Eelam Deel
(0)
₹
160
₹ 132.8 (17% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Nirankardev Sevak's poems are read by every Hindi-speaking child. He is one of the foremost voices in the Hindi-speaking belt. Nirankardev Sevak writes with an unparalleled simplicity, which is reflected in the following lines: अगर मगर दो भाई थे लड़ते खूब लड़ाई थे, अगर मगर से छोटा था, मगर अगर से खोटा था। or पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते It is rare to find a poet who has imagined such an individual. This collection of poems has 35 such poems. These wonderfully witty poems are accompanied by equally beautiful illustrations by Habib Ali. Readers will find his compositions, colour schemes, and detailing engaging. Age group 6-8 years
Read moreAbout the Book
Nirankardev Sevak's poems are read by every Hindi-speaking child. He is one of the foremost voices in the Hindi-speaking belt. Nirankardev Sevak writes with an unparalleled simplicity, which is reflected in the following lines:
अगर मगर दो भाई थे
लड़ते खूब लड़ाई थे,
अगर मगर से छोटा था,
मगर अगर से खोटा था।
or
पैसा पास होता तो चार चने लाते,
चार में से एक चना तोते को खिलाते
It is rare to find a poet who has imagined such an individual. This collection of poems has 35 such poems.
These wonderfully witty poems are accompanied by equally beautiful illustrations by Habib Ali. Readers will find his compositions, colour schemes, and detailing engaging.
Age group 6-8 years
Book Details
-
ISBN9789392873447
-
Pages60
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Lightning
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description:
लाइटनिंग रणथंभौर की एक बाघिन की कहानी है। उनके बारे में अनगिनत किस्सों में से प्रभात ने एक ऐसा किस्सा चुना है जो इंसानों और जंगली जानवरों की एकजुटता को दर्शाता है। संवेदनशील रूप से चित्रित, कहानी दिखाती है कि लाइटनिंग और लोग मिलकर रणथंभौर को वह स्थान बनाते हैं जो वह है। उगता सूरज-डूबता सूरज। वहाँ की रात है और रात का चाँद है और लाइटनिंग है। वह बोलती है तो पूरा जंगले बोल पड़ता है। सबको लगता है कि लाइटनिंग इस बार उनसे कुछ कह रही है। Age group 6-8 years
Bhuton Ki Barat
- Author Name:
Barkha Lohia
- Book Type:

- Description:
A man fell in love and married a beautiful ghost. All is well until one day… Folktale from Uttarakhand is retold and illustrated by Barkha Lohiya. Its illustrations are equally intriguing. See the use of blue and black! Age group 6-8 years and Age group 9-12 years
Bees Kachauri Poori Tees
- Author Name:
Sriprasad +1
- Book Type:

- Description:
बच्चों की कविताओं का एक अद्भुत संग्रह! श्रीप्रसाद जी हिन्दी के अप्रतिम कवि हैं। उनकी कविताओं में अक्सर एक कहानी होती है. वह अपनी कविताओं में भी गद्य और वाक्य संरचना की सरलता बनाए रखते हैं, जैसे इस कविता में: एक हमारे दादा जी हैं एक हमारी दादी दोनों ही पहना करते हैं बिलकुल भूरी खादी... वह अपनी कविताओं में भाषा और शब्दों की सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। आप उसके द्वारा उपयोग किए गए शब्दों को महसूस कर सकते हैं, न कि केवल उन्हें पढ़ सकते हैं। क्या आप निम्नलिखित शब्दों में व्यक्त आंदोलन को महसूस कर सकते हैं: हल्लम हल्लम, चल्लम-चल्लम? प्रोइति रॉय के रंगीन चित्र इस पुस्तक को और भी मनोरंजक बनाते हैं। वह कविताओं में प्रस्तुत पात्रों को चेहरे देती है। Age group- 0-6 years and 6-8 years
Taul Tapul
- Author Name:
Shyam Sushil +1
- Book Type:

- Description:
Shyam Sushil's 26 poems are funny and witty. Rooted in our everyday life, you wouldn't find a poem without humour. This is the most neglected province of Hindi poetry. Children will not only read this but also transcend its boundaries, writing their own poems and humming them. Another quality of these poems is their simplicity. These poems play with language by taking it away from its prevalent meaning. At times, you will find poems that build on the commonly used play songs. All poems would easily become your own...you would hear them once and find yourself humming soon after. Gauravi Sharma has made beautiful collages for each one of these poems. Age group 6-8 years
Pani Utra Teen Par
- Author Name:
Pramod Pathak +1
- Book Type:

- Description:
प्रमोद पाठक का यह कविता संग्रह पढ़ने और सुनाने में मजेदार है। इसकी छंद सहज है. भाषा चीनी की तरह पारदर्शी होती है। इसे दो बार पढ़ें और आप इसे सीख लेंगे। पानी उतरा टीन पर फिर कूड़ा ज़मीन पर पत्ती और फूल पर खूब खूब झूल कर इन लोरी जैसी कविताओं को नीलेश गेहलोत ने खूबसूरती से चित्रित किया है। Age group 6-8 years
Duniya Meri
- Author Name:
Gulzar +1
- Book Type:

- Description:
छोटी-सी दुनिया मेरी इतनी बड़ी है, आँख की कटोरियों में आके खड़ी है... The second book in the 'Samay Post' series. Gateway to Gulzar's lyrical world. Duniya Meri...is a picture book about a father and his daughter. Their colourful, expansive universe, sometimes confusing but always fun, serves as its background. Brilliantly visualised by Sushil Shukla, written by Gulzar and illustrated by Allen Shaw and a five-year-old Frida Shaw. It is a book you will cherish for years to come! Age group 6-8 years
Roo Roo
- Author Name:
Paro Anand +1
- Book Type:

- Description:
कंगारू का बच्चा रू रू अपनी माँ की जेब में रहता है। वह दिन भर रोता रहता है. मम्मी कंगारू जानना चाहती है कि वह इतना क्यों रोता है। फिर, वह जेब से बाहर इस अद्भुत दुनिया में आता है और सब कुछ बदल जाता है। यह युवा पाठकों के लिए पारो आनंद की एक मजेदार कहानी है। कहानी के साथ ऋषि साहनी के चित्रण कहानी को समृद्ध करते हैं। रंगों का प्रयोग आपको पसंद आएगा और उन्होंने शब्दों से भी खेला है. Age group 6-8 years
Jiske Pass Chali Gai Meri Zameen
- Author Name:
Naresh Saxena +1
- Book Type:

- Description:
अगली फसल आते ही सब चुकता कर दूँगा अब तो मेरी झूठी ये गुज़ारिश भी चली गई... उसी के पास अब मेरी बारिश भी चली गई.. जिसके पास चली गई मेरी ज़मीन Age group 6-8 years
Agar Magar
- Author Name:
Gulzar +1
- Book Type:

- Description:
बच्चों को सिखाने की कोशिश में पता चला हमें कितना कुछ उनसे सीखना पड़ा तब जाकर ये किताब मुमकिन हुई। जरा बच्चों के साथ बैठ का ये किताब पढ़िए तो पता चले,,, उस्ताद कौन! शागिर्द कौन! Age group 6-8 years
Zamin Humko Ghumati Hai
- Author Name:
Gulzar +1
- Book Type:

- Description:
मैं कलम से, एलन रंगों से और सुशील काग़ज़ के खिलौने बनाकर बच्चों को बहला रहे थे। जब क्लास ख़त्म हुई तो देखा बच्चे रंग, कलम और काग़ज़ के खिलौने से हमें बहला रहे थे। ~गुलज़ार Age group 6-8 years
Kaisa Kaisa Khana
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description:
A word can have different meanings in different contexts. Have you come across any interesting meanings of khana in your day-to-day life? Well, Rashi has some interesting observations to share. Prabhat's exploration is cleverly worded. Allen Shaw has beautifully illustrated every stop along Rashi's journey. Appeared in Parag Honour List 2020. Age group 6-8 years
Keral Ke Kele
- Author Name:
Prayag Shukla +1
- Book Type:

- Description:
प्रयाग शुक्ल की मज़ेदार कविताओं की किताब जिसे आप और आपका बच्चा स्कूल बस का इंतज़ार करते समय या घर पर स्कूल के लिए तैयार होते समय गा सकते हैं। उनकी शब्दावली बनाने का एक मज़ेदार तरीका। देबब्रत घोष के रंगीन चित्र उनकी हास्य की भावना से समृद्ध हैं, जिसका आप और आपका बच्चा आनंद लेंगे। Age group 6-8 years
Ek Kahani
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
मैंने आकाश की तरफ़, चाबी का गुच्छा उछाला तो आसमान खुल गया ज़रूर मेरी कोई चाबी आसमान में लगती है। ~ धूप थी। और मैदान में उड़ती चीलों की परछाई थी। हम तैयार थे। सावधान होकर पास-पास खड़े थे।माधव ने एक, दो, तीन कहा। हम परछाई के पीछे दौड़ पड़े। Age group 6-8 years
Qutubminar Ka Ped
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description:
हिंदी के लोकप्रिय कवि और लेखक प्रभात के संग्रह में छह कहानियाँ हैं। आप बच्चों को सुनाने के लिए संग्रह की कहानियों को तुरंत याद कर सकते हैं। असामान्य रूप से सरल कथानक के साथ, बातचीत को चतुराई से आगे बढ़ाकर एक कहानी विकसित की जाती है। कविता सिंह काले के चित्र पुस्तक की दृश्य अपील को बढ़ाते हैं। चित्र वर्णन में समृद्ध हैं और पात्र अभिव्यंजक हैं। ये दोनों खूबियां आपका ध्यान खींच लेंगी. Age group 6-8 years
Paheliyan
- Author Name:
Allen Shaw +1
- Book Type:

- Description:
पहेलियाँ में गुलज़ार की लिखी पहेलियाँ है। इनके उत्तर की कुछ हिन्ट शब्दों से तो कुछ एलन शॉ के चित्रों से मिलती है। Age group 6-8 years
Mendhak Bola
- Author Name:
Rakesh Ranjan +1
- Book Type:

- Description:
मेंढक बोला अभी अभी पढ़ना सीख रहे या पढ़ना सीखने जाने वाले बच्चों के लिए बहुत उपयोगी किताब हो सकती है। इसमें हर बार टीचर एक सवाल पूछते हैं और मेंढक हर बार उनका जवाब देता है। मसलन, टीचर बोले नाम बताओ मेंढक बोला टर टर टर दो तीन पंक्तियों में ही बच्चे को इस कविता का स्ट्रक्चर समझ में आ जाता है। आप उनसे सवाल पूछेंगे और वे उत्तर दे देंगे। एक बहुत सरल सी दिखने वाली कविता है यह। बच्चों का भाषा की तरफ आने के लिए ज़रूरी सेंस ऑफ एचीवमेंट महसूस करने वाली। ये वे कविताएँ हैं जो बच्चे अनेकानेक बार पढ़ना चाहते हैं। बार बार पढ़ने का सुख उठाने के लिए। इसके चित्र भी इस कविता को समझने और इस कविता का परिवेश समझने में मददगार साबित होते हैं। इस कविता की पृष्ठभूमि भी बताते हैं। और इस कविता का अन्त भी बताते हैं। एक मायने में वे इस पूरी कविता में शरारत भर देते हैं। तो कविता का एक स्तर तो यह है। एक इस कविता का भीतरी संसार है। जो पाठक को फिलहाल न खुले मगर उसके जेहन में कहीं न कहीं इसकी छाया बनी रहेगी। वह यह कि टीचर इस कविता में मेंढक को समझ नहीं पा रहे हैं। मेंढक हर बार जवाब दे रहा है। उसकी अपनी टर टर भाषा में। वह जो कहेगा टर टर ही करेगा। शिक्षक इस बात से बेखबर हैं। यह स्कूलों में आम है। कुछ बच्चे हमेशा शिक्षक से यह उन्हें समझने की ख्वाहिश लिए ही स्कूल से विदा हो जाते हैं। मेंढक इन सब बच्चों का प्रतिनिधि बनकर इस कविता में आता है। राजीव आइप के चित्र इस कविता को विस्तार देते हैं। गवाही देते हैं। इस कविता की कचोट को कुछ हलका करते हैं। इस कविता को क्लासरूम में या घर पर कई कई पंक्तियों को जोड़कर विस्तारित किया जा सकता है। मेंढक की जगह घोड़ा बोला हिन हिन हिन भी किया जा सकता है। Age group 0-6 years and Age group 6-8 years
Harivansh Ray Bachchan Rachana Sanchayan
- Author Name:
Harivansh Rai Bachchan
- Book Type:

- Description:
An anthology of the writings of modern Hindi writer Harivansh Rai Bachchan, compiled and edited by Ajit Kumar.
Kavya Chayanika
- Author Name:
Pramod Kovaprath
- Book Type:

- Description:
बिगड़ते पर्यावरण की समस्या आज मनुष्य के लिए भूख के बाद दूसरी सबसे बड़ी समस्या है। भूख जिस तरह एक देह के अस्तित्व के लिए आसन्न ख़तरा होती है, उसी तरह पर्यावरण-विनाश सृष्टि के अस्तित्व के लिए होता है। एक-एक व्यक्ति के रूप में जी रहे हम लोगों की आँखों से वह ख़तरा भले ही इतने स्पष्ट और ठोस रूप में न दिखाई देता हो, और भले ही हम बीच-बीच में प्रकृति द्वारा दी जानेवाली चेतावनियों को नज़रअन्दाज़ करने की ढीठता भी जुटा लेते हों, लेकिन जल, ज़मीन, हवा और हरियाली का सतत क्षरित होता जीवन उन निगाहों से अनचीन्हा नहीं रह जाता जो प्रस्तुत उल्लास की झीनी चदरिया के पार दूर क्षितिज के धुँधलके में लिखी जा रही नाश-विनाश की पटकथाओं की पंक्तियाँ पढ़ लेती हैं, यानी कवियों और रचनाशील हृदयों की निगाहें। यह पुस्तक प्रकृति और कवि के इसी अपने, और समाज की रिश्तेदारियों के धोखादेह प्रपंच से परे, उनके निहायत पवित्र और निजी रिश्ते का दस्तावेज़ है। पाठकगण इस किताब को सरकारों और संस्थाओं के रस्मी पर्यावरण-प्रेम और शुष्क रुदन के काव्यानुवाद के रूप में न लें। यह समष्टि-मन के रचनाकुल और ईमानदार स्नायुओं की पीड़ाजनित प्रतिक्रियाओं का संकलन है जिसमें हिन्दी के नए-पुराने, वरिष्ठ, श्रेष्ठ और सजग रचनाकारों ने प्रकृति के साथ अपनी सम्बन्ध-यात्रा के सबसे चिन्तित क्षणों को वाणी दी है। संग्रह में एक सौ एक समकालीन कविताएँ और पैंतालीस कवि शामिल हैं। कौन छोटा है, कौन बड़ा है, यह सवाल अप्रासंगिक है। क्योंकि कविता का विषय महत्त्वपूर्ण है, समस्याओं की भयंकरता प्रासंगिक है। एक ही त्रासदपूर्ण मुद्दा सबके लिए महत्त्वपूर्ण है। सब में आशंकाएँ हैं तो साथ ही आशाएँ भी हैं। प्रकृति की आसन्न मृत्यु पर चीख़ने के बजाय प्रतिरोध खड़ा करना ये रचनाकार अपना दायित्व समझते हैं।
Aakash Dharti Ko Khatkhataata Hai
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla
- Book Type:

- Description:
विनोद कुमार शुक्ल समकालीन कविता के संसार में उन थोड़े से ऐसे कवियों में शुमार हैं जिन्होंने समकालीन कविता की दिशा और दृष्टि को काफ़ी हद तक नियंत्रित किया है। उनकी इस हैसियत को हिन्दी में लगभग सभी कवियों ने स्वीकार किया है।
काव्याभिव्यक्ति में मित कथनों का जितना सार्थक प्रयोग वे करते हैं, उतना शमशेर ही कर पाते थे। शब्दों को कम से कम ख़र्च करके कैसे अर्थ के भंडार को समेटा जाए इसे सीखने के लिए विनोद कुमार शुक्ल की कविता काम की चीज़ है।
उनकी कविता नितांत समसामयिक होकर भी समयातीत लगती है। वह पीछे भी देखती है और आगे भी, पर उल्लेखनीय बात यह है कि वह अपने समय में धँसी होने के बावजूद अपने समय में फँसती नहीं है। उनके काव्यबोध में जो अचूक क़िस्म की पारदर्शी सूक्ष्मता है, वह कई लोगों को जटिलता, रूपवाद, कलावाद का अवतार लगती है लेकिन रूपवादी कविता है नहीं। काव्य-प्रयोगों के लिए उनसे बड़ा कवि आज कम से कम हिन्दी में दिखाई नहीं देता
वे विचारधारा के पुल से होकर रास्ता तय करने वाले कवि नहीं हैं, बल्कि वे कविता की नदी को ख़ुद तैर कर पार करने वाले कवि हैं। कम से कम उनके लम्बे कवि-कर्म का संघर्ष यही प्रतिमान हमारे सामने रखता है। वे हिन्दी कविता के संसार में उन थोड़े से कवियों में हैं जिन्होंने चालू मुहावरे को तोड़कर अपनी कविता में संवेदना और काव्य-शिल्प के लिए अनोखा आयाम चुना है। अपनी काव्यभाषा के चुनाव में वे जितने विरल, संयमी और जागरूक कवि हैं, उतने कम ही कवि रहे हैं। यह उनकी चुनिन्दा कविताओं का संकलन है।
Hari Patang Par Hara Patanga
- Author Name:
Varun Grover +1
- Book Type:

- Description:
Age group 9-12 years कथा शुरू ऐसे होती है ……….एक है घोड़ा दो सवार हैं ….तीन लोक के चार द्वार हैं। यह अपनी हरियाली के लिये अपना बादल आप बनाने के सफर का किस्सा है। भटक भटक के किस्से किस्से जमा किए बादल के हिस्से वरुण ग्रोवर ने इस लम्बी कविता में ऐसी भाषा, बिम्ब और लय अपनाये हैं कि पुराने समय की खोजी यात्राएँ साकार होने लगती हैं। और वह यात्रा भी जो यात्रियों में अपने समय को समझने के लिए चलती है। इसमें एलन शॉ के चित्रों का वैविध्य बेमिसाल है। चित्रों में माया सभ्यता से लेकर अब तक के आम इंसान हैं। सब अपने-अपने तरीकों से अपने बादलों की खोज में दिखाई देते हैं। जैसे यह इंसानी सभ्यता की अनवरत खोज है। इस तरह किताब में दो कविताएँ हैं। दूसरी कहें कि पहलीॽ कि पहले के भी पहले की कविता, एलन शॉ की है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book