Kashmiri Kissago
Author:
Ruskin BondPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789352669363
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Shivaji Va Suraj
- Author Name:
Anil Madhav Dave
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh-Dharm ke Rakshak : Guru Gobind Singh
- Author Name:
Jasvinder Kaur Bindra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
- Author Name:
Dr. Kailash Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description: Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
Student English-Hindi Dictionary
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

-
Description:
राजकमल विद्यार्थी अंग्रेज़ी-हिन्दी कोश को विद्यार्थियों, छात्रों तथा दैनिक जीवन में अंग्रेज़ी शब्दावली की आवश्यकता महसूस करनेवाले पाठकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। शब्दों का चयन करते समय इस बात पर ख़ास ध्यान दिया गया है कि इसमें उन तमाम शब्दों को समाहित कर लिया जाए, जिनका व्यवहार स्कूलों-विद्यालयों की पाठ्य-पुस्तकों तथा रोज़मर्रा जीवन में आमतौर पर तथा बहुतायत से होता है, ताकि कोश का कलेवर संक्षिप्त व सुविधाजनक रहे एवं इसकी उपयोगिता भी कम न हो।
अंग्रेज़ी भाषा आज जिस प्रकार हमारे सामाजिक, आर्थिक व मीडिया जगत का अभिन्न हिस्सा हो गई है, उससे यह अनिवार्य हो चला है कि प्रत्येक व्यक्ति अंग्रेज़ी शब्दावली से परिचित हो। हमें आशा है कि इस आवश्यकता के मद्देनज़र यह कोश उपयोगी सिद्ध होगा। विद्वान कोशकारों ने अंग्रेज़ी शब्दों के हिन्दी में प्रचलित सरल तथा विविध अर्थों को समाहित किया है तथा अलग-अलग स्थितियों व सन्दर्भों में उनका प्रयोग भी प्रस्तुत किया है।
Vaidik Gau Vigyan
- Author Name:
Shri Subodh Kumar
- Book Type:

- Description: This book has no description
MPPEB MADHYA PRADESH SHIKSHAK PATRATA PARIKSHA-2020 VASTUNISTH PARYAVARAN ADHYAYAN (50 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dama: Karan Aur Bachav (Asthma Causes and Prevention Hindi Edition)
- Author Name:
Dr. Anil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azad Bharat Aur Bose Bandhu
- Author Name:
Sisir Kumar Bose
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanshipt Hindi Shabad Kosh
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
भारत की राष्ट्रभाषा होने के बावजूद जनसाधारण के हिन्दी सम्बन्धी ज्ञान को पर्याप्त नहीं कहा जा सकता। शैक्षिक जीवन में पाठ्य–पुस्तकों आदि के सन्दर्भ में भी हिन्दी के शब्दार्थ, शब्द और वाक्य–प्रयोग आदि को लेकर विद्यार्थियों को सदैव समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी के मद्देनज़र इस कोश में विद्वान कोशकार का बल विस्तार के बजाय भाषा की व्यावहारिक उपयोगिता पर रहा है।
पाठ्यक्रम तथा रोज़मर्रा जीवन, मीडिया माध्यमों आदि में प्रयुक्त होनेवाले आवश्यक शब्दों, उनके अर्थों, उनकी व्याकरणगत स्थिति तथा प्रयोगों से सम्पन्न यह कोश विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, अनुवादकों, भाषाकर्मियों व भाषा–अधिकारियों के लिए समान रूप से उपयोगी है। इसके अलावा इसमें रामायण, महाभारत, बुद्धचरित, प्रमुख पर्वतमालाओं, नदियों, पशु–पक्षियों तथा देवी–देवताओं से सम्बन्धित शब्दावलियों को अलग से सँजोया गया है।
Harsingar
- Author Name:
Kumar Arunodaya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Surya Ka Aamantaran
- Author Name:
Makrand Dave
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Virus Se Vaccine Tak
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: कोरोना के साथ बीते शुरुआती एक साल की यादें, सबक़, सब याद रखा जाना चाहिए। इसलिए मेरे प्रिय अनुज, सहयोगी आदित्य की किताब ‘वायरस से वैक्सीन तक' की उपयोगिता आज तो है ही, पर जैसे-जैसे साल बीतेंगे इसकी उपयोगिता और बढ़ती जाएगी। -अशोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं लेखक ये किताब न सिर्फ़ कोरोनाकाल को देखने वाले बल्कि आने वाली पीढ़ी को उस दौर को जानने और समझने का सबसे सशक्त दस्तावेज़ है। पुस्तक में जिस संवेदना के साथ घटनाओं का वर्णन किया गया है वो पाठकों को उद्दवेलित करेगा, हमें स्वार्थी होने से रोकेगा। -सईद अंसारी, जाने-माने टीवी न्यूज़ एंकर कोरोना के आने से लेकर कोरोना के पैर पसारने और फिर वैक्सीनेशन तक के सारे कभी न भुलाये जाने वाले अनुभवों को पत्रकार और लेखक आदित्य ने हम सबके लिए सरल भाषा में संजोया है, इस समझाइश के साथ की इतिहास भूलने की नहीं सबक़ लेने की चीज़ है। -डॉ ब्रजेश राजपूत, वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं लेखक लेखक आदित्य श्रीवास्तव की तीसरी किताब है "वायरस से वैक्सीन तक"... पेशे से टीवी पत्रकार आदित्य श्रीवास्तव की ये तीसरी किताब साहित्य की ‘रिपोर्ताज’ विधा में प्रकाशित हुई है। आदित्य श्रीवास्तव ने इससे पहले जहाँ युवा पीढ़ी के जीवन के अंदर झाँककर उसके अंदर चलने वाले द्वंद्व को अपने एक उपन्यास 'द्वंद्व कहाँ तक पाला जाए' में लिखा तो वहीं एक कविता संग्रह 'तुम ही मैं हूँ' में हर व्यक्ति के अंदर के दूसरे और अदृश्य चेहरे को पाठकों के बीच रखा है। एक संवेदनशील पत्रकार होने की वजह से आदित्य के लेखन में मानव जीवन की संवेदनाएं बहुत सरल भाषा में महसूस की जा सकती हैं
Deendayal Upadhyaya Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उन्नयन को ही राष्ट्र-निर्माण का मुख्य ध्येय माननेवाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादगी एवं प्रभावी व्यक्तित्व की प्रतिमूर्ति थे, लेकिन अपने दिव्य गुणों से वे दिव्य और अद्भुत बन गए। प्रत्येक व्यक्ति उनका सान्निध्य पाकर स्वयं को धन्य समझता था। वे किसी भी व्यक्ति को निराश नहीं लौटाते थे। अपने प्रखर और तीव्र मस्तिष्क का प्रयोग कर हर व्यक्ति की समस्या का हल ढूँढ़ने का प्रयास करते थे। हर व्यक्ति उनका ऋणी था। ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और नेतृत्व के गुण उनमें कूट-कूटकर भरे थे। वे अपने इन गुणों के माध्यम से ही हर व्यक्ति के हृदय में अपना एक विशेष स्थान बना पाए। राष्ट्र की एकता-अखंडता उनके लिए सर्वोपरि रही और इसी के लिए वे अनवरत कर्मशील रहे। अपने छोटे, परंतु यशस्वी जीवन में उन्होंने सामूहिकता, संगठन-कौशल और राष्ट्रभाव के जो अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किए, वे न केवल वर्तमान वरन् भविष्य की पीढि़यों का भी मार्ग प्रशस्त करेंगे। माँ भारती के अमर सपूत पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रेरणाप्रद जीवन की ये छोटी-छोटी कहानियाँ जीवन में कुछ बड़ा करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी, ऐसा हमारा अटल विश्वास है। "
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Sharirik Shiksha (CUET Physical Education in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sachitra Hindi Bal Kosh
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत कोश कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हिन्दी प्रदेश में निर्धारित पाँचवें दर्जे तक की सभी पाठ्य-पुस्तकें मँगवाई गईं और उनमें से शब्दों को संग्रह करवाया गया। बारम्बारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। इस प्रकार शब्दावली का एक स्तर निश्चित हुआ। इस शब्दकोश में लगभग छह हज़ार शब्द हैं जो प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और आवश्यक हैं। अर्थों का चुनाव भी इसी दृष्टि से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रत्येक शब्द का प्रयोग जैसा कि शिष्ट हिन्दी में होता है, अत्यन्त सटीक उदाहरणों द्वारा समझाया गया है। उपयुक्त ज्ञान कराने में चित्र बहुत सहायक होते हैं। हिन्दी में ऐसे सचित्र कोश नहीं हैं। प्रस्तुत कोश इस दृष्टि से बेजोड़ है।
Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Bharat Ka Itihas
- Author Name:
Vivek Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aanand Ki Raah (Hindi)
- Author Name:
Rajendra Tiwari
- Book Type:

- Description: विश्व में अशांति, कलह, संघर्ष, युद्ध, नकारात्मकता, ईर्ष्या, अहम् की प्रतिस्पर्धा में शांतिविहीन समाज का स्वरूप बन रहा है, जिस कारण अभाव, अपूर्णता, असंतुष्टता पनप रही है। व्यक्ति का आंतरिक सुख व आनंद विलुप्त हो रहा है। प्रश्न यह है कि हमारा मन शांत और संतुष्ट कैसे हो व हम आनंद कैसे प्राप्त करें? प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने स्पष्ट किया है कि अध्यात्म का तात्पर्य किसी धर्म-विशेष से नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति को सही व गलत के भेद को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का रास्ता मिलता है, विवेकशीलता जाग्रत् होती है। आध्यात्मिक चिंतन में द्वंद्व और भेदभाव नहीं है। यह विषय सिर्फ संत-महात्माओं और भक्ति के क्षेत्र से जुडे़ व्यक्तियों के लिए ही नहीं है, बल्कि इसकेमाध्यम से मनन करके हम आनंद की राह खोज सकते हैं। हमें हमारे शिक्षणकाल में उस ज्ञान को परोसा ही नहीं जा रहा है जो आनंद के आभास की राह बताता हो। जीवन का उद्देश्य आनंद में रहने का है। मनुष्य के नैसर्गिक गुणों में द्वंद्व, भ्रम, अवसाद, चिंता, व्यग्रता, असंतोष, असंतुलन, क्लेश आदि ग्राह्य नहीं हैं। प्रसन्न रहना एक स्वाभाविक गुण है। अतः जीवन में संतोष और उल्लास प्राप्त करने के लिए मानवीय गुण तथा आध्यात्मिक-सांस्कृतिक चिंतन प्राप्त करने के लिए प्रसन्न रहिए, आनंदित रहिए। इसी से जीवन में आनंद की राह प्रशस्त होगी। व्यावहारिक जीवन में आनंद का एकमात्र साधन आध्यात्मिक चिंतन है। पुस्तक की प्रस्तावना मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति माननीय श्री जस्टिस आनंद पाठक ने प्रस्तुत की है।
Nehru Files: Nehru Ki 127 Aitihasik Galtiyan (Hindi Translation of Nehru’s 127 Major Blunders)
- Author Name:
Rajnikant Puranik
- Book Type:

- Description: चीन की सरकार के लिए भारत पर आक्रमण करने जैसी बात सोचना भी पूरी तरह से अव्यावहारिक है। इस कारण, मैं इसे खारिज करता हूँ''''जवाहरलाल नेहरू (एएस/103) किसी ने ठीक ही कहा है : नेहरू अनभिज्ञता के नवाब थे। अगर नेहरू ने तमाम किस्म की बड़ी गलतियाँ नहीं की होतीं; और यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उन्होंने बेहिसाब गलतियाँ कीं, नहीं तो भारत तेजी से तरक्की की राह पर होता और उनके कार्यकाल के अंत तक एक प्रभावशाली, समृद्ध, विकसित देश होता। और निश्चित रूप से ऐसा 1980 के दशक की शुरुआत में ही हो गया होता, बशर्तें, नेहरू के बाद उनका वंश सत्ता में नहीं आया होता। दुर्भाग्य से, नेहरू युग ने ही भारत में गरीबी और दरिद्रता की नींव रखी, जिसने हमेशा के लिए इसे एक विकासशील, तीसरे दर्जे का, पिछड़ा देश बनाकर रख दिया। इन मूर्खतापूर्ण भूलों का ब्योरा रखकर, यह पुस्तक दिखावे के पीछे का सच दिखाती है। इस पुस्तक में नेहरू की मूर्खतापूर्ण भूलों का प्रयोग 'एक सामान्य शब्द के रूप में विफलताओं, लापरवाहियों, गलत नीतियों, खराब फैसलों, निंदनीय या अशोभनीय कृत्यों, अनर्जित पदों को हड़पने आदि के लिए भी किया गया है। इस पुस्तक का उद्देश्य नेहरू की आलोचना करना नहीं है, बल्कि उन ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी को, जिन्हें अकसर तोड़ा-मरोड़ा गया या छिपाया गया या दबा दिया गया, व्यापक करना है, ताकि वही गलतियाँ दोबारा न हों, और भारत का भविष्य उज्ज्वल बन सके । हो सकता है कोई कहे : नेहरू पर हायतौबा मचाने की जरूरत क्या है ? उन्हें गए तो बरसों हो गए । बरसों हो गए शारीरिक रूप से, किंतु दुर्भाग्य से उनकी अधिकतर सोच और नीतियाँ अब भी जीवित हैं । यह समझना जरूरी है कि उन्होंने गलत रास्ते को चुना । पर देश को उन विचारों से मुक्त होकर आगे बढ़ना पड़ेगा, जिनमें से अधिकांश अब भी जारी हैं । यह पुस्तक वर्तमान समय के लिए भी अत्यधिक प्रासंगिक है।
Lachhaman Gun Gatha
- Author Name:
Rajendra Arun +1
- Book Type:

- Description: रामकथा में लक्ष्मणजी का चरित्र सबसे विचित्र, सबसे अनुपम और सबसे भिन्न है। वे केवल श्रीराम के अनुज ही नहीं, बल्कि उनके सहचर और अनुचर भी हैं, प्राण और अंतरात्मा भी हैं, सुहृद् और भक्त भी हैं तथा दर्पण और प्रतिबिंब भी हैं। वास्तव में वे उनके सर्वस्व हैं। दोनों का जीवन प्रेम और विश्वास के अटूट सूत्र से बँधा हुआ है, जहाँ किसी प्रकार के दुराव, छिपाव और अलगाव की कोई गुंजाइश नहीं। विश्व इतिहास में ऐसा चरित्र मिलना दुर्लभ है, जिसने अपने अग्रज की सेवा में अपने अस्तित्व का पूर्णतया विसर्जन कर दिया हो और उसी में अपने जीवन की धन्यता और सार्थकता पाई हो। लक्ष्मण महापराक्रमी, श्रेष्ठ योद्धा, बुद्धिमान्, धर्मज्ञ, नीतिज्ञ, शास्त्रज्ञ, वाक्-निपुण, दूरदर्शी, सेवाव्रती, आत्मवान्, जितेंद्रिय, परम संयमी, वैराग्यवान् और सदाचारी होने के साथ-ही-साथ अनेक कलाओं में भी निपुण थे। त्याग, सेवा और समर्पण के वे मूर्तिमान् स्वरूप थे। यह पुस्तक मुख्य रूप से रामचरितमानस पर आधारित है, परंतु आवश्यकतानुसार वाल्मीकि रामायण से भी सहायता ली गई है। महर्षि वाल्मीकि ने लक्ष्मणजी के कुछ गुणों, जैसे—सेवा, पर्णकुटी बनाने की दक्षता, पुरुषार्थ के प्रति निष्ठा, सीताजी के वियोग में संतप्त श्रीराम का मनोबल बढ़ाने की कला आदि का बहुत ही सजीव वर्णन किया है। लक्ष्मणजी की यशोगाथा को सत्रह अध्यायों में विभाजित किया गया है। हर अध्याय का नाम चौपाई विशेष की अर्द्धाली के आधार पर रखा गया है और अध्यायों का क्रम रामचरितमानस में आई चौपाइयों के क्रमानुसार सुनिश्चित किया गया है।
Natya Prastuti : Siddhant, Shilp Aur Vidhan
- Author Name:
Ramesh Rajhans
- Book Type:

- Description: ‘नाट्य प्रस्तुति : सिद्धान्त, शिल्प और विधान’ रंगकर्म में रुचि रखनेवाले उन सभी व्यक्तियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो नाटक के क्षेत्र में नये हैं और नाट्य-विधा के सम्बन्ध में अधिक विस्तृत व गहन जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। गाँव-कस्बे अथवा छोटे और पिछड़े इलाकों में रहनेवाले वे तमाम प्रतिभाशाली नाट्य-प्रेमी इस कृति से लाभान्वित होंगे जिनके लिए किसी नाट्य-विद्यालय अथवा नाट्य-संस्था में सम्मिलित होना सम्भव नहीं है लेकिन जो छोटी-छोटी रंग-मंडलियाँ बनाकर नाट्य-क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस पुस्तक के माध्यम से वे नाट्य-विधा से विधिवत परिचित होंगे और अपनी प्रस्तुतियों को अधिक सम्प्रेषणीय तथा अधिक अर्थवत्तापूर्ण बना सकेंगे। पुस्तक में भारतीय रंग-पद्धति के साथ-साथ पश्चिमी निर्देशकों और प्रस्तोताओं के विचारों और तकनीक का भी वर्णन है। चूँकि आज के नाट्य-मंच का स्वरूप बहुत कुछ ‘प्रोसीन्यम’ है और यह प्रोसीन्यम थियेटर दरअसल पश्चिमी रंग-पद्धति है, इसलिए पश्चिमी रंग-पद्धति और रंग-परम्परा की चर्चा भी इस पुस्तक के दायरे में है। दोनों ही रंग-पद्धतियों के बुनियादी तत्त्व एक हैं और किसी एक रंग-पद्धति को गम्भीरतापूर्वक समझ लेने से दूसरी को समझना काफी सरल है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book