Ayodhya Ne Kaise Badal Di Bambai (Hindi Translation of Bombay After Ayodhya: A City In Flux)
(0)
Author:
Jitendra DixitPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद पूरा भारत दंगों की चपेट में आ गया था। सांप्रदायिक अशांति को लेकर हमेशा ही अतिसंवेदनशील रही मुंबई में दिसंबर 1992 और फिर जनवरी 1993 में जो हिंसा हुई, वह अभूतपूर्व थी। दो महीने बाद, मार्च के महीने में सिलसिलेवार धमाकों ने शहर को दहला दिया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। सांप्रदायिक दंगों के बाद छिड़े गैंगवार और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं ने शहर को तहस-नहस कर दिया। इन सबने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया। प्रस्तुत पुस्तक बताती है कि पिछले तीन दशकों में मुंबई ने अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कैसा दौर देखा है। 1992 के बाद, मुंबई अंडरवल्र्ड में एक विभाजन ने राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया, जिसने शहर की जनसांख्यिकी को बदल दिया और नई नई बस्तियों को जन्म दिया। कुछ समय की खामोशी के बाद, वर्ष 2002 में एक बार फिर धमाकों और आतंकवादी हमलों ने इसे हिला दिया। यह हिंसा का एक ऐसा चक्र था, जो 2008 में 26/11 के भयानक आतंकवादी हमलों के साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। मुंबई को जिन प्रमुख घटनाओं और लोगों ने वर्तमान रूप दिया है, उनके विषय में बताने के साथ ही, इस पुस्तक ने शहर के चरित्र में बदलाव, इसके भौतिक रूप और नागरिक मुद्दों से लेकर इसकी अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और राजनीति तक में बदलाव को शब्दों में बुना है।
Read moreAbout the Book
6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद पूरा भारत दंगों की चपेट में आ गया था। सांप्रदायिक अशांति को लेकर हमेशा ही अतिसंवेदनशील रही मुंबई में दिसंबर 1992 और फिर जनवरी 1993 में जो हिंसा हुई, वह अभूतपूर्व थी। दो महीने बाद, मार्च के महीने में सिलसिलेवार धमाकों ने शहर को दहला दिया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। सांप्रदायिक दंगों के बाद छिड़े गैंगवार और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं ने शहर को तहस-नहस कर दिया। इन सबने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया।
प्रस्तुत पुस्तक बताती है कि पिछले तीन दशकों में मुंबई ने अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कैसा दौर देखा है। 1992 के बाद, मुंबई अंडरवल्र्ड में एक विभाजन ने राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया, जिसने शहर की जनसांख्यिकी को बदल दिया और नई नई बस्तियों को जन्म दिया। कुछ समय की खामोशी के बाद, वर्ष 2002 में एक बार फिर धमाकों और आतंकवादी हमलों ने इसे हिला दिया। यह हिंसा का एक ऐसा चक्र था, जो 2008 में 26/11 के भयानक आतंकवादी हमलों के साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। मुंबई को जिन प्रमुख घटनाओं और लोगों ने वर्तमान रूप दिया है, उनके विषय में बताने के साथ ही, इस पुस्तक ने शहर के चरित्र में बदलाव, इसके भौतिक रूप और नागरिक मुद्दों से लेकर इसकी अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और राजनीति तक में बदलाव को शब्दों में बुना है।
Book Details
-
ISBN9789390372300
-
Pages328
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kamayani-Lochan : Vols. 1-2
- Author Name:
Uday Bhanu Singh
- Book Type:

- Description: डॉ. उदयभानु सिंह भारतीय दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र के गहन अध्येता थे। तुलसीदास पर उनके ग्रन्थ अपने प्रकाशन-काल से ही निरन्तर तुलसी काव्य के रसग्राही पाठकों और शोधार्थियों के लिए प्रामाणिक स्रोत-सामग्री की भूमिका निबाह रहे हैं। ‘कामायनी-लोचन’ उसी परम्परा को आगे बढ़ानेवाली रचना है। विद्वान लेखक ने प्राक्कथन में इस तथ्य का उल्लेख किया है कि कामायनी आधुनिक काव्य का “ऐसा गौरवग्रन्थ है जिस पर सबसे अधिक आलोचनात्मक पुस्तकें तथा लेख लिखे गए हैं; सबसे अधिक टीकाएँ लिखी गई हैं, सबसे अधिक शोधपरक निबन्ध एवं प्रबन्ध प्रणीत हुए हैं, और सर्वाधिक विवाद भी हुआ है।” यह कथन इस सामग्री से उनके बाख़बर होने का प्रमाण है। इस सामग्री की ख़ूबियों या ख़ामियों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। विनम्रतापूर्वक बस इतना जोड़ा कि “ ‘कामायनी’ के विषय में बहुत-कुछ कहा जा चुका है, परन्तु बहुत-कुछ अनकहा भी रह गया है। अतएव उनके अध्ययन की शृंखला को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘कामायनी-लोचन’ उसी शृंखला की एक कड़ी है।’’ कहना न होगा कि ‘कामायनी-लोचन’ हिन्दी में कामायनी की टीका-व्याख्याओं की किसी चली आती अधूरी परम्परा की पूरक कड़ी-भर नहीं है। उसमें जो कहने से रह गया उसे कहकर रिक्त स्थान की पूर्ति का दायित्व निर्वाह भर करने का प्रयास नहीं है। उसका आदर्श तो संस्कृत-आचार्यों की वह समृद्ध टीका-व्याख्या परम्परा है जिसके आधार पर लेखक ने इसका नामकरण किया है। दो खंडों में विभाजित इस ग्रन्थ में ‘कामायनी’ के सर्गों की व्याख्या-समीक्षा के साथ इसकी शब्द-सूची प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुति की एक निश्चित प्रविधि है। ऐसा ढाँचाबद्ध पैटर्न जिससे एकरूपता और एकरसता एक साथ पैदा होती है। एक ऐसा अकादमिक अनुशासन जिसका पालन वे शिक्षक के रूप में अपनी कक्षाओं में भी करते थे। वे पहले सर्ग-वार कथा-सूत्र प्रस्तुत करते हैं, उसके बाद एक संक्षिप्त समीक्षात्मक टिप्पणी जोड़कर अन्त में शब्दार्थ देते हैं—जिसे उन्होंने शब्द-सूची कहा है। इस प्रकार ‘लोचन’ कामायनी का शब्दकोश भी है। अकादमिक अनुशासन के विरोधियों को इसकी विधिबद्धता से रसज्ञता और सर्जनात्मकता की कमी की शिकायत हो सकती है। भूलना नहीं चाहिए कि इसका रचयिता दर्शन, व्याकरण और काव्यशास्त्र का अध्येता विद्वान तो था, अभिनवगुप्त की तरह कवि नहीं। उनकी यह कृति भले ही पाठकों को गहरी रसमग्नता का संतोष न दे पर ‘कामायनी’ की समझ में अनेक भ्रान्तियों का निवारण करेगी और उसकी गहन अर्थ-व्यंजनाओं के उद्घाटन में मददगार होगी—व्युत्पत्यर्थ और दार्शनिक अनुषंगों की दृष्टि से। —निर्मला जैन
Mahabharata Quiz Book
- Author Name:
Rajendra Pratap Singh
- Book Type:

- Description: Mahabharata has been called the Pancham Veda. The epic describes the story of Aryavrata or India's entire history. It has been inspiring the life of the people of our country by the depiction of ideal male and female characters in it. Although the number of people who know a little about the Mahabharata runs into millions, yet a lot about it remains unknown. To read, understand and absorb a voluminous epic like Mahabharata is tedious and time consuming. Mahabharata is like an ocean, the deeper you go the more you discover. It is an immeasurable treasure trove of knowledge. There is well researched information about nearly 200 characters. 'What was the name', 'Interesting information', 'How they got their names', 'An ocean of relationships', 'Boons and curses', 'Fate', 'Numbers' are some of the prominent chapters which make up the total of fourteen chapters making this book a virtual dictionary about the Mahabharata. This book is not only important for the common man but also for writers, scholars, editors, researchers, teachers and students.
Jal hi amrit hai
- Author Name:
Arun Kumar Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC CHSL COMBINED HIGHER SECONDARY LEVEL 10 + 2 TIER-I, ONLINE RECRUITMENT EXAMINATION, 2020 GENERAL INTELLIGENCE 46 CHAPTERWISE SOLVED PAPERS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level TIER-I GENERAL INTELLIGENCE Online Recruitment Examination-2020 Based on the Latest Syllabus 46 Chapterwise Solved Papers (2017–19) Quick Revision
Europe Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raw Secret Agents: Files of Top Secret Missions of Indian Spies Hindi Edition
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Book for Class 6 JNV Entrance Solved Papers (2003-2023) Book 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army General Duty (GD) Bharti Pareeksha Guide
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022 (34 Solved Papers, 40 Practice Sets)
- Author Name:
Sumumar Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Police Aur Samaj
- Author Name:
S. Akhilesh
- Book Type:

- Description: डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्यवहार’, ‘पुलिस की छवि’, ‘लोक-सम्पर्क एवं लोक-सम्पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्वतंत्रताएँ’। निस्सन्देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।
Student Hindi Dictionary
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
भारत की राष्ट्रभाषा होने के बावजूद जनसाधारण के हिन्दी सम्बन्धी ज्ञान को पर्याप्त नहीं कहा जा सकता। शैक्षिक जीवन में पाठ्य-पुस्तकों आदि के सन्दर्भ में भी हिन्दी के शब्दार्थ, शब्द और वाक्य-प्रयोग आदि को लेकर विद्यार्थियों को सदैव समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसी के मद्देनज़र इस कोश में विद्वान कोशकार का बल विस्तार के बजाय भाषा की व्यावहारिक उपयोगिता पर रहा है। पाठ्यक्रम तथा रोज़मर्रा जीवन, मीडिया माध्यमों आदि में प्रयुक्त होनेवाले आवश्यक शब्दों, उनके अर्थों, उनकी व्याकरणगत स्थिति तथा प्रयोगों से सम्पन्न यह कोश विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, अनुवादकों, भाषाकर्मियों व भाषा-अधिकारियों के लिए समान रूप से उपयोगी है।
इसके अलावा इसमें ‘रामायण’, ‘महाभारत’, बुद्धचरित, प्रमुख पर्वतमालाओं, नदियों, पशु-पक्षियों तथा देवी-देवताओं से सम्बन्धित शब्दावलियों को अलग से सँजोया गया है।
The Analysis Of Mind (Pb)
- Author Name:
Bertrand Russell
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Prathmik Chikitsa Aur Swasthya
- Author Name:
Puneet Bisaria +2
- Book Type:

- Description: प्रत्येक व्यक्ति कभी-न-कभी बीमार अवश्य पड़ता है, अथवा उसके सगे-संबंधी, मित्र आदि अवश्य बीमार पड़ते हैं, अथवा दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। ऐसे में कई बार तत्काल प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता होती है, जिसके विषय में समुचित जानकारी के अभाव में रोगी के लिए परिस्थितियाँ भयावह हो सकती हैं, किंतु समुचित प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होने पर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्नातक के द्वितीय सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया है। तदनुरूप यह पाठ्य पुस्तक 'प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य' स्वास्थ्य के सभी पक्षों को सरल एवं सुबोध ढंग से विद्यार्थियों के समक्ष रखने का एक विनम्र प्रयास है।
RSMSSB LDC (Lipik Grade–II Evam Kanisth Sahayak) Bharti Pariksha (Paper–I & II 15 Practice Sets)
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Proverbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: "Proverbs are wise sayings. They are usually short, pithy statements of general truth. Proverbs are largely based on common sense or the practical experience of humanity. They are often metaphorical. The word ‘proverb’ is said to have originated from the Latin word proverbium meaning concrete statement. These statements usually express a truth of any kind ranging from spiritual, practical to philosophical. The book is packed with popular proverbs arranged under alphabetical headings intended to help the readers in finding the proverbs of their choice. The use of proverbs certainly adds to the beauty and impact of the expression. The readers are sure to benefit from this book."
Saral Gita
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharohar
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Grade-I, Grade-II, Sharirik Shiksha Adhyapak Rajasthan Bhugol Evem Arthvyavastha
ETHICS INTEGRITY AND APTITUDE (PB)
- Author Name:
R.K. Gupta
- Book Type:

- Description: The present edition is the result of combined efforts of a retired senior civil servant having vast experience of working in different capacities with Union Government, a serving tax administrator and a serious Civil Services aspirant who secured AIR 92 in his first attempt while graduating from the elite National Law University, Delhi. This edition contains/Explains— Tips for securing maximum marks in Ethics/Polity Mechanism of an Act/Legislation Lokpal and Lokayukta Act, 2013 International approach to fight corruption Seven Principles of Public Life as laid down by Nolan Committee History, summary and relevant provisions of Central Civil Services (Conduct) Rules Summary of offences by or relating to Public Servants under IPC The summary of Prevention of Corruption Act, 1988 Tips for developing basic attitude excepted from a Civil Servant Fully explained model answers of past 3 years question papers 22 case studies A must read for every serving as well as future aspirant of Public Services under the Union/ State Governments, PSUs etc. as it is basically aimed at developing right attitude for answering real life questions/dilemmas.
Pakshdroha
- Author Name:
Pradeep Pandey
- Book Type:

- Description: ‘पक्षद्र्रोह’ प्रजातांत्रिक शासन-व्यवस्था के बीच नौकरशाही एवं सामाजिक राजनैतिक क्षेत्र में गहरी जडे़ं जमा चुके भ्रष्टाचार से उत्पन्न संत्रास पर आधारित विचार-प्रधान कथा है, जिसमें युवा वर्ग के सपने और उनकी संवेदनाओं को छलते पाखंड, भ्रष्ट तंत्र व समाज पर कठोर प्रहार करता है। ‘पक्षद्रोह’ का नायक विक्रम युवा है, जो मध्यम वर्ग के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद है। वह मनचाही चल रही ढर्रे कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने कि कोशिश करता है। जहाँ एक ओर सुविधाभोगी शिष्ट समाज में भ्रष्टाचार समाज का एक अभिन्न अंग माना जाता है, वहीं दूसरी ओर युवावस्था की नई कोंपलों के मनोमस्तिष्क पर होते गहरे आघात को स्पष्टतः कहानी में देखा जा सकता है। इस पुस्तक में उसकी ईमानदारी, निर्भीकता, राष्ट्र-परायणता और युवा-मन में उपजे प्रेम के प्रति सादगीपूर्ण संवेदनशीलता का जीता-जागता चित्र उपस्थित किया गया है। ‘पक्षद्रोह’ में बहुत सी बातें ऐसी हैं, जिनमें व्यंग्य, विरोध, कसक, वेदना, त्याग, अनुभव, आदर्श, देश और समाज को देने की आतुरता प्रत्यक्ष परिलक्षित होती है। उपन्यास अपने प्रत्येक भाग में जहाँ समाज की विसंगतियों पर सोचने के लिए मजबूर करता है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार में लिप्त समाज के लिए संदेश भी देता है। —प्रदीप पांडेय, सोशल थिंकर एवं मोटिवेशनल स्पीकर
Samanya Adhyayan 30 Dinon Mein
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में संघ लोक सेवा आयोग के सामान्य अध्ययन की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र-1 से संबद्ध समस्त विषयों को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक भाग की रचना संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति व स्वरूप के अनुसार की गई है। पुस्तक में भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन; भारतीय राजनीति एवं अभिशासन; पर्यावरण के सामान्य मुद्दे एवं जैव विविधता तथा सामान्य विज्ञान इत्यादि विषयों पर विश्लेषणपरक सामग्री प्रदान की गई है। अभ्यर्थी नियमित अध्ययन द्वारा मात्र 30 दिनों में संपूर्ण पाठ्यक्रम को समाप्त कर सकता है। मुख्य विशेषताएँ दिनों के अनुसार सामग्री का समावेश अध्ययन की सुविधा हेतु तालिकाओं व बॉक्सों का प्रयोग सरल; रोचक एवं स्पष्ट भाषा शैली का प्रयोग विगत; वर्षों के हल प्रश्न-पत्र
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book