Make Mathematics Your Best Friend
(0)
Author:
Rajesh Kumar ThakurPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
As the name suggests, Make Mathematics Your Best Friend deals with around 140 questions which every student must know to understand the basic fundamentals and upgrade his mathematical skills. Topics include numerical operations, measurements and geometry, patterns and functions, probability and statistics, sets, inequalities, fundamentals of algebra, decimals, common fractions, motions, direct and inverse proportions, averages, divisi-bility, rational and radical expressions, degrees and radians, trigonometry, complex numbers, quadratic equations, transformations, circle rules and many more. The questions have been taken from different branches of mathematics with the aim of reducing the phobia and making it an entertaining and interesting subject. This book is an attempt to make clear the basic fundamental concepts which you always wanted to know. It has been designed for students in the age group of 10-18 years who are inquisitive by nature and want to understand and master the basic reasoning of every why and how in mathematics. The beauty of this book is that its simple and logical explanations can be understood even by a layman.
Read moreAbout the Book
As the name suggests, Make Mathematics Your Best Friend deals with around 140 questions which every student must know to understand the basic fundamentals and upgrade his mathematical skills. Topics include numerical operations, measurements and geometry, patterns and functions, probability and statistics, sets, inequalities, fundamentals of algebra, decimals, common fractions, motions, direct and inverse proportions, averages, divisi-bility, rational and radical expressions, degrees and radians, trigonometry, complex numbers, quadratic equations, transformations, circle rules and many more. The questions have been taken from different branches of mathematics with the aim of reducing the phobia and making it an entertaining and interesting subject.
This book is an attempt to make clear the basic fundamental concepts which you always wanted to know. It has been designed for students in the age group of 10-18 years who are inquisitive by nature and want to understand and master the basic reasoning of every why and how in mathematics. The beauty of this book is that its simple and logical explanations can be understood even by a layman.
Book Details
-
ISBN9788184305098
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Pardesi
- Author Name:
Neelam Mishra
- Book Type:

- Description:
रामधन ने रामसुख का हाथ पकड़कर कहा, 'भय्या रेलिया देख सकित हा का?' रामसुख ने कहा, 'अरे काहे नाही, चला स्टेशन पर चली', कहकर तीनों प्लेटफार्म पर पहुँच गए। वहाँ एक रेलगाड़ी खड़ी थी। रामदीन अचानक कूदकर रेलगाड़ी पर चढ़ गए। उनके पीछे उत्सुकतावश रामधन, फिर रामसुख भी एकजुट रहने के मकसद से रेलगाड़ी पर चढ़ गए। रामसुख के चढ़ते ही ट्रेन एकाएक चल पड़ी। तीनों भाई एकदम हक्का-बक्का होकर एक सीट पर बैठ गए। रामसुख को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें? पर रामदीन और रामधन तो खुशी से चहक रहे थे। उन लोगों ने रेलगाड़ी पहले देखी भी न थी। रामसुख भाइयों के साथ खिड़की से बाहर देखकर चलती गाड़ी की गति अनुभव करने लगे। थकान से भरा शरीर, पर रेल की मीठी झुलान ने तीनों को सुला दिया। अचानक एक कड़क आवाज से रामसुख की आँख खुली तो सामने एक रोबदार अंग्रेज खड़ा था। वह टिकट जाँच का अधिकारी था। अंग्रेज ने कहा, 'ओ लड़के! टिकट दिखाओ।' रामसुख ने सिर हिलाकर कहा, 'टिकट नहीं है साहब।' —इसी पुस्तक से गाँव-देहात के भोले-भाले सरल निवासियों के अबोध, निश्छल और सहज भावभूमि का दिग्दर्शन करवाता पठनीय एवं मार्मिक उपन्यास, जो पाठकों की संवेदना को झंकृत कर देगा।
Mission UPSC - Meri Yatra: UPSC Aur Uske Paar (Hindi Translation of DECODE UPSC)
- Author Name:
Agam Jain
- Book Type:

- Description:
यूपीएससी की तैयारी के दौरान हमारे मन में उठने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर इस पुस्तक में शामिल हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर मैंने कुछ विषयों और तैयारी के तरीकों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। पुस्तक को अलग-अलग अध्यायों में बांटा गया है, इन अध्यायों में 'यूपीएससी से पहले का समय' से जुड़े कुछ प्रश्न हैं यानि कि जब मैं कोटा और अपने विश्वविद्यालयी जीवन से एक साल का ब्रेक लेने के बाद भी आईआईटी में फेल हो गया था, जहाँ मैं निश्चित नहीं था कि जिंदगी मुझे कहाँ ले जाएगी; यूपीएससी के दौरान यानि जब मैं यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और 'यूपीएससी के बाद' जहाँ मसूरी और हैदराबाद की अकादमियों तथा सिविल सेवकों की जिंदगी से संबंधित सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। मैं आरंभ में ही इस बात का खंडन करता हूँ कि यह पुस्तक यूपीएससी पाठ्यक्रम के किसी भी हिस्से को कवर करती है। यह पुस्तक केवल यूपीएससी तथा जीवन के अन्य संघर्षों हेतु आपकी रणनीति तथा तरीकों के बारे में संदेश देने और आपकी सहायता के लिए है। मैं पाठकों को सलाह देना चाहूँगा कि वे इस पुस्तक को केवल “जानकारी पाने के लिए' न पढ़ें बल्कि खाली समय में इस पुस्तक को पढ़ें। जब भी आप संशय में हों, उदास महसूस करें या तैयारी को बीच में ही छोड़ने की सोच रहे हों, तो यह किताब उठाए और पढ़ें। निश्चय ही कठिन समय में यह पुस्तक आपकी पसंदीदा साथी बनेगी। मेरी कुछ गलतियों से आप सीखेंगे, कुछ पलों पर आपको हँसी आएगी, इस पुस्तक को पढ़ते हुए आप स्वयं को एक सफल उम्मीदवार के रूप में देख सकते हैं। इस पुस्तक को शुरू से अंत तक पूरा पढ़ने की कोई बाध्यता नहीं है। मुझे विश्वास है कि आप इसे किसी भी पृष्ठ से पढ़ना शुरू कर सकते हैं। चूँकि पुस्तक में मैंने अपने अनुभवों के बारे में अधिक-से-अधिक बताने की कोशिश की है इसलिए पुस्तक का आकार कुछ बड़ा हो गया है।
Aaj Bhi Khare Hain Talab
- Author Name:
Anupam Mishra
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Prem : Ek Album
- Author Name:
V. M. Girija
- Book Type:

- Description:
मलयालम कविता जहाँ-जहाँ रूढ़ अवशेषों से टकराती है और अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक स्वत्वगत मौलिकता को बनाए रखते हुए समय में रचे-बसे औपनिवेशिक आयामों का अनावरण करती है, वहाँ यह समकालीन साबित होती है। मलयालम कविता का यह सृजनात्मक व दृष्टिसम्पन्न उन्मेष बहुआयामी इसलिए है कि वह सत्ता के बहुरंगी वर्चस्व को पहचानती है। अत: समकालीन मलयालम कविता एककेन्द्री नहीं बल्कि बहुकेन्द्री है। उसकी बहुस्वरता समय के सही सरोकारों से उपजी विशेषता है। इसलिए उसका प्रतिरोधी स्वर तमाम जटिल स्थितियों में अनुवाद गुंजित हो उठता है। आज की मलयालम कविता में नारी-स्वत्व का स्वर विद्रोह की बहिरंग मुखरता मात्र नहीं है। उसका पूरा तेवर मुक्ति की कामना को आद्यन्त अनावृत करने का रहा है।
पुरुषकेन्द्रित सामाजिक वर्चस्व को सरलीकृत करना मलयालम की नारीवादी कविता का उद्देश्य नहीं है। पुरुष-केन्द्रीकरण को वह नए सन्दर्भ में प्रस्तुत करती है।...मलयालम कविता ने नारी-दृष्टि को इसी व्यापक सन्दर्भ में अनुभव किया है। एक इतिहासबद्ध दृष्टि उसका सम्बल ही नहीं है, बल्कि वह उसकी अवस्थिति है। स्त्री-कामनाओं की कविता पुरुषविरोधी कविता नहीं है, वह पुरुषाधिष्ठित एकांगी मूल्यों की विरोधी कविता है। व्यापक सन्दर्भ में वह विपक्ष की कविता है। मुक्ति की पारदर्शी स्थिति उसमें अंकित है। वह अधिकार-केन्द्रित संस्कृति पर आघात करती है। ...मलयालम कविता में आधुनिक दौर से लेकर यह मुक्तिकामी स्वर मुखर रहा है। उसमें तमाम अवरोधों को तोड़ने का आग्रह भी है।
...समकालीन मलयालम कविता में वी.एम. गिरिजा का स्वर सबसे अधिक तेज़ तेवर से युक्त है। उनकी कविता के केन्द्र में उत्तप्त नारी ही विद्यमान है। उनके स्वर में विद्रोही दृष्टि की एकायामी बुलन्दियाँ नहीं हैं। गिरिजा के अनुभव-जगत् में स्त्री पूर्णरूपेण यथार्थ है। वह नैतिक अवलम्ब के सहारे प्रस्तुत नहीं होती है। वह अपनी जैविक स्थिति में प्रस्तुत होती है। इसलिए गिरिजा अपनी कविताओं में प्रकृति का भरसक उपयोग करती हैं। प्रत्येक प्रकरण प्रकृति के सहज विन्यास के साथ जुड़कर जैविक स्थिति का बोध कराता है। सवाल यह है कि गिरिजा की कविता की यह हरियाली किससे सम्बन्धित है? हरियाली के साथ उन्होंने मिट्टी के मटमैलेपन को भी उभारा है। लोकोन्मुखता का यह परिदृश्य गिरिजा की कविता का यथार्थ है जिससे उनकी सृजनात्मकता उभार लेती है और उनकी दृष्टि हमारी नैतिकताओं की जटिलताओं की भीतरी स्थितियों की थाह लेती है। प्रकृति यहाँ रूमानी आग्रह से विन्यासित नहीं है। ‘इको-पोयट्री’ की तरह जल, आकाश और हरियाली के बिम्बों और प्रतीकों की आवृत्ति गिरिजा करती रहती हैं। अपने में विकसने को उद्यत, अपने में सम्पुष्ट और अपने में सम्पूर्ण स्त्री-कामनाओं की विराट उपस्थिति गिरिजा के हर एक शब्द को बारीक बना देती है। प्रेम का यह एलबम प्रेमाभिव्यक्ति को निरी भावानुभूति के स्तर पर प्रस्तुत करनेवाली कविताओं का आकलन-भर नहीं है। यह प्रेम के मूल्यों को खोजने का धारदार उपक्रम भी है।
—भूमिका से
CUET (PG) Common University Entrance Test (Postgraduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
CUET (PG) Common University Entrance Test (Postgraduate)
Team Prabhat
20% off₹ 350
₹ 280
Out of Stock
SSC (SI & ASI) Sub-Inspector & Assistant Sub-Inspector 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Media Vishwakosh Encyclopaedia of Media
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description:
"वर्तमान में मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एडवरटाइजमेंट, पब्लिक रिलेशन एवं ट्रेडिशनल मीडिया जैसे प्रचलित रूपों तक ही सीमित नहीं रहा है। आज उद्योग के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन होती प्रगति के साथ ही कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन तथा ऑनलाइन (इंटरनेट) जर्नलिज्म के साथ-साथ ‘सोशल मीडिया’ भी अस्तित्व में आ गया है। मीडिया से संबंधित विषयों पर पिछले एक-दो दशकों में अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में तो प्रकाशित हुए हैं परंतु पत्रकारिता (जर्नलिज्म) के विभिन्न माध्यमों पर विश्वकोश एवं शब्दकोश का अभाव रहा है। इसी अभाव की पूर्ति है यह ‘मीडिया विश्वकोश’। पुस्तक में मीडिया एवं जनसंचार के विविध माध्यमों एवं नए आयामों, जैसे—रेडियो, टेलीविजन, टी.आर.पी, स्टिंग जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, इंटरनेट, सेटैलाइट टी.वी., न्यूज मीडिया, ऑनलाइन एडिटिंग, सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, ऑरकुट, लिंक्ड-इन, यू-ट्यूब, स्काइप, टेबलेट कंप्यूटर, आइ-पैड, आइ-फोन, विकिपीडिया आदि लगभग छह सौ पारिभाषिक शब्दों का विस्तृत, प्रामाणिक एवं तथ्यात्मक विवेचन किया गया है। यह ‘मीडिया विश्वकोश’ पत्रकारिता के संदर्भ में सामान्य जानकारी की इच्छा रखनेवाले पाठक से लेकर संबंधित क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं मीडिया विषयक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त मीडिया कर्मियों, संपादक, उपसंपादक, रिपोर्टर एवं लेखक आदि के लिए भी समान रूप से उपादेय ग्रंथ।
Ek Sarkari Babu Ke Notes
- Author Name:
Madhav Prasad Singh
- Book Type:

- Description:
मैंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी भी की थी। एक बार साक्षात्कार का मौका भी मिला, लेकिन वहाँ असफल रहा। शायद मेरा आत्मविश्वास तब तक कम हो चुका था और कामचलाऊ जीवन में ही रस मिल रहा था। कभी-कभी सोचता हूँ कि सबको खुश रखने और उनसे मिलनेवाली प्रशंसा की बजाय अगर दुराव और बदनामी के झटके मिलते तो प्रयत्नों में तेजी आती। उन झटकों से अपने गंतव्य तक पूरी तरह न सही, लेकिन आंशिक तौर पर पहुँचने का रास्ता तो खुलता। इसके बाद जो सफलता मिलती, वह स्थायी होती; व्यक्तित्व में और निखार लाती। यहापि यह मेरी सोच है, और आवश्यक नहीं है कि ऐसा होता भी। —इसी पुस्तक का अंश
115 Din Ki Tirath Yatra
- Author Name:
Omkar
- Book Type:

- Description:
जैसा कि पुस्तक के शीर्षक से प्रतीत होता है, यह पुस्तक उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी गढ़वाल के सांसद तीरथ सिंह रावतजी के मुख्यमंत्री काल पर आधारित है। इस पुस्तक में न केवल तीरथजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में विस्तार से लिखा गया है बल्कि उनके मुख्यमंत्री बनने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए इस पहाड़ी राज्य की राजनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई है। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के कारणों पर भी अच्छी तरह से प्रकाश डाला गया है। साथ ही बताया गया है कि असंभव से प्रतीत हो रहे कुंभ मेले को भव्यता से संपन्न कराने की प्रशंसा की बजाय उन्हें कोरोना फैलाने का दोषी दिखाने का प्रयास किया गया। परंतु जब धीरे-धीरे कोरोना की दूसरी लहर पर भी नकेल डाल दी गई तो दूसरे कारणों से उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जाने लगी। हालाँकि अपने दृढ़ निश्चय और कर्तव्यपरायण व्यक्तित्व के कारण मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने कार्यों से सभी आलोचकों की बोलती बंद कर दी; लेकिन फ़िर भी सीधे-सादे और प्रदेश की बेहतरी चाहनेवाले तीरथजी ने राजनीति की चालबाजी में पड़ने की बजाय पद से इस्तीफा देना ज्यादा उचित समझा। पुस्तक को अध्यायों में बाँटा गया है और मुख्य तीन भागों में विभक्त किया गया है-- (क) त्रिवेंद्र रावतजी का जाना, तीरथजी का शपथ ग्रहण और कुंभ का आयोजन । (ख) कोविड की दूसरी लहर पर नियंत्रण व प्रदेश में विकास की बयार । (ग) मुख्यमंत्री तीरथ रावतजी की विदाई ।
Jeet Jayenge Hum (Hindi Translation Of Head Held High)
- Author Name:
Vishwas Nangre Patil
- Book Type:

- Description:
विभूषित अधिकारी, विश्वास नांगरे पाटील को जब भी बचपन में बिताई दीवाली याद आती है, तो पटाखों की आवाज अकसर 26/11 की रात को कान के परदे हिला देनेवाले ग्रेनेड के धमाकों में बदल जाती है। यू. पी.एस.सी. की परीक्षा के लिए कमरतोड़ मेहनत करने के दिनों से ही उनमें ऐसा दृढ़ निश्चय पैदा हुआ, जिसने उन्हें ताकत दी और 2008 के मुंबई हमलों के दौरान उन्होंने ताज होटल में छिपे आतंकवादियों को मार गिराया था। मराठी भाषा में लिखी गई पुस्तक से अनूदित यह पुस्तक 'जीत जायेंगे हम' आई.पी.एस. अधिकारी विश्वास नांगरे पाटील के जाीवन का वर्णन करती है। यह उनकी बेहद साधारण पृष्ठभूमि से लेकर स्कूल, कॉलेज और आई.पी.एस. कैडर में चुने जाने के लिए यू.पी.एस.सी. की परीक्षाओं को लेकर रोज़ाना कई घंटे पढ़ने और आखिरकार मुंबई हमलों के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका के बारे में बताती है। उनके जीवन के सबसे निर्णायक और चुनौतीपूर्ण वर्षों का यह दिल को छू लेनेवाला सच्चा वर्णन निश्चित रूप से उन लोगों को उत्साहित करेगा, जिनमें भारतीय सिविल सेवा में शामिल होने की आकांक्षा है। कर्मठता, लगन, साधना, परिश्रम, निष्ठा और राष्ट्रभाव विकसित करनेवाली अनुपम कृति, जो हर पाठक के मन में विश्वास जगाकर सफलता के शिखर छूने के लिए प्रेरित करेगी।
Jeet Jayenge Hum (Hindi Translation Of Head Held High)
Vishwas Nangre Patil
20% off₹ 350
₹ 280
Available
JSSC Jharkhand SNatak Stariya Sanyukt Pratiyogita PraramBhik Pariksha-2021 20 Practice Sets Revised (REVISED 2021)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग झारखण्ड स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता प्रारम्भिक परीक्षा 20 प्रैक्टिस सेट्स * सहायक प्रशाखा पदाधिकारी * प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी * प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी * अंचल निरीक्षक-सह-कानूनगो * सहकारिता प्रसार पदाधिकारी * प्लानिंग असिस्टेंट नवीनतम पाठ्यक्रम एवं परीक्षा पद्धति पर आधारित
Rigvediya Shrisooktam
- Author Name:
Shrimad wishvaksenacharya tridandiswami virachita
- Book Type:

- Description:
"हे भूदेव! जिनकी शुचिता गंगा को विलज्जित करती हो! तत्त्व-बोध में क्षीरसिंधु का गांभीर्य हो! आदेशोपदेश में ब्रह्मरात शुक्र शौनकादि की मधुरता हो! बहुआयामी अर्थबाहुल्य में सत्य वती नंदन की सतर्कता हो! ऐसे समाधिसिंधु अवगाहन विचक्षण क्रियायोग निष्णात् अनंत श्रीसमलंकृत अस्मर्द-दीक्षाचार्य पूज्य श्रीपाद स्वामीजी प्रणीत श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त की मर्मबोधिनी व्याख्या के पंचम संस्करण को महाभागवतों की समाराधना में प्रस्तुत करते हुए श्रीविजयराघव मंदिर ट्रस्ट (रजि . ४५१०) को अत्यंत आह्लद हो रहा है। पूर्व में ये दोनों सूक्त दो खंडों में छपा था, जो अब एक ही आवरण में प्रस्तुत है। विष्णुपादोदकी सम पावन इस ग्रंथ -ग्रथन के संदर्भ में एक सहज वाणी स्फुटित हो साकांक्ष हो जाती है—" श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त ग्रंथ की यह टीका मर्मबोधिनी और फलदायिनी है। इसमें श्रीसूक्त ऋचाओं की मार्मिक व्याख्या के साथ महालक्ष्मी पूजा-विधि, सचित्र श्रीचक्रम् सीतोपनिषद एवं सौभाग्यलक्ष्मी उपनिषद के वर्णन सहित पुरुष सूक्त मंत्र प्रयोगार्थ श्रीचक्राब्जमंडल की रचना एवं पूजा-विधि, विभांडक चरुविधि, ऋष्यशृंगोक्त संतानयाग विधि, उत्तर नारायणानुवाक् तैत्तिरीय पुरुषसूक्त, नारायणोपनिषद एवं मुदलोपनिषद का भी वर्णन है। हे देव! इस पंचम संस्करण का प्रकाशन आप श्रीपादपद्मो की सेवा कर जिन्होंने अन्वर्थ नाम 'श्रीपादसेवक' पाया, ऐसे 'श्री विजयराघव मंदिर ट्रस्ट' अध्यक्ष (डिहरीआनसोन रोहिताश्व, बिहार) वैकुंठवासी श्री सुदर्शनाचार्य ब्रह्मचारजी की पुण्य स्मृति में कराया गया है।
Rigvediya Shrisooktam
Shrimad wishvaksenacharya tridandiswami virachita
20% off₹ 600
₹ 480
Available
MPPEB MADHYA PRADESH SHIKSHAK PATRATA PARIKSHA-2020 VASTUNISTH BAL VIKAS EVAM SHIKSHAN SHASTRA (80 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Aadhar : Aapki Pahchaan
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Zadakhalachi Shala
- Author Name:
Raghu Babu +1
- Book Type:

- Description:
तंत्र्य हा आपल्या शिक्षणाचा पाया असायला हवा! स्पर्धा, बक्षिसं आणि शिक्षेला त्यात स्थान असू नये. मुलं पुस्तकातून लिहायला आणि वाचायला शिकतात; परंतु पुस्तकातला अर्थ त्यांना केवळ अनुभवातूनच समजून घेता येईल. पाठ्यपुस्तकं पाठ करून परीक्षेत पास होणं म्हणजे खरं शिक्षण नव्हे. मुलांनी निरीक्षण व प्रयोग करून नवं ज्ञान मिळवायला हवं. शिकणं ही एक मजेची प्रक्रिया असावी आणि ती आयुष्याच्या वाटचालीचाच एक भाग असावी! Zadakhalachi Shala | Raghubaboo Translation : Sujata Godbole झाडाखालची शाळा | रघुबाबू अनुवाद : सुजाता गोडबोले
Ayodhya Ne Kaise Badal Di Bambai (Hindi Translation of Bombay After Ayodhya: A City In Flux)
- Author Name:
Jitendra Dixit
- Book Type:

- Description:
6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद पूरा भारत दंगों की चपेट में आ गया था। सांप्रदायिक अशांति को लेकर हमेशा ही अतिसंवेदनशील रही मुंबई में दिसंबर 1992 और फिर जनवरी 1993 में जो हिंसा हुई, वह अभूतपूर्व थी। दो महीने बाद, मार्च के महीने में सिलसिलेवार धमाकों ने शहर को दहला दिया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। सांप्रदायिक दंगों के बाद छिड़े गैंगवार और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं ने शहर को तहस-नहस कर दिया। इन सबने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया। प्रस्तुत पुस्तक बताती है कि पिछले तीन दशकों में मुंबई ने अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कैसा दौर देखा है। 1992 के बाद, मुंबई अंडरवल्र्ड में एक विभाजन ने राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया, जिसने शहर की जनसांख्यिकी को बदल दिया और नई नई बस्तियों को जन्म दिया। कुछ समय की खामोशी के बाद, वर्ष 2002 में एक बार फिर धमाकों और आतंकवादी हमलों ने इसे हिला दिया। यह हिंसा का एक ऐसा चक्र था, जो 2008 में 26/11 के भयानक आतंकवादी हमलों के साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। मुंबई को जिन प्रमुख घटनाओं और लोगों ने वर्तमान रूप दिया है, उनके विषय में बताने के साथ ही, इस पुस्तक ने शहर के चरित्र में बदलाव, इसके भौतिक रूप और नागरिक मुद्दों से लेकर इसकी अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और राजनीति तक में बदलाव को शब्दों में बुना है।
Diary Of My Love
- Author Name:
Deesha Sangani
- Book Type:

- Description:
अगर आपका दिल धड़कता है, तो आप अब भी सपने देख सकते हैं। अनुष्का युवा है, उत्साह और उमंग से भरी है, जिसने अपने लक्ष्य निश्चित कर लिये हैं। अपने सपनों को सच करते हुए उसने अभी-अभी कॉरपोरेट जगत् में कदम रखा है। जीवन शानदार लग रहा है। नौकरी के पहले ही दिन आयुष की मुलाकात अनुष्का से होती है और उसमें एक तरंग सी दौड़ने लगती है। अनायास ही अनुष्का से हुई बातचीत मन में ऐसी भावनाएँ जगाती है, जिनका एहसास उसे बरसों से नहीं हुआ था। वह एकदम परफेक्ट लगती है। पर क्या जीवन में कुछ भी परफेक्ट होता है? चार साल बाद जब दोनों फिर से मिलते हैं, तो उनके दिल टूट चुके होते हैं और प्यार करने की इच्छा खत्म हो चुकी है। दोनों एक-दूसरे के दिल का दर्द दूर करते हैं और अपने-अपने सपनों को सच करने में मदद करते हैं। आखिर में जब दोनों अपने और एक-दूसरे के लिए जीने लगते हैं, तब जिंदगी एक क्रूर खेल खेलती है। अनुष्का की डायरी ही उसकी सच्ची साथी है, जिसके पन्नों में ऐसे राज दफन हैं, जिन्हें कोई कभी नहीं जान पाएगा। आइए, भावनाओं के इस उतार-चढ़ाव भरे सफर में आयुष और अनुष्का के साथ चलें तथा उन रहस्यों को जानें, जिन्हें अनुष्का ने ‘डायरी ऑफ माई लव’ में दफन कर रखा है।
Bharat Evam Vishva Ke Mahan Divas
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description:
सदियों से दुनिया भर में दिवसों का महत्त्व है। दिवस ही आदमी को कर्म में संलग्न करते हैं, जबकि रातें विश्राम और नींद के लिए होती हैं। इस तरह दिवस हमारे लिए पवित्र और पूजनीय बन जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक के दिवस किसी-न-किसी उद्देश्य के लिए लोगों के महान् त्याग, बलिदान और तपस्या की याद दिलाते हैं तो किन्हीं क्षेत्रों में उनके अद्भुत, चमत्कारी कार्यों की बानगी को रेखांकित करते हैं। कहीं शौर्य, खेल, स्वास्थ्य, संस्कृति, करुणा, प्रेम, भाईचारा के लिए समर्पित योगदान को याद किया जाता है, तो कहीं गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजादी के खुले आकाश में साँस लेनेवाले देश को स्मृति के पटल पर अंकित कर उसकी याद का हर साल जश्न मनाते हैं। यहाँ तक कि देश और दुनिया को नई दिशा देने के लिए, नए समाज की रचना के लिए, नई रीतियों और परिपाटियों की शुरुआत के लिए भी इन्हें याद किया जाता है। चहुँ ओर फैली विकृतियों, विसंगतियों, अपराधों, अंधविश्वासों और कुरीतियों को दूर करने के लिए जो महान् कार्य किए गए उनकी महानता को भी हम याद करते हैं। ‘भारत एवं विश्व के महान् दिवस’ ऐसी ही एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो देश और दुनिया के 191 महान् दिवसों की याद दिलाएगी, जिन्हें प्रत्येक वर्ष एक खास तिथि को समारोहपूर्वक मनाया जाता है। यह पुस्तक सुधी पाठकों को हर महान् दिवस की रोमांचक जानकारी देगी। साथ ही छात्रों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेनेवालों, प्रवक्ताओं एवं शिक्षकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan (MPTET Social Science Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Shreshtha Hasya Vyangya Geet
- Author Name:
Ed. : Prem Kishore 'Patakha'
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book