावा यह भी ज्ञात हो सके कि उन शब्दों का मूल क्या है अथवा वे किन शब्दों के परिवर्तित रूप हैं।
यह कोश विद्यार्थियों, अध्यापकों, लेखकों, पत्रकारों और शोधार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है।
Swadeshi Chikitsa
- Author Name:
Sant Sameer
- Book Type:

- Description: मौजूदा हालात कुछ ऐसे हैं कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञानी जिस रफ्तार से नई-नई दवाइयाँ ईजाद कर रहे हैं, नई-नई बीमारियाँ उससे कहीं ज्यादा तेजी से पैदा हो रही हैं। दरअसल यह पुस्तक देशी चिकित्सा की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने के विशेष उद्देश्य से लिखी गई है। पुस्तक में अधिकतर ऐसे ही नुस्खों को शामिल करने का प्रयास किया गया है, जो सरलता से उपलब्ध हो जाएँ तथा घर बैठे ही बनाए जा सकें। ये सभी नुस्खे ऐसे हैं, जो विभिन्न चिकित्सकों व प्रबुद्ध लोगों द्वारा आजमाए जा चुके हैं और कारगर सिद्ध हुए हैं। वास्तव में इन नुस्खों का आहार-विहार के साथ प्रयोग करने से कई स्थितियों में अस्पतालों और डॉक्टरों के चक्कर लगाने की मुसीबतों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ, जो हजारोें रुपए गँवा चुकने के बाद भी जस-की-तस बनी रह जाती हैं, वे मात्र चंद रुपयों की लागतवाले इन नुस्खों से ठीक की जा सकती हैं। भारतीय चिकित्सा विज्ञान का मर्म समझाती है यह पुस्तक। विश्वास है कि आमजन को अपनी सेहत का खयाल रखने में इससे भरपूर मदद मिलेगी।
Jharkhand GK
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: झारखंड को अस्तित्व में आए कई वर्ष हो चुके हैं। इन वर्षों में राज्य ने काफी प्रगति की है। ‘नव-निर्मित’, ‘नया राज्य’ जैसे शब्द अब झारखंड के लिए उपयुक्त नहीं हैं। झारखंड ने अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता, वन्य एवं खनिज संपदा और अद्भुत विकास गाथा के कारण राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है। अन्य विकसित राज्यों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने को तैयार है। कुछ अन्य कारणों से यह वैश्विक पटल पर भी जाना-पहचाना जाता है। धोनी और दीपिका ने झारखंड को विश्व पटल पर पहचान पहले ही प्रदान कर दी है। अब झारखंड अपनी विकास गति के कारण समाचारों में छाया है। पुस्तक में इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु झारखंड की सम्यक् जानकारी को निम्न अध्यायों के अंदर प्रस्तुत किया गया है—झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, भौगोलिक अवस्थिति, नदी तंत्र, खनिज-संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि-पशुपालन, वन एवं राष्ट्रीय उद्यान, जनजातीय समाज इत्यादि। झारखंड राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी पुस्तक।
Samanya Hindi for Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Hemant Kukreti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RSMSSB LDC (Lipik Grade–II Evam Kanisth Sahayak) Bharti Pariksha (Paper–I & II 15 Practice Sets)
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Abhinav Hindi Vyakaran
- Author Name:
Meenakshi Agrawal
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक केवल पुस्तक ही नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्याकरण अभ्यास-पुस्तिका है जिसे पढ़ने के बाद आप बख़ूबी समझ जाएँगे कि इसे आप तक पहुँचाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। शिरोरेखा किसे कहते हैं; यह क्यों आवश्यक है; नुक्ता क्या है; बिन्दु-चन्द्रबिन्दु का प्रयोग कब-कब किया जाता है; श को कैसे-कब लिखा जाता है; ड/ड़ और ढ/ढ़; में क्या अन्तर है; वर्णमाला कैसे याद की जाए; बारहखड़ी से मात्राएँ किस प्रकार सीखी जा सकती हैं; संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया किसे कहते हैं; सन्धि क्या है; समास किसे कहते हैं?—आदि छोटे-छोटे बिन्दुओं की जानकारी के साथ पत्र लिखने की कला पर भी प्रकाश डाला गया है। व्याकरण को गणित के माध्यम से समझने और पढ़ने का तरीक़ा बताया गया है। जैसे—(1) संज्ञा के भेद—3; (2) सर्वनाम के—6 (3X2=6) (3) विशेषण के—4 (6-2=4) आदि। संविधान द्वारा स्वीकृत 18 भाषाओं को वर्ण वर्ग के हिसाब से 3,4,3,5,3 (=18) में बाँटा गया है। पुस्तक में सर्वत्र मानक वर्तनी का प्रयोग किया गया है।
Bihar Civil Court Clerk, Stenographer Evam Court Reader-Sah Gawahi Lekhak
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA UGC NET/JRF/SET Sociology 28 Solved Papers (2012-2021) & 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Asha (Hindi)
- Author Name:
Shri Bhuvendra Tyagi
- Book Type:

- Description: जब हर तरफ दहशत हो, मायूसी हो, लाचारी हो, तो नाउम्मीदी के अँधेरे चारों ओर उग ही आते हैं। तब जरूरत होती है नई आशा की, जो इन अँधेरों को दूर करके मनोबल बढ़ाए और हालात से जूझने का जज्बा दिलाए। ‘आशा’ संग्रह की कविताएँ इसी रोशनी और संबल के प्रसार के लिए हैं। अंग्रेजी के 46 कवियों की 51 कविताओं के अनुवाद का यह कविता संग्रह कोरोना-काल ही नहीं, तमाम विषम परिस्थितियों में एक सच्चे दोस्त और शुभचिंतक की तरह हौसला बनाए रखने की ताकत देनेवाला है। माया एंजेलो की कालजयी कविता ‘फिर भी उठूँगी मैं’, रुडयार्ड किपलिंग की ‘अगर’, कैटी ए. ब्राउन की ‘खुद से हार कभी मत मानो’, जॉयस अलकांतारा की ‘देखोगे नहीं मुझे कभी हारते’, हेनरी वर्ड्सवर्थ लॉन्गफेलो की ‘जीवन-मंत्र’, लैंग्स्टन ह्यूजेस की ‘अब भी जंग में डटा हुआ हूँ’, थॉमस हार्डी की ‘आशा का गीत’, मैक्स एरमन की बहुचर्चित कविता ‘मनोकामनाएँ’ (डेसिडराटा) और बर्टन ब्रैली की ‘चाह जीत की’ जैसी ओजस्वी कविताएँ किसी के भी मन से निराशा दूर करके आशा जगाने और किसी भी निरुत्साही को उत्साह और उमंग से भरकर जीवन को सुंदर बनाने में सक्षम हैं। ये आशा जाग्रत् करने के लिए सहज, सरल, शाश्वत, सार्वभौमिक और सर्वकालीन कविताएँ हैं।
Sahare Ka Suryasta
- Author Name:
Dr. Vindhyeshwari
- Book Type:

- Description: सुमित्राजी भी घबरा गईं। कैलाश बाबू के पीछे-पीछे वे भी बहू के कमरे की तरफ चल पड़ीं। कैलाश बाबू कमरे में पहुँचकर पोते को देखते हैं। पोता एकटक सबको देख रहा है। चुपचाप पड़ा-पड़ा हाथ-पैर चला रहा है। फिर पोते के हाथ-पैर टटोलते हुए कैलाश बाबू बोले, 'यह तो बिल्कुल नॉर्मल है। ठीक-ठाक तो है।' 'नहीं पापाजी, यही तो इसकी बीमारी है। पहले मैं भी यही समझती थी। इसी नासमझी के चलते पहली बार 'सीरियस' हालत में डॉक्टर के पास ले गई थी। डॉक्टर ने ही यह बताया कि निमोनिया है। बच्चा इसमें गुमसुम रहेगा। पता भी नहीं चलेगा। इसमें सुई और सीरप काम नहीं करता है। इसमें इलेक्ट्रिक से भाप देनी पड़ती है। तभी यह ठीक होता है, पापाजी।' 'अरे तो चलो, पहले यहीं दिखा लेते हैं। यहाँ भी एक अच्छे डॉक्टर हैं। सब ठीक हो जाएगा।' —इसी पुस्तक से ग्रामीण जीवन की विसंगतियों, विद्रूपताओं और संघर्ष का सच उजागर करतीं मन को उद्वेलित करनेवाली रोचक कहानियों का संकलन।
INDIAN AIR FORCE AIRMEN GROUP Y (TECHNICAL TRADES EXAM) 30 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Ranjeet Singh Chauhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book