Pardesi
(0)
Author:
Neelam MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
रामधन ने रामसुख का हाथ पकड़कर कहा, 'भय्या रेलिया देख सकित हा का?' रामसुख ने कहा, 'अरे काहे नाही, चला स्टेशन पर चली', कहकर तीनों प्लेटफार्म पर पहुँच गए। वहाँ एक रेलगाड़ी खड़ी थी। रामदीन अचानक कूदकर रेलगाड़ी पर चढ़ गए। उनके पीछे उत्सुकतावश रामधन, फिर रामसुख भी एकजुट रहने के मकसद से रेलगाड़ी पर चढ़ गए। रामसुख के चढ़ते ही ट्रेन एकाएक चल पड़ी। तीनों भाई एकदम हक्का-बक्का होकर एक सीट पर बैठ गए। रामसुख को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें? पर रामदीन और रामधन तो खुशी से चहक रहे थे। उन लोगों ने रेलगाड़ी पहले देखी भी न थी। रामसुख भाइयों के साथ खिड़की से बाहर देखकर चलती गाड़ी की गति अनुभव करने लगे। थकान से भरा शरीर, पर रेल की मीठी झुलान ने तीनों को सुला दिया। अचानक एक कड़क आवाज से रामसुख की आँख खुली तो सामने एक रोबदार अंग्रेज खड़ा था। वह टिकट जाँच का अधिकारी था। अंग्रेज ने कहा, 'ओ लड़के! टिकट दिखाओ।' रामसुख ने सिर हिलाकर कहा, 'टिकट नहीं है साहब।' —इसी पुस्तक से गाँव-देहात के भोले-भाले सरल निवासियों के अबोध, निश्छल और सहज भावभूमि का दिग्दर्शन करवाता पठनीय एवं मार्मिक उपन्यास, जो पाठकों की संवेदना को झंकृत कर देगा।
Read moreAbout the Book
रामधन ने रामसुख का हाथ पकड़कर कहा, 'भय्या रेलिया देख सकित हा का?'
रामसुख ने कहा, 'अरे काहे नाही, चला स्टेशन पर चली', कहकर तीनों प्लेटफार्म पर पहुँच गए। वहाँ एक रेलगाड़ी खड़ी थी। रामदीन अचानक कूदकर रेलगाड़ी पर चढ़ गए। उनके पीछे उत्सुकतावश रामधन, फिर रामसुख भी एकजुट रहने के मकसद से रेलगाड़ी पर चढ़ गए। रामसुख के चढ़ते ही ट्रेन एकाएक चल पड़ी। तीनों भाई एकदम हक्का-बक्का होकर एक सीट पर बैठ गए। रामसुख को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें? पर रामदीन और रामधन तो खुशी से चहक रहे थे। उन लोगों ने रेलगाड़ी पहले देखी भी न थी। रामसुख भाइयों के साथ खिड़की से बाहर देखकर चलती गाड़ी की गति अनुभव करने लगे। थकान से भरा शरीर, पर रेल की मीठी झुलान ने तीनों को सुला दिया। अचानक एक कड़क आवाज से रामसुख की आँख खुली तो सामने एक रोबदार अंग्रेज खड़ा था। वह टिकट जाँच का अधिकारी था। अंग्रेज ने कहा, 'ओ लड़के! टिकट दिखाओ।' रामसुख ने सिर हिलाकर कहा, 'टिकट नहीं है साहब।'
—इसी पुस्तक से
गाँव-देहात के भोले-भाले सरल निवासियों के अबोध, निश्छल और सहज भावभूमि का दिग्दर्शन करवाता पठनीय एवं मार्मिक उपन्यास, जो पाठकों की संवेदना को झंकृत कर देगा।
Book Details
-
ISBN9789355214386
-
Pages216
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Guidebook in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manusmriti Punarmoolyankan (Urf Muft Hue Badnam)
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: मनुस्मृति पुनर्मूल्यांकन' हिंदू कानून की पुस्तक न होकर एक सामाजिक निर्देशिका भर है। मनुस्मृति के लिखे जाने के समय हिंदू समाज में जातिप्रथा या वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर नहीं, गुण-कर्म-स्वभाव के आधार पर निर्धारित की जाती थी। अगर ऐसी कोई व्यवस्था होती तो भला चंद्रगुप्त मौर्य, जो एक दासी-पुत्र था, एक ब्राह्मण चाणक्य उसे अपना शिष्य या राजा बनाते। यही नहीं, वेदों, रामायण तथा महाभारत में शूद्र राजाओं का जिक्र कैसे आता? वर्ण व्यवस्था को समझने हेतु यह भी आवश्यक है कि वर्ण व्यवस्था हर काल में, हर देश-समाज में विद्यमान थी, और आज भी है। ब्राह्मण = विद्वान् ज्ञानी = आज के वैज्ञानिक; क्षत्रिय = समाज के बलशाली व्यक्ति = राजा = आज के राजनेता; बिजनेस tycoon, यथा बिल गेट्स या एलन मस्क—वैश्य; तब के कृषि मैनेजर आज के अनेक क्षेत्रों के मैनेजर [MBA] शूद्र = वर्कर। आज आधुनिक शिक्षा में ये वैज्ञानिक, राजनेता तथा बिजनेस tycoon, मैनेजर या वर्कर कहलाते हैं, तब भी गुण-कर्म-स्वभाव से वर्ण निर्धारित होते थे।
INDRADHANUSH KE KITNE RANG
- Author Name:
Piyush Ranjan
- Book Type:

- Description: भावनाओं के कई रंग होते हैं और सभी रंगों का अपना एक अलग ही मजा होता है। जब से जिंदगी को समझा है, जिंदगी को सिर्फ अपने दिल की सुनकर, भावनाओं से परिपूर्ण जीया है। यह पुस्तक इंसान के इंद्रधनुषी भावनाओं के उन रंगों को सहेजने का एक प्रयास है, जिसका अनुभव जिंदगी के किसी-न-किसी मोड़ पर मुझे हुआ है। ‘इंद्रधनुष के कितने रंग’ जिंदगी के विविध रंगों को पन्नों पर उतरने की एक कोशिश है। ‘फलसफा’ में जिंदगी के मूल्य को समझते हुए, अपने कृत्य के द्वारा जिंदगी को और भी ज्याद मूल्यवान बनाने का संदेश दिया गया है। ‘जिंदगी दो पल की’ होती है। अफसोस, ज्यादातर लोग इस बात को जब तक समझ पाते हैं, तब तक ये पल बीत गए होते हैं।
JANAKA AUR ASHTAVAKRA
- Author Name:
Ashraf Karayath
- Book Type:

- Description: ऋषि अष्टावक्र और उनके शिष्य, राजा जनक की कहानी बेहद रोचक प्रसंगों में से एक होकर भी ऐसी है जिसे कम ही लोग जानते हैं। अष्टावक्र नाम का एक बालक राजा जनक के दरबार में राज्य के सबसे विद्वान् ऋषि-मुनियों से शास्त्रार्थ के लिए जाता है लेकिन राजा के दरबारी उसके विकृत शरीर के कारण उसका उपहास करते हैं। वह बालक जब शास्त्रार्थ में विजयी होता है तब जनक को अनुभव होता है कि उस बालक में असाधारण बुद्धिमत्ता है और वह उसके शिष्य बन जाते हैं। जनक पर जहाँ अपनी आध्यात्मिक मुक्ति की धुन सवार है, वहीं राजमहल की रहस्यमयी दुनिया में एक षड्यंत्रकारी योजना स्वरूप लेती है। देखते-ही-देखते मिथिला पर युद्ध के बादल मँडराने लगते हैं, फिर भी जनक उसकी परवाह किए बिना उस बाल ऋषि के सान्निध्य में अधिक-से-अधिक समय बिताते हैं। भले ही सभी को द्वार पर संकट खड़ा दिखता है, लेकिन जनक आध्यात्मिक ज्ञान-प्राप्ति के पथ को नहीं छोड़ते। अंततः अष्टावक्र के मार्गदर्शन में राजा एक ऐसे संसार में प्रवेश करते हैं जहाँ उनके और उनके राज्य के लिए वास्तविकता बदल जाती है। यह उपन्यास प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान और दर्शन पर आधारित है, लेकिन इसमें मुक्ति, ज्ञान-प्राप्ति और चेतना की अवधारणाओं के साथ जीवन की वास्तविकताओं की नई विवेचना है। अन्य बातों के साथ ही यह इस प्रश्न का उत्तर देती है—क्या जो कुछ हम देखते हैं, सब सच में माया है? यह रोचक कहानी आधुनिक युग के पाठकों के अस्तित्व से जुड़े प्रश्नों पर प्रकाश डालती है, जिसके कारण वे राजा और उनके संघर्षों में स्वयं को देखते हैं।
Best of Shail Chaturvedi
- Author Name:
Shail Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Samanya Gyan 2023 (Bihar General Knowledge in Hindi)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aakhiri Baazee
- Author Name:
S. Hussain Ziadi
- Book Type:

- Description: हर कहानी के दो पहलू होते हैं... मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के ग्यारह साल बीत चुके थे, लेकिन उसके जख्म अब तक नहीं भरे थे। खास तौर पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत सिंह के। आजकल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी के साथ जुड़े, विक्रांत भारत के दौरे पर आए, पाकिस्तानी उच्चायुक्त जाकिर अब्दुल रऊफ खान से किसी तरह एक मुलाकात तय कर लेते हैं। जहाँ तक विक्रांत का दावा है, वह केवल खान से यह अपील करना चाहते हैं कि अपराधियों को पकड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, लेकिन मुलाकात का अंत उच्चायुक्त के मुँह पर पड़े एक मुक्के से होता है। इस बीच, भोपाल में, इंडियन मुजाहिदीन के पाँच सदस्य, जिन्हें विक्रांत ने मुंबई में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था, सेंट्रल जेल से भाग निकलते हैं। हाल ही में राजनयिक के साथ हुई झड़प के मामले में निलंबित विक्रांत से, भागे हुए आतंकियों का पता लगाने में, अनाधिकारिक रूप से मदद करने को कहा जाता है। देश के एक दूसरे हिस्से में, एक रिटायर्ड प्रोफेसर, टूटे दिल वाला एक पूर्व सैनिक और अपनी ही मुसीबतों से घिरी एक युवती अपने बारे में गहराई से सोचने के लिए मुंबई से लक्षद्वीप जा रहे एक क्रूज लाइनर पर एक यात्रा पर निकल पड़ते हैं। हालाँकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और क्रूज लाइनर को हाईजैक कर लिया जाता है। रहस्य, रोमांच, सस्पेंस, राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और ऐसे अनेक पहलूओं की अनूठा मिश्रण है यह पुस्तक जो पाठक को बाँधे रहेगी और फिल्म देखने का आनंद देगी। मसालेदार और दिलचस्प, हुसैन जैदी का जवाब नहीं।
The Hidden Hindu "द हिडन हिंदू" (Hardcover)
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC (Bihar Public Service Commission) Main Exam Solved Papers Paper I & Paper II 67th to 48th Combined Exams
- Author Name:
IAS (AIR-49) Dr. Ranjeet Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mutthi Bhar Dhoop
- Author Name:
Vikram Bhatt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aao, Magic Tricks Seekhen
- Author Name:
Nakul Shenoy
- Book Type:

- Description: जादू क दिलाने की योग्यता है। यह प्रदर्शन की कला है। आप अपने दर्शकों को बेवकूफ नहीं बनाते, उन्हें चकित करते हैं और उनका मनोरंजन करते हैं। माइंड रीडर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल जादूगर, नकुल शेनॉय आपको ऐसा करना सिखा सकते हैं। भारत के सबसे रोमांचक कलाकारों में से एक से जादू सीखिए स्मार्ट कोर्स इन मैजिक एक आसान और आसानी से उपलब्ध प्रभावी कोर्स है, जो हाथ की सफाई को उसी के अंदाज में, प्रदर्शन और प्रस्तुति के सिद्धांत को केंद्र में रखते हुए सिखाती है। आप चाहे जादू को अपना शौक बनाना चाहते हैं या पेशेवर कलाकार के रूप में अपने हुनर को तराशना, यह पुस्तक आपको सही दिशा में ले जाएगी।.
Lok Sanskriti Ki Rooprekha
- Author Name:
Krishnadev Upadhyaya
- Book Type:

-
Description:
लोक-साहित्य लोक-संस्कृति की एक महत्त्वपूर्ण इकाई है। यह इसका अविच्छिन्न अंग अथवा अवयव है। जब से लोक-साहित्य का भारतीय विश्वविद्यालयों में अध्ययन तथा अध्यापन के लिए प्रवेश हुआ है, तब से इस विषय को लेकर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना हुई है। प्रस्तुत ग्रन्थ को छह खंडों तथा 18 अध्यायों में विभक्त किया गया है।
प्रथम अध्याय में लोक-संस्कृति शब्द के जन्म की कथा, इसका अर्थ, इसकी परिभाषा, सभ्यता और संस्कृति में अन्तर, लोक-साहित्य तथा लोक-संस्कृति में अन्तर, हिन्दी में फोक लोर का समानार्थक शब्द लोक-संस्कृति तथा लोक-संस्कृति के विराट स्वरूप की मीमांसा की गई है। दि्वतीय अध्याय में लोक-संस्कृति के अध्ययन का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। यूरोप के विभिन्न देशों जैसे—जर्मनी, फ़्रांस, इंग्लैंड, स्वीडेन तथा फ़िनलैंड आदि में लोक-साहित्य का अध्ययन किन विद्वानों द्वारा किया गया, इसकी संक्षिप्त चर्चा की गई है।
दि्वतीय खंड पूर्णतया लोक-विश्वासों से सम्बन्धित है। अतः आकाश-लोक और भू-लोक में जितनी भी वस्तुएँ उपलब्ध हैं और उनके सम्बन्ध में जो भी लोक-विश्वास समाज में प्रचलित है, उनका सांगोपांग विवेचन इस खंड में प्रस्तुत किया गया है।
तीसरे खंड में सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया है जिसमें दो अध्याय हैं—(1) वर्ण और आश्रम तथा (2) संस्कार। वर्ण के अन्तर्गत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्रों के कर्तव्य, अधिकार तथा समाज में इनके स्थान का प्रतिपादन किया गया है। चौथे खंड में आश्रम वाले प्रकरण में चारों आश्रमों की चर्चा की गई है। जातिप्रथा से होनेवाले लाभ तथा हानियों की चर्चा के पश्चात् संयुक्त परिवार के सदस्यों के कर्तव्यों का परिचय दिया गया है।
पंचम खंड में ललित कलाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन कलाओं के अन्तर्गत संगीतकला, नृत्यकला, नाट्यकला, वास्तुकला, चित्रकला, मूर्तिकला आती हैं। संगीत लोकगीतों का प्राण है। इसके बिना लोकगीत निष्प्राण, निर्जीव तथा नीरस है।
षष्ठ तथा अन्तिम खंड में लोक-साहित्य का समास रूप में विवेचन प्रस्तुत किया गया है। लोक-साहित्य का पाँच श्रेणियों में विभाजन करके, प्रत्येक वर्ग की विशिष्टता दिखलाई गई है।
Innovations in Adminstration
- Author Name:
Bharat Lal Meena
- Book Type:

- Description: All the successive governments in India, since Independence, have talked about community participation in governance, but the results have been disappointing. In this scenario, the 1985 batch Karnataka cadre IAS officer Bharat Lal Meena made it possible through his out of the box initiatives during his three-decade long Civil Service career. Right from his first posting as Assistant Commissioner in Lingasugur tehsil of Raichur District in Karnataka to his present posting as Additional Chief Secretary and In-charge of Higher Education, he has created a model of active community participation in governance with wonderful results. This book provides vivid description of some of his innovative steps that proved to be a precedent in governance and have been subsequently adopted by the States and Union Governments. Many of the present-day innovative schemes, such as Smart Cities, DBT, Soil Health Cards, Social Audit, and biometric attendance, were visualised and materialised by the author decades ago. Apart from providing information about these steps, the book also acquaints readers with how he dealt with various administrative challenges and how he turned the ‘I’ feeling into the ‘we’ feeling. An essential read for the management professionals, serving bureaucrats and the youth preparing for civil services or other competitive examinations.
Objective NCERT Based Chapterwise Topicwise Solutions For 11th And 12th Class with Solved Papers (2005 -2023) with Notes for NEET-AIIMS Exam 2024 - Biology
- Author Name:
Mamta Mehrotra +1
- Book Type:

- Description: "Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparallel book designed on the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbook. It is the leading choice of Toppers and the pinnacle for NEET exam along with NCERT. Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparalleled book designed around the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbooks. It is the top choice of toppers and the pinnacle resource for NEET exam preparation alongside NCERT. This book is essential for NEET, BOARDS, and CUET, as it contains questions extracted from each and every line of the NCERT textbooks. Extra notes are added by experts to enhance understanding, along with chapter-wise NCERT notes for quick but thorough and impactful revisions. Tabular texts and illustrative diagrams in HD pages aid understanding. NCERT-based topic-wise MCQs from each chapter help in mastering concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs build a strong foundation and encourage in-depth learning. Assertion & Reason, Case-Based Questions, and HOTS cover all question types. The exam archive includes questions from previous years’ NEET and other PMT exams. Practice papers and model test papers offer final practice before the exam. Five mock tests help you become a confident competitor. Answer keys, hints, and detailed explanations are included for micro-level understanding. This book is a must for NEET/BOARDS/CUET as it has questions extracted from each and every line of the NCERT textbook. Extra Notes are added from experts to make it more understandable Chapter-wise NCERT notes for quick yet thorough & impactful revisions. Tabular texts & Illustrative diagrams in HD pages for understanding. NCERT Based Topic-wise MCQs from each of NCERT to get firm grip on concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs to develop a strong base & go in-depth. Assertion Reason, Case Based Questions & HOTS to cover all question typologies. Exam Archive including Previous years’ NEET & other PMT exam’s questions. Practice Papers & Model Test Papers to put final practice touch to your preparation. 5 Mock Test to Make you an experienced player Answer keys, hints and explanations are also added in the book for micro-level understanding."
Dushyant Kumar : Ek Shodharthi Ki Nazar Se
- Author Name:
Jaimini Pandya
- Book Type:

- Description: book on the life of famous poet dushyant kumar
Dictionary of Proverbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: "Proverbs are wise sayings. They are usually short, pithy statements of general truth. Proverbs are largely based on common sense or the practical experience of humanity. They are often metaphorical. The word ‘proverb’ is said to have originated from the Latin word proverbium meaning concrete statement. These statements usually express a truth of any kind ranging from spiritual, practical to philosophical. The book is packed with popular proverbs arranged under alphabetical headings intended to help the readers in finding the proverbs of their choice. The use of proverbs certainly adds to the beauty and impact of the expression. The readers are sure to benefit from this book."
Essays Demystified For UPSC. CSE & Competitive Exams
- Author Name:
Abhishek Saraf +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best of Alhad Bikaneri
- Author Name:
Alhad Bikaneri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Allahabad High Court Samiksha Adhikari (RO) ,Sahayak Samiksha Adhikari (ARO) & Computer Assistant Stage - I Exam 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: इलाहाबाद हाई कोर्ट समीक्षा अधिकारी RO चयन परीक्षा स्टेज-I 15 प्रैक्टिस सेट्स नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित Latest Solved Papers 2025-2026 Edition
Gita Prashnottari
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: गीता’ वह ईश्वरीय वाणी है, जिसमें धर्म संवाद के माध्यम से—मैं कौन हूँ? यह देह क्या है? इस देह के साथ क्या मेरा आदि और अंत है? देह त्याग के पश्चात् क्या मेरा अस्तित्व रहेगा? यह अस्तित्व कहाँ और किस रूप में होगा? मेरे संसार में आने का क्या कारण है? मेरे देह त्यागने के बाद क्या होगा, कहाँ जाना होगा, इन सभी के प्रश्नों के उत्तर भगवान् श्रीकृष्ण ने बड़े सहज ढंग से दिए हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वभावगत कर्म में लगे रहने को ‘श्रेष्ठ योग’ कहा है। उनके अनुसार, कर्म अवश्यंभावी है। बिना कर्म के मुक्ति पाना तो दूर, मनुष्य बनना भी कठिन है। स्वाभाविक कर्म करते हुए बुद्धि का अनासक्त होना सरल है। इस प्रकार, ‘गीता’ ज्ञान का भंडार है। इसमें सात सौ श्लोक और अठारह अध्याय हैं। इसके उपदेश को सरलता और सहजता से समझाने के लिए मैंने इसे अध्याय-दर- अध्याय प्रश्नोत्तरी फॉरमेट में प्रस्तुत किया है, ताकि बड़ों के साथ-साथ स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी भी क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से इसके संदेश को खेल-खेल में ही ग्रहण कर लें।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book