UPPSC Chiktsa Adhikari Bharti Pariksha Bhag- I Samanya Gyan Homeopathic/Ayurvedic
Author:
Dr. S. K. BhatnagarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353220556
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Deendayal Upadhyaya Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उन्नयन को ही राष्ट्र-निर्माण का मुख्य ध्येय माननेवाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादगी एवं प्रभावी व्यक्तित्व की प्रतिमूर्ति थे, लेकिन अपने दिव्य गुणों से वे दिव्य और अद्भुत बन गए। प्रत्येक व्यक्ति उनका सान्निध्य पाकर स्वयं को धन्य समझता था। वे किसी भी व्यक्ति को निराश नहीं लौटाते थे। अपने प्रखर और तीव्र मस्तिष्क का प्रयोग कर हर व्यक्ति की समस्या का हल ढूँढ़ने का प्रयास करते थे। हर व्यक्ति उनका ऋणी था। ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और नेतृत्व के गुण उनमें कूट-कूटकर भरे थे। वे अपने इन गुणों के माध्यम से ही हर व्यक्ति के हृदय में अपना एक विशेष स्थान बना पाए। राष्ट्र की एकता-अखंडता उनके लिए सर्वोपरि रही और इसी के लिए वे अनवरत कर्मशील रहे। अपने छोटे, परंतु यशस्वी जीवन में उन्होंने सामूहिकता, संगठन-कौशल और राष्ट्रभाव के जो अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किए, वे न केवल वर्तमान वरन् भविष्य की पीढि़यों का भी मार्ग प्रशस्त करेंगे। माँ भारती के अमर सपूत पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रेरणाप्रद जीवन की ये छोटी-छोटी कहानियाँ जीवन में कुछ बड़ा करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी, ऐसा हमारा अटल विश्वास है। "
Nachiket
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति एक ऐसी महान् संस्कृति है, जिसका दुनिया में कोई सानी है ही नहीं। हमारे वेद-उपनिषद् और भगवद्गीता ने मनुष्य को जन्म के साथ ही मृत्यु तक जो जीवन जीना है, उन सब चीजों के लिए अलग-अलग उपाय दिए हुए हैं। इस पुस्तक के माध्यम से हमने एक प्रामाणिक प्रयत्न किया है कि आज की जो सामान्य या अहम समस्या है, पति-पत्नी के संबंध और माँ-बाप का पुत्र-पुत्री के साथ व्यवहार, जिसे हम संस्कारों की मूलभूत बात भी कह सकते हैं, उसको वेद-उपनिषद् की ही बातों को थोड़ा सरल करके सामान्य व्यक्ति समझ सके और उसका उपयोग करके अपने घर को ‘धन्यो गृहस्थाश्रम’ कर सके। इस पुस्तक का नाम ‘नचिकेत’ इसलिए रखा गया है, क्योंकि हमारे वेद और उपनिषद् में नचिकेत पात्र को कई जगहों पर अंकित किया गया है, जो पात्र एक अद्भुत दैवी संतान की प्रतिकृति है, जिसको पढ़कर भी हमें ऐसा लगता है कि भगवान् हमारे घर पर ऐसी संतान को जन्म देना। ‘नचिकेत’ एक रूपक है—अद्भुत, अविस्मरणीय और असामान्य बालक का।
Jawahar Navodaya Vidyalaya Class-6
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Solved Papers 2023-2005 JNV Sainik School Preparation
News Girl (Hindi Translation of Garbage Beats)
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pankaj Subeer Ki Kahaniyon Ka Samaj Shastreey Adhdhyan
- Author Name:
Dinesh Pal
- Book Type:

- Description: Book
How To Be Successful In Civil Services
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: Civil Services are the most prestigious and accountable services in the country. Educated youths have a special attraction towards them. Every youth wants to achieve this position.Out of a population of 140 crores, about 750 civil servants are selected every year, for which lakhs of candidates apply. The attraction and importance of these services can be easily understood from these statistics. Candidates for these services are tested on a three-tier test. The candidate who fulfils these criteria with intense fire in their belly is selected and takes a vow to serve the country with his unique aura. The present book is a guide to preparation for Civil Services. The book tells you how to prepare for these exams, what are the special points that should be kept in mind while studying. Overall, this book eases most of the difficulties of the examinees. The author of the book himself is an IAS and has been a topper in the Civil Services Examination. This book is the essence of his wide and deep experience, which is in front of the readers. A very useful book for competitive exam aspirants and students who have a strong will to succeed in their career.
Civil Services Mein Safal Kaise Hon IAS IPS Kaise Bane
- Author Name:
Deepak Anand +1
- Book Type:

- Description: सिविल सेवाएँ देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्त्वपूर्ण सेवाएँ हैं। पढ़े-लिखे युवाओं में इनके प्रति विशेष आकर्षण रहता है। हर युवा इस मुकाम को पाना चाहता है। डेढ़ सौ करोड़ की जनसंख्या में से प्रति वर्ष करीब एक हजार सिविल सेवक चुने जाते हैं, जिनके लिए कई लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इन आँकड़ों से इन सेवाओं के प्रति आकर्षण और महत्ता को सहज ही समझा जा सकता है। इन सेवाओं के लिए उम्मीदवारों को त्रिस्तरीय कसौटी पर कसा जाता है। जो उम्मीदवार तीव्र आग सी तप्त इन कसौटियों पर खरा उतरता है, वही चुना जाता है और अपनी अनुपम आभा से देशसेवा का प्रण लेता है। प्रस्तुत पुस्तक सिविल सेवा में तैयारी की मार्गदर्शिका है। इसमें बताया गया है कि इन परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, अध्ययन के दौरान किन बिंदुओं को विशेषतः ध्यान में रखना है। कुल मिलाकर यह पुस्तक परीक्षार्थियों की ज्यादातर मुश्किलें आसान कर देती है। पुस्तक के लेखक स्वयं एक आई.ए.एस. हैं और सिविल सेवा परीक्षा में टॉपर रहे हैं।. यह पुस्तक उनके विस्तृत व गहन अनुभव का सार है, जो पाठकों के सामने है। प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों, अभ्यर्थियों और अपने करियर में सफल होने के लिए प्रबल इच्छाशक्ति रखनेवाले विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक ।
Chalte-Chalte
- Author Name:
Suresh Chavhanke
- Book Type:

- Description: साक्षात्कार पत्रकारिता की महत्त्वपूर्ण विधा है। समाचार संकलन-विश्लेषण में भी इसकी सर्वाधिक प्रभावी भूमिका होती है। सुरेश चव्हाणके की साक्षात्कार कला-कौशल इस रूप में उल्लेखनीय है कि वे औपचारिक प्रश्न-उत्तर से अलग विषय को व्यापक विमर्श में ले जाते हैं। उनकी अपनी वैचारिकता और जमीन है। एक विशिष्ट शैली है। उसी शैली में भेंटदाता चाहे कोई हो, उसे अपनी जमीन पर ले जाने की कोशिश करते हैं। चव्हाणकेजी की अपनी पक्षधरता खुलकर सामने आती है। “चलते-चलते' सुरेशजी का लोकप्रिय इंटरव्यू शो है जिसमें शताधिक प्रमुख लोगों राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सामाजिक-राजनीतिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-शैक्षिक व्यक्तित्व और जीवन के विविध क्षेत्रों की विभूतियों के क्षात्कार बहुत लोकप्रिय हुए हैं। लाखों-करोड़ों में इसके टी.वी. और डिजिटल व्यूज हैं । इस पुस्तक में ग्यारह चयनित साक्षात्कार संकलित हैं। आशा है कि टी.वी., शल-डिजिटल माध्यमों की तरह पत्रकारिता-जनसंचार, समाज विज्ञान, राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों के साथ सामान्य पाठक वर्ग में भी 'चलते-चलते' को पुस्तक के रूप में भी पसंद किया जाएगा।
HIMALAYA KE SANTON KI RAHASYA-GATHA
- Author Name:
Dr. Sant S. Dharmanand
- Book Type:

- Description: पुस्तक के हर प्रसंग में एक अप्रत्यक्ष और अदृश्य शाश्वत शक्ति परिलक्षित होती है। यह पुस्तक एक उन्नत साधक से लेकर आध्यात्मिक पथ के प्रथम जिज्ञासुओं के लिए रोमांचक मार्गदर्शिका है। हिमालयवासी दिव्य संतों के रहस्यों से परिचय कराती आत्मकथा, जिसमें पुनर्जन्म, साधना, आध्यात्मिक उन्नयन आदि की अनसुनी घटनाएँ पाठकों को अचंभित कर देंगी। ‘‘मैं तुम्हारे परिवार में लौट रहा हूँ।’’ ‘‘हमने पिछले जन्म में भी साथ गाया है।’’ जैसे वाक्य इस पुस्तक में दृष्टिगोचर होते हैं। यह पुस्तक शरीर से निकलकर सूक्ष्म यात्रा कर पिछले जन्म के संबंधियों को सँभालने जैसे रहस्योद्घाटनों से भरी विस्मयकारी कृति है, जिसको आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे। इसमें आपको भौतिकवादी पश्चिम जगत् में प्रेम से ओत-प्रोत लोक-कल्याणार्थ हिमालयवासी भारतीय संतों की गौरवशाली करुणा गाथा का विस्तृत विवरण मिलेगा। साथ ही यह आपको सत्य और धर्म पर आधारित दुःख, पीड़ा और मृत्यु से निवृत्ति दिलाती दिव्य उद्देश्य से भरपूर ईश्वर के चिरसेवकों के चमत्कारों का परिचय भी देगी। अवतारों और अलौकिक महापुरुषों की क्रीड़ाभूमि भारत की अक्षुण्ण संत परंपरा की अत्यंत रोमहर्षक नवीनतम गाथा।
Rahasyamaya Girnar
- Author Name:
Anantrai G. Rawal
- Book Type:

- Description: अध्यात्म की कोख में पली-बढ़ी, अघोर परंपरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। अघोर परंपरा आज भी पूर्ण चेतना के साथ विद्यमान है। उसकी गूढ़ बातों में अनेक रहस्य छुपे होते हैं। उसके मंत्र-तंत्र के मूल रहस्यों में अनेकानेक गूढ़ार्थ छुपे होते हैं, जो साधु-परंपरा को एक अलग ही ऊँचाई पर रखते हैं। 'रहस्यमय गिरनार' पुस्तक इसी अघोर परंपरा के अध्यात्मपूर्ण रहस्य के नजदीक हमें ले जाती है। अध्यात्म क्षेत्र में हमारी अघोर परंपरा में आज भी सैकड़ों सिद्ध साधु-योगी अपने तपोबल से एक चुंबकीय प्रभाव पैदा करते रहते हैं। हमारी इस अघोर परंपरा में कैसी अद्भुत शक्ति छिपी है, यह पढ़कर पाठक अचंभित हो जाएँगे | अघोर परंपरा के अनेक अप्रकट रहस्य इस पुस्तक द्वारा हमारे सामने प्रकट होंगे । कुछ गुप्त बातें साधु परंपरा की मर्यादा में रहकर इस पुस्तक के माध्यम से हमारे सामने आती हैं | अघोर परंपरा के कुछ रहस्य हमें चमत्कार जैसे लगेंगे, मणर वे चमत्कार नहीं वरन् वास्तव में सिद्ध साधुओं के अध्यात्म-अघोर शक्ति का प्रगटीकरण है-यह बात कुछ लोगों की समझ के परे है। पाठकों को योग क्रिया, ध्यान, समाधि इत्यादि परंपरा की अनुभूति पुस्तक पढ़ते समय होती रहेगी | भारत के प्राण इस संस्कृति और अध्यात्म शक्ति में छिपे हैं और ऐसी अध्यात्म परंपरा ने ही तो भारत को मृत्युंजयी रखा है-यह गौरवबोध करानेवाली रोचक-रोमांचक कृति|
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Chayan Pariksha Bhugol (MP High School Teacher Recruitment Geography) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shakespeare Ki Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Tales from Shakespeare)
- Author Name:
Charles Lamb +1
- Book Type:

- Description: सन 1807 में विलियम गुडविन द्वारा मैरी लैंब एवं उनके छोटे भाई चाल्र्स लैंब से शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय नाटकों को सरल भाषा में रूपांतरित करने का अनुरोध किया गया था, ताकि बच्चे उन्हें आसानी से समझ सकें। युवा पाठकों, विशेषतया लड़कियों से, जो उस समय पुस्तकालयों में पहुँच पाने में असमर्थ थीं, के साथ शेक्सपियर का पहली बार परिचय कराने के उददेश्य से इन कहानियों को लिखा गया था। चाल्र्स एवं मैरी ने शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय बीस नाटकों का चयन किया और उन्हें लघुकथाओं के रूप में पुन: लिखा। उनके लेखन का परिणाम ‘शेक्सपियर की बाल कहानियाँ’ के रूप में सामने आया है, जो अत्यंत रोचक है। विश्व के महानतम नाटककार की कृतियों में आनंद, आमोद-प्रमोद एवं अभिनय का अदभुत संगम है।
Nobel Puraskrit Bharatiya
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: अल्फ्रेड नोबेल विश्वविख्यात आविष्कारक थे। उनका जीवन प्रेरक तथा अनुकरणीय है। जब वे अपने व्यवसाय के लिए यात्रा नहीं कर रहे होते थे, तब वे अपनी प्रयोगशाला में किसी-न-किसी नए आविष्कार की खोज में लगे रहते थे | विस्फोट की तकनीक के विकास में अल्फ्रेड ने अग्रणी भूमिका निभाई | इसके अतिरिक्त सिंथेटिक रबड़ और चमड़े तथा नकली रेशम जैसे कई प्रकार के पदार्थ एवं रसायनों को विकसित करने में उनकी उपलब्धि स्मरणीय है | अल्फ्रेड नोबेल का निधन 10 दिसंबर, 1896 को इटली के सैन रेमों में हुआ | जब उनकी वसीयत खोली गई तो हर कोई आश्चर्यचकित था । उन्होंने अपनी सारी संपत्ति को भौतिकी, रसायन, शरीर-क्रिया विज्ञान अथवा औषधि, साहित्य एवं शांति के लिए पुरस्कारों के नाम करने का निर्णय किया था | इसी क्रम में “नोबेल फाउंडेशन” की स्थापना हुई, जो अल्फ्रेड नोबेल द्वारा पुरस्कारों के लिए छोड़ी गई संपत्ति की वित्तीय देखभाल तथा नोबेल पुरस्कारों के वितरण का संयोजन भी करता है | नोबेल पुरस्कार की राशि लगभग सवा सात करोड़ रुपए है । किसी भी व्यक्ति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होना गर्व और गौरव की बात है | इस पुस्तक में ऐसे ही गौरवशाली भारतीय या भारतवंशियों के कृतित्व का परिचय संकलित है, जिनकी प्रतिभा और योग्यता का विश्वभर में जयघोष हुआ है ।हर भारतीय को गौरवान्वित करनेवाली अनुपम कृति |
France ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Smt. Pramila Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agnileek Kee Aginkatha
- Author Name:
Prakash Devkulish
- Book Type:

- Description: हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है। ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
Chhattisgarhi : Boli, Vyakaran Aur Kosh
- Author Name:
Kanti Kumar Jain
- Book Type:

-
Description:
भारत संघ के 26वें राज्य छत्तीसगढ़ की बोली छत्तीसगढ़ी की गणना हिन्दी की पूर्वी शाखा की अवधी और बघेली के साथ की जाती है। 1 नवम्बर, 2000 को छत्तीसगढ़ के पृथक् राज्य बन जाने से छत्तीसगढ़ी को अब राजभाषा का सम्मान प्राप्त है। इस बोली का अध्ययन वैसे तो ग्रियर्सन से आधुनिक काल तक अनवरत रूप से किया जाता रहा है, किन्तु प्रसिद्ध लोकभाषाविद् डॉ. कान्तिकुमार जैन ने 1969 में प्रकाशित अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ी : बोली, व्याकरण और कोश’ में विभिन्न राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक कारणों से छत्तीसगढ़ी बोली में होनेवाले परिवर्तनों का विशद सर्वेक्षण एवं प्रामाणिक तथ्यों के आधार पर जो विवेचन किया था, वह आज भी निर्विवाद एवं स्वीकार्य
है।डॉ. जैन ने आज से चालीस वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ी के परिनिष्ठित रूप के सम्बन्ध में जो भविष्यवाणी की थी, वह सत्य सिद्ध हुई है। कान्तिकुमार जी जेनेवा के भाषाविद् फर्डिनेंड द सस्यूर की तरह किसी भी बोली को उसके व्यवहारकर्ताओं की मानसिक, समाजशास्त्रीय एवं सांस्कृतिक संरचना से संयुक्त कर देखने के पक्षपाती हैं। उनकी मान्यता है कि आर्य परिवार की बोली होते हुए भी छत्तीसगढ़ी अपने भौगोलिक एवं सामाजिक सन्दर्भों के कारण आर्येतर बोलियों एवं भाषाओं से पर्याप्त मात्रा में प्रभावित हुई है। छत्तीसगढ़ी की उपबोलियाँ भी छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक बनावट के कारण अपनी विशिष्टता ग्रहण करती हैं। छत्तीसगढ़ी की शब्दार्थ सम्पदा भी कैसे निरन्तर विकसित एवं समृद्ध हो रही है, इसके विपुल साक्ष्य भी इस पुस्तक में विद्यमान हैं।
छत्तीसगढ़ी क्षेत्र से अपने जीवनव्यापी परिचय एवं छत्तीसगढ़ी के गहन अध्येता होने के कारण कान्तिकुमार जैन ने ‘छत्तीसगढ़ी : बोली, व्याकरण और कोश’ के इस परिवर्धित एवं संशोधित संस्करण में सर्वेक्षण एवं अध्ययन का जो प्रारूप अपनाया है, वह हिन्दी की अन्य बोलियों के विवेचन के लिए आदर्श का काम करेगा।
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Shiksha Shastra Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Education Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Duniya ke Mahan Chamatkar
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: दुनिया चमत्कारों से भरी है; इनमें कुछ चमत्कार मानव-निर्मित हैं, कुछ प्राकृतिक। मनुष्य की सदा से सहज चाह रही है कि वह कुछ नया करे, कुछ नया खोजे। उसकी इसी सहज वृत्ति ने हमारी दुनिया को चमत्कारों का पिटारा बना दिया। इन चमत्कारों में मिस्र के पिरामिड, ब्राजील का क्राइस्ट दि रिडीमर, भारत का ताजमहल, रूस का क्रेमलिन, कनाडा का सी.एन. टावर, अफ्रीका के नोरोनगोरो क्रेटर एवं सेरेंगेती, ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बेरियर रीफ, संयुक्त राज्य अमेरिका का माउंट रुशमोरे इत्यादि जैसे सैकड़ों चमत्कार शामिल हैं। ये चमत्कार केवल चमत्कार भर नहीं हैं, बल्कि उस स्थान और परिवेश की कला, संस्कृति, दर्शन और भौतिक-विशेषताओं के ध्वजवाहक भी हैं। इनमें दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता है। इन चमत्कारों के निर्माण के साथ-साथ इनके बारे में जाननेवालों की भी कमी नहीं है। जिज्ञासुओं और यायावरों की इसी जिज्ञासा पूर्ति हेतु इस पुस्तक की रचना की गई है। पुस्तक में दुनिया भर के सौ से अधिक मानव-निर्मित एवं प्राकृतिक चमत्कारों का सुरुचिपूर्ण और जीवंत विवरण दिया गया है। विवरण के साथ दिए गए चित्र पाठकों को सहज ही उस दुनिया से रूबरू करा देते हैं।
MADHYA PRADESH POLICE ARAKSHAK SAMVARG (KARYAPALIK) BHARTI PAREEKSHA 15 PRACTICE SETS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Marathi Literature
- Author Name:
Kusumawati Deshpande +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Marathi has an unbroken literary tradition of over eight centuries, divided conveniently into two distinct periods, classical and modern. The Classical period spans six centuries, remarkable for poetry, devotional and heroic. Jnandev, Namdev, Eknath, Tukaram and Ramdas have become household names throughout India. While Virasaiva, Jain, and Muslim poets have enriched the secular and spiritual content, wandering minstrels have sung heroic ballads. New forms of literature have flowered from the nineteenth century under the impact of English education and western thought. The Chiplunkar, Apte, Anil Despande, Phadke, Khandekar, Mardhekar, Rege and Gadgil. Tracing the earliest reference to Maharashtra in a rock inscription of the fourth century, the history concludes with the formation of the state in 1960.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book