AAO BACHCHO AVISHKARAK BANEN
(0)
Author:
Srijan Pal Singh, Dr. A.P.J. Abdul KalamPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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महान् वैज्ञानिकों का मस्तिष्क प्रश्नों से भरा होने के कारण सदैव अशांत रहता है। वे किसी भी बात के लिए पूछते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूँ? या इससे बेहतर क्या हो सकता है? वे प्रश्नों से लबालब भरे होते हैं, कभी-कभी वे अपने प्रश्नों से दूसरों को भी नाराज कर देते हैं। प्यारे बच्चो, क्या तुम अनुमान लगा सकते हो कि अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का सबसे अधिक लोकप्रिय छात्र कौन था? वह हेलेन कीलर थी, जो दृष्टिहीन तथा बधिर होने के साथ-साथ एक महान् लेखिका, समाजसेविका तथा कवयित्री थीं। महान् वैज्ञानिक छोटी-से-छोटी घटनाओं से भी अत्यधिक प्रेरित होते हैं। वे असफलता को सफलता प्राप्ति की एक सीढ़ी के रूप में प्रयोग कर लेते हैं। युवाशक्ति के प्रेरणास्रोत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आपसे आग्रह है कि अपना छोटा सा लक्ष्य चुनें, अपने भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करें और एक ऊँची उड़ान भरने के लिए उद्यत हो जाएँ। यह पुस्तक छात्रों-युवाओं में कुछ नया करने की प्रेरणा देती है, ताकि नवाचार और आविष्कार कर हम समाज को बेहतर बनाने में कुछ योगदान दे सकें।
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महान् वैज्ञानिकों का मस्तिष्क प्रश्नों से भरा होने के कारण सदैव अशांत रहता है। वे किसी भी बात के लिए पूछते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूँ? या इससे बेहतर क्या हो सकता है? वे प्रश्नों से लबालब भरे होते हैं, कभी-कभी वे अपने प्रश्नों से दूसरों को भी नाराज कर देते हैं।
प्यारे बच्चो, क्या तुम अनुमान लगा सकते हो कि अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का सबसे अधिक लोकप्रिय छात्र कौन था? वह हेलेन कीलर थी, जो दृष्टिहीन तथा बधिर होने के साथ-साथ एक महान् लेखिका, समाजसेविका तथा कवयित्री थीं। महान् वैज्ञानिक छोटी-से-छोटी घटनाओं से भी अत्यधिक प्रेरित होते हैं। वे असफलता को सफलता प्राप्ति की एक सीढ़ी के रूप में प्रयोग कर लेते हैं।
युवाशक्ति के प्रेरणास्रोत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आपसे आग्रह है कि अपना छोटा सा लक्ष्य चुनें, अपने भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करें और एक ऊँची उड़ान भरने के लिए उद्यत हो जाएँ।
यह पुस्तक छात्रों-युवाओं में कुछ नया करने की प्रेरणा देती है, ताकि नवाचार और आविष्कार कर हम समाज को बेहतर बनाने में कुछ योगदान दे सकें।
Book Details
-
ISBN9789351865629
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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