Common Yet Uncommon
Author:
Smt. Sudha MurtyPublisher:
Penguin IndiaLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections2 Ratings
Price: ₹ 331.17
₹
399
Available
Meet these people: Bundle Bindu, so named because he likes his truth with a little embellishment, Jayant the shopkeeper who doesn’t make any profit, and Lunchbox Nalini, Sudha Murty herself, who brings her empty lunchbox-to be filled with food-wherever she goes!
Written in Sudha Murty’s inimitable style, Common Yet Uncommon is a heartwarming picture of everyday life and the foibles and quirks of ordinary people. In the fourteen tales that make up the collection, Sudha Murty delves into memories of childhood, life in her hometown and the people she’s crossed paths with. These and the other characters who populate the pages of this book do not possess wealth or fame. They are unpolished and outspoken, transparent and magnanimous.
Their stories are tales of unvarnished humans, with faults and big hearts.
Testament to the unique parlance of a small town, Common Yet Uncommon speaks a universal language of what it means to be human.
ISBN: 9780143464617
Pages: 200
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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आस-पास के माहौल से जुड़ी
होती हैं। यहाँ तक कि पारिवारिक सम्बन्धों को भी सामाजिक तर्कों से प्रभावित होता दिखाया गया है। उनका गहरा सामाजिक निरीक्षण उनकी कहानियों में झलकता है जिनमें उन्होंने हर 'प्रकार' के इनसानों को और लगभग हर व्यवसाय को शामिल किया है।
—विश्वनाथ एस. नरवणे
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