Upar Ke Gaon Ka Rahasya
Author:
Sustrata Pal, Neha BahugunaPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections3 Ratings
Price: ₹ 166
₹
200
Available
नेहा बहुगुणा ने बच्चों के लिए पहला उपन्यास लिखा है, जिसमें गोपू नाम की नौ साल की जिज्ञासु लड़की पर आधारित है। गोपू समझदारी भरी बातचीत में संलग्न रहती है और हर चीज और हर किसी के बारे में जानने की तीव्र इच्छा रखती है, चाहे वह कितना भी निकट या दूर क्यों न हो।
एक दिन, गोपू को वार्षिक गाँव की रामलीला के बंद होने को ले कर एक रहस्य की गंध आती है। वह यह पता लगाने के लिए कृतसंकल्प हो जाती है कि इसे क्यों रोका गया और क्यों सभी को रामलीला देखने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ते-उतरते दूसरे गांव जाना पड़ता है।
गोपू किसी से भी बात करती है जो उसके साथ रहस्य साझा करना चाहता है, लेकिन वयस्क इस विषय पर बहुत उत्सुक नहीं हैं। ऐसा लगता है कि विषय को "बच्चों के लिए नहीं" का लेबल दिया गया है, लेकिन गोपू की अनूठी पूछताछ तकनीक उन्हें चकित कर देती है।
यह आकर्षक रहस्यमय उपन्यास बच्चों के सोचने और तर्क करने के तरीके की एक झलक पेश करता है, साथ ही उन तरीकों को भी उजागर करता है जिनसे वयस्क बच्चों की जिज्ञासा का जवाब देते हैं। सुस्नाता पॉल के चित्र अभिव्यंजक पात्रों के साथ उत्तराखंड की पहाड़ियों में जीवन का एक ज्वलंत चित्रण प्रदान करते हैं जो पाठकों को दृश्य का एक हिस्सा जैसा महसूस कराते हैं।
Age group 9-12 years
ISBN: 9789392873744
Pages: 72
Avg Reading Time: 2 hrs
Age: 0-11
Country of Origin: India
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