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Author:
Jagdish Gupt, Jagdish GuptaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Poetry₹
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‘पद्मपुराण’ के सृष्टिखंड और उत्तरखंड, ‘महाभारत’ के शान्तिपर्व तथा ‘आनन्द रामायण’ के भी अनेक अध्यायों में शम्बूक की कथा समाहित है जिससे इसकी प्राचीनता और परम्परागत मान्यता दोनों ही बातें सिद्ध हो जाती हैं। इस पुस्तक में शम्बूक को भूमिपुत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शम्बूक की तर्कशीलता जीवन के उस पहलू को उद्घाटित करती है जिसकी उपेक्षा करने से राम का ब्रह्मतत्त्व एवं उनकी विराटता अपनी अर्थवत्ता खो देती है। आधुनिक युग की प्रजातांत्रिक समाजवादी विचारधारा इसी बिन्दु पर प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक परम्परा से मेल खा जाती है।
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‘पद्मपुराण’ के सृष्टिखंड और उत्तरखंड, ‘महाभारत’ के शान्तिपर्व तथा ‘आनन्द रामायण’ के भी अनेक अध्यायों में शम्बूक की कथा समाहित है जिससे इसकी प्राचीनता और परम्परागत मान्यता दोनों ही बातें सिद्ध हो जाती हैं।
इस पुस्तक में शम्बूक को भूमिपुत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शम्बूक की तर्कशीलता जीवन के उस पहलू को उद्घाटित करती है जिसकी उपेक्षा करने से राम का ब्रह्मतत्त्व एवं उनकी विराटता अपनी अर्थवत्ता खो देती है। आधुनिक युग की प्रजातांत्रिक समाजवादी विचारधारा इसी बिन्दु पर प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक परम्परा से मेल खा जाती है।
Book Details
-
ISBN9788180316777
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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