Yaad Ka Chehra
Author:
Ambareen Haseeb AmbarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Poetry0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
अम्बरीन हसीब अम्बर की शायरी में एक अलग तरह का फ़िक्री जहान नज़र आता है। वह एक तरफ़ हुस्न की जानिब से शायरी में अपना मुक़द्दमा पेश करती नज़र आती हैं और नाज़ और अदा कही जाने वाली महबूबा की ज़िन्दगी के असली मसलों से हमें रू-ब-रू करवाती हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ वह इतिहास की धूल में दफ़नाई हुई औरत के सवालों को भी दौर-ए-हाज़िर के दामन पर सब्त करती हुई मालूम होती हैं। ‘याद का चेहरा’ ग़ज़ल और नज़्म का एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें सिर्फ़ तख़य्युल के फूल ही नहीं हैं, बल्कि आज की औरत के चुभते हुए तंज़ के काँटे भी हैं। वह ज़ुल्म और जब्र से आँखों में आँखें डाल कर मुकालमा करने की रवादार हैं। मोहब्बत में भी वह अगर एक तरफ़ ईसार और क़ुर्बानी के जज़्बे को अहम तस्लीम करती हैं तो वहीं अपना हक़ माँगने से भी पीछे नहीं हटती हैं। वफ़ा उनके लिए मर्द को तन्हाई से जहान-ए-रंगीं तक लाती है, मगर ख़ुद के जहान-ए-रंगीं से तन्हाई तक पहुँचने को नज़रअन्दाज़ नहीं करती। उनकी शायरी की इस ख़ूबसूरत किताब को उन्हीं के अल्फ़ाज़ में कुछ यूँ पेश किया जा सकता है—
तंज़ रुसवाई सितम शिकवे गिले
हैं यही शायद वफ़ाओं के सिले
मुझको दुनिया की नहीं है आरज़ू
मेरे होने की ख़बर मुझको मिले
ISBN: 9789347265242
Pages: 112
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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—अरुण कमल
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