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रमेशराज की मुक्तछंद कविताएँ
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रमेशराज की मुक्तछंद कविताएँ
Book Details
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ISBNRF-RR-KAZH
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Pages21
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Avg Reading Time1 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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दिखाई देता है। उनकी कविता तेज़ी से बदल रहे परिवेश से उलझती-झगड़ती कविता है। आज के दौर
में पूँजी और तकनीक के मेल से मानव जीवन, स्वभाव और समाज बुनियादी बदलाव के दूरगामी
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नहीं हुए। कवि अपनी परख, संवेदना और समझ से इसी तेज़ी से बदल रहे अपने विश्व को समझना
चाह रहा है। सरोकार का यह बदलता सन्दर्भ उनकी कविताओं को पिछले दशकों के कवियों से यहीं
अलग कर देता है। ‘धूप में/सूखती अँतड़ियों के बीच/चल रहा हूँ/अपनी ज़मीन के लिए/हाथ में उठाए/
तुम्हारी जूठन का प्रसाद’। उनकी कविताओं में विस्थापन का दंश है, संघर्ष का वैभव है, रिश्तों में
बढ़ती अजनबीयत है, शहरों का बदलता परिदृश्य है, उदारीकरण के बाद नया बनता समाज है।
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