Maujood Ki Nisbat Se
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"Maujood Ki Nisbat Se" is a captivating urdupoetry book that transports readers to the enchanting world of poetic expression. With verses that inspire, provoke thought, and stir emotions, this book is a cultural treasure celebrating the beauty of urdupoetry. From the depths of love to the complexities of life's philosophies, this collection of poems explores a wide range of themes, ensuring that every reader can find something that resonates with their heart. "Maujood Ki Nisbat Se" is a timeless masterpiece that allows readers to connect with the essence of urduliterature, experience the power of words, and find solace in poetic beauty. The hardcover edition ensures durability and longevity, making it a valuable addition to any bookshelf. Whether you're a seasoned poetry enthusiast or new to the world of urduverse, this book is an ideal gift and a must-have for those who appreciate the magic of words.
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"Maujood Ki Nisbat Se" is a captivating urdupoetry book that transports readers to the enchanting world of poetic expression. With verses that inspire, provoke thought, and stir emotions, this book is a cultural treasure celebrating the beauty of urdupoetry. From the depths of love to the complexities of life's philosophies, this collection of poems explores a wide range of themes, ensuring that every reader can find something that resonates with their heart. "Maujood Ki Nisbat Se" is a timeless masterpiece that allows readers to connect with the essence of urduliterature, experience the power of words, and find solace in poetic beauty. The hardcover edition ensures durability and longevity, making it a valuable addition to any bookshelf. Whether you're a seasoned poetry enthusiast or new to the world of urduverse, this book is an ideal gift and a must-have for those who appreciate the magic of words.
Book Details
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ISBN9788193968130
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Pages120
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Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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देवनागरी लिपि में उर्दू शाइ’री पढ़ने वालों को समर्पित इस संकलन की ये दूसरी किताब मुख्यतः, दिल्ली के उजड़ने के बा’द लखनऊ में जमने वाली शाइ’री की महफ़िल से सम्बंधित शाइ’रों और शाइ’री की रचनात्मक विशेषताओं को रेखांकित करती ISBN 9788192664842 urduGhazal is one of the most prominent forms of urdupoetry that have survived the passage of time. Despite almost eight hundred years of its existence, ghazal hasn’t lost its sheen. Instead, it still resonates in the hearts of poetry enthusiasts with the same fervor. Ghazal in its journey from Amir Khusro to what it is today has seen many ups and downs. Farhat Ehsas is one of the most prominent contemporary urdupoets, and he has tried to capture this journey of Ghazal with the help of ‘Ghazal usne chhedi’ series. With the help of these books one can enjoy the beautiful journey of ghazal. These books are in Devanagri script and meanings are also attached with the difficult words to make it convenient for readers.
Wah Aadami Naya Garam Coat Pahinkar Chala Gaya Vichar Ki Tarah
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla
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विनोद कुमार शुक्ल की कविता, उस पूरे काव्यानुभव को एक विकल्प देती है जिसके हम अभ्यस्त हैं। हम जैसे सिर्फ़ एक क़दम उठाकर एक ऐसी दुनिया में आ जाते हैं जो बहुत बड़ी है, जहाँ चाहें तो उड़ा भी जा सकता है। यह कविता आपको बदल देती है। आपके पढ़ने और आपके जीने, दोनों की आदत को। वह पहले आपको एक अलग भाषा देती है, फिर देखने का, महसूस करने का एक अलग तरीक़ा। एक सामर्थ्य जो हमें अपने आसपास मौजूद तमाम चीज़ों के प्रति नए सिरे से जीवित कर देती है। विनोद कुमार शुक्ल न आपको विचार देते हैं, न सन्देश, बस दुनिया में होने का एक हल्का, सरल और मानवीय ढंग देते हैं, एक विज़न, जहाँ वह सब ख़ुद चला आता है, जिसे मनुष्यों, पेड़ों, हवाओं, आसमानों, आदिवासियों, समुद्रों, नदियों, मिट्टियों, पत्तियों, चिड़ियाओं, लड़कियों, बादलों और मज़दूरों की इस दुनिया में होना चाहिए। ‘वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह’ विनोद कुमार शुक्ल का दूसरा कविता संकलन है जो 1981 में प्रकाशित हुआ था। काफ़ी समय से यह अनुपलब्ध था।
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