Sanshipt Hindi Angreji Kosh
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Smt. Santosh Prasad, Dwarka PrasadPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ–साथ वह भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। हिन्दी–अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन इसी दृष्टि से किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने विशेष रूप से छात्रों–विद्यार्थियों की पाठ्यक्रमगत तथा सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर ख़ास तौर से ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य–पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।</p> <p>
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About the Book
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ–साथ वह भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। हिन्दी–अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन इसी दृष्टि से किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने विशेष रूप से छात्रों–विद्यार्थियों की पाठ्यक्रमगत तथा सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर ख़ास तौर से ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य–पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।</p>
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Book Details
-
ISBN9788190271363
-
Pages285
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्पूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजानिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।
साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज़्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद-कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
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आज अंग्रेज़ी का प्रचार-प्रसार पहले से भी अधिक होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि आप कम-से-कम इतनी अंग्रेज़ी तो जानें ही कि अपने काम अंग्रेज़ी में भी चला सकें। अब तो स्कूलों की प्राइमरी कक्षाओं तक में अंग्रेज़ी का प्रचलन होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में आपको एक ऐसे कोश की आवश्यकता पड़ती ही है जिसके माध्यम से आप अपने अन्दर हिन्दी में उठते विचारों को अंग्रेज़ी में भी प्रकट कर सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस कोश में प्रयास किया गया है कि आज की प्रचलित हिन्दी का अगर आपको अंग्रेज़ी में अनुवाद करना हो तो आप आसानी से अपना मनचाहा अंग्रेज़ी शब्द इसमें पा जाएँ। अगर आप अहिन्दी भाषी हों और अंग्रेज़ी से अधिक परिचित हों तो हिन्दी पढ़ते हुए अगर कहीं कठिनाई हो तो इस कोश में आपको अपना वांछित अंग्रेज़ी अर्थ आसानी से मिल जाएगा। शब्दों के चुनाव में हमने इस बात का भी ध्यान रखा है कि यह स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों, दफ़्तरों आदि के लिए भी उपयोगी हो।
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आज अंग्रेज़ी का प्रचार-प्रसार पहले से भी अधिक होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि आप कम-से-कम इतनी अंग्रेज़ी तो जानें ही कि अपने काम अंग्रेज़ी में भी चला सकें। अब तो स्कूलों की प्राइमरी कक्षाओं तक में अंग्रेज़ी का प्रचलन होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में आपको एक ऐसे कोश की आवश्यकता पड़ती ही है जिसके माध्यम से आप अपने अन्दर हिन्दी में उठते विचारों को अंग्रेज़ी में भी प्रकट कर सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस कोश में प्रयास किया गया है कि आज की प्रचलित हिन्दी का अगर आपको अंग्रेज़ी में अनुवाद करना हो तो आप आसानी से अपना मनचाहा अंग्रेज़ी शब्द इसमें पा जाएँ। अगर आप अहिन्दी भाषी हों और अंग्रेज़ी से अधिक परिचित हों तो हिन्दी पढ़ते हुए अगर कहीं कठिनाई हो तो इस कोश में आपको अपना वांछित अंग्रेज़ी अर्थ आसानी से मिल जाएगा। शब्दों के चुनाव में हमने इस बात का भी ध्यान रखा है कि यह स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के अलावा लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों, दफ़्तरों आदि के लिए भी उपयोगी हो।
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