37 Years NEET Chapterwise & Topicwise Solved Papers Chemistry (2024-1998)
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Author:
Dr. Sunita, Dr. K.G. OjhaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
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"NEET 37 Years — Chemistry is designed to help the aspiring students from the standpoint to strengthen their grasp and command over the concepts of Chemistry, applying them in the NEET, JIPMER and other medical entrance examinations. Salient Features: The presented book NEET 37 Years focuses on providing guidance in the subject of Chemistry. In order to generate awareness among the aspirants regarding the trend of questions asked in the examinations, solved question papers from 1988-2024 have also been included. This book is very useful for all those students who want to succeed in NEET 2025 examinations."
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"NEET 37 Years — Chemistry is designed to help the aspiring students from the standpoint to strengthen their grasp and command over the concepts of Chemistry, applying them in the NEET, JIPMER and other medical entrance examinations.
Salient Features:
The presented book NEET 37 Years focuses on providing guidance in the subject of Chemistry.
In order to generate awareness among the aspirants regarding the trend of questions asked in the examinations, solved question papers from 1988-2024 have also been included.
This book is very useful for all those students who want to succeed in NEET 2025 examinations."
Book Details
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ISBN9788119758227
-
Pages304
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Avg Reading Time10 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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इस दूसरे खंड में उन रंग-व्यक्तित्वों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं जिनका गहरा रिश्ता हिन्दी रंगमंच से रहा है। इनमें नाटककला, निर्देशक, अभिनेता, संगीत-सर्जक, मंच-प्रकाश-परिधान परिकल्पक आदि के साथ-साथ प्रेरक व्यक्तित्वों का परिचय भी अकारादिक्रम से दिया गया है। उन दूसरी भाषाओं के नाटककारों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनके अनूदित नाटक हिन्दी में लोकप्रिय रहे हैं। इस प्रकार कुल लगभग चार सौ रंग-व्यक्तित्वों की प्रविष्टियाँ इस कोश में शामिल हैं।
हिन्दी के रंगमंच से जुड़ी शख़्सियतों को सूचीबद्ध करना, उनमें से इन महत्त्वपूर्ण लोगों का चयन करना और फिर जम्मू से कोलकाता तक के व्यापक क्षेत्र में, विभिन्न नगरों में सक्रिय रंगकर्मियों के बारे में सूचनाएँ एकत्र करना बहुत ही कठिन कार्य था।
सम्पादक के सराहनीय परिश्रम और मेधा को इस पुस्तक से गुज़रते हुए सहज ही लक्षित किया जा सकता है। निश्चित रूप से यह रंगकोश हिन्दी रंगकर्म की दुनिया में एक मील का पत्थर है।
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