CTET/TETS ENGLISH LANGUAGE & PEDAGOGY PAPERS–I & II
(0)
Author:
Dharmesh SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
250
₹ 200 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
The presented book is very much helpful for all the TET and CTET competitive examinations of the aspirant who are preparing for CTET based examination for English Language & Pedagogy. The provided study matters are 11 solved papers I & II: July/Dec. 2020-2016 (600+ MCQs), 10 practice tests: Paper I & II (600+ MCQs), and chapter-wise coverage of practice questions (1100+ MCQs). There is total of 2300+ MCQs contextual to the subject are provided to understand the concept of paper pattern easily. The book will be highly useful for aspirants of CTET, UPTET, BTET, JTET, CGTET, and all other states' TETs. The current edition of “English & Pedagogy” is the complete study guide that has been structured on the basis of the syllabus prescribed in the CTET & other State TETs related examinations
Read moreAbout the Book
The presented book is very much helpful for all the TET and CTET competitive examinations of the aspirant who are preparing for CTET based examination for English Language & Pedagogy. The provided study matters are 11 solved papers I & II: July/Dec. 2020-2016 (600+ MCQs), 10 practice tests: Paper I & II (600+ MCQs), and chapter-wise coverage of practice questions (1100+ MCQs). There is total of 2300+ MCQs contextual to the subject are provided to understand the concept of paper pattern easily.
The book will be highly useful for aspirants of CTET, UPTET, BTET, JTET, CGTET, and all other states' TETs. The current edition of “English & Pedagogy” is the complete study guide that has been structured on the basis of the syllabus prescribed in the CTET & other State TETs related examinations
Book Details
-
ISBN9789390389582
-
Pages260
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
UPSC CSAT Samanya Adhyayan Paper-Ii Solved Papers 2011-2023
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Guru Ravidas : Stuti-Maryada
- Author Name:
Ghanshyam Das Hans
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NVS NAVODAYA VIDYALAYA SAMITI PGT HINDI 14 PRACTICE PAPERS
- Author Name:
Suman Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agnileek Kee Aginkatha
- Author Name:
Prakash Devkulish
- Book Type:

- Description: हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है। ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
Kale Pani Ki Kalank Katha
- Author Name:
Shri S.K. Narang
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Divya Bhagwadgita Atma Se Parmatma Tak
- Author Name:
Ashok Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vidhanmandal Paddhti Avam Prakriya
- Author Name:
Avadhesh Pratap Singh
- Book Type:

- Description: Legislature's practice & Procedure
Virus Se Vaccine Tak
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: कोरोना के साथ बीते शुरुआती एक साल की यादें, सबक़, सब याद रखा जाना चाहिए। इसलिए मेरे प्रिय अनुज, सहयोगी आदित्य की किताब ‘वायरस से वैक्सीन तक' की उपयोगिता आज तो है ही, पर जैसे-जैसे साल बीतेंगे इसकी उपयोगिता और बढ़ती जाएगी। -अशोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं लेखक ये किताब न सिर्फ़ कोरोनाकाल को देखने वाले बल्कि आने वाली पीढ़ी को उस दौर को जानने और समझने का सबसे सशक्त दस्तावेज़ है। पुस्तक में जिस संवेदना के साथ घटनाओं का वर्णन किया गया है वो पाठकों को उद्दवेलित करेगा, हमें स्वार्थी होने से रोकेगा। -सईद अंसारी, जाने-माने टीवी न्यूज़ एंकर कोरोना के आने से लेकर कोरोना के पैर पसारने और फिर वैक्सीनेशन तक के सारे कभी न भुलाये जाने वाले अनुभवों को पत्रकार और लेखक आदित्य ने हम सबके लिए सरल भाषा में संजोया है, इस समझाइश के साथ की इतिहास भूलने की नहीं सबक़ लेने की चीज़ है। -डॉ ब्रजेश राजपूत, वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं लेखक लेखक आदित्य श्रीवास्तव की तीसरी किताब है "वायरस से वैक्सीन तक"... पेशे से टीवी पत्रकार आदित्य श्रीवास्तव की ये तीसरी किताब साहित्य की ‘रिपोर्ताज’ विधा में प्रकाशित हुई है। आदित्य श्रीवास्तव ने इससे पहले जहाँ युवा पीढ़ी के जीवन के अंदर झाँककर उसके अंदर चलने वाले द्वंद्व को अपने एक उपन्यास 'द्वंद्व कहाँ तक पाला जाए' में लिखा तो वहीं एक कविता संग्रह 'तुम ही मैं हूँ' में हर व्यक्ति के अंदर के दूसरे और अदृश्य चेहरे को पाठकों के बीच रखा है। एक संवेदनशील पत्रकार होने की वजह से आदित्य के लेखन में मानव जीवन की संवेदनाएं बहुत सरल भाषा में महसूस की जा सकती हैं
Dhandhe Matram
- Author Name:
Piyush Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Administrative Ethics
- Author Name:
R.K. Sirohi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shribhagwati Seeta Mahashakti-Sadhna
- Author Name:
Paramhans Pujya Sandipendra ji Maharaj
- Book Type:

- Description: माता सीताजी लक्ष्मी स्वरूपा साक्षात् भगवती की अवतार हैं। यह पुस्तक एक संकलन है, जिसके माध्यम से कोई साधक माँ सीताजी की साधना कर सकता है। जिस घर में इसका पाठ अथवा श्रवण होगा, वहाँ धन- धान्य की पूर्णता रहेगी, सुख-शांति व्याप्त होगी, पद-प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी तथा साधक कैसी भी परेशानी में हो, वह बाधा-मुक्त हो सकेगा। आप साधकों को इस पुस्तक से माँ सीताजी की पूजा आसान हो सके एवं उससे मनोवांछित लाभ प्राप्त हों, इसके लिए शुभकामनाएँ। जय माई! जय सीता राम!
Athashri Prayag Katha
- Author Name:
Lalit Mohan Rayal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Persian Hindi Dictionary : Vols. 1-2
- Author Name:
Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं। प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है। आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
Pranayama Aur Sudarshan Kriya
- Author Name:
Francois Gautie +1
- Book Type:

- Description: प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ है—‘प्राण या ऊर्जा का ज्वार-भाटा’। ऊर्जा का समुचित प्रवाह शरीर को स्वस्थ व निरोग रखता है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक पूज्य श्रीश्री रविशंकरजी ने प्राणतत्त्व और ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए असंख्य लोगों को प्रेरित व प्रशिक्षित किया है। नींद में हम थकावट से छुटकारा पा जाते हैं, पर गहरे तनाव तो हमारे शरीर में कायम रहते हैं। सुदर्शन क्रिया हमारे तंत्र की गहराई से सफाई करती है। प्राणायाम के व्यापक फायदों में कुछ प्रमुख हैं—तनाव दूर होना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना, मानसिक संतुलन व संपूर्ण स्वास्थ्य। सुदर्शन क्रिया कैंसर व हृदय रोग सहित कई बीमारियों से बचाव करती है। यही नहीं, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के स्वैच्छिक कार्यकर्ता मतभेदों और द्वंद्वों में फँसे दलों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण काम करते हैं। असहिष्णुता, असुरक्षा, संशय और मतभेदों की दुनिया में श्रीश्री सद्भाव, विश्वास और सहनशीलता का सेतु बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। आतंक, युद्ध और अन्य संकटों से जूझते अफगानिस्तान, कोसोवो, पाकिस्तान, इजराइल, लेबनान आदि देशों में ‘आर्ट ऑफ लीविंग’ के कोर्स ने चमत्कारिक सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। श्रीश्री रविशंकर द्वारा उद्भूत ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ व ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ कोर्स के माध्यम से सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम का महत्त्व दरशाती एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण पुस्तक। यह आपको निरोग, संतुलित व तनाव मुक्त रहने का मार्ग दिखाएगी।
BPSC (Bihar Public Service Commission) Main Exam Solved Papers Paper I & Paper II 67th to 48th Combined Exams
- Author Name:
IAS (AIR-49) Dr. Ranjeet Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Lok Seva Aayog Samanya Adhyayan (General Studies) Prarambhik Pareeksha 1992 Se 2023 Tak Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatvarsh Ke Aakrantaon Ki Kalank Kathayen
- Author Name:
Major (Dr.) Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय इतिहास के कुछ ऐसे दुर्दांत आक्रांताओं के कुत्सित कुकृत्यों पर प्रकाश डालती है | महमूद गजनवी के आक्रमण से पहले भारत में सूफियों को छोड़कर इसलाम का शायद ही कोई अनुयायी रहा हो | लेकिन सैयद सालार मसूद गाजी के आक्रमण के समय, सलल््तनत काल तथा मुगल काल में धर्म-परिवर्तन का नंगा नाच किया गया | धर्म-परिवर्तन न करने पर जजिया कर लादा गया, जो कि मुगल काल तक चलता रहा | इस कालखंड में भारतीय संस्कृति को पददलित करने का हरसंभव प्रयास किया गया। इसमें नालंदा विश्वविद्यालय का पुस्तकालय जलाने से लेकर अनेक मह्त्त्वपूर्ण मंदिरों व श्रद्धाकेंद्रों को ध्वस्त करना प्रमुख था। इन्हें न केवल ध्वस्त किया गया, बल्कि इन पर उन्होंने अपने उपासना-स्थलों का निर्माण भी किया | सिकंदर और उसके बाद 712 ई. से लेकर 1947 तक भारतवर्ष के लुठेरों की काली करतूतों के कारण भारत आअँधेरे के गिरफ्त में छटठपटाता रहा, लुठता रहा। इन्होंने भरतीय संस्कृति, परंपराओं और मान्यताओं को नष्ट किया, हमारी शिक्षा व्यवस्था, उद्योग, व्यापार, कलाओं और जीवनमूल्यों पर निरंतर प्रहार करके भारतवर्ष की समृद्धि और सामर्थ्य को खंडित किया | यह पुस्तक इन क्रूरों और आततायियों की नृशंसता और पाशविकता की झलक मात्र देती है, जो हर भारतीय को भीतर तक उद्वेलित कर देगी कि हमारे पूर्वजों ने इन नरपिशाचों के हाथों कितने दुःख और कष्ट सहे.
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Nagrik Shastra 15 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Civics Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagvadgita Ke Anmol Moti
- Author Name:
G.K. Varshney
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Ramvanshi Hoon
- Author Name:
Manoj Singh
- Book Type:

- Description: रामायण इतिहास है। त्रेतायुग की ऐतिहासिक कथा। वस्तुत: इतिहास कथा ही तो है। अत: हमारे विद्वान पूर्वजों ने इतिहास-लेखन कथात्मक शैली में किया । रामायण इसका आदर्श उदाहरण है। यह श्रीराम का मार्ग है। यह प्रभु श्रीराम के चरित्र-चित्रण और जीवन-चरित्र की कथा है। श्रीराम युगपुरुष हैं, अवतार-पुरुष हैं, संस्कार-पुरुष हैं, आदर्श-पुरुष हैं, धर्म की प्रतिमूर्ति हैं, आर्यश्रेष्ठ हैं, नरश्रेष्ठ हैं, यह उन्हीं पुरुषोत्तम की जीवन-कथा है। यह विश्व के महानतम योद्धाओं में श्रेष्ठ धनुर्धर श्रीराम की शौर्यगाथा है । यह युगनिर्माण की कथा है। वर्तमान काल में श्रीराम अधिक प्रासंगिक हैं। अत: आज के गुरुकुल संस्कारवान आर्यों के निर्माण की प्रयोगशाला होने चाहिए, जहाँ रामकथा का प्रत्येक श्लोक छात्र के जीवन-यज्ञ का मंत्र बने। तभी हम उन्नत राष्ट्र का निर्माण कर पाएँगे। शस्त्र और शास्त्र के अलौकिक संगम से निर्मित श्रीराम का जीवन-चरित्र आर्यावर्त की गौरव-गाथा का प्रेरणा्रोत है। यह पुरुषोत्तम श्रीराम की मर्यादा की कथा है। इसका पठन-पाठन दानव को मानव और मानव को देवता बना देगा। सनातन परंपरा का पालन करते हुए आर्यावर्त का इतिहास लिखने के लिए लेखक ने भी कथात्मक शैली का मार्ग चुना । इसी प्रयास का प्रथम प्रतिफल था 'मैं आर्यपुत्र हूँ । पूर्व में प्रकाशित यह पुस्तक सतयुग की प्रामाणिक कथा है । ' मैं रामवंशी हूँ' इसी की अगली कड़ी है । यह त्रेतायुग की प्रामाणिक कथा है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book