Antarman Ki Ore (Hindi Translation of Looking Inward: Meditating to Survive in A Changing World)

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वर्ष 2021 में दुनिया को हमने दुनिया को जिस हाल में देखा, वह अब तक जो देखा था, उससे कहीं बदतर थी | ग्लोबल वॉर्मिंग, महामारी, जंगल की आग की तरह फैलनेवाली झूठी खबरें, दंगे, बदलता सामाजिक ढाँचा और जीवन-शैली | इन घटनाओं के दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और हमारी आंतरिक शांति पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाते हैं । ऐसी स्थिति में हम तनावग्रस्त, अत्यधिक चिंतित एवं अवसादग्रस्त महसूस करते हैं। इस समय हमें पहले से कहीं अधिक अपने अंदर झाँकने की आवश्यकता है, ताकि हमें शक्ति, एकाग्रता, खुशी और जीवटता प्राप्त हो। 'अंतर्मन की ओर' पुस्तक में स्वामी पूर्णचैतन्य हमारी इस प्रकार सहायता करते हैं कि हम अपनी चिंता, तनाव और बेचैनी के स्रोत को पहचान सकें। वे हमें विचलित विचारों को शांत करने के लिए ध्यान का उपयोग कर वर्तमान में जीने, अपनी ऊर्जा को फिर से केंद्रित कर समस्याओं को दूर करने तथा उत्तरोत्तर आगे बढ़ने के साधन उपलब्ध कराते हैं। प्रत्येक अध्याय में ज्ञानवर्धक कहानियाँ, बहुमूल्य अंतर्दूष्टि और दस मिनट का व्यायाम शामिल है, जो हमें अपने मन का स्वामी बनाने और ध्यान की अपनी ही विधि तैयार करने के बेहद करीब ले जायेगा। आज ध्यान कोई विलासिता नहीं, एक आवश्यकता है। यह पुस्तक बदलती दुनिया को समझने और उससे अच्छी तरह निपटने के लिए हमारे आंतरिक ऊर्जा-भंडार को शक्तिशाली बनाने में भी हमारी सहायता करती है।

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ISBN
9789355210074
Pages
176
Avg Reading Time
6 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

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About the Book

वर्ष 2021 में दुनिया को हमने दुनिया को जिस हाल में देखा, वह अब तक जो देखा था, उससे कहीं बदतर थी | ग्लोबल वॉर्मिंग, महामारी, जंगल की आग की तरह फैलनेवाली झूठी खबरें, दंगे, बदलता सामाजिक ढाँचा और जीवन-शैली | इन घटनाओं के दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और हमारी आंतरिक शांति पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाते हैं । ऐसी स्थिति में हम तनावग्रस्त, अत्यधिक चिंतित एवं अवसादग्रस्त महसूस करते हैं। इस समय हमें पहले से कहीं अधिक अपने अंदर झाँकने की आवश्यकता है, ताकि हमें शक्ति, एकाग्रता, खुशी और जीवटता प्राप्त हो।

'अंतर्मन की ओर' पुस्तक में स्वामी पूर्णचैतन्य हमारी इस प्रकार सहायता करते हैं कि हम अपनी चिंता, तनाव और बेचैनी के स्रोत को पहचान सकें। वे हमें विचलित विचारों को शांत करने के लिए ध्यान का उपयोग कर वर्तमान में जीने, अपनी ऊर्जा को फिर से केंद्रित कर समस्याओं को दूर करने तथा उत्तरोत्तर आगे बढ़ने के साधन उपलब्ध कराते हैं। प्रत्येक अध्याय में ज्ञानवर्धक कहानियाँ, बहुमूल्य अंतर्दूष्टि और दस मिनट का व्यायाम शामिल है, जो हमें अपने मन का स्वामी बनाने और ध्यान की अपनी ही विधि तैयार करने के बेहद करीब ले जायेगा।

आज ध्यान कोई विलासिता नहीं, एक आवश्यकता है। यह पुस्तक बदलती दुनिया को समझने और उससे अच्छी तरह निपटने के लिए हमारे आंतरिक ऊर्जा-भंडार को शक्तिशाली बनाने में भी हमारी सहायता करती है।

Book Details

  • ISBN
    9789355210074
  • Pages
    176
  • Avg Reading Time
    6 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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