NCERT Summary (Class 6 to 12)
(0)
Author:
Dr. Manish RannjanPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
495
₹ 396 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Useful for UPSC, UPPSC, BPSC, JPSC, MPPSC One Liner for UPSC/IAS Preparation, State Civil Services & other Competitive Exams
Read moreAbout the Book
Useful for UPSC, UPPSC, BPSC, JPSC, MPPSC
One Liner for UPSC/IAS Preparation, State Civil Services & other Competitive Exams
Book Details
-
ISBN9789390389810
-
Pages356
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
History of Punjabi Literature
- Author Name:
Sant Singh Sekhon +1
- Book Type:

- Description: The vitalityof Punjabi lietrature, its rootedness in its landscape, and its concern with the totality of human experience is evident everywhere in this volume. While it will be of undoubted value to the student of Punjabi literature, we also hope that its vitality and readability will make it attractive to other readers as well.
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Vigyan (MPTET Science Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Germany Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Samanya Gyan 2023 (Bihar General Knowledge in Hindi)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Nepali Literature
- Author Name:
Kumar Pradhan
- Rating:
- Book Type:

- Description: Nepali is widely spoken in the Himalayan terrain. Like many other Indo-Aryan languages, Nepali took its birth and grew in the Indian sub-continent long before India and Nepal took their present political shape. The story of Nepali literaturrebegins from the thirteenth century rock inscriptions and has a chequered course. Prose writing in Nepali began earlier than in many other languages of India, and has steadily developed. Other genres appeared gradually and flourished.
Sakshatkar : Kaise Hon Taiyar
- Author Name:
Shahroz
- Book Type:

- Description: फ़्रायड ने कहा है कि जब किरण फूटती है तो सवेरा होता है। वही महत्त्व संवाद का भी है कि जब कोई व्यक्ति बोलता है तो वह खुलता है। साक्षात्कार दरअसल नियोक्ता द्वारा उम्मीदवार को खोलने का ही प्रयास है जिससे वह पता लगाता है कि उम्मीदवार उनके संस्थान के लिए कितना समर्थ और योग्य है। यह पुस्तक साक्षात्कार की तकनीक पर केन्द्रित है, लेकिन इसका मूल स्वर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। साक्षात्कार के दौरान क्या कहना है, इसकी तैयारी महत्त्वपूर्ण है, लेकिन कैसे कहना है, यह उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है। यह पुस्तक युवा साथियों के सामने आनेवाली ऐसी कई दिक़्क़तों का हल बताती है। याद रखें—सफलता उन्हीं को मिलती है जिन्हें अपना लक्ष्य और उस तक पहुँचने का सही रास्ता मालूम होता है। इस रास्ते को सफलतापूर्वक तय कर लेना, बहुत बड़ा रहस्य या तिलिस्म नहीं है। अच्छी क्षमता होने के बावजूद अक्सर कुछ लोगों के क़दम डगमगा जाते हैं। इस पुस्तक का ध्येय यही है कि आप बिलकुल न डगमगाएँ।
SSC CHSL COMBINED HIGHER SECONDARY LEVEL (10 + 2) TIER-I, ONLINE RECRUITMENT EXAMINATION, 2020 GENERAL INTELLIGENCE 46 CHAPTERWISE SOLVED PAPERS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level TIER-I GENERAL INTELLIGENCE Online Recruitment Examination-2020 Based on the Latest Syllabus 46 Chapterwise Solved Papers (2017–19) Quick Revision
BHARAT KA ITIHAS
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: वर्तमान सामाजिक और राजनैतिक माहौल में हम अपने इतिहास को नजरअंदाज करने लगे हैं। आज निचले वर्ग केपाठ्यक्रम में भी इतिहास एक स्वतंत्र विषय के रूप में नहीं रह गया। उसे सामाजिक विज्ञान का एक छोटा सा अंश बना दिया गया है। फलतः छात्रों को अपने देश के इतिहास से पूरा परिचय नहीं हो पाता। वे अपने पूर्वजों की आन, बान और शान से, उनके त्याग व बलिदान से उनकी शूरता एवं वीरता से परिचित नहीं हो पा रहे हैं। उनमें राष्ट्रीयता की भावना का लोप होने लगा है। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार, शिक्षक सबका दायित्व है कि वे छात्रों में इतिहास प्रेम जगाने का प्रयास करें। भारतीय इतिहास की यह पुस्तक मैंने इसी भावना से प्रेरित होकर लिखी है। मैंने इसमें मुख्य रूप से मुगलकालीन एवं ब्रिटिशकालीन भारत की राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दशाओं पर प्रकाश डालने का एक छोटा सा प्रयास किया है। मैंने छात्रों को यह बताने का प्रयास किया है कि हमारे इतिहास ने कहाँ-कहाँ चूक की है, जिसका लाभ उठाकर विदेशियों ने कितनी बार हमारे सोने की चिडि़या के पर कुतरने की कोशिश की है। फिर भी हम अपनी अस्मिता को बचाए रखे हैं। पुस्तक की सफलता या विफलता तो पाठकों के निर्णय पर है।
Hindi Aalochana Ki Paaribhashik Shabdavali
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक हिन्दी आलोचना की आयु भले ही सौ-सवा सौ वर्ष हो किन्तु उसने इतनी तेज़ी से डग भरे कि इस अल्प अवधि में ही दुनिया की किसी भी दूसरी समृद्ध भाषा से होड़ लेने में सक्षम है।
आज हिन्दी आलोचना में जो पारिभाषिक शब्द प्रचलित हैं, उनके मुख्यतः तीन स्रोत हैं। उनमें सबसे प्रमुख स्रोत हमारा संस्कृत काव्यशास्त्र है, जिसकी समृद्धि तद्युगीन विश्वसाहित्य में अतुलनीय है। हिन्दी आलोचना की समृद्धि के पीछे उसकी अपनी यही विरासत है। दूसरा स्रोत यूरोप का साहित्यशास्त्र है, जिससे हमारे लगभग साढ़े तीन सौ वर्ष से सम्बन्ध हैं। पिछले कुछ दशकों में उदारीकरण और भूमंडलीकरण के चलते यूरोप से अनेक नए पारिभाषिक शब्द हिन्दी में आए हैं, जिन्हें हिन्दी ने पूरी उदारता से ग्रहण किया है। इसी के साथ हिन्दी आलोचना ने अनेक शब्द स्वयं भी विकसित किए हैं।
इस समृद्धि के बावजूद हिन्दी आलोचना में प्रचलित बहुतेरे पारिभाषिक शब्दों की अवधारणा को रेखांकित करनेवाली पुस्तक की कमी लगातार महसूस की जा रही थी। समकालीन हिन्दी आलोचना की इस अनिवार्य आवश्यकता को पूरी करनेवाली यह अकेली पुस्तक है—हिन्दी साहित्य के सुधी अध्येताओं के लिए अनिवार्यतः संग्रहणीय।
Savita
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: तारकनाथ और राखाल केवल तीन महीने के ही साथ-संग से घनिष्ठ मित्र हो गए। जब तीन बज गए और तारक अभी तक नहीं आया, तब राखाल के हृदय में घबराहट और बेचेनी पैदा होने लगी। भवानीपुर में आज स्त्रियों की एक सभा होनेवाली है। वहाँ पर बहुत से शिक्षित परिवारों को लड़कियाँ इकट्ठी होंगी और इस समय राखाल वहाँ के लिए चल देने को बेचैन होता जा रहा था। जाने के सब इंतजाम कर चुका था। सफेद कुरता, धोतो और सिल्क का साफा पलंग पर तैयार रखे थे और पास ही ताजा पॉलिश किया हुआ जूता चमचमा रहा था। मेज पर रखी हुई सोने को रिस्टवॉच भी सोने को चेन के साथ चमचमा रही थी।
KARYALAYEEYA HINDI AUR COMPUTER (PB)
- Author Name:
P. Bisaria +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CUET (PG) Common University Entrance Test (Postgraduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pracheen Bharat Ki Sanskriti Aur Sabhyata
- Author Name:
Damodar Dharmanand Kosambi
- Book Type:

- Description: प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता के वैज्ञानिक व्याख्याकार दामोदर धर्मानंद कोसंबी का नाम इतिहास के विद्यार्थियों के लिए सुपरिचित है। प्रो. कोसंबी पेशे से गणितज्ञ थे और लम्बे अरसे तक बम्बई के 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ंडामेंटल रिसर्च' में गणित के प्रोफ़ेसर रहे। इतिहास में कई ग्रन्थों का प्रणयन करने के साथ-साथ उन्होंने समाजशास्त्र, नृतत्त्व विज्ञान और संस्कृत साहित्य को लेकर अनेक शोधपत्र लिखे हैं। प्रस्तुत पुस्तक प्राचीन भारत की संस्कृति और सभ्यता को वैज्ञानिक विकास के परिप्रेक्ष्य में व्याख्यायित-विश्लेषित करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। उत्पादन के साधनों में परिवर्तन किस प्रकार हमारे सांस्कृतिक विकास को प्रभावित करता है, इसका सुसंगत विवेचन इस पुस्तक में किया गया है। इतिहास के कुछ जटिल प्रश्नों को समझने-समझाने का प्रयास भी यहाँ दिखाई पड़ता है। उन अनेक प्रश्नों में कुछ प्रश्न हैं : क्या अन्न-संकलन और पशु-चारण की अवस्था से गुज़रते हुए कृषि-युग तक आकर नए धर्म की आवश्यकता अनुभव की गई थी? सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान विकसित नगरों का विनाश कैसे हुआ? क्या आर्य नाम की कोई जाति थी और अगर थी तो वे कौन लोग थे? क्या किसी काल में वर्ण-व्यवस्था की भारतीय समाज में कोई सार्थक भूमिका थी? लन्दन के 'टाइम्स लिटरेरी सप्लीमेंट' ने इस पुस्तक की समीक्षा करते हुए इसे 'ज्वलन्त रूप से मौलिक कार्य' तथा 'भारत का पहला सांस्कृतिक इतिहास' बताया था। इस पुस्तक के रूप में प्रो. कोसंबी ने भारत के प्राचीन इतिहास को न केवल प्रेरक बल्कि सुबोध भी बना दिया है।
Hindutva
- Author Name:
Narendra Mohan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand GK: General Knowledge -2025
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: 2025 Book for JPSC, JSSC, JTET, JSERC, SI and All Other Jharkhand Competitive Exam | Current Affairs | Jharkhand Political Map
Dictionary of Idioms
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: It rained cats and dogs”, “I know where his shoe pinches”, “Yes, it was really a blessing in disguise”… These idioms are often used in common language in our day-to-day talk or even correspondence. Their usage makes the communication and message conveyed quite effective. The dictionary defines idiom as “a group of words whose meaning is different from the meaning of the individual words.” An idiom is a combination of words with figurative meanings. It often creates a picturesque image, which conveys the meaning. For e.g. ‘where the shoe pinches’, the image automatically creates the image of pain and trouble and the place where there is trouble. Similarly, ‘add fuel to the fire’—it creates the image of fire blazing more, and the meaning of aggravation comes out. The following example is widely employed to illustrate the point.
Swadheen Bharat Ka Hindi Sahitya Part 1
- Author Name:
Vishwanath Prasad Tiwari
- Book Type:

- Description: स्वाधीन भारत का हिंदी साहित्य शीर्षक ग्रंथ, जिसका आलोच्य काल 1947-2010 है, हिंदी साहित्य की विविध प्रवृत्तियों और विधाओं का ऐतिहासिक तथा विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह एक ऐसा साहित्येतिहास ग्रंथ है जिसमें कोशिश की गई है कि उल्लेख्य योग्य सभी लेखकों एवं उनकी कृतियों का उल्लेख हो तथा महत्त्व के अनुसार उन लेखकों-कृतियों पर छोटी-बड़ी मूल्यांकपरक टिप्पणियाँ रहें। किसी प्रकार की व्यक्तिगत या विचारधारात्मक गुटबंदी से मुक्त होकर साहित्य का एक व्यापक समावेशी चित्र सामने आए, जो पाठकों, छात्रों और शोध-अध्येताओं के लिए उपयोगी हो।
Aakhiri Baazee
- Author Name:
S. Hussain Ziadi
- Book Type:

- Description: हर कहानी के दो पहलू होते हैं... मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के ग्यारह साल बीत चुके थे, लेकिन उसके जख्म अब तक नहीं भरे थे। खास तौर पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत सिंह के। आजकल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी के साथ जुड़े, विक्रांत भारत के दौरे पर आए, पाकिस्तानी उच्चायुक्त जाकिर अब्दुल रऊफ खान से किसी तरह एक मुलाकात तय कर लेते हैं। जहाँ तक विक्रांत का दावा है, वह केवल खान से यह अपील करना चाहते हैं कि अपराधियों को पकड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, लेकिन मुलाकात का अंत उच्चायुक्त के मुँह पर पड़े एक मुक्के से होता है। इस बीच, भोपाल में, इंडियन मुजाहिदीन के पाँच सदस्य, जिन्हें विक्रांत ने मुंबई में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था, सेंट्रल जेल से भाग निकलते हैं। हाल ही में राजनयिक के साथ हुई झड़प के मामले में निलंबित विक्रांत से, भागे हुए आतंकियों का पता लगाने में, अनाधिकारिक रूप से मदद करने को कहा जाता है। देश के एक दूसरे हिस्से में, एक रिटायर्ड प्रोफेसर, टूटे दिल वाला एक पूर्व सैनिक और अपनी ही मुसीबतों से घिरी एक युवती अपने बारे में गहराई से सोचने के लिए मुंबई से लक्षद्वीप जा रहे एक क्रूज लाइनर पर एक यात्रा पर निकल पड़ते हैं। हालाँकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और क्रूज लाइनर को हाईजैक कर लिया जाता है। रहस्य, रोमांच, सस्पेंस, राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और ऐसे अनेक पहलूओं की अनूठा मिश्रण है यह पुस्तक जो पाठक को बाँधे रहेगी और फिल्म देखने का आनंद देगी। मसालेदार और दिलचस्प, हुसैन जैदी का जवाब नहीं।
Matribhoomi
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: इसका रचना-काल द्वितीय महायुद्ध का अंतिम काल है, जबकि मानव संहार के पीड़ित समाचारों को पढ़कर आचार्यजी का हृदय हाहाकार कर रहा था। युद्ध के दिन थे, सब चीजें बेहद महँगी और दुर्लभ हो रही थीं। लिखने के लिए कागज और जलाने के लिए मिट्टी का तेल भी उन्हें मुश्किल से मिलता था। उन दिनों हमारे मकान में बिजली नहीं थी। टीन की छत के तीन कमरे और फूँस का एक गोल छप्पर ही हम शाहदरे की भूमि में बना पाए थे। उसी छप्पर में बैठकर रात को मिट्टी का दिया जलाकर उन्होंने इन उपन्यास का आरंभ किया था।
Angrezi-Hindi Anuvad Vyakaran
- Author Name:
Suraj Bhan Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक अंग्रेजी और हिंदी सरचनाओं का एक अंतरण व्याकरण (transfer grammar) है, जो दोनों भाषाओं के व्याकरणों को एक साथ लेकर चलता है, उनके बीच समान और असमान तत्त्वों की पहचान करता है, उनका व्यतिरेकी (contrastive) विश्लेषण करता है और उनके संभावित अनुवाद पर्याय और विकल्प सुलभ कराता है। इस प्रकार यह अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी दोनों प्रकार की अनुवाद क्षमता विकसित करता है। तुलनात्मक विश्लेषण भाषा के सभी स्तरों पर किया गया है—ध्वनि, लिपि, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, पक्ष (aspect), वृत्ति (mood), वचन, पुरुष, वाच्य आदि। दो अध्यायों में क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी की संरचनाओं के ऐतिहासिक विकास-क्रम का परिचय है। एक अध्याय में मशीन अनुवाद के तकनीकी और भाषाई पक्षों पर विचार किया गया है। यह पुस्तक द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी या हिंदी सीखनेवाले छात्रों और उनसे जुडे़ अध्यापकों के लिए भी उतना ही उपयोगी है, जितना अनुवादकों के लिए। इनके अलावा ऐसे अनुवाद प्रशिक्षार्थियों, पत्रकारों और भाषाकर्तियों आदि के लिए भी सामान्य रूप से हिंदी का ज्ञान तो रखते हैं, लेकिन जिनकी पकड़ अंग्रेजी व्याकरण, अभिव्यक्तियों और मुहावरों पर बहुत कम है और जो अपने व्यावसायिक कार्य के लिए अंग्रेजी की अपनी क्षमता को बढ़ाना या पुष्ट करना चाहते हैं। पुस्तक में बहुत सरल भाषा का प्रयोग किया गया है और जहाँ कहीं भी तकनीकी या व्याकरणिक शब्दों का इस्तेमाल किया किया है, वहाँ कोष्ठक में उनके अंग्रेजी पर्याय दे दिए गए हैं। पुस्तक में सर्वत्र क्रॉस रेफरेंसिंग है और इसलिए अंत में दी गई अंग्रेजी अनुक्रमणिका (word index) की मदद से पाठक जिस शब्द या विषय पर जानकारी चाहता है, वह पुस्तक में सीधे उसी स्थान पर पहुँच सकता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book